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बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के सेंदरी गाँव में कृषि विभाग ने अवैध रूप से भंडारित 368 बोरी उर्वरक जब्त कर एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई, जिनका उद्देश्य किसानों को खाद-बीज की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना और कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कृषि आदानों की उपलब्धता में बाधा डालने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर, उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में, कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चला रही है, जिसके तहत अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। ग्राम सेंदरी में उर्वरक के अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर, टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठान तथा गोदामों पर छापा मारा। जांच के दौरान, 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर मिला जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था। संस्था द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के अतिरिक्त किराये के स्थल पर उर्वरक का भंडारण करना पाया गया। अधिकारियों द्वारा मौके पर दस्तावेजों एवं लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित उर्वरक को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सीलबंद कर दिया गया। जब्त उर्वरक को संबंधित संस्था की अभिरक्षा में सौंपा गया है। प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला पाए जाने पर, उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी श्री डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी श्री उमेश कश्यप और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और खरीदारी के समय अनिवार्य रूप से पक्की रसीद प्राप्त करें। विभाग ने किसानों को खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम और गुणवत्ता संबंधी विवरण की जांच करने की सलाह दी है। साथ ही, खुले अथवा बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक खरीदने से बचने और किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को देने का आग्रह किया गया है।

3 hrs ago
user_Patrkar Sarthi
Patrkar Sarthi
Reporter Bilha, Bilaspur•
3 hrs ago

बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के सेंदरी गाँव में कृषि विभाग ने अवैध रूप से भंडारित 368 बोरी उर्वरक जब्त कर एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई, जिनका उद्देश्य किसानों को खाद-बीज की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना और कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कृषि आदानों की उपलब्धता में बाधा डालने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर, उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में, कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चला रही है, जिसके तहत अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। ग्राम सेंदरी में उर्वरक के अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर, टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठान तथा गोदामों पर छापा मारा। जांच के दौरान, 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर मिला जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था। संस्था द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के अतिरिक्त किराये के स्थल पर उर्वरक का भंडारण करना पाया गया। अधिकारियों द्वारा मौके पर दस्तावेजों एवं लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित उर्वरक को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सीलबंद कर दिया गया। जब्त उर्वरक को संबंधित संस्था की अभिरक्षा में सौंपा गया है। प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला पाए जाने पर, उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी श्री डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी श्री उमेश कश्यप और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और खरीदारी के समय अनिवार्य रूप से पक्की रसीद प्राप्त करें। विभाग ने किसानों को खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम और गुणवत्ता संबंधी विवरण की जांच करने की सलाह दी है। साथ ही, खुले अथवा बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक खरीदने से बचने और किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को देने का आग्रह किया गया है।

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  • बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के सेंदरी गाँव में कृषि विभाग ने अवैध रूप से भंडारित 368 बोरी उर्वरक जब्त कर एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई, जिनका उद्देश्य किसानों को खाद-बीज की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना और कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कृषि आदानों की उपलब्धता में बाधा डालने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर, उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में, कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चला रही है, जिसके तहत अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। ग्राम सेंदरी में उर्वरक के अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर, टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठान तथा गोदामों पर छापा मारा। जांच के दौरान, 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर मिला जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था। संस्था द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के अतिरिक्त किराये के स्थल पर उर्वरक का भंडारण करना पाया गया। अधिकारियों द्वारा मौके पर दस्तावेजों एवं लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित उर्वरक को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सीलबंद कर दिया गया। जब्त उर्वरक को संबंधित संस्था की अभिरक्षा में सौंपा गया है। प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला पाए जाने पर, उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी श्री डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी श्री उमेश कश्यप और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और खरीदारी के समय अनिवार्य रूप से पक्की रसीद प्राप्त करें। विभाग ने किसानों को खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम और गुणवत्ता संबंधी विवरण की जांच करने की सलाह दी है। साथ ही, खुले अथवा बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक खरीदने से बचने और किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को देने का आग्रह किया गया है।
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    बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के सेंदरी गाँव में कृषि विभाग ने अवैध रूप से भंडारित 368 बोरी उर्वरक जब्त कर एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई, जिनका उद्देश्य किसानों को खाद-बीज की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना और कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कृषि आदानों की उपलब्धता में बाधा डालने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर, उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में, कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चला रही है, जिसके तहत अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। ग्राम सेंदरी में उर्वरक के अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर, टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठान तथा गोदामों पर छापा मारा। जांच के दौरान, 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर मिला जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था। संस्था द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के अतिरिक्त किराये के स्थल पर उर्वरक का भंडारण करना पाया गया।

अधिकारियों द्वारा मौके पर दस्तावेजों एवं लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित उर्वरक को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सीलबंद कर दिया गया। जब्त उर्वरक को संबंधित संस्था की अभिरक्षा में सौंपा गया है। प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला पाए जाने पर, उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी श्री डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी श्री उमेश कश्यप और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और खरीदारी के समय अनिवार्य रूप से पक्की रसीद प्राप्त करें। विभाग ने किसानों को खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम और गुणवत्ता संबंधी विवरण की जांच करने की सलाह दी है। साथ ही, खुले अथवा बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक खरीदने से बचने और किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को देने का आग्रह किया गया है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    3 hrs ago
  • बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में सभी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की आशंका से हड़कंप मच गया है। यह गंभीर स्थिति तब पैदा हुई है जब विश्वविद्यालय के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले समर्थ पोर्टल के हैक होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने तुरंत एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। मीडिया प्रभारी ने भी स्वीकार किया है कि पेपर लीक की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में, विश्वविद्यालय सभी परीक्षाओं को रद्द करने पर भी विचार कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 10,000 छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता है।
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    बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में सभी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की आशंका से हड़कंप मच गया है। यह गंभीर स्थिति तब पैदा हुई है जब विश्वविद्यालय के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले समर्थ पोर्टल के हैक होने की आशंका जताई जा रही है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने तुरंत एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। मीडिया प्रभारी ने भी स्वीकार किया है कि पेपर लीक की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में, विश्वविद्यालय सभी परीक्षाओं को रद्द करने पर भी विचार कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 10,000 छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता है।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • मुंगेली पुलिस ने लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर स्थित महामाया गुड़ फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (IPS) के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज' के तहत कार्रवाई करते हुए लोरमी पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चोरी का कुल ₹4,88,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया है, जिसमें चोरी का सामान, एक मोटरसाइकिल, एक लूना और एक पिकअप वाहन शामिल हैं। इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
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    मुंगेली पुलिस ने लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर स्थित महामाया गुड़ फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (IPS) के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज' के तहत कार्रवाई करते हुए लोरमी पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चोरी का कुल ₹4,88,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया है, जिसमें चोरी का सामान, एक मोटरसाइकिल, एक लूना और एक पिकअप वाहन शामिल हैं। इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    9 hrs ago
  • भाटापारा के हटरी बाजार स्थित बालचंद बत्रा कलेक्शन कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग ने करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। आग बुझाने के दौरान भाटापारा नगर पालिका की दमकल व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जबकि नगर सेना बलौदाबाजार के दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने पर स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे और भाटापारा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड पहले से ही खराब होने के कारण प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी, जिससे बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर नगर सेना बलौदाबाजार के दो फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने घंटों तक आग से संघर्ष करते हुए आसपास की दुकानों और भवनों को बड़ी क्षति से बचाया। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर सेना की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी की फायर यूनिट पर भी सवाल उठे हैं, आरोप है कि वाहन को घटना स्थल तक नहीं लाया गया। वहीं, अंबुजा सीमेंट रवान की फायर ब्रिगेड भी तकनीकी समस्या से जूझती रही और उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब आग बुझाने की कार्रवाई अंतिम चरण में थी और आग से क्षतिग्रस्त भवन अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस मलबे की चपेट में आने से नगर सेना बलौदाबाजार के जवान सैनिक क्रमांक 41 कृष्णा खूंटे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके एक पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। इस घटना के बाद शहर में नगर पालिका की आपदा प्रबंधन तैयारियों और दमकल व्यवस्था को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नागरिकों का कहना है कि भाटापारा जैसे तेजी से विकसित हो रहे बड़े व्यापारिक नगर में यदि दमकल वाहन समय पर उपलब्ध न हों, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना में जन-धन की अपूरणीय क्षति हो सकती है। अग्निकांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और खराब संसाधनों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक जवाबदेह क्यों नहीं बनाए गए। वहीं, नगर सेना बलौदाबाजार के जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की शहरभर में सराहना की जा रही है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभालकर बड़ी तबाही को सीमित करने का प्रयास किया।
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    भाटापारा के हटरी बाजार स्थित बालचंद बत्रा कलेक्शन कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग ने करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। आग बुझाने के दौरान भाटापारा नगर पालिका की दमकल व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जबकि नगर सेना बलौदाबाजार के दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने पर स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे और भाटापारा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड पहले से ही खराब होने के कारण प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी, जिससे बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ा।

घटना की सूचना मिलने पर नगर सेना बलौदाबाजार के दो फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने घंटों तक आग से संघर्ष करते हुए आसपास की दुकानों और भवनों को बड़ी क्षति से बचाया। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर सेना की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी की फायर यूनिट पर भी सवाल उठे हैं, आरोप है कि वाहन को घटना स्थल तक नहीं लाया गया। वहीं, अंबुजा सीमेंट रवान की फायर ब्रिगेड भी तकनीकी समस्या से जूझती रही और उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा।

सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब आग बुझाने की कार्रवाई अंतिम चरण में थी और आग से क्षतिग्रस्त भवन अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस मलबे की चपेट में आने से नगर सेना बलौदाबाजार के जवान सैनिक क्रमांक 41 कृष्णा खूंटे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके एक पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया।

इस घटना के बाद शहर में नगर पालिका की आपदा प्रबंधन तैयारियों और दमकल व्यवस्था को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नागरिकों का कहना है कि भाटापारा जैसे तेजी से विकसित हो रहे बड़े व्यापारिक नगर में यदि दमकल वाहन समय पर उपलब्ध न हों, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना में जन-धन की अपूरणीय क्षति हो सकती है। अग्निकांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और खराब संसाधनों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक जवाबदेह क्यों नहीं बनाए गए। वहीं, नगर सेना बलौदाबाजार के जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की शहरभर में सराहना की जा रही है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभालकर बड़ी तबाही को सीमित करने का प्रयास किया।
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के इंद्रपुरी रहंगी क्षेत्र में पालतू कुत्ते के पालतू बिल्ली पर भौंकने को लेकर दो पड़ोसियों के बीच देर रात जमकर मारपीट हुई, जिसमें दोनों पक्षों से लोग खून से लथपथ हो गए। इस घटना के बाद चकरभाठा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रार्थी सूर्य प्रकाश कौशिक, जो इंद्रपुरी हीर्री माइन्स के निवासी हैं और नगर निगम बिलासपुर में सिटी बस परिचालक का काम करते हैं, उन्होंने शुक्रवार रात करीब 10:39 बजे चकरभाठा थाना पहुंचकर यह रिपोर्ट दर्ज कराई। उनके अनुसार, शुक्रवार दिनांक 29.05.2026 की रात लगभग 09.00 बजे उनका पालतू कुत्ता छत के ऊपर से पड़ोसी वीरेंद्र महिलांगे की छत पर बैठी बिल्ली को देखकर भौंक रहा था। इसी बात पर पड़ोसी वीरेंद्र महिलांगे ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि क्या वह अपने कुत्ते को बांधकर नहीं रख सकता। यह विवाद तब और बढ़ गया जब वीरेंद्र महिलांगे छत से घर के बाहर आया और सूर्य प्रकाश व उनकी पत्नी मंजू चेलकर को गाली देने लगा। झगड़े की आवाज सुनकर सूर्य प्रकाश की सास दीपकबाई चेलकर और साला राजकुमार चेलकर मौके पर आए और समझाने का प्रयास करने लगे। इससे वीरेंद्र महिलांगे और उसके परिवार वाले नाराज हो गए। वीरेंद्र महिलांगे की पत्नी ने ईंट फेंककर सूर्य प्रकाश को मारा, जिससे उनके माथे पर चोट लगी और काफी खून बह गया। इसी दौरान वीरेंद्र महिलांगे की मां ने दीपकबाई चेलकर के सिर में उण्डा से मारा, जिससे उनके सिर के दाहिने तरफ चोट लगी और खून निकलने लगा। वहीं, वीरेंद्र महिलांगे ने राजकुमार चेलकर को ईंट से मारा, जिससे उनके सिर में चोट आई और खून बहने लगा। रविशंकर लहरे और आसपास के अन्य लोगों ने इस घटना को देखा और सुना। प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115 (2), और 3 (5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और प्रार्थी ने इस मामले में आगे की कार्यवाही की मांग की है।
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    बिलासपुर जिले के इंद्रपुरी रहंगी क्षेत्र में पालतू कुत्ते के पालतू बिल्ली पर भौंकने को लेकर दो पड़ोसियों के बीच देर रात जमकर मारपीट हुई, जिसमें दोनों पक्षों से लोग खून से लथपथ हो गए। इस घटना के बाद चकरभाठा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

प्रार्थी सूर्य प्रकाश कौशिक, जो इंद्रपुरी हीर्री माइन्स के निवासी हैं और नगर निगम बिलासपुर में सिटी बस परिचालक का काम करते हैं, उन्होंने शुक्रवार रात करीब 10:39 बजे चकरभाठा थाना पहुंचकर यह रिपोर्ट दर्ज कराई। उनके अनुसार, शुक्रवार दिनांक 29.05.2026 की रात लगभग 09.00 बजे उनका पालतू कुत्ता छत के ऊपर से पड़ोसी वीरेंद्र महिलांगे की छत पर बैठी बिल्ली को देखकर भौंक रहा था। इसी बात पर पड़ोसी वीरेंद्र महिलांगे ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि क्या वह अपने कुत्ते को बांधकर नहीं रख सकता।

यह विवाद तब और बढ़ गया जब वीरेंद्र महिलांगे छत से घर के बाहर आया और सूर्य प्रकाश व उनकी पत्नी मंजू चेलकर को गाली देने लगा। झगड़े की आवाज सुनकर सूर्य प्रकाश की सास दीपकबाई चेलकर और साला राजकुमार चेलकर मौके पर आए और समझाने का प्रयास करने लगे। इससे वीरेंद्र महिलांगे और उसके परिवार वाले नाराज हो गए। वीरेंद्र महिलांगे की पत्नी ने ईंट फेंककर सूर्य प्रकाश को मारा, जिससे उनके माथे पर चोट लगी और काफी खून बह गया। इसी दौरान वीरेंद्र महिलांगे की मां ने दीपकबाई चेलकर के सिर में उण्डा से मारा, जिससे उनके सिर के दाहिने तरफ चोट लगी और खून निकलने लगा। वहीं, वीरेंद्र महिलांगे ने राजकुमार चेलकर को ईंट से मारा, जिससे उनके सिर में चोट आई और खून बहने लगा। रविशंकर लहरे और आसपास के अन्य लोगों ने इस घटना को देखा और सुना।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115 (2), और 3 (5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और प्रार्थी ने इस मामले में आगे की कार्यवाही की मांग की है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    14 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सैदा स्थित दीनदयाल आवासीय परिसर के मकान क्रमांक 106 में एक 35 वर्षीय शिक्षक की हत्या कर दी गई है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
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    बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सैदा स्थित दीनदयाल आवासीय परिसर के मकान क्रमांक 106 में एक 35 वर्षीय शिक्षक की हत्या कर दी गई है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
    user_POWER NEWS 24 BHARAT
    POWER NEWS 24 BHARAT
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    16 min ago
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