अब बिना भवन वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को बगल के स्कूल में किया जाएगा टैग, केंद्रों में शौचालय, पेयजल और विद्युत सुविधा भी अनिवार्य गोपालगंज। बिहार सरकार के निर्देशानुसार समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के तहत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर मंगलवार को डीएम समीर सौरभ (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं तथा सितंबर माह में संचालित पोषण माह की गतिविधियों की समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी भवन निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि जिले में जितने भी आंगनबाड़ी केंद्र वर्तमान में किराए के भवनों में संचालित हैं, उनके पोषक क्षेत्र में सरकारी भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए स्थायी भवन निर्माण की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए इनके लिए बेहतर एवं सुरक्षित आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित अंचलाधिकारी एवं मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि की उपलब्धता एवं सीमांकन की कार्रवाई अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं। भूमि संबंधी मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, ऐसे किराए के केंद्रों को नजदीकी विद्यालय भवन में शिफ्ट करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए। यदि विद्यालय परिसर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो, तो उसी परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन निर्माण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस दिशा में स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें। मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर शौचालय, स्वच्छ पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की कमी किसी भी स्थिति में नहीं रहनी चाहिए। पोषण माह की गतिविधियों में तेजी लाने का निर्देश सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्र स्तर एवं विभिन्न स्तरों पर पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा जन-जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि पोषण माह के तहत गतिविधियों की उपलब्धि के मामले में गोपालगंज जिला राज्य में सातवें स्थान पर है। डीएम ने इस उपलब्धि को और बेहतर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर अधिक से अधिक गतिविधियों का आयोजन कराने तथा आयोजित गतिविधियों की समय पर जन आंदोलन डैशबोर्ड पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस श्रीमती रंजना कुमारी, जिला समन्वयक पोषण अभियान सहित सभी प्रखंडों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अब बिना भवन वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को बगल के स्कूल में किया जाएगा टैग, केंद्रों में शौचालय, पेयजल और विद्युत सुविधा भी अनिवार्य गोपालगंज। बिहार सरकार के निर्देशानुसार समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के तहत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर मंगलवार को डीएम समीर सौरभ (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं तथा सितंबर माह में संचालित पोषण माह की गतिविधियों की समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी भवन निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि जिले में जितने भी आंगनबाड़ी केंद्र वर्तमान में किराए के भवनों में संचालित हैं, उनके पोषक क्षेत्र में सरकारी भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए स्थायी भवन निर्माण की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए इनके लिए बेहतर एवं सुरक्षित आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित अंचलाधिकारी एवं मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि की उपलब्धता एवं सीमांकन की कार्रवाई अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं। भूमि संबंधी मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, ऐसे किराए के केंद्रों को नजदीकी विद्यालय भवन में शिफ्ट करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए। यदि विद्यालय परिसर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो, तो उसी परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन निर्माण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस दिशा में स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें। मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर शौचालय, स्वच्छ पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की कमी किसी भी स्थिति में नहीं रहनी चाहिए। पोषण माह की गतिविधियों में तेजी लाने का निर्देश सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्र स्तर एवं विभिन्न स्तरों पर पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा जन-जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि पोषण माह के तहत गतिविधियों की उपलब्धि के मामले में गोपालगंज जिला राज्य में सातवें स्थान पर है। डीएम ने इस उपलब्धि को और बेहतर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर अधिक से अधिक गतिविधियों का आयोजन कराने तथा आयोजित गतिविधियों की समय पर जन आंदोलन डैशबोर्ड पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस श्रीमती रंजना कुमारी, जिला समन्वयक पोषण अभियान सहित सभी प्रखंडों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- गोपालगंज में आतंकी कनेक्शन होने का वीडियो वायरल हो रहा,, जो फुलवरिया के बताया जा रहा है,, इन लोगों ने लड़की को फसाने की बात और इस्लाम कुबूल की बात बोला,,1
- गोपालगंज में पेट दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला की मौत, इलाज में लापरवाही का आरोप, अस्पताल में परिजनों का हंगामा! गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना के बसहाँ मोड़ स्थित मां सरस्वती क्लिनिक में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान क्लिनिक के एक स्टाफ के चोटिल होने की भी बात सामने आई है। घटना के बाद डॉक्टर के क्लिनिक छोड़कर फरार होने की सूचना है। बताया जाता है कि सोमवार की सुबह करीब 10 बजे तीज पर्व के दौरान बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के बसहाँ गांव निवासी शिवजी महतो की पत्नी प्रियंका देवी को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें इलाज के लिए बसहाँ स्थित मां सरस्वती क्लिनिक लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने महिला का उपचार शुरू किया। हालांकि महिला की स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार एंबुलेंस से महिला को दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन महिला के शव को वापस क्लिनिक लेकर पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।1
- नए पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ कुमार ने संभाला पदभार, ----- कर्मीयों सहित जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत। दिए कई निर्देश। नौतन/ प्रखंड के नए पंचायती राज पदाधिकारी के रूप में सौरभ कुमार ने मंगलवार को अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करते ही प्रखंड कार्यालय के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने फूल-माला व गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।पदभार संभालने के बाद नवनियुक्त बीपीआरओ सौरभ कुमार ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। इस दौरान सभी पंचायत सचिवों को पंचायत जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने की अपील की।उन्होंने पंचायत सरकार भवन को सक्रिय करने तथा नल-जल योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायतों में लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने की बात कही।इस मौके पर प्रखंड प्रमुख कृष्णदेव चौधरी, पंचायत सचिव, नगीना पासवान, रजनीकांत कुमार,मुखिया प्रतिनिधि राधेश्याम चौधरी, सुशील चौधरी, साधना कुमारी सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।।3
- खड्डा समेत तीन पंचायतों में लगा सहयोग शिविर, --- शिविर में ग्रामीणों ने रखी समस्याएं । नौतन: प्रखंड की खड्डा, बैकुंठवा और धुमनगर पंचायत में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया गया। बिहार सरकार के निर्देश पर आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों के कर्मियों ने पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की। शिविर में प्रखंड आपूर्ति कार्यालय, बिजली विभाग, जीविका समेत अन्य विभागों के काउंटर लगाए गए थे। आपूर्ति विभाग के डीलर रामेश्वर प्रसाद और दीपक कुमार ने ग्रामीणों से राशन व जनवितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतें सुनीं। बिजली विभाग के काउंटर पर बिजली बिल, कनेक्शन और अन्य विद्युत संबंधी समस्याएं दर्ज की गईं।जीविका कैडर ने महिलाओं को स्वयं सहायता समूह, स्वरोजगार और जीविका की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। बीडीओ गिरधारी लाल बीईओ रियाज अहमद,सीओ अलका कुमारी आदि ने शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी काउंटरों पर पहुंचकर अधिकारियों और कर्मियों से जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया।इस बीच खड्डा पंचायत में मुखिया पुत्र राहुल शर्मा बैकुंठवा मुखिया अफरोज नैयर धुमनगर के भोला साह आदि जनप्रतिनिधि शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के निराकरण की बात कही। मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद रहे।1
- विश्वकर्मा पूजा को लेकर निकली भव्य कलश यात्रा, 17 को होगी स्थायी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा जयपुर से करीब डेढ़ लाख रुपये में मंगाई गई भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा, स्थापना को लेकर मिलकर्मियों में उत्साह मझौलिया। शुगर इंडस्ट्रीज में विश्वकर्मा पूजा को लेकर मंगलवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में कन्याओं के साथ चीनी मिल के अधिकारी, पदाधिकारी व कर्मी शामिल हुए। यूनिट हेड उदयवीर सिंह की पहल पर इस वर्ष मिल परिसर में भगवान विश्वकर्मा की स्थायी प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। प्रतिमा की स्थापना को लेकर मिलकर्मियों में खासा उत्साह है।कलश यात्रा शुगर इंडस्ट्रीज परिसर से शुरू होकर राजघाट स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर के समीप उत्तरवाहिनी नदी के तट पर पहुंची। यहां आचार्यों के मंत्रोच्चारण के बीच पूरे विधि-विधान से कलश में जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश लेकर पुन: शुगर इंडस्ट्रीज परिसर पहुंचे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।एजीएम एचआर हरीश सिंह ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा की भव्य प्रतिमा जयपुर से करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत से मंगाई गई है। 16 सितंबर को अधिवास तथा 17 सितंबर को प्राण प्रतिष्ठा के साथ प्रतिमा का पूजन किया जाएगा।गन्ना महाप्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मझौलिया शुगर इंडस्ट्रीज की स्थापना वर्ष 1932 में हुई थी, लेकिन अब तक भगवान विश्वकर्मा की स्थायी प्रतिमा स्थापित नहीं की गई थी। इस बार यूनिट हेड की पहल पर प्रबंधन और मिलकर्मियों के संयुक्त सहयोग से प्रतिमा मंगाई गई है। शिव शक्तिधाम के उत्तर दिशा में प्रतिमा की स्थापना के लिए भवन निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। आचार्य पंडित त्रिलोकी पांडेय व आचार्य चुनचुन पांडेय की देखरेख में पूजन होगा। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।3
- बैकुंठवा में लगा सहयोग शिविर, ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन नौतन। प्रखंड क्षेत्र के बैकुंठवा पंचायत में मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पंचायत के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन एवं शिकायतें अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखीं। इस दौरान जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके समाधान के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया गया। मुखिया अफरोज नय्यर ने कहा कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी दी तथा प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मौके पर बीएओ नेहा राज, पंचायत सचिव नगीना पासवान सहित अन्य कर्मी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- गोपालगंज में नदी से 12 दिन बाद मिला शव, मचा कोहराम, पशु को पूँछ पकड़कर नदी पार करने के दौरान डूबा था वृद्ध गोपालगंज जिले के उचकागांव अंतर्गत उजरा नारायणपुर गांव से होकर गुजरने वाली दाहा नदी में डूबे 70 वर्षीय वृद्ध का घटना के 12 दिन बाद सोमवार को शव ग्रामीणों ने नदी से बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि उचकागांव थाना क्षेत्र के उजरा नारायणपुर गांव निवासी लगभग 70 वर्षीय वृद्ध राम इकबाल चौधरी दो सितंबर की दोपहर भैंस चराने के लिए गांव के अपने साथी ललन चौधरी के साथ घर से नदी की तरफ गए हुए थे। दोनों लोगों ने नदी के दूसरी तरफ सियरूहां सियारामपुर गांव के चंवर में भैंस को चराने के लिए भैंस की पूंछ पकड़ कर नदी पार करने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान उनके साथी ललन चौधरी अपनी भैंस की पूंछ पकड़कर पहले नदी पार कर लिए परंतु जैसे ही राम इकबाल चौधरी अपनी भैंस की पूंछ पकड़कर नदी पार करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान भैंस की पूछ से हाथ छूट जाने के बाद वे दाहा नदी की तेज बहाव में बहते हुए गहरे पानी में डूबने लगे। इसके बाद मामले की सूचना ललन चौधरी द्वारा ग्रामीणों को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण तैराकों द्वारा नदी में डूबे राम इकबाल चौधरी को ढूंढने का काफी प्रयास किया गया। परंतु उनका कोई पता नहीं चल सका। इसी दौरान सोमवार के दिन उचकागांव थाना क्षेत्र के बलिभद्रपट्टी गांव के समीप दाहा नदी में मछली पकड़ने के लिए लगाए गए जाल में मछुआरों ने फंसे एक वृद्ध के शव को देखा। जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दी गई। जाल में फंसे वृद्ध के शव की पहचान उचकागांव थाना क्षेत्र के उजरा नारायणपुर गांव के राम इकबाल चौधरी के रूप में की गई। मामले की सूचना मृतक के स्वजन को मिलते ही वहां चीख-पुकार मच गई। वहीं पोस्टमार्टम कराने के बाद वृद्ध के शव को स्वजन को सौंप दिया गया। जहां स्वजन व ग्रामीणों की देखरेख मृतक का दाह संस्कार कर दिया गया।1
- बुजुर्ग महिला का गला रेता, दो उंगलियां काटकर सिरहाने रखीं! दर्दनाक हत्या बेतिया के कालीबाग थाना क्षेत्र के पक्के फुलवारी इलाके में बुधवार की अहले सुबह एक बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। दो मंजिला मकान के कमरे में महिला का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। महिला का गला रेता गया था, जबकि बाएं हाथ की दो उंगलियां काटकर सिर के पास रखी गई थीं। दाएं हाथ पर भी धारदार हथियार से जख्म के निशान मिले हैं। मृतका की पहचान बच्ची देवी, पति स्वर्गीय काशी महतो के रूप में हुई है। बताया गया कि उनके पति की करीब तीन वर्ष पहले स्वाभाविक मौत हो चुकी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात के समय घर के सभी सदस्य अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। मृतका के साथ तीसरे नंबर की पतोहू अंजू देवी और पोती स्वीटी कुमारी भी कमरे में सोई थीं। बताया गया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। बुधवार की सुबह करीब चार बजे अंजू देवी ने आवाज देकर देवरानी पूजा देवी और सुमन देवी को बुलाया। उन्होंने बताया कि मां के साथ कुछ अनहोनी हो गई है। इसके बाद परिजन कमरे में पहुंचे और मृतका के चेहरे से कपड़ा हटाया तो सामने का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। महिला का गला रेता हुआ था। बाएं हाथ की दो उंगलियां कटी हुई थीं और उन्हें सिर के पास रखा गया था। दाएं हाथ पर भी कटे हुए जख्म के निशान थे। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही कालीबाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर एफएसएल टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। परिजनों के अनुसार, करीब तीन महीने पहले इसी घर में मोबाइल चोरी की घटना हुई थी। इसके बाद सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। अब पुलिस पुराने चोरी के मामले और बुजुर्ग महिला की हत्या के बीच किसी संभावित कड़ी समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। घर में पांच कमरे हैं और चार भाइयों के लिए अलग-अलग कमरे हैं। तीन भाई विवाहित हैं, जबकि एक अविवाहित है। घटना के समय सभी अपने-अपने कमरों में सोने की बात सामने आई है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह क्या है, वारदात को किसने अंजाम दिया और कमरे के अंदर बंद होने के बावजूद हत्यारा कैसे पहुंचा—इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। कालीबाग थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिजनों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।1