सिंचाई विभाग का घोटाला आया सामने, विधायक ताहिर खान का ड्रीम प्रोजेक्ट सुल्तानपुर-इसौली विधानसभा क्षेत्र विकास खंड कुड़वार व दुबेपुर क्षेत्र में खंड 49 शारदा सहायक जौनपुर ब्रांच महेश्वर गंज से उचगांव होते हुए मुसाफिरखाना तक सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 25 किलोमीटर नहर की पटरी की सड़क का निर्माण पिछले कुछ महीनो पूर्व कराया गया था, पहली बारिश आते ही जगह-जगह नहर की पटरी की सड़क धंस गई, रामापुर पुल से लेकर नरही के पुल तक तो सड़क बड़े-बड़े गड्ढे में तब्दील हो गई है, जिसमें कीचड़ और पानी भरा हुआ है आए दिन दो पहिया वाहन और पैदल सवार गिरकर चोटिल होते हैं | ऐसे में सवाल उठता है कि इसौली विधायक ताहिर खान का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाला, और सिंचाई विभाग के करोड़ों के बजट में बनी सड़क का बुरा हाल है स्थानीय जगदंबा प्रसाद तिवारी, त्रिवेणी प्रसाद शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, अर्जुन कुमार शर्मा, संजय मिश्रा, ताज मोहम्मद, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, रिजवान अहमद आदि का कहना है कि सड़क का निर्माण गुणवक्ता पूर्ण से नहीं किया गया, इसी वजह से इतनी जल्दी सड़क खराब हो गई, अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का नतीजा है सड़क बनने से क्या फायदा हुआ, इससे भी पूर्व तो लोग गड्ढे और तालाब युक्त सड़क पर चलने को मजबूर थे, अब सड़क बनने के कुछ दिन बाद भी इस तरह से चलने को मजबूर हैं
सिंचाई विभाग का घोटाला आया सामने, विधायक ताहिर खान का ड्रीम प्रोजेक्ट सुल्तानपुर-इसौली विधानसभा क्षेत्र विकास खंड कुड़वार व दुबेपुर क्षेत्र में खंड 49 शारदा सहायक जौनपुर ब्रांच महेश्वर गंज से उचगांव होते हुए मुसाफिरखाना तक सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 25 किलोमीटर नहर की पटरी की सड़क का निर्माण पिछले कुछ महीनो पूर्व कराया गया था, पहली बारिश आते ही जगह-जगह नहर की पटरी की सड़क धंस गई, रामापुर पुल से लेकर नरही के पुल तक तो सड़क बड़े-बड़े गड्ढे में तब्दील हो गई है, जिसमें कीचड़ और पानी भरा हुआ है आए दिन दो पहिया वाहन और पैदल सवार गिरकर चोटिल होते हैं | ऐसे में सवाल उठता है कि इसौली विधायक ताहिर खान का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाला, और सिंचाई विभाग के करोड़ों के बजट में बनी सड़क का बुरा हाल है स्थानीय जगदंबा प्रसाद तिवारी, त्रिवेणी प्रसाद शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, अर्जुन कुमार शर्मा, संजय मिश्रा, ताज मोहम्मद, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, रिजवान अहमद आदि का कहना है कि सड़क का निर्माण गुणवक्ता पूर्ण से नहीं किया गया, इसी वजह से इतनी जल्दी सड़क खराब हो गई, अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का नतीजा है सड़क बनने से क्या फायदा हुआ, इससे भी पूर्व तो लोग गड्ढे और तालाब युक्त सड़क पर चलने को मजबूर थे, अब सड़क बनने के कुछ दिन बाद भी इस तरह से चलने को मजबूर हैं
- ‘नारी वंदन’ और ‘स्वतंत्र पत्रकारिता’ दोनों को चुनौती देता उप्र भाजपा का शासन-प्रशासन एक ईमानदार महिला पत्रकार की जान के पीछे सिर्फ़ इसलिए पड़ गया है क्योंकि उसने मुख्यमंत्री जी से ‘सवाल’ करना चाहा था। भाजपा पत्रकारों को मूक श्रोता बनाना चाहती है। तानाशाही और दानाशाही को चुनौती देने वाली साहसिक पत्रकारिता की आवाज़ अब और नहीं दबाई जा सकती है। पत्रकारों का अगर कोई संगठन सक्रिय हो तो वो संज्ञान ले और महिला आयोग भी। घोर निंदनीय!सपा प्रमुख अखिलेश यादव1
- झाड़ियों में छिपा कुआं बना खतरा, भैंस गिरने से मौत पहले भी मवेशियों के गिरने का ग्रामीणों का दावा, कुएं को पाटने की मांग झाड़ियों में छिपा कुआं बना खतरा, भैंस गिरने से मौत पहले भी मवेशियों के गिरने का ग्रामीणों का दावा, कुएं को पाटने की मांग हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। विकासखंड हैरिंग्टनगंज की ग्राम पंचायत अहरन सुवंस के पूरे रामनाथ गोसाई की बगिया में झाड़ियों से ढका पुराना कुआं हादसे का कारण बन गया। रविवार शाम करीब छह बजे कुएं में गिरने से सूरज लाल यादव पुत्र धोखई यादव की भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि कुआं लंबे समय से जंगल-झाड़ियों से ढका है। इसकी वजह से आसपास घूमने वाले मवेशियों को कुएं का पता नहीं चलता। भैंस के गिरने की सूचना डायल-112 को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और फायर विभाग को सूचना दी। फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी। भैंस की मौत हो चुकी थी, इसलिए उसे बाहर निकालने के बजाय कुएं में मिट्टी डलवाने की बात कही गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शिवकुमार उपाध्याय, हितलाल समेत कई ग्रामीणों के मवेशी कुएं में गिर चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कुआं गजराज यादव समेत अन्य लोगों का बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कुएं में पानी भी नहीं है और लंबे समय से यह खुला पड़ा है। इसके बावजूद इसे अब तक सुरक्षित नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके की जांच कराकर कुएं को तत्काल पाटने या सुरक्षित कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मवेशी के साथ-साथ किसी व्यक्ति के गिरने से बड़ा हादसा न हो।1
- 271 ग्राम मारफीन के साथ नशे के सौदागरों पर आलापुर पुलिस का शिकंजा, दो गिरफ्तार मुखबिर की सूचना पर आमादेपुर चौराहे के पास दबिश, 03 पैकेट में बरामद हुई 271 ग्राम अवैध मारफीन* *आलापुर/अम्बेडकरनगर।* *नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में आलापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 03 पैकेट में कुल 271 ग्राम अवैध मारफीन बरामद की गई है।* *पुलिस प्रेस नोट के अनुसार 13 सितंबर 2026 की सुबह करीब 6:50 बजे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आमादेपुर चौराहे के पास घेराबंदी कर दो अभियुक्तों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुलाब गोस्वामी (21 वर्ष) पुत्र बच्चालाल गोस्वामी तथा सौकेट गोस्वामी (25 वर्ष) पुत्र गिरजा शंकर गोस्वामी, निवासी ग्राम मसेना मिर्जापुर, थाना आलापुर के रूप में हुई।* *मामला मु0अ0सं0 189/2026, धारा 8/21 NDPS Act से संबंधित बताया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।* *गुलाब गोस्वामी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया* *पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त गुलाब गोस्वामी के खिलाफ थाना आलापुर में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धारा 147, 148, 308, 323, 324, 352, 504, 506 भादवि समेत अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल बताए गए हैं।* *इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका* *कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अरुण कुमार सिंह, उपनिरीक्षक बालमुकुन्द यादव, कांस्टेबल वैभव यादव और कांस्टेबल मान सिंह शामिल रहे।* *नशे के कारोबार पर पुलिस की यह कार्रवाई इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब बड़ा सवाल यह है कि बरामद मारफीन की सप्लाई कहां से हुई और इसके पीछे नशे के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं?*1
- भड़काऊ भाषण से मचा बवाल: 'संविधान नहीं करेगा रक्षा, घरों में रखो लोहा', वायरल वीडियो ने बढ़ाई सरगर्मी* उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सोशल मीडिया पर एक बेहद सनसनीखेज और भड़काऊ वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस वीडियो में एक व्यक्ति खुले मंच से आग उगलते हुए भीड़ को उकसा रहा है। सरेआम माइक से कहा जा रहा है कि *"संविधान तुम्हारी रक्षा नहीं करेगा", और खुद की तथा अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए हर घर में हथियार यानी 'लोहा' रखने* की खुलेआम अपील की जा रही है। सरेआम उन्माद फैलाने वाली इस बयानबाजी ने जिले का सियासी और सामाजिक पारा अचानक से काफी चढ़ा दिया है। इस वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि कैसे भीड़ को भड़काते हुए घरों की सुरक्षा का डर दिखाया जा रहा है। वक्ता लोगों से कह रहा है कि जब तक पुलिस या कोई संवैधानिक मदद पहुंचे, तब तक अपनी सुरक्षा के लिए हर घर में *'इमरजेंसी किट'* होनी चाहिए। कानून को ताक पर रखकर सरेआम भीड़ को इस तरह भड़काने और खौफ का माहौल बनाने की इस घटना से हर तरफ सनसनी फैल गई है। अब इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उचित कानूनी जांच और सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि इलाके में शांति और सौहार्द पूरी तरह से कायम रहे। *अस्वीकरण - वायरल वीडियो की पुष्टि हम नहीं करते है*1
- जनगणना में OBC कॉलम और ड्रॉप डाउन सूची की मांग: सरकार पर लगाए आरोप, 2029 में राहुल गांधी को PM बनाने का दावा सुलतानपुर में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के जिलाध्यक्ष बाबूराम वर्मा के नेतृत्व में सोमवार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। यह ज्ञापन डीएम के माध्यम से दिया गया। इसमें जनगणना-2027 के फॉर्म में ओबीसी वर्ग का अलग से कॉलम जोड़ने की मांग की गई है। कांग्रेस पार्टी ने बताया कि 14 अगस्त 2026 की जनगणना अधिसूचना में ओबीसी वर्ग का कॉलम नहीं जोड़ा गया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने जनगणना में जाति दर्ज करने के लिए पहले से मौजूद जातियों की 'ड्रॉप डाउन सूची' उपलब्ध कराने के बजाय 'ओपन-एंडेड प्रश्न' का तरीका चुना है। कांग्रेस का तर्क है कि इस तरीके से गिनती कराने पर एक ही जाति सैकड़ों-हजारों उप-जातियों में बंट जाएगी। इससे पिछड़े और अन्य वंचित वर्गों की सही आबादी, शैक्षणिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति के सटीक आंकड़े नहीं मिल पाएंगे। कांग्रेस ने मांग की है कि बिहार और तेलंगाना जैसे राज्यों में बेहतर जनगणना मॉडल मौजूद हैं, इसलिए ड्रॉप डाउन सूची दी जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि ड्रॉप डाउन सूची न देने और ओबीसी कॉलम न जोड़ने से यह साफ होता है कि सरकार सही आंकड़े सामने नहीं लाना चाहती। इससे ओबीसी वर्ग आबादी के अनुपात में आरक्षण, नौकरियों और संसाधनों में हिस्सेदारी से वंचित रह जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में बाबूराम वर्मा (जिलाध्यक्ष), रामकुमार यादव (प्रदेश महासचिव), मोहसिन सलीम (प्रदेश उपाध्यक्ष), इकरार खान, हरिश्चंद्र और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और ओबीसी विभाग के प्रदेश महासचिव मोहसिन सलीम ने इस मौके पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देश में जातिगत जनगणना कराने की मांग को लेकर लगातार दबाव बनाया, जिसके चलते आखिरकार मोदी सरकार को यह मांग माननी पड़ी। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा ओबीसी समाज के अधिकारों को दबाने की रही है। मोहसिन सलीम ने कहा, "जातिगत जनगणना तो करवाई जा रही है, लेकिन उसमें अलग से 'ओबीसी कॉलम' नहीं रखा गया है।" उन्होंने आगे कहा कि केवल जातियां लिखवाने से भ्रम फैलेगा, क्योंकि पूरे देश में एक ही समाज की जातियां अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जानी जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 2027 के विधानसभा चुनाव में इस नीति का जवाब दिया जाएगा। मोहसिन सलीम ने कहा कि 2029 में राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाकर पिछड़ा, दलित और बहुजन समाज को उनका हक दिलाया जाएगा।3
- अमेठी में पुलिस ने किया पैदल गश्त, संदिग्धों और वाहनों की चेकिंग अमेठी में पुलिस ने किया पैदल गश्त, संदिग्धों और वाहनों की चेकिंग अमेठी। जिले में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोमवार रात पुलिस ने पैदल गश्त और विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी मुसाफिरखाना अतुल कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ जगदीशपुर कस्बे में गश्त की। इस दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी रही। पुलिस टीमों ने मुख्य मार्गों, हाईवे, चौराहों, रेलवे स्टेशन और शराब की दुकानों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की जांच की। अभियान का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के साथ मिशन शक्ति के तहत महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा देना रहा। पुलिस ने लोगों से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की।1
- गौरीगंज तहसील में घूसखोरी का आरोप, जमानत के नाम पर रीडर ने मांगे 1000 रुपये - रीडर बोला आरोप निराधार गौरीगंज तहसील में घूसखोरी का आरोप, जमानत के नाम पर रीडर ने मांगे 1000 रुपये - रीडर बोला आरोप निराधार गौरीगंज-अमेठी। गौरीगंज तहसील परिसर से भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप सामने आया है। अधिवक्ता ने एसडीएम के रीडर पर जमानत के बदले एक हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता भूपेंद्र तिवारी के अनुसार, गौरीगंज थाना पुलिस ने धारा 151 के तहत उनके दो मुवक्किल हरिश्चंद्र और राम खेलावन का चालान किया था। जमानत के लिए वह तहसील पहुंचे और वकालतनामा के साथ मुचलका दाखिल किया। आरोप है कि इस दौरान एसडीएम के रीडर शशि प्रकाश ने जमानत की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक हजार रुपये की मांग की। अधिवक्ता का कहना है कि रुपये देने के बाद ही उनके दोनों क्लाइंटों की रिहाई हो सकी। अधिवक्ता ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में एसडीएम के रीडर शशि प्रकाश ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी से कोई रुपये नहीं मांगे हैं।1
- सिंचाई विभाग का घोटाला आया सामने, विधायक ताहिर खान का ड्रीम प्रोजेक्ट सुल्तानपुर-इसौली विधानसभा क्षेत्र विकास खंड कुड़वार व दुबेपुर क्षेत्र में खंड 49 शारदा सहायक जौनपुर ब्रांच महेश्वर गंज से उचगांव होते हुए मुसाफिरखाना तक सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 25 किलोमीटर नहर की पटरी की सड़क का निर्माण पिछले कुछ महीनो पूर्व कराया गया था, पहली बारिश आते ही जगह-जगह नहर की पटरी की सड़क धंस गई, रामापुर पुल से लेकर नरही के पुल तक तो सड़क बड़े-बड़े गड्ढे में तब्दील हो गई है, जिसमें कीचड़ और पानी भरा हुआ है आए दिन दो पहिया वाहन और पैदल सवार गिरकर चोटिल होते हैं | ऐसे में सवाल उठता है कि इसौली विधायक ताहिर खान का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाला, और सिंचाई विभाग के करोड़ों के बजट में बनी सड़क का बुरा हाल है स्थानीय जगदंबा प्रसाद तिवारी, त्रिवेणी प्रसाद शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, अर्जुन कुमार शर्मा, संजय मिश्रा, ताज मोहम्मद, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, रिजवान अहमद आदि का कहना है कि सड़क का निर्माण गुणवक्ता पूर्ण से नहीं किया गया, इसी वजह से इतनी जल्दी सड़क खराब हो गई, अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का नतीजा है सड़क बनने से क्या फायदा हुआ, इससे भी पूर्व तो लोग गड्ढे और तालाब युक्त सड़क पर चलने को मजबूर थे, अब सड़क बनने के कुछ दिन बाद भी इस तरह से चलने को मजबूर हैं1