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जिला बरेली थाना कियूलाडिया क्षेत्र परसरामपुर में एक उर्स मुबारक मौके पर एक विशाल कव्वाली का प्रोग्राम मनाया गया जिसमें कव्वाल अनीश नवाव ने एक देश भक्ति नात शरीफ पढ़ी देश के खातिर वहे सर तन से जुदा हो जाएं पर देश पर मेरे आंच कभी ना आए
जैनुल हसन पत्रकार बीसलपुर
जिला बरेली थाना कियूलाडिया क्षेत्र परसरामपुर में एक उर्स मुबारक मौके पर एक विशाल कव्वाली का प्रोग्राम मनाया गया जिसमें कव्वाल अनीश नवाव ने एक देश भक्ति नात शरीफ पढ़ी देश के खातिर वहे सर तन से जुदा हो जाएं पर देश पर मेरे आंच कभी ना आए
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- Post by Raunak Ali Ansari1
- जिला बरेली थाना कूयुलाडिया ग्राम परसरामपुर में उर्स मुबारक के मौके पर मलंग लोगों ने दिखाएं है हैरतअंगेज करतब और मलंग लोगों ने देश के लिए अमने अमन चैन कि दुआ कि1
- रसूलपुर बहानपुर में महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में भीड़ः श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, प्रसाद वितरण और विशेष अनुष्ठान रसूलपुर बहानपुर में महाशिवरात्रि के अवसर पर प्राचीन शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्त भगवान शिव और माता पार्वती का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिरों में लंबी कतारें देखी गईं और 'हर हर महादेव' के जयघोष से वातावरण शिवमय हो उठा। शिव मंदिर में विशेष आकर्षण के रूप में दूध से बनी खीर का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जा रहा है। मंदिर समिति के अनुसार, शाम के समय दूध से तैयार ठंडाई भी बांटी जाएगी, जिसमें मेवा, चीनी और चावल मिलाए गए हैं। शिव मंदिर कैलाश धाम सहित अन्य छोटे-बड़े मंदिरों में दिनभर रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का आशीर्वाद ले रहे हैं।4
- तिलहर-जिला स्तर से भले ही कोई कार्यवाही होती रहे लेकिन स्थानीय स्तर पर खनन माफियाओं के आगे प्रशासन नतमस्तक सा लगता है क्योंकि तमाम फजीहतों के बाद भी तिलहर तहसील के रटा गांव स्थित गर्रा नदी से बालू का खनन बन्द नहीं होता। लगभग 1 माह पूर्व वायरल हुए वीडियो के बाद भी खनन माफियाओं के आगे स्थानीय प्रशासन की एक नहीं चली क्योंकि बालू का खनन लगातार जारी है। तिलहर/निगोही मार्ग स्थित रटा गांव में रोड किनारे खेतों के बीच से गर्रा नदी को जाता कच्चा रास्ता बालू खनन माफियाओं के लिए सबसे बेहतर रास्ता बन गया है जहां से रात के 12 बजे के बाद बालू खनन कर ट्रॉलियों भरा जाता और उन्हें टैक्टर से सरपट खींच कर मंजिल तक सुबह 6 बजे से पहले तक समाप्त हो जाता है और यह प्रतिदिन की प्रक्रिया रहती है। इनके सरपट दौड़ते और मंजिल तक पहुंचने के बीच अनेक पुलिस की गस्त मिलती जरूर है लेकिन मजाल है कोई रोकटोक हो।1
- #बरेली में दबंगों का कहर — घर में घुसकर परिवार को पीटा, मकान पर कब्ज़े का आरोप!२1
- बंडा शाहजहांपुर/ शिव बारात में श्रद्धालुओं ने झांकियों का आनंद लिया। भगवान भोलेनाथ की बारात बंडा से सुनासीर नाथ धाम तक पहुंची। इस दौरान कलाकारों ने विभिन्न रूपों में झांकी निकाली। बंडा में महाशिवरात्रि पर धूमधाम से निकली शिव बारात निकाली गई। झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बारात का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। कलाकारों ने भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती, मां काली और भूत प्रेत का वेश धारण कर जलती हुई धूनी और राख से खुद को लपेटकर महाशिवरात्रि को शिवमय बना दिया। शिव बारात के दौरान सड़कों पर भीड़ की वजह से जाम की स्थिति बन गई। करीब चार घंटे के बाद भगवान भोलेनाथ की बारात बंडा से सुनासीर नाथ धाम पहुंची। शिव बारात से उत्साहित क्षेत्र वासी लाखों की तादाद में पहुंचे और भंडारा ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।1
- मनरेगा बचाने के लिए कांग्रेस का हल्लाबोल: 17 फरवरी को लखनऊ में विधानसभा घेराव की तैयारी लखनऊ। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मूल स्वरूप के साथ कथित छेड़छाड़ और केंद्र सरकार की 'मजदूर विरोधी' नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने अपने आंदोलन को और तेज कर दिया है। 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के अगले चरण के तहत आगामी 17 फरवरी को प्रदेश भर के कांग्रेस कार्यकर्ता और श्रमिक लखनऊ में विधानसभा का घेराव करेंगे। 'ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा' पर संकट कांग्रेस का कहना है कि 20 वर्ष पहले यूपीए-1 सरकार द्वारा लागू किया गया यह कानून संविधान में निहित 'काम के अधिकार' को साकार करता है। ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और कोविड-19 जैसे भीषण संकट के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संभालने वाला यह कानून आज भाजपा सरकार की कथित साजिशों का शिकार हो रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार इस कानून को कमजोर कर इसे खत्म करने का प्रयास कर रही है, जिससे गरीबों की गरिमा और सुरक्षा खतरे में है। एक महीने से जारी है देशव्यापी संग्राम पार्टी के अनुसार, भाजपा के नए नियमों के विरोध में 3 जनवरी से ही देशव्यापी 'मनरेगा बचाओ संग्राम' शुरू किया गया था। पिछले एक महीने के दौरान: प्रदेश भर में 5000 से ज्यादा चौपालों का आयोजन कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। 13 फरवरी को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में पदयात्राएं निकालकर गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। संघीय ढांचे पर प्रहार का आरोप कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलाव न केवल मजदूरों के खिलाफ हैं, बल्कि यह देश के संघीय ढांचे को कमजोर करने का एक 'कुत्सित प्रयास' है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़कर राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। "जब तक मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता, हमारी लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी। 17 फरवरी का विधानसभा घेराव सोई हुई सरकार को जगाने का काम करेगा।" आह्वान: कांग्रेस ने प्रदेश के सभी कार्यकर्ताओं और आम जनमानस से अपील की है कि वे 17 फरवरी को अधिक से अधिक संख्या में लखनऊ कूच करें और इस जनविरोधी नीति के खिलाफ आवाज बुलंद करें।1
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