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पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने गोवंश संरक्षण से संबंधित प्रयासों और विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की है।
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने गोवंश संरक्षण से संबंधित प्रयासों और विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की है।
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- अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है। इस प्रकरण में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे 79 लाख 85 हजार 493 रुपए बरामद किए गए हैं। ट्रस्ट में चंपत राय के पास पूरे मंदिर की जिम्मेदारी थी, जबकि अनिल मिश्रा और गोपाल राव की मंदिर व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका थी। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि एक हफ्ते पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के समय चंपत राय को उनसे दूर रखा गया था, जिसके बाद से ही उनके पद से हटाए जाने की चर्चा थी। जानकारी के मुताबिक, अब ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाएगा। चढ़ावा चोरी के संबंध में पहली एफआईआर गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई थी। इस एफआईआर में चंपत राय, डॉक्टर अनिल मिश्रा और अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं थे। गुरुवार देर रात गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों का शुक्रवार को मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम कोर्ट ने इन सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा ने बताया कि आरोपियों को सोमवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।1
- छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र में बाला जी मंदिर के पास देर रात हुई एक घटना में कुछ लोगों पर एक युवक से डेढ़ लाख रुपए छीनने और बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला गुरुवार रात करीब 10 बजे का बताया जा रहा है, जिसमें घायल युवक का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, जखरोन निवासी अखिलेश यादव और अतुल पटेल बाला जी मंदिर के पास मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान खेमचंद्र, जीतू, रोहित, दीपक रामपुर, बाबू और अखिलेश पटेल डोंगरा सहित कुछ अन्य लोगों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट करने के बाद डेढ़ लाख रुपए भी छीन लिए। इस घटना में अखिलेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद वे रिपोर्ट दर्ज कराने सटई थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले को लेकर थाना प्रभारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद इस खबर को अपडेट किया जाएगा।1
- बांदा के तिंदवारी थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव के निवासी दिव्यांग धर्मेंद्र ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 14 महीने पहले हुई मारपीट और मोबाइल तोड़े जाने की एक घटना में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जब वे डीआईजी के निर्देश पर इंसाफ़ की उम्मीद में थाने पहुंचे, तो उन्हें कथित तौर पर अपमान, मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ा और उन्हें बिना न्याय के लौटना पड़ा। यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति का दर्द नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी पीड़ित की रक्षा करना है। दूसरी ओर, थानाध्यक्ष संदीप पटेल ने इन सभी आरोपों को सिरे से निराधार बताते हुए इसे ₹6000 के लेन-देन से जुड़ा एक विवाद बताया है। इस स्थिति में, असली सवाल यह नहीं है कि कौन क्या कह रहा है, बल्कि यह है कि सच आखिर कहाँ दबा पड़ा है। लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि लोकतंत्र में न्याय केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के माध्यम से स्थापित होता है। सबसे पीड़ादायक पहलू यह है कि यह दिव्यांग व्यक्ति अब अपने परिवार सहित आत्मदाह करने की चेतावनी देने को मजबूर होने की बात कह रहा है। यदि किसी नागरिक को अपनी फरियाद सुनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने की चेतावनी देनी पड़ती है, तो यह केवल उसकी बेबसी नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनशीलता पर एक तीखा कटाक्ष है। अब प्रशासन के सामने चुनौती केवल इन आरोपों का जवाब देना ही नहीं है, बल्कि यह साबित करना भी है कि कानून की चौखट पर न्याय बिकता नहीं, बल्कि मिलता भी है, और वर्दी का सम्मान उसके अधिकार से नहीं, बल्कि उसके आचरण से तय होता है।1
- उत्तर प्रदेश के मौदहा नगर में दस दिवसीय मोहर्रम आयोजन शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ, जिसके बाद देर रात कर्बला में नम आंखों से ताजिए सुपुर्द-ए-आब किए गए। नगर के सभी ताजिए देर रात तक कर्बला पहुंचे, जहां फातिहा के बाद उन्हें पानी में विसर्जित किया गया। इस दौरान पूरा मौदहा नगर 'या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठा। इस भावपूर्ण अवसर पर हजारों की संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने इमाम हुसैन की याद में नम आंखों से ताजिए को विदा किया। आयोजकों द्वारा जगह-जगह लंगर, शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। साथ ही, पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सका।1
- छतरपुर जिले के ओरछा रोड थाना क्षेत्र के धमोरा गांव में शुक्रवार को जमीनी विवाद को लेकर जैन समाज और कुशवाहा समाज के लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस विवाद में दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए और कई के सिर फूट गए। इस घटना में जैन समाज के अरविंद जैन सहित कुछ अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, वहीं दूसरे पक्ष, यानी कुशवाहा समाज के भी कई लोगों को चोटें लगने की बात कही जा रही है। घटना के बाद जैन समाज की ओर से पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि, कुशवाहा समाज के लोगों का आरोप है कि जब वे अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे तो उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और उन्हें थाने में बैठाए रखा गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर केवल प्रभावशाली लोगों की सुनवाई करने का आरोप लगाया है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और क्षेत्र में तनाव का माहौल देखते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस ने कहा है कि दोनों पक्षों के आरोपों की जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2
- नौगांव में मोहर्रम के पर्व पर हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम की याद में ताज़िए निकाले गए। ये ताज़िए नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए कर्बला में ठंडे किए गए।1
- कर्बला की सरज़मीं पर एक अज़ीम कुर्बानी दी गई, जिसने इंसानियत को ज़ुल्म के खिलाफ डटकर खड़ा किया।1
- छतरपुर जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के मनुरिया गांव निवासी रवि अहिरवार शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके हाथ में भरत तिवारी का एक पोस्टर था। एसपी कार्यालय में उन्होंने गौरीहार थाना पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिसमें "पुलिस मुर्दाबाद" और "गौरिहार थाना पुलिस मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाए गए। रवि अहिरवार का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण उनके खिलाफ एक झूठा मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है और उनके मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है। अहिरवार ने भाजपा से जुड़े राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के भाई अशोक अहिरवार पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एसपी कार्यालय पहुंचकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की।1
- छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र के ग्राम सादनी में छत पर खेलते समय एक 6 वर्षीय बच्चा नीचे गिरकर घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, घायल बच्चे की पहचान ललन कुशवाहा (6 वर्ष) पुत्र देवी चरण, निवासी सादनी के रूप में हुई है। यह घटना आज 26 जून को रात करीब 8:30 बजे हुई, जब ललन अपने घर की छत पर खेल रहा था और अचानक छत से नीचे गिर गया। घटना के समय बच्चे की मां और बहन भी छत पर कपड़े बिछा रही थीं, जिन्होंने बच्चे को नीचे गिरा देखकर तुरंत परिजनों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन बच्चे को एक निजी वाहन से छतरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कर लिया है। बच्चे का इलाज फिलहाल जारी है।1