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जीवन एक संघर्ष जरूर है लेकिन यह हार मानने वालों के लिए नहीं बना है,आप अपने हर मुश्किल को चुनौती समझकर आगे बढ़ो और अपने सपनों को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित बने रहो। याद रखो हर अंधेरी रात के बाद एक नई उजली सुबह जरूर आती है। 🙏🏻🚩 जय माता दी 🚩🙏🏻
Deepak kumar Jha
जीवन एक संघर्ष जरूर है लेकिन यह हार मानने वालों के लिए नहीं बना है,आप अपने हर मुश्किल को चुनौती समझकर आगे बढ़ो और अपने सपनों को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित बने रहो। याद रखो हर अंधेरी रात के बाद एक नई उजली सुबह जरूर आती है। 🙏🏻🚩 जय माता दी 🚩🙏🏻
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- समस्तीपुर में मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है। केंद्रीय श्रम संगठन मंच के बैनर तले विभिन्न मजदूर संगठनों ने 1 अप्रैल 2026 को ‘काला दिवस’ मनाने का ऐलान किया है। इस क्रम में संगठनों ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक स्मार पत्र जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर के माध्यम से भेजा है। इस स्मार पत्र में AITUC, CITU और AICCTU सहित कई श्रमिक संगठनों ने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए श्रम कानूनों पर पुनर्विचार की मांग की है। मजदूर संगठनों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं— चारों नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को वापस लिया जाए सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाई जाए प्रवासी मजदूरों के लिए कुकिंग गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) पोर्टल को तत्काल चालू कर सरल बनाया जाए दुर्घटना अनुदान योजना में संशोधन कर प्राकृतिक मृत्यु को भी शामिल किया जाए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा के तहत मृत्यु लाभ राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये की जाए मजदूर संगठनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक और तेज किया जाएगा। यह विरोध दर्शाता है कि श्रम कानूनों को लेकर मजदूर संगठनों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। 1 अप्रैल को ‘काला दिवस’ के रूप में देशभर में होने वाले प्रदर्शन का असर स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक देखने को मिल सकता है।1
- Post by Deepak kumar Jha1
- बगहा में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज खुलासा,प्रेमी जोड़े की हत्या कर शव पेड़ से लटकाए, दो गिरफ्तार1
- समस्तीपुर में जन सुराज पार्टी की नई जिला कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया है। बुधवार को जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने नवगठित पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की और उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। जन सुराज प्रदेश कमेटी की ओर से वारिसनगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सत्यनारायण सहनी उर्फ प्रदीप सहनी को समस्तीपुर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं निरंजन ठाकुर को जिला महासचिव, साधना पासवान को महिला जिलाध्यक्ष और राहुल कुमार को युवा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नव नियुक्त पदाधिकारियों ने प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं में उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया।1
- समस्तीपुर जिले के पटोरी अनुमंडल के चापर गांव की वैष्णवी श्री ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद मैट्रिक परीक्षा में 467 अंक हासिल कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उनके पिता सतीश सिंह दिव्यांग हैं, फिर भी उन्होंने ट्राइसाइकिल से बेटी को रोज परीक्षा केंद्र पहुंचाकर मिसाल पेश की। सीमित संसाधनों के बावजूद वैष्णवी ने 5 से 6 घंटे सेल्फ स्टडी और कोचिंग के सहारे तैयारी की। गणित में उन्होंने 96 अंक प्राप्त किए। वैष्णवी का सपना यूपीएससी पास कर एसडीएम बनना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उनके कोचिंग शिक्षक ने बताया कि वह शुरू से मेहनती और अनुशासित छात्रा रही हैं। पिता के संघर्ष और परिवार के सहयोग से मिली यह सफलता आज पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गई है और हर कोई उनकी सराहना कर रहा है। उक्त1
- हसनपुर रजवा रोड निरंकारी भवन इमली चौक के बायपास के रास्ते में एक बाउंड्री के भीतर से शंकर साउण्ड के मालिक के छोटे पुत्र राकेश कुमार का शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद #Samastipur #Hasanpur1
- लगातार तीसरे दीन भी पेट्रोल डीजल की बड़ी बड़ी लाइने कितना अफवाह कितनी सच्चाई विडिओ समस्तीपुर बिहार का है1
- मामला लहेरियासराय थाना क्षेत्र के मोगलपुरा, लालबाग मोहल्ले का है, जहां आज भी लोगों को एक कच्चे रास्ते पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि यह सड़क बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर जाती है, जिससे आम लोगों का चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी रास्ते से होकर एक पुराने कब्रिस्तान तक भी जाना पड़ता है। ऐसे में जब किसी की मौत होती है, तो जनाजे को ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कई बार क्षेत्रीय पार्षद से सड़क और नाला निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है, काम नहीं। अब परेशान होकर मोहल्ला वासियों ने नगर आयुक्त को लिखित आवेदन देकर जल्द से जल्द सड़क के पक्कीकरण और नाला निर्माण की मांग की है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि अगर जल्द ही काम शुरू नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि नगर निगम इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।1