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डी.एस.बी. परिसर में छात्र संघ चुनाव की सरगर्मियां तेज, पहले दिन बिके 20 नामांकन पत्र नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डी.एस.बी. परिसर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र संघ चुनाव का शंखनाद हो गया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद पहले ही दिन छात्र नेताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, विभिन्न पदों के लिए कुल 20 नामांकन पत्र खरीदे गए हैं।सबसे मुख्य माने जाने वाले अध्यक्ष पद के लिए 03 दावेदारों ने फॉर्म खरीदे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। वहीं, सचिव पद के लिए 01 और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (UR) के लिए 02 फॉर्म बिके हैं। इस बार छात्राओं के आरक्षित पदों पर जबरदस्त उत्साह है; छात्रा उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद के लिए 3-3 नामांकन पत्र बिके हैं।चुनाव अधिकारी प्रो. मनोज कुमार आर्या ने बताया कि परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो सके और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

5 hrs ago
user_Nainital news
Nainital news
नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
5 hrs ago

डी.एस.बी. परिसर में छात्र संघ चुनाव की सरगर्मियां तेज, पहले दिन बिके 20 नामांकन पत्र नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डी.एस.बी. परिसर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र संघ चुनाव का शंखनाद हो गया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद पहले ही दिन छात्र नेताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, विभिन्न पदों के लिए कुल 20 नामांकन पत्र खरीदे गए हैं।सबसे मुख्य माने जाने वाले अध्यक्ष पद के लिए 03 दावेदारों ने फॉर्म खरीदे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। वहीं, सचिव पद के लिए 01 और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (UR) के लिए 02 फॉर्म बिके हैं। इस बार छात्राओं के आरक्षित पदों पर जबरदस्त उत्साह है; छात्रा उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद के लिए 3-3 नामांकन पत्र बिके हैं।चुनाव अधिकारी प्रो. मनोज कुमार आर्या ने बताया कि परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो सके और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

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  • डी.एस.बी. परिसर में छात्र संघ चुनाव की सरगर्मियां तेज, पहले दिन बिके 20 नामांकन पत्र नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डी.एस.बी. परिसर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र संघ चुनाव का शंखनाद हो गया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद पहले ही दिन छात्र नेताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, विभिन्न पदों के लिए कुल 20 नामांकन पत्र खरीदे गए हैं।सबसे मुख्य माने जाने वाले अध्यक्ष पद के लिए 03 दावेदारों ने फॉर्म खरीदे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। वहीं, सचिव पद के लिए 01 और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (UR) के लिए 02 फॉर्म बिके हैं। इस बार छात्राओं के आरक्षित पदों पर जबरदस्त उत्साह है; छात्रा उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद के लिए 3-3 नामांकन पत्र बिके हैं।चुनाव अधिकारी प्रो. मनोज कुमार आर्या ने बताया कि परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो सके और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
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    डी.एस.बी. परिसर में छात्र संघ चुनाव की सरगर्मियां तेज, पहले दिन बिके 20 नामांकन पत्र
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डी.एस.बी. परिसर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र संघ चुनाव का शंखनाद हो गया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद पहले ही दिन छात्र नेताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, विभिन्न पदों के लिए कुल 20 नामांकन पत्र खरीदे गए हैं।सबसे मुख्य माने जाने वाले अध्यक्ष पद के लिए 03 दावेदारों ने फॉर्म खरीदे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। वहीं, सचिव पद के लिए 01 और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (UR) के लिए 02 फॉर्म बिके हैं। इस बार छात्राओं के आरक्षित पदों पर जबरदस्त उत्साह है; छात्रा उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद के लिए 3-3 नामांकन पत्र बिके हैं।चुनाव अधिकारी प्रो. मनोज कुमार आर्या ने बताया कि परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो सके और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • वायरल वीडियो का SSP NAINITAL ने लिया तत्काल संज्ञान, कालाढूंगी में सड़क पर लड़ाई करने वाले स्कूली बच्चों पर नैनीताल पुलिस की त्वरित कार्यवाही *वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चों की हुई पहचान, थाना बुलाकर बच्चों, परिजनों एवं स्कूल प्रबंधन की काउंसलिंग, चालानी कार्यवाही भी* सोशल मीडिया एवं मीडिया के माध्यम से आज दिनांक 24-09-2026 को कालाढूंगी क्षेत्र में स्कूली बच्चों के सड़क के बीच आपस में लड़ाई-झगड़ा करने का वीडियो प्रसारित होने का मामला संज्ञान में आया। *SSP NAINITAL डॉ0 मंजुनाथ टीसी द्वारा वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेने हेतु प्रभारी निरीक्षक श्री अरुण सैनी को निर्देशित किया गया।* उक्त निर्देश के क्रम में *वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चों की पहचान कराई गई।* प्रकरण में संबंधित बच्चों एवं उनके परिजनों के साथ-साथ स्कूल के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को थाना कालाढूंगी बुलाकर घटना के संबंध में आवश्यक काउंसलिंग की गई। पुलिस द्वारा बच्चों को सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार का व्यवहार न करने, आपसी विवाद को हिंसा का रूप न देने तथा कानून-व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार रहने के संबंध में समझाया गया। साथ ही परिजनों एवं स्कूल प्रबंधन को भी बच्चों की गतिविधियों पर आवश्यक निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया। *प्रकरण में बच्चों के परिजनों के विरुद्ध धारा 81 पुलिस एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्यवाही भी की गई।* *नैनीताल पुलिस की स्पष्ट अपील* नैनीताल पुलिस द्वारा अभिभावकों एवं स्कूल प्रबंधन से अपील की गई है कि बच्चों में अनुशासन, आपसी सौहार्द एवं कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में सहयोग करें। सार्वजनिक स्थानों पर मारपीट, हुड़दंग अथवा यातायात व्यवस्था प्रभावित करने वाले कृत्यों को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित न करें।
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    वायरल वीडियो का SSP NAINITAL ने लिया तत्काल संज्ञान, कालाढूंगी में सड़क पर लड़ाई करने वाले स्कूली बच्चों पर नैनीताल पुलिस की त्वरित कार्यवाही
*वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चों की हुई पहचान, थाना बुलाकर बच्चों, परिजनों एवं स्कूल प्रबंधन की काउंसलिंग, चालानी कार्यवाही भी*
सोशल मीडिया एवं मीडिया के माध्यम से आज दिनांक 24-09-2026 को कालाढूंगी क्षेत्र में स्कूली बच्चों के सड़क के बीच आपस में लड़ाई-झगड़ा करने का वीडियो प्रसारित होने का मामला संज्ञान में आया।
*SSP NAINITAL डॉ0 मंजुनाथ टीसी द्वारा वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेने हेतु प्रभारी निरीक्षक श्री अरुण सैनी को निर्देशित किया गया।*
उक्त निर्देश के क्रम में *वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चों की पहचान कराई गई।* प्रकरण में संबंधित बच्चों एवं उनके परिजनों के साथ-साथ स्कूल के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को थाना कालाढूंगी बुलाकर घटना के संबंध में आवश्यक काउंसलिंग की गई।
पुलिस द्वारा बच्चों को सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार का व्यवहार न करने, आपसी विवाद को हिंसा का रूप न देने तथा कानून-व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार रहने के संबंध में समझाया गया। साथ ही परिजनों एवं स्कूल प्रबंधन को भी बच्चों की गतिविधियों पर आवश्यक निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।
*प्रकरण में बच्चों के परिजनों के विरुद्ध धारा 81 पुलिस एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्यवाही भी की गई।*
*नैनीताल पुलिस की स्पष्ट अपील*
नैनीताल पुलिस द्वारा अभिभावकों एवं स्कूल प्रबंधन से अपील की गई है कि बच्चों में अनुशासन, आपसी सौहार्द एवं कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में सहयोग करें। सार्वजनिक स्थानों पर मारपीट, हुड़दंग अथवा यातायात व्यवस्था प्रभावित करने वाले कृत्यों को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित न करें।
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    Local khabre NTL
    Local News Reporter Nainital, Uttarakhand•
    8 hrs ago
  • आज से छोटे होने लगेंगे दिन और लंबी होंगी रातें, डॉ शशिभूषण पांडेय, आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार आज 23 सितंबर को शरद विषुव का दिन और भूमध्य रेखा पर के ऊपर सूर्य, कितना गजब का संयोग है। अब सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में खिसकना शुरू हो जाएगा और उत्तरी गोलार्ध में ठंड की ठिठुरन शुरू होने लगेगी। इतना ही अब रातें लंबी शुरू होने लगेगी और दक्षिणी गोलार्ध में ठीक इसके उल्टा हो रहा होगा। उत्तरी गोलार्ध में दिनों के छोटे होने का क्रम 22 दिसंबर तक जारी रहेगा यानी शीत अयनांत तक। पृथ्वी के अपने अक्ष में झुकाव के कारण दिन और रात के समय में अंतर आता है, जो पूरे वर्ष चलता है। अब बुधवार को सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होगा और इसके बाद दक्षिण की ओर खिसकना शुरू हो जाएगा। यानी उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने लगेंगे और दक्षिणी गोलार्ध में रातें छोटी और दिन लंबे होने लगेंगे। उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने की प्रक्रिया 21/22 दिसम्बर तक जारी रहेगी। इसके बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि पुनः लंबी होनी शुरू हो जाएगी। डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि पृथ्वी के अपने अक्ष में झुके होने के कारण दिन रात छोटे बड़े ही नहीं होते बल्कि ऋतुओं में भी परिवर्तन आता है। पृथ्वी के अपने अक्ष में 23.5 डिग्री झुका होना अपने आप में पृथ्वीवासियों के लिए वरदान है। जिस कारण विभिन्न ऋतुएं हर वर्ष आती हैं और विभिन्न मौसम देखने को मिलते हैं। बहरहाल अब सूर्य की किरणे उत्तरी गोलार्ध में तिरछी पड़ने लगेगी और ठंड का मौसम शुरू हो जाएगा। इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्ध में सूर्य की किरणे सीधी पड़नी शुरू हो जाएंगी और गर्मी का मौसम शुरू हो जाएगा। खगोलविद अमर पाल सिंह। एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर उत्तर प्रदेश भारत। भारतीय खगोल परंपरा और इसका सांस्कृतिक महत्व क्या है खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्राचीन भारतीय खगोल-विज्ञान में सूर्य की गति, अयन, नक्षत्र और ऋतु-चक्र का गहरा अध्ययन किया गया है, प्राचीन कालीन भारतीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नक्षत्र शब्द का उपयोग तारों या तारक-समूहों के लिए भी होता है और चंद्रमा के आकाशीय मार्ग को 27 भागों में बांटने के लिए भी होता है, जैसा कि हम जानते हैं कि चंद्रमा, तारों की पृष्ठभूमि के सापेक्ष लगभग 27.3 दिनों में एक चक्र पूरा करता है,इसलिए प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में चंद्र-पथ को 27 नक्षत्रों में विभाजित किया गया है, लेकिन साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि अयन-चलन के कारण विषुव बिंदुओं और नक्षत्रों का आपसी स्थान लंबे समय में बदलता रहता है, इसी वजह से अलग-अलग ऐतिहासिक काल में कृत्तिका, धनिष्ठा, श्रवण, चित्रा और रेवती जैसे नक्षत्रों को वर्ष या नक्षत्र-क्रम की शुरुआत से जोड़ा गया था और प्राचीन भारतीय ग्रंथों में अयन और ऋतु-परिवर्तन से जुड़े उल्लेख इस बात का संकेत भी देते हैं कि आकाशीय घटनाओं का समय, कृषि और पंचांग-निर्माण के लिए सावधानी से देखा जाता था और आधुनिक खगोलविद एवं इतिहासकार इन उल्लेखों की विशेष व्याख्या करते समय अयन-चलन और प्राचीन गणनाओं को भी ध्यान में रखते हैं, साथ ही विभिन्न सभ्यताओं ने विषुव को अपने-अपने सांस्कृतिक ढंग से समझा जैसे कि मिस्र में कई मंदिरों और स्थापत्य संरचनाओं का संबंध सौर दिशाओं और आकाशीय घटनाओं से रहा है एवं मेक्सिको के चिचेन इत्ज़ा स्थित कुकुलकान पिरामिड पर विषुव के आसपास बनने वाली प्रकाश-छाया की आकृति सांप जैसी दिखाई देती है, हालांकि इस प्रभाव की मूल मंशा को लेकर पुरातत्वविदों में पूरी सहमति नहीं भी हो सकती है। लेकिन अगर हम बात करें सितंबर विषुव 2026 की तो पाते हैं कि इसका इसलिए विशेष महत्वपूर्ण है कि यह केवल दिन और रात के लगभग बराबर होने की घटना नहीं, बल्कि पृथ्वी की धुरी, सूर्य की आभासी गति, ऋतु-चक्र, नक्षत्र-पद्धति, अयन-चलन और मानव सभ्यता के आकाश-अवलोकन को जोड़ने वाला वैज्ञानिक पड़ाव है, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 23 सितंबर 2026 की सुबह होने वाला यह विषुव हमें निश्चित तौर पर यह खगोलीय याद दिलाएगा कि पृथ्वी का झुकाव और उसकी सूर्य के चारों ओर गति हमारे मौसम, कृषि, दिन के उजाले और जीवन की लय को लगातार प्रभावित करते हैं,इसीलिए समस्त खगोल प्रेमियों को इसका अवलोकन एवं सटीक प्रमाणित वैज्ञानिक एवं गणितीय और विशेष खगोलीय जानकारियों से ओत प्रोत होना ही चाहिए।
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    आज से छोटे होने लगेंगे दिन और लंबी होंगी रातें, डॉ शशिभूषण पांडेय, 

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार 
आज 23 सितंबर को शरद विषुव का दिन और भूमध्य रेखा पर के ऊपर सूर्य, कितना गजब का संयोग है। अब सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में खिसकना शुरू हो जाएगा और उत्तरी गोलार्ध में ठंड की ठिठुरन शुरू होने लगेगी। इतना ही अब रातें लंबी शुरू होने लगेगी और दक्षिणी गोलार्ध में ठीक इसके उल्टा हो रहा होगा। उत्तरी गोलार्ध में दिनों के छोटे होने का क्रम 22 दिसंबर तक जारी रहेगा यानी शीत अयनांत तक। 
पृथ्वी के अपने अक्ष में झुकाव के कारण दिन और रात के समय में अंतर आता है, जो पूरे वर्ष चलता है। अब बुधवार को सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होगा और इसके बाद दक्षिण की ओर खिसकना शुरू हो जाएगा। यानी उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने लगेंगे और दक्षिणी गोलार्ध में रातें छोटी और दिन लंबे होने लगेंगे। उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने की प्रक्रिया 21/22 दिसम्बर तक जारी रहेगी। इसके बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि पुनः लंबी होनी शुरू हो जाएगी। डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि पृथ्वी के अपने अक्ष में झुके होने के कारण दिन रात छोटे बड़े ही नहीं होते बल्कि ऋतुओं में भी परिवर्तन आता है। पृथ्वी के अपने अक्ष में 23.5 डिग्री झुका होना अपने आप में पृथ्वीवासियों के लिए वरदान है। जिस कारण विभिन्न ऋतुएं हर वर्ष आती हैं और विभिन्न मौसम देखने को मिलते हैं। बहरहाल अब सूर्य की किरणे उत्तरी गोलार्ध में तिरछी पड़ने लगेगी और ठंड का मौसम शुरू हो जाएगा। इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्ध में सूर्य की किरणे सीधी पड़नी शुरू हो जाएंगी और गर्मी का मौसम शुरू हो जाएगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह।
एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर उत्तर प्रदेश भारत।
भारतीय खगोल परंपरा और इसका सांस्कृतिक महत्व क्या है 
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्राचीन भारतीय खगोल-विज्ञान में सूर्य की गति, अयन, नक्षत्र और ऋतु-चक्र का गहरा अध्ययन किया गया है, प्राचीन कालीन भारतीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नक्षत्र शब्द का उपयोग तारों या तारक-समूहों के लिए भी होता है और चंद्रमा के आकाशीय मार्ग को 27 भागों में बांटने के लिए भी होता है, जैसा कि हम जानते हैं कि चंद्रमा, तारों की पृष्ठभूमि के सापेक्ष लगभग 27.3 दिनों में एक चक्र पूरा करता है,इसलिए प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में चंद्र-पथ को 27 नक्षत्रों में विभाजित किया गया है, लेकिन साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि अयन-चलन के कारण विषुव बिंदुओं और नक्षत्रों का आपसी स्थान लंबे समय में बदलता रहता है, इसी वजह से अलग-अलग ऐतिहासिक काल में कृत्तिका, धनिष्ठा, श्रवण, चित्रा और रेवती जैसे नक्षत्रों को वर्ष या नक्षत्र-क्रम की शुरुआत से जोड़ा गया था और प्राचीन भारतीय ग्रंथों में अयन और ऋतु-परिवर्तन से जुड़े उल्लेख इस बात का संकेत भी देते हैं कि आकाशीय घटनाओं का समय, कृषि और पंचांग-निर्माण के लिए सावधानी से देखा जाता था और आधुनिक खगोलविद एवं इतिहासकार इन उल्लेखों की विशेष व्याख्या करते समय अयन-चलन और प्राचीन गणनाओं को भी ध्यान में रखते हैं, साथ ही विभिन्न सभ्यताओं ने विषुव को अपने-अपने सांस्कृतिक ढंग से समझा जैसे कि मिस्र में कई मंदिरों और स्थापत्य संरचनाओं का संबंध सौर दिशाओं और आकाशीय घटनाओं से रहा है एवं मेक्सिको के चिचेन इत्ज़ा स्थित कुकुलकान पिरामिड पर विषुव के आसपास बनने वाली प्रकाश-छाया की आकृति सांप जैसी दिखाई देती है, हालांकि इस प्रभाव की मूल मंशा को लेकर पुरातत्वविदों में पूरी सहमति नहीं भी हो सकती है।
लेकिन अगर हम बात करें सितंबर विषुव 2026 की तो पाते हैं कि इसका इसलिए विशेष महत्वपूर्ण है कि यह केवल दिन और रात के लगभग बराबर होने की घटना नहीं, बल्कि पृथ्वी की धुरी, सूर्य की आभासी गति, ऋतु-चक्र, नक्षत्र-पद्धति, अयन-चलन और मानव सभ्यता के आकाश-अवलोकन को जोड़ने वाला वैज्ञानिक पड़ाव है, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 23 सितंबर 2026 की सुबह होने वाला यह विषुव हमें निश्चित तौर पर यह खगोलीय याद दिलाएगा कि पृथ्वी का झुकाव और उसकी सूर्य के चारों ओर गति हमारे मौसम, कृषि, दिन के उजाले और जीवन की लय को लगातार प्रभावित करते हैं,इसीलिए समस्त खगोल प्रेमियों को इसका अवलोकन एवं सटीक प्रमाणित वैज्ञानिक एवं गणितीय और विशेष खगोलीय जानकारियों से ओत प्रोत होना ही चाहिए।
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    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    21 hrs ago
  • बद्रीनाथ धाम के पास स्थित टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में आयोजित 'देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव' के दौरान लाउड डीजे म्यूजिक और कॉन्सर्ट स्टाइल परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं, तीर्थ पुरोहितों और सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु की साधना, शांति और मौन चिंतन की भूमि है, जहां मान्यताओं व पर्यावरणीय कारणों से शंख बजाना तक वर्जित है; ऐसे में तेज आवाज में डीजे और संगीत कार्यक्रम का आयोजन धाम की आध्यात्मिक मर्यादा के खिलाफ है। भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में हुई तेज संगीत प्रस्तुति के विरोध के बाद, पर्यटन विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए भविष्य में धार्मिक स्थलों के समीप लाउड म्यूजिक न बजाए जाने और मर्यादा का ध्यान रखने की बात कही है। #badrinath #devbhoomi #uttarakhand #dailynews
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    बद्रीनाथ धाम के पास स्थित टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में आयोजित 'देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव' के दौरान लाउड डीजे म्यूजिक और कॉन्सर्ट स्टाइल परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं, तीर्थ पुरोहितों और सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु की साधना, शांति और मौन चिंतन की भूमि है, जहां मान्यताओं व पर्यावरणीय कारणों से शंख बजाना तक वर्जित है; ऐसे में तेज आवाज में डीजे और संगीत कार्यक्रम का आयोजन धाम की आध्यात्मिक मर्यादा के खिलाफ है। भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में हुई तेज संगीत प्रस्तुति के विरोध के बाद, पर्यटन विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए भविष्य में धार्मिक स्थलों के समीप लाउड म्यूजिक न बजाए जाने और मर्यादा का ध्यान रखने की बात कही है। #badrinath #devbhoomi #uttarakhand #dailynews
    user_UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    कालाढूंगी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
  • बजट आवंटन को लेकर जिला पंचायत बैठक में हंगामा, सदस्यों ने किया बहिष्कार अल्मोड़ा। जिला पंचायत की गुरुवार को हुई बैठक में बजट आवंटन को लेकर सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित नहीं की जा रही है और बजट आवंटन में क्षेत्रों की अनदेखी हो रही है। सदस्यों ने जिले के सभी 45 जिला पंचायत क्षेत्रों में अब तक आवंटित धनराशि का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि प्रत्येक क्षेत्र में कितनी धनराशि मंजूर और जारी की गई तथा कितना बजट खर्च हुआ। सदस्यों ने जिला पंचायत बोर्ड पर बजट के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए क्षेत्रवार खर्च का विवरण उपलब्ध कराने और बजट आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। मामला बढ़ने पर नाराज सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर चले गए। हंगामे के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा ने सदस्यों को शांत कराया और उनके उठाए मुद्दों तथा बजट संबंधी शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। बैठक में हुए विवाद के बाद अब जिला पंचायत के सभी 45 क्षेत्रों में बजट आवंटन और खर्च का विवरण चर्चा का विषय बना हुआ है। सदस्यों ने विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि की जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने रखने की मांग की है।
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    बजट आवंटन को लेकर जिला पंचायत बैठक में हंगामा, सदस्यों ने किया बहिष्कार
अल्मोड़ा। जिला पंचायत की गुरुवार को हुई बैठक में बजट आवंटन को लेकर सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित नहीं की जा रही है और बजट आवंटन में क्षेत्रों की अनदेखी हो रही है।
सदस्यों ने जिले के सभी 45 जिला पंचायत क्षेत्रों में अब तक आवंटित धनराशि का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि प्रत्येक क्षेत्र में कितनी धनराशि मंजूर और जारी की गई तथा कितना बजट खर्च हुआ। सदस्यों ने जिला पंचायत बोर्ड पर बजट के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए क्षेत्रवार खर्च का विवरण उपलब्ध कराने और बजट आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
मामला बढ़ने पर नाराज सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर चले गए। हंगामे के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा ने सदस्यों को शांत कराया और उनके उठाए मुद्दों तथा बजट संबंधी शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
बैठक में हुए विवाद के बाद अब जिला पंचायत के सभी 45 क्षेत्रों में बजट आवंटन और खर्च का विवरण चर्चा का विषय बना हुआ है। सदस्यों ने विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि की जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने रखने की मांग की है।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    5 hrs ago
  • हल्द्वानी में छात्रों के दो गुटों में झड़प, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज; रैली, रैश ड्राइविंग और गुटबाजी पर पुलिस की नजर छात्र संघ चुनाव की आड़ में हुड़दंग किया तो होगी सख्त कार्रवाई हल्द्वानी में छात्रों के दो गुटों में झड़प, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज; रैली, रैश ड्राइविंग और गुटबाजी पर पुलिस की नजर हल्द्वानी। छात्र संघ चुनाव के मद्देनजर शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर नैनीताल पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया है कि चुनाव की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता, गुटबाजी, हुड़दंग या यातायात व्यवस्था में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देर रात दुर्गा सिटी सेंटर के पास दिल्ली चाट की दुकान के समीप छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प की सूचना पुलिस को मिली। बताया गया कि इस दौरान मारपीट के साथ कुर्सियां तोड़ी गईं और हेलमेट व लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। घटना के संबंध में दिल्ली चाट दुकान संचालक की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने छात्र संघ चुनाव से जुड़े प्रत्याशियों, छात्र नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से चुनाव संबंधी गतिविधियां कॉलेज परिसर की निर्धारित सीमाओं के भीतर रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि परिसर से बाहर कानून सभी के लिए समान है। पुलिस ने शाम के बाद छात्रों के समूह बनाकर घूमने, होटल, रिजॉर्ट, ढाबे या कैफे में अड्डेबाजी करने, वाहनों का समूह बनाकर मिनी रैली या अघोषित रैली निकालने, रैश ड्राइविंग करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने वालों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने कहा कि हल्द्वानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। छात्र संघ चुनाव को लिंगदोह समिति की सिफारिशों और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चुनावी गतिविधियां परिसर तक सीमित रहें और शहर में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    हल्द्वानी में छात्रों के दो गुटों में झड़प, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज; रैली, रैश ड्राइविंग और गुटबाजी पर पुलिस की नजर

छात्र संघ चुनाव की आड़ में हुड़दंग किया तो होगी सख्त कार्रवाई
हल्द्वानी में छात्रों के दो गुटों में झड़प, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज; रैली, रैश ड्राइविंग और गुटबाजी पर पुलिस की नजर
हल्द्वानी। छात्र संघ चुनाव के मद्देनजर शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर नैनीताल पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया है कि चुनाव की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता, गुटबाजी, हुड़दंग या यातायात व्यवस्था में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देर रात दुर्गा सिटी सेंटर के पास दिल्ली चाट की दुकान के समीप छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प की सूचना पुलिस को मिली। बताया गया कि इस दौरान मारपीट के साथ कुर्सियां तोड़ी गईं और हेलमेट व लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
घटना के संबंध में दिल्ली चाट दुकान संचालक की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एसएसपी ने छात्र संघ चुनाव से जुड़े प्रत्याशियों, छात्र नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से चुनाव संबंधी गतिविधियां कॉलेज परिसर की निर्धारित सीमाओं के भीतर रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि परिसर से बाहर कानून सभी के लिए समान है।
पुलिस ने शाम के बाद छात्रों के समूह बनाकर घूमने, होटल, रिजॉर्ट, ढाबे या कैफे में अड्डेबाजी करने, वाहनों का समूह बनाकर मिनी रैली या अघोषित रैली निकालने, रैश ड्राइविंग करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने वालों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी ने कहा कि हल्द्वानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। छात्र संघ चुनाव को लिंगदोह समिति की सिफारिशों और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चुनावी गतिविधियां परिसर तक सीमित रहें और शहर में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_Op Agnihotri
    Op Agnihotri
    हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
  • पौड़ी गढ़वाल में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पौड़ी गढ़वाल में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
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    पौड़ी गढ़वाल में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पौड़ी गढ़वाल में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
    user_ब्रेकिंग हरिद्वार
    ब्रेकिंग हरिद्वार
    भीकियासैंण, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
  • नैनीताल में उमड़े पर्यटक, लगा भारी जाम; रेंगते रहे वाहन नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटकों की भारी आमद के कारण बृहस्पतिवार को शहर के मुख्य मार्गों पर भीषण जाम लग गया। वीकेंड से ठीक पहले बड़ी संख्या में सैलानियों के वाहन पहुंचने से तल्लीताल, मल्लीताल और मॉल रोड पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं।भीड़ के कारण नगर के सभी पार्किंग स्थल फुल हो गए, जिससे बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों को जगह-जगह गाड़ियां खड़ी करनी पड़ीं। नैनीताल के प्रवेश द्वारों और तिराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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    नैनीताल में उमड़े पर्यटक, लगा भारी जाम; रेंगते रहे वाहन
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटकों की भारी आमद के कारण बृहस्पतिवार को शहर के मुख्य मार्गों पर भीषण जाम लग गया। वीकेंड से ठीक पहले बड़ी संख्या में सैलानियों के वाहन पहुंचने से तल्लीताल, मल्लीताल और मॉल रोड पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं।भीड़ के कारण नगर के सभी पार्किंग स्थल फुल हो गए, जिससे बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों को जगह-जगह गाड़ियां खड़ी करनी पड़ीं। नैनीताल के प्रवेश द्वारों और तिराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
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