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- दिल्ली से रजनी गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, 'कॉकरोच जनता पार्टी' की जीत होने के बाद मनीष सिसोदिया ने अपनी खुशियां जताई हैं।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े को सिर्फ़ एक पड़ाव बताते हुए छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को तुरंत वापस लेने की माँग की गई है। साफ़ तौर पर कहा गया है कि यह सिर्फ़ एक इस्तीफ़ा है, मंज़िल नहीं। 20 जुलाई और उसके बाद छात्रों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों को बिना किसी देरी के तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही यह चेतावनी दी गई है कि कॉकरोच से टकराने की भूल न करें। जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा संभव हो गया है, तो अब छात्रों की आवाज़ को दबाने की कोई भी कोशिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में सुरक्षा कारणों से बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों को फिर से खोल दिया गया है। राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार यात्रियों के लिए फिर से चालू कर दिए गए हैं। डीएमआरसी ने बताया कि स्थिति सामान्य होने के बाद मेट्रो सेवाएं पूरी तरह बहाल कर दी गई हैं। इस फैसले से कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।1
- Post by B G1
- सच्चे देशभक्तों से आज ही अपना आवेदन भेजकर बदलाव का हिस्सा बनने का आग्रह किया गया है। इस पहल के माध्यम से लोगों से बदलाव की प्रक्रिया से जुड़ने की अपील करते हुए जय हिंद का नारा दिया गया है।1
- देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 35 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन आज समाप्त हो गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए जंतर-मंतर पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। प्रदर्शनकारी छात्र लगातार मांग कर रहे थे कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री नीट पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लें और पद छोड़ें। इस मौके पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक एवं संयोजक अभिजीत दिपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति को हीरो बनाने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए सही नहीं है और इस आंदोलन की सफलता का पूरा श्रेय उन सभी छात्रों और आम लोगों को जाता है जिन्होंने इस पूरी लड़ाई में हिस्सा लिया।4
- दिल्ली के स्वरूप नगर थाना इलाके में शनिवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया जब एक पुराना मकान तोड़ते समय उसकी छत अचानक भरभरा कर गिर गई। पुराने मकान को गिराकर नया निर्माण करने की तैयारी चल रही थी और मजदूर मशीनों की मदद से लेंटर तोड़ रहे थे। इसी दौरान हुए हादसे में काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करीब 3 बजे दमकल विभाग को सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों और अन्य मजदूरों ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया और रेस्क्यू के जरिए सभी लोगों को मलबे से बाहर निकाला। इस हादसे में संजय नाम के एक मजदूर की मलबे में दबने से मौत हो गई। घटना के बाद क्राइम टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और यह भी पता लगाने में लगी है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।1