उ.प्र. राज्य महिला आयोग की ने जिला महिला अस्पताल का किया निरीक्षण आजमगढ़। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने मंगलवार को जिला महिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपाध्यक्ष ने ओपीडी कक्ष, गायनोकोलॉजी कक्ष, दवा वितरण कक्ष, जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड और पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया। जनरल व सर्जिकल वार्ड में भर्ती महिलाओं से बातचीत कर खाने-पीने, दवाओं की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को सभी दवाएं अस्पताल परिसर से ही उपलब्ध कराई जाएं तथा ब्लड जांच, अल्ट्रासाउंड समेत सभी जरूरी जांचें अस्पताल में ही सुनिश्चित की जाएं। सीएमएस को निर्देशित किया गया कि कोई भी चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि गरीबों को सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क दवा और उपचार की सुविधा मिले। उपाध्यक्ष ने अस्पताल परिसर में सूचना बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए, जिन पर निःशुल्क दवाओं और जांच सुविधाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित हो। साथ ही चिकित्सक उपस्थिति पंजिका, ओपीडी रजिस्टर और फीडबैक रजिस्टर का भी अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक शिशु को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। हालांकि कुछ छोटी कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर सीएमएस डॉ. विनय कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
उ.प्र. राज्य महिला आयोग की ने जिला महिला अस्पताल का किया निरीक्षण आजमगढ़। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने मंगलवार को जिला महिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपाध्यक्ष ने ओपीडी कक्ष, गायनोकोलॉजी कक्ष, दवा वितरण कक्ष, जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड और पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया।
जनरल व सर्जिकल वार्ड में भर्ती महिलाओं से बातचीत कर खाने-पीने, दवाओं की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को सभी दवाएं अस्पताल परिसर से ही उपलब्ध कराई जाएं तथा ब्लड जांच, अल्ट्रासाउंड समेत सभी जरूरी जांचें अस्पताल में ही सुनिश्चित की जाएं। सीएमएस को निर्देशित किया गया कि कोई भी चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखे। उन्होंने कहा
कि सरकार की मंशा है कि गरीबों को सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क दवा और उपचार की सुविधा मिले। उपाध्यक्ष ने अस्पताल परिसर में सूचना बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए, जिन पर निःशुल्क दवाओं और जांच सुविधाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित हो। साथ ही चिकित्सक उपस्थिति पंजिका, ओपीडी रजिस्टर और फीडबैक रजिस्टर का भी अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और
संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक शिशु को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। हालांकि कुछ छोटी कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर सीएमएस डॉ. विनय कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश: AICC के जनरल सेक्रेटरी अविनाश पांडे ने कहा, "आज आपने देखा कि किस प्रकार से पूरा पुलिस प्रशासन यहां पर लगा दिया है। लेकिन ये आंदोलन रुकने वाला नहीं है, ये और उग्र रुप धारण करके आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर किया जाएगा..."1
- आजमगढ़। जनपद में आमजन को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बहुउपयोगी प्रचार वाहन को रवाना किया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती नितिका राजन ने बताया कि मा० जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आजमगढ़ श्री जय प्रकाश पाण्डेय के निर्देशानुसार तथा मा० उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से प्राप्त वाहन को प्रातः 10 बजे प्रचार-प्रसार के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि इस वाहन का उद्देश्य जनपद के दूर-दराज क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना है। प्रचार वाहन के माध्यम से जागरूकता शिविरों का आयोजन कर समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों तक निःशुल्क विधिक सेवा, लोक अदालत, मध्यस्थता अभियान एवं नालसा हेल्पलाइन नंबर सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाएगी। सचिव ने बताया कि यह वाहन 22 फरवरी को जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाले वृहद/मेगा शिविर के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष रूप से रवाना किया गया है। उक्त मेगा शिविर में पात्र व्यक्तियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे संबंधित विभागों में प्रार्थना पत्र देकर 22 फरवरी को आयोजित मेगा शिविर में उपस्थित हों और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।4
- मऊ । मामला घोसी कोतवाली का है जहाँ घोसी कोतवाली के एक सिपाही द्वारा पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर धन उगहिक आरोप है। पीड़ित द्वारा पुलिस अधीक्षक मऊ इलामरन जी को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- घोसी ब्लॉक क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में महाशिवरात्रि पर्व पर अखंड हरि कीर्तन समापन पर भण्डारे का आयोजन पहुंचे हजारों श्रद्धालु1
- अंबेडकरनगर जनपद के टांडा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा भिदूण में एक परिवार ने अपने ही घर के मुख्य द्वार के सामने अवैध रूप से बाथरूम निर्माण कराए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रशासन से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता संदीप चौरसिया ने जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव के राजेश चौरसिया और राहुल चौरसिया उनके मकान के मुख्य द्वार के ठीक सामने जबरन बाथरूम का निर्माण करा रहे हैं। उनका कहना है कि यह निर्माण कार्य जानबूझकर उनके आवागमन के रास्ते को बाधित करने तथा मानसिक उत्पीड़न के उद्देश्य से कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस संबंध में थाना बसखारी में भी शिकायती पत्र दिया गया है। साथ ही जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन निर्माण कार्य रुकने के बजाय जारी रहा। शिकायतकर्ता के भाई ने बताया कि वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, परंतु अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। हालांकि थाना अध्यक्ष से बातचीत में यह बताया गया कि निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है, लेकिन परिवार का दावा है कि मौके पर स्थिति अलग है और उन्हें अब भी आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस विवादित निर्माण पर स्पष्ट जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करता है, ताकि दोनों पक्षों के बीच उत्पन्न तनाव को समाप्त किया जा सके।1
- Post by Bala Ji1
- जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने तहसील टांडा का किया औचक निरीक्षण अम्बेडकर नगर नगर जनपद की टांडा तहसील इन दिनों प्रशासनिक सक्रियता, पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा किए गए विस्तृत निरीक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि तहसीलदार कोर्ट में पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित एक भी मामला शेष नहीं है, जो अपने आप में एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि मानी जा रही है। शासन की मंशा के अनुरूप पुराने और जटिल मामलों की विशेष समीक्षा अभियान चलाकर की गई, जिसमें तहसीलदार की निर्णायक भूमिका सबसे अहम रही। तहसीलदार ने न केवल लंबित प्रकरणों की श्रेणीवार सूची तैयार कराई, बल्कि संबंधित राजस्व कर्मियों, लेखपालों और कानूनगो के साथ नियमित बैठकें कर व्यक्तिगत स्तर पर प्रगति की समीक्षा की, जिससे वर्षों से अटके मामलों का त्वरित समाधान संभव हो सका।निरीक्षण के दौरान एसडीएम कोर्ट से जुड़े कुछ मामले लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी प्रकरणों के निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी को जवाबदेह बनाते हुए समयबद्ध न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। इस सख्ती का सकारात्मक प्रभाव तहसील प्रशासन पर साफ दिखाई दे रहा है। उप जिलाधिकारी टांडा एवं तहसीलदार टांडा की सक्रिय कार्यशैली, कार्यालय में पारदर्शी व्यवस्था, फरियादियों की नियमित सुनवाई और फील्ड स्तर पर सतत निगरानी ने टांडा तहसील को सुशासन का मॉडल बना दिया है। आम नागरिकों में भी यह विश्वास मजबूत हुआ है कि उनकी शिकायतें अब वर्षों तक फाइलों में धूल नहीं खाएंगी, बल्कि तय समयसीमा में समाधान प्राप्त करेंगी।1
- दिल्ली: कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने AI इम्पैक्ट समिट पर कहा, "इसका कोई नतीजा नहीं निकलेगा। हमें शिक्षा में कोई फायदा नहीं होगा। इसके जरिए कोई फ़ॉरेन इन्वेस्टमेंट नहीं आएगा। टेक्निकल नॉलेज में कोई इजाफा नहीं होगा। ये तो बिल्कुल T20 के क्रिकेट मैच जैसा है... लोग आएंगे, अपनी-अपनी बात कहेंगे और चले जाएंगे। बीजेपी सरकार को देश के लोगों को बेवकूफ़ बनाने के लिए ऐसे प्रोग्राम करने की आदत हो गई है। आप देखिए, 2-3 दिन तक बीजेपी के नेता शोर मचाते रहेंगे कि उन्होंने भारत के अंदर होस्ट किया है और भारत का नाम दुनिया में हो रहा है। भारत का नाम पहले से ही दुनिया में है। इस प्रोग्राम से भारत का नाम पैदा नहीं होगा। ये वक्त भी बर्बाद कर रहे हैं, देश के लोगों का पैसा भी बर्बाद कर रहे हैं..."1