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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। सोनिया विहार के कई पुश्ता क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी और कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे उत्तर-पूर्वी दिल्ली को विकास की बड़ी सौगात मिली है।

1 hr ago
user_Faiz news
Faiz news
करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
1 hr ago

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। सोनिया विहार के कई पुश्ता क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी और कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे उत्तर-पूर्वी दिल्ली को विकास की बड़ी सौगात मिली है।

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  • दृशा वेलफेयर फाउंडेशन नामक एनजीओ ने कुछ सामाजिक लोगों को सम्मानित किया है। इस सम्मान समारोह में, एनजीओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा इन सभी लोगों को 'मेमर' बनाकर विभिन्न पद सौंपे गए।
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    दृशा वेलफेयर फाउंडेशन नामक एनजीओ ने कुछ सामाजिक लोगों को सम्मानित किया है। इस सम्मान समारोह में, एनजीओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा इन सभी लोगों को 'मेमर' बनाकर विभिन्न पद सौंपे गए।
    user_Advocate Rahul Gupta
    Advocate Rahul Gupta
    Lawyer शाहदरा, शाहदरा, दिल्ली•
    37 min ago
  • दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पंजाब कांग्रेस कमेटी का एक पैनल भी शामिल हुआ।
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    दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पंजाब कांग्रेस कमेटी का एक पैनल भी शामिल हुआ।
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • उत्तर पूर्वी दिल्ली के खजूरी इलाके में 38 साल के अजहरुद्दीन की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
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    उत्तर पूर्वी दिल्ली के खजूरी इलाके में 38 साल के अजहरुद्दीन की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
    user_Faiz news
    Faiz news
    करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • अलम मालिक, जिनके सोशल मीडिया हैंडल का यूजरनेम alam_malik143143 है, उन्होंने अपने दर्शकों और फॉलोअर्स से उनके ऑनलाइन चैनलों को फॉलो करने का अनुरोध किया है। उन्होंने विशेष रूप से अपने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनलों का जिक्र करते हुए सभी से इन प्लेटफार्मों पर उनसे जुड़ने की अपील की है।
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    अलम मालिक, जिनके सोशल मीडिया हैंडल का यूजरनेम alam_malik143143 है, उन्होंने अपने दर्शकों और फॉलोअर्स से उनके ऑनलाइन चैनलों को फॉलो करने का अनुरोध किया है। उन्होंने विशेष रूप से अपने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनलों का जिक्र करते हुए सभी से इन प्लेटफार्मों पर उनसे जुड़ने की अपील की है।
    user_Nazir Khan
    Nazir Khan
    Artist सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • दिल्ली के प्रीत विहार मेट्रो स्टेशन के पास रविवार दोपहर एक कार ने ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में सवार यात्रियों को चोटें आईं। यह घटना तब हुई जब ऑटो रिक्शा यात्रियों को लेकर जा रहा था और एक कार ने तेजी से यू-टर्न लिया, जिससे वह ऑटो से टकरा गई। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, फिलहाल सब ठीक है।
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    दिल्ली के प्रीत विहार मेट्रो स्टेशन के पास रविवार दोपहर एक कार ने ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में सवार यात्रियों को चोटें आईं। यह घटना तब हुई जब ऑटो रिक्शा यात्रियों को लेकर जा रहा था और एक कार ने तेजी से यू-टर्न लिया, जिससे वह ऑटो से टकरा गई। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, फिलहाल सब ठीक है।
    user_Noor jahan
    Noor jahan
    Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं, और अब विधायकों की बगावत के बाद पार्टी में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। टीएमसी के 14 सांसदों ने ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है, जिसका प्रभाव न केवल बंगाल बल्कि देश की राजनीति पर भी पड़ सकता है। इन 14 टीएमसी सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी नेता व त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब भी मौजूद थे। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने सोमवार को अपनी राज्यसभा सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद टीएमसी के पांच सांसद सुखेंदु शेखर से मिलने पहुंचे, और फिर यह खबर आई कि टीएमसी के 14 सांसद भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ये 14 सांसद सुखेंदु शेखर की तरह इस्तीफा देंगे या पार्टी को तोड़ने का प्रयास करेंगे? इन बागी सांसदों के सामने पहला और कानूनी रूप से स्पष्ट रास्ता यह है कि वे लोकसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दें, जैसा कि सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सभापति को किया है। इस्तीफा देने से उन पर दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित होने का खतरा नहीं रहेगा, और वे अपनी मर्जी से भाजपा या किसी अन्य दल में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, इस्तीफा देने का मतलब यह होगा कि उनकी सांसदी तुरंत चली जाएगी और उन सीटों पर उपचुनाव होंगे। भले ही बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी के पक्ष में माहौल है, लेकिन उपचुनाव में दोबारा जीत दर्ज करना इन सांसदों के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा होगी। अगर वे उपचुनाव हारते हैं तो संसद से बाहर हो जाएंगे, लेकिन जीतने पर सत्ता में भागीदार बन सकते हैं। दूसरा विकल्प टीएमसी को तोड़कर एक नया गुट बनाना है। भारत के संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत किसी भी पार्टी को कानूनी रूप से तोड़ने के लिए दो-तिहाई (2/3) सांसदों का एक साथ आना अनिवार्य है। संसद में टीएमसी के पास वर्तमान में 28 लोकसभा सांसद हैं, ऐसे में पार्टी तोड़ने या नया गुट बनाने के लिए 19 लोकसभा सांसदों की आवश्यकता होगी। 14 लोकसभा सांसदों की यह संख्या दो-तिहाई के आंकड़े को छूने के लिए नाकाफी है। इसलिए, इस संख्या बल के साथ 'पार्टी तोड़ना' कानूनी रूप से संभव नहीं दिख रहा है, और यदि ये सांसद बिना पर्याप्त बहुमत के अलग गुट बनाने का दावा करते हैं, तो लोकसभा अध्यक्ष उन्हें अयोग्य घोषित कर सकते हैं, जिससे उनका मामला फंस सकता है। तीसरा विकल्प यह है कि ये लोकसभा सदस्य सदन के भीतर टीएमसी के आधिकारिक व्हिप (आदेश) का उल्लंघन करें, जैसे किसी महत्वपूर्ण विधेयक पर सरकार के पक्ष में वोट करना। ऐसा करने पर टीएमसी नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष से इनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश करेगा। अयोग्य घोषित होने के बाद, इन सांसदों को अगले 6 महीने के भीतर चुनाव लड़कर वापस आना होगा। कई बागी नेता इस विकल्प को चुनते हैं ताकि वे खुद को 'शहीद' के रूप में पेश कर सकें। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इन 14 टीएमसी सांसदों के पीछे देश की सत्ताधारी पार्टी का हाथ हो सकता है, जिससे उनकी रणनीति बेहद सोची-समझी होने की संभावना है। बागी गुट के नेता फिलहाल कानूनी जानकारों से सलाह ले रहे हैं ताकि उनकी सदस्यता तुरंत न जाए, और वे संसद सत्र के दौरान अपनी रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। इन 14 बागी सांसदों के लिए आगे की राह कांटों भरी है, क्योंकि बिना दो-तिहाई बहुमत के पार्टी तोड़ना नामुमकिन है, और इस्तीफा देने का मतलब अपने राजनीतिक जीवन को दांव पर लगाना है। अब देखना यह होगा कि ये सांसद 'एकला चलो' की रणनीति अपनाते हैं या फिर किसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी की छत्रछाया में अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हैं।
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    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं, और अब विधायकों की बगावत के बाद पार्टी में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। टीएमसी के 14 सांसदों ने ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है, जिसका प्रभाव न केवल बंगाल बल्कि देश की राजनीति पर भी पड़ सकता है। इन 14 टीएमसी सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी नेता व त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब भी मौजूद थे।

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने सोमवार को अपनी राज्यसभा सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद टीएमसी के पांच सांसद सुखेंदु शेखर से मिलने पहुंचे, और फिर यह खबर आई कि टीएमसी के 14 सांसद भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ये 14 सांसद सुखेंदु शेखर की तरह इस्तीफा देंगे या पार्टी को तोड़ने का प्रयास करेंगे?

इन बागी सांसदों के सामने पहला और कानूनी रूप से स्पष्ट रास्ता यह है कि वे लोकसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दें, जैसा कि सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सभापति को किया है। इस्तीफा देने से उन पर दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित होने का खतरा नहीं रहेगा, और वे अपनी मर्जी से भाजपा या किसी अन्य दल में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, इस्तीफा देने का मतलब यह होगा कि उनकी सांसदी तुरंत चली जाएगी और उन सीटों पर उपचुनाव होंगे। भले ही बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी के पक्ष में माहौल है, लेकिन उपचुनाव में दोबारा जीत दर्ज करना इन सांसदों के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा होगी। अगर वे उपचुनाव हारते हैं तो संसद से बाहर हो जाएंगे, लेकिन जीतने पर सत्ता में भागीदार बन सकते हैं।

दूसरा विकल्प टीएमसी को तोड़कर एक नया गुट बनाना है। भारत के संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत किसी भी पार्टी को कानूनी रूप से तोड़ने के लिए दो-तिहाई (2/3) सांसदों का एक साथ आना अनिवार्य है। संसद में टीएमसी के पास वर्तमान में 28 लोकसभा सांसद हैं, ऐसे में पार्टी तोड़ने या नया गुट बनाने के लिए 19 लोकसभा सांसदों की आवश्यकता होगी। 14 लोकसभा सांसदों की यह संख्या दो-तिहाई के आंकड़े को छूने के लिए नाकाफी है। इसलिए, इस संख्या बल के साथ 'पार्टी तोड़ना' कानूनी रूप से संभव नहीं दिख रहा है, और यदि ये सांसद बिना पर्याप्त बहुमत के अलग गुट बनाने का दावा करते हैं, तो लोकसभा अध्यक्ष उन्हें अयोग्य घोषित कर सकते हैं, जिससे उनका मामला फंस सकता है।

तीसरा विकल्प यह है कि ये लोकसभा सदस्य सदन के भीतर टीएमसी के आधिकारिक व्हिप (आदेश) का उल्लंघन करें, जैसे किसी महत्वपूर्ण विधेयक पर सरकार के पक्ष में वोट करना। ऐसा करने पर टीएमसी नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष से इनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश करेगा। अयोग्य घोषित होने के बाद, इन सांसदों को अगले 6 महीने के भीतर चुनाव लड़कर वापस आना होगा। कई बागी नेता इस विकल्प को चुनते हैं ताकि वे खुद को 'शहीद' के रूप में पेश कर सकें। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इन 14 टीएमसी सांसदों के पीछे देश की सत्ताधारी पार्टी का हाथ हो सकता है, जिससे उनकी रणनीति बेहद सोची-समझी होने की संभावना है। बागी गुट के नेता फिलहाल कानूनी जानकारों से सलाह ले रहे हैं ताकि उनकी सदस्यता तुरंत न जाए, और वे संसद सत्र के दौरान अपनी रणनीति का खुलासा कर सकते हैं।

इन 14 बागी सांसदों के लिए आगे की राह कांटों भरी है, क्योंकि बिना दो-तिहाई बहुमत के पार्टी तोड़ना नामुमकिन है, और इस्तीफा देने का मतलब अपने राजनीतिक जीवन को दांव पर लगाना है। अब देखना यह होगा कि ये सांसद 'एकला चलो' की रणनीति अपनाते हैं या फिर किसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी की छत्रछाया में अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हैं।
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Civil Lines, Central Delhi•
    7 hrs ago
  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। सोनिया विहार के कई पुश्ता क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी और कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे उत्तर-पूर्वी दिल्ली को विकास की बड़ी सौगात मिली है।
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    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। सोनिया विहार के कई पुश्ता क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी और कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे उत्तर-पूर्वी दिल्ली को विकास की बड़ी सौगात मिली है।
    user_Faiz news
    Faiz news
    करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान तट से लगभग 15 समुद्री मील दूर एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर संदिग्ध ड्रोन या मिसाइल हमले में एक बड़ा धमाका हुआ है। पलाउ देश का झंडा लगे इस जहाज के इंजन रूम में जोरदार विस्फोट के बाद आग लग गई और उसमें तेजी से पानी भरने लगा, जिससे उसकी स्थिरता बिगड़ गई और डूबने का खतरा पैदा हो गया। जहाज पर कम से कम 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिसकी पुष्टि फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने की है, और उन्होंने तुरंत मदद के लिए डिस्ट्रेस कॉल (एसओएस) जारी किया है। इस घटना में कुछ क्रू मेंबर्स को नुकसान भी पहुंचा है, क्योंकि नाविकों ने जहाज में बहुत तेजी से पानी भरने की सूचना दी। बचाव कार्य और मुश्किल हो गया है क्योंकि जहाज की लाइफबोट्स भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण क्षेत्रीय तनाव पहले से ही बहुत अधिक है। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां हाल के दिनों में कई जहाजों पर हमले हो चुके हैं।
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    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान तट से लगभग 15 समुद्री मील दूर एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर संदिग्ध ड्रोन या मिसाइल हमले में एक बड़ा धमाका हुआ है। पलाउ देश का झंडा लगे इस जहाज के इंजन रूम में जोरदार विस्फोट के बाद आग लग गई और उसमें तेजी से पानी भरने लगा, जिससे उसकी स्थिरता बिगड़ गई और डूबने का खतरा पैदा हो गया। जहाज पर कम से कम 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिसकी पुष्टि फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने की है, और उन्होंने तुरंत मदद के लिए डिस्ट्रेस कॉल (एसओएस) जारी किया है।

इस घटना में कुछ क्रू मेंबर्स को नुकसान भी पहुंचा है, क्योंकि नाविकों ने जहाज में बहुत तेजी से पानी भरने की सूचना दी। बचाव कार्य और मुश्किल हो गया है क्योंकि जहाज की लाइफबोट्स भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण क्षेत्रीय तनाव पहले से ही बहुत अधिक है। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां हाल के दिनों में कई जहाजों पर हमले हो चुके हैं।
    user_Ragini Garg
    Ragini Garg
    Civil Lines, Central Delhi•
    5 hrs ago
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