विश्वशांति महायज्ञ व भव्य शोभायात्रा के साथ कोठरी में तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महा महोत्सव का समापन कोठरी के गांधी चौक, बड़ा बाजार स्थित जैन मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र वेदी प्रतिष्ठा, कलशारोहण महामहोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का समापन बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। यह आयोजन 27 से 29 अप्रैल तक परम पूज्य मुनिश्री 108 संस्कार सागर जी महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। अंतिम दिन 29 अप्रैल को प्रातःकालीन धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात चिलचिलाती धूप के बीच गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली । शोभायात्रा में भगवान की प्रतिमा को आकर्षक सुसज्जित रथ में विराजित कर नगर भ्रमण कराया । लाभार्थी परिवार अश्व रथ में सवार होकर चल रहे थे, वहीं नगर परिषद अध्यक्ष नगीना राधेश्याम दलपति सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन पैदल शामिल हुए। इसके पश्चात मंदिर परिसर में विधि-विधानपूर्वक वेदी प्रतिष्ठा एवं कलशारोहण का मुख्य कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आयोजन स्थल पर विश्वशांति महायज्ञ में समाजजनों ने आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना की। दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठान महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातः से रात्रि तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें पूजन, विधान, अभिषेक, प्रवचन एवं महायज्ञ शामिल रहे। सायंकाल संगीतमय महाआरती और भक्ति संध्या ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया l समाज के नरेंद्र गंगवाल ने बताया कि आयोजन में आष्टा, भोपाल, सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन समिति द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी गईं। विभिन्न परिवारों ने धार्मिक पात्र बनकर परंपरा का निर्वहन किया। इस अवसर पर अपने मंगल प्रवचन में मुनिश्री 108 संस्कार सागर जी महाराज ने कहा कि जिस चीज का जब समय आता है, तभी उसका काम होता है और उसके लाभार्थी भी मिल जाते हैं। “मनुष्य अपने लिए भौतिक सुख-सुविधाओं के साधन तो सहज ही जुटा लेता है, किंतु भगवान के मंदिर का निर्माण, जीर्णोद्धार एवं वेदी प्रतिष्ठा जैसे कार्य विरले ही पुण्यात्मा करते हैं। भगवान को उच्च स्थान पर विराजित करना, मंदिर पर कलश स्थापित करना और साधु-संतों के लिए संत निवास की व्यवस्था करना अत्यंत महान पुण्य का कार्य है। तीन दिवसीय इस वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में कोठरी नगर के नागरिकों एवं समाजजनों ने जिस श्रद्धा और समर्पण से भाग लिया है, वह उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। भीषण गर्मी भी आपकी आस्था को डिगा नहीं सकी मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने कहा चिलचिलाते हुई गर्मी भी आपकी आस्था को नहीं डिगा पाई, यह सच्ची भक्ति का प्रमाण है। जिनके भाग्य में पुण्य का उदय होता है, वही जिनवाणी सुनने और धर्म कार्यों में सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।” महोत्सव मुनिश्री संस्कार सागर महाराज, क्षुल्लक कमल सागर महाराज एवं ब्रह्मचारी श्रीपाल भैय्या (आदिनाथ धाम, अमलाह) के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। अंतिम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ अर्जित किया।
विश्वशांति महायज्ञ व भव्य शोभायात्रा के साथ कोठरी में तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महा महोत्सव का समापन कोठरी के गांधी चौक, बड़ा बाजार स्थित जैन मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र वेदी प्रतिष्ठा, कलशारोहण महामहोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का समापन बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। यह आयोजन 27 से 29 अप्रैल तक परम पूज्य मुनिश्री 108 संस्कार सागर जी महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। अंतिम दिन 29 अप्रैल को प्रातःकालीन धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात चिलचिलाती धूप के बीच गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली । शोभायात्रा में भगवान की प्रतिमा को आकर्षक सुसज्जित रथ में विराजित कर नगर भ्रमण कराया । लाभार्थी परिवार अश्व रथ
में सवार होकर चल रहे थे, वहीं नगर परिषद अध्यक्ष नगीना राधेश्याम दलपति सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन पैदल शामिल हुए। इसके पश्चात मंदिर परिसर में विधि-विधानपूर्वक वेदी प्रतिष्ठा एवं कलशारोहण का मुख्य कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आयोजन स्थल पर विश्वशांति महायज्ञ में समाजजनों ने आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना की। दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठान महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातः से रात्रि तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें पूजन, विधान, अभिषेक, प्रवचन एवं महायज्ञ शामिल रहे। सायंकाल संगीतमय महाआरती और भक्ति संध्या ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया l समाज के नरेंद्र गंगवाल ने बताया कि आयोजन में आष्टा, भोपाल, सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल
हुए। आयोजन समिति द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी गईं। विभिन्न परिवारों ने धार्मिक पात्र बनकर परंपरा का निर्वहन किया। इस अवसर पर अपने मंगल प्रवचन में मुनिश्री 108 संस्कार सागर जी महाराज ने कहा कि जिस चीज का जब समय आता है, तभी उसका काम होता है और उसके लाभार्थी भी मिल जाते हैं। “मनुष्य अपने लिए भौतिक सुख-सुविधाओं के साधन तो सहज ही जुटा लेता है, किंतु भगवान के मंदिर का निर्माण, जीर्णोद्धार एवं वेदी प्रतिष्ठा जैसे कार्य विरले ही पुण्यात्मा करते हैं। भगवान को उच्च स्थान पर विराजित करना, मंदिर पर कलश स्थापित करना और साधु-संतों के लिए संत निवास की व्यवस्था करना अत्यंत महान पुण्य का कार्य है। तीन दिवसीय इस वेदी
प्रतिष्ठा महोत्सव में कोठरी नगर के नागरिकों एवं समाजजनों ने जिस श्रद्धा और समर्पण से भाग लिया है, वह उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। भीषण गर्मी भी आपकी आस्था को डिगा नहीं सकी मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने कहा चिलचिलाते हुई गर्मी भी आपकी आस्था को नहीं डिगा पाई, यह सच्ची भक्ति का प्रमाण है। जिनके भाग्य में पुण्य का उदय होता है, वही जिनवाणी सुनने और धर्म कार्यों में सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।” महोत्सव मुनिश्री संस्कार सागर महाराज, क्षुल्लक कमल सागर महाराज एवं ब्रह्मचारी श्रीपाल भैय्या (आदिनाथ धाम, अमलाह) के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। अंतिम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ अर्जित किया।
- कोठरी के गांधी चौक, बड़ा बाजार स्थित जैन मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र वेदी प्रतिष्ठा, कलशारोहण महामहोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का समापन बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। यह आयोजन 27 से 29 अप्रैल तक परम पूज्य मुनिश्री 108 संस्कार सागर जी महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। अंतिम दिन 29 अप्रैल को प्रातःकालीन धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात चिलचिलाती धूप के बीच गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली । शोभायात्रा में भगवान की प्रतिमा को आकर्षक सुसज्जित रथ में विराजित कर नगर भ्रमण कराया । लाभार्थी परिवार अश्व रथ में सवार होकर चल रहे थे, वहीं नगर परिषद अध्यक्ष नगीना राधेश्याम दलपति सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन पैदल शामिल हुए। इसके पश्चात मंदिर परिसर में विधि-विधानपूर्वक वेदी प्रतिष्ठा एवं कलशारोहण का मुख्य कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आयोजन स्थल पर विश्वशांति महायज्ञ में समाजजनों ने आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना की। दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठान महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातः से रात्रि तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें पूजन, विधान, अभिषेक, प्रवचन एवं महायज्ञ शामिल रहे। सायंकाल संगीतमय महाआरती और भक्ति संध्या ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया l समाज के नरेंद्र गंगवाल ने बताया कि आयोजन में आष्टा, भोपाल, सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन समिति द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी गईं। विभिन्न परिवारों ने धार्मिक पात्र बनकर परंपरा का निर्वहन किया। इस अवसर पर अपने मंगल प्रवचन में मुनिश्री 108 संस्कार सागर जी महाराज ने कहा कि जिस चीज का जब समय आता है, तभी उसका काम होता है और उसके लाभार्थी भी मिल जाते हैं। “मनुष्य अपने लिए भौतिक सुख-सुविधाओं के साधन तो सहज ही जुटा लेता है, किंतु भगवान के मंदिर का निर्माण, जीर्णोद्धार एवं वेदी प्रतिष्ठा जैसे कार्य विरले ही पुण्यात्मा करते हैं। भगवान को उच्च स्थान पर विराजित करना, मंदिर पर कलश स्थापित करना और साधु-संतों के लिए संत निवास की व्यवस्था करना अत्यंत महान पुण्य का कार्य है। तीन दिवसीय इस वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में कोठरी नगर के नागरिकों एवं समाजजनों ने जिस श्रद्धा और समर्पण से भाग लिया है, वह उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। भीषण गर्मी भी आपकी आस्था को डिगा नहीं सकी मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने कहा चिलचिलाते हुई गर्मी भी आपकी आस्था को नहीं डिगा पाई, यह सच्ची भक्ति का प्रमाण है। जिनके भाग्य में पुण्य का उदय होता है, वही जिनवाणी सुनने और धर्म कार्यों में सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।” महोत्सव मुनिश्री संस्कार सागर महाराज, क्षुल्लक कमल सागर महाराज एवं ब्रह्मचारी श्रीपाल भैय्या (आदिनाथ धाम, अमलाह) के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। अंतिम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ अर्जित किया।4
- Post by Sajid Pathan1
- Post by वरिष्ठ पत्रकार अजब सिंह मीना1
- Post by CHHAGASiNGH RA JPUT4
- ओडिशा के एक गरीब आदिवासी जीतू मुंडा को अपनी बहन कालरा मुंडा के बैंक खाते से सिर्फ 19,300 रुपये निकालने थे। बैंक ने कहा - खाताधारक को लाओ या डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस का प्रमाण दो। गरीबी, लाचारी और व्यवस्था की बेरुख़ी ने जीतू को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर किया कि उसने बहन की कब्र खोदी, कंकाल को बोरी में भरा और 5 किलोमीटर कंधे पर लादकर बैंक पहुंच गया। यह तस्वीर “विश्वगुरु” और “बड़ी अर्थव्यवस्था” के दावों के पीछे छिपे असली भारत की है - जहाँ गरीब आज भी सम्मान नहीं, सिर्फ अपमान पाता है, ऐसे में मन में सवाल खड़ा होता है कि गरीबों की सरकार होने के दावा करनी वाली तमाम सरकारों में सिर्फ गरीब परिवारों की ही ऐसी तस्वीरें क्यों देखने को मिलती है।1
- शुजालपुर। मंडी क्षेत्र की एनिटाइम बेकरी पर फफूंद लगी ब्रेड बेचने के आरोप ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। ग्राहक को खराब ब्रेड मिलने और शिकायत पर लापरवाही भरे जवाब के बाद मामला अब जांच के दायरे में पहुंच गया है। मंगलवार शाम गांधी पार्क के पास स्थित दुकान से रेड रोज स्कूल के शिक्षक अभिजीत कुमार ने ब्रेड खरीदी थी। घर पहुंचकर पैकेट खोलते ही ब्रेड पर फफूंद नजर आई। शिकायत करने पर कथित रूप से बेकरी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिससे मामला और गरमा गया। मामले में खाद्य विभाग के अधिकारी से संपर्क किया गया, जिस पर उन्होंने बताया कि जल्द ही जांच टीम मौके पर पहुंचने वाली है। अब पूरा मामला जांच पर टिक गया है और निगाहें इस बात पर हैं कि कार्रवाई कितनी निष्पक्ष और सख्त होती है। वहीं दूसरी ओर, एनिटाइम बेकरी के मैनेजर रोहित ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ब्रेड उसी दिन का था और खराब नहीं था। उन्होंने आरोपों को नकारते हुए इसे गलतफहमी बताया है। अब सवाल यही है—सच्चाई किसके साथ है? क्या ग्राहक को वाकई खराब ब्रेड दी गई या मामला कुछ और है? इसका जवाब अब खाद्य विभाग की जांच के बाद ही सामने आएगा। शहरवासी भी इस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि हकीकत सामने आ सके और जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई हो।3
- विरोध में खातेगांव में भाजपा द्वारा महिला आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली इंद्रप्रस्थ गार्डन से शुरू होकर बस स्टैंड तक पहुंची, जिसमें महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर महिला आरक्षण का विरोध करने के आरोप लगाए। नगर परिषद अध्यक्ष सारिका चौधरी ने कहा कि महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला बिल पारित न होना महिलाओं के साथ विश्वासघात है। वहीं अन्य वक्ताओं ने भी विपक्षी दलों पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। रैली में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं और भाजपा पदाधिकारियों की भागीदारी रही1
- मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को राशि का अंतरण1