अवैध शराब के परिवहन पर बड़ागांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 13.75 लाख की शराब सहित 15 लाख का ट्रक जब्त अवैध शराब के परिवहन पर बड़ागांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 13.75 लाख की शराब सहित 15 लाख का ट्रक जब्त जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़। जिले में अवैध शराब के परिवहन और कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ागांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आयशर ट्रक से 281 पेटी देशी शराब बरामद की है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत 13.75 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने शराब परिवहन में प्रयुक्त करीब 15 लाख रुपये कीमत का आयशर ट्रक भी जब्त किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री सुधीर अग्रवाल के निर्देश पर जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह कुशवाह एवं एसडीओपी टीकमगढ़ श्री राहुल कटरे के मार्गदर्शन में थाना बड़ागांव पुलिस ने यह कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर ट्रक की चेकिंग पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को थाना बड़ागांव पुलिस को सूचना मिली थी कि सफेद रंग के आयशर ट्रक क्रमांक MP13GA9515 से अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल वाहन की चेकिंग की। चेकिंग के दौरान ट्रक से कुल 281 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इनमें 261 पेटी मसाला देशी शराब, जिनमें 13,050 क्वार्टर शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 13.05 लाख रुपये, तथा 20 पेटी प्लेन देशी शराब, जिसमें 1,000 क्वार्टर शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 70 हजार रुपये बताई गई है। इस तरह बरामद शराब की कुल अनुमानित कीमत 13 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है। दो आरोपी गिरफ्तार मामले में पुलिस ने ट्रक चालक चक्रेश पिता सुंदर यादव, उम्र 22 वर्ष, निवासी भोयरा, थाना भगवा, जिला छतरपुर तथा उसके सहयोगी नितेश पिता देवीसिंह घोष, उम्र 19 वर्ष, निवासी सावल खिरिया, थाना रहली, जिला सागर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने शराब को भितरवार, जिला ग्वालियर से जबलपुर की ओर ले जाने की जानकारी दी है। पुलिस अब शराब के स्रोत और इसके परिवहन से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जांच कर रही है। आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस ने शराब और परिवहन में प्रयुक्त ट्रक को विधिवत जब्त कर थाना बड़ागांव में अपराध क्रमांक 184/2026 के तहत आबकारी अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया है। मामले की विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के स्रोत, इसके परिवहन में शामिल अन्य व्यक्तियों और पूरे नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका कार्रवाई में थाना प्रभारी बड़ागांव उप निरीक्षक जयेन्द्र गोयल, उप निरीक्षक के.सी. परते, प्रधान आरक्षक सादिक एवं शैलेन्द्र, आरक्षक सुनील मिश्रा, आशीष चौबे, राघवेन्द्र शर्मा, शुभम कौशिक, अभिषेक यादव, अभय प्यासी, रामजी पटेल तथा आरक्षक चालक राजवीर सहित थाना बड़ागांव पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अवैध शराब के परिवहन पर बड़ागांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 13.75 लाख की शराब सहित 15 लाख का ट्रक जब्त अवैध शराब के परिवहन पर बड़ागांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 13.75 लाख की शराब सहित 15 लाख का ट्रक जब्त जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़। जिले में अवैध शराब के परिवहन और कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ागांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आयशर ट्रक से 281 पेटी देशी शराब बरामद की है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत 13.75 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने शराब परिवहन में प्रयुक्त करीब 15 लाख रुपये कीमत का आयशर ट्रक भी जब्त किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री सुधीर अग्रवाल के निर्देश पर जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह कुशवाह एवं एसडीओपी टीकमगढ़ श्री राहुल कटरे के मार्गदर्शन में थाना बड़ागांव पुलिस ने यह कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर ट्रक की चेकिंग पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को थाना बड़ागांव पुलिस को सूचना मिली थी कि सफेद रंग के आयशर ट्रक क्रमांक MP13GA9515 से अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल वाहन की चेकिंग की। चेकिंग के दौरान ट्रक से कुल 281 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इनमें 261 पेटी मसाला देशी शराब, जिनमें 13,050 क्वार्टर शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 13.05 लाख रुपये, तथा 20 पेटी प्लेन देशी शराब, जिसमें 1,000 क्वार्टर शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 70 हजार रुपये बताई गई है। इस तरह बरामद शराब की कुल अनुमानित कीमत 13 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है। दो आरोपी गिरफ्तार मामले में पुलिस ने ट्रक चालक चक्रेश पिता सुंदर यादव, उम्र 22 वर्ष, निवासी भोयरा, थाना भगवा, जिला छतरपुर तथा उसके सहयोगी नितेश पिता देवीसिंह घोष, उम्र 19 वर्ष, निवासी सावल खिरिया, थाना रहली, जिला सागर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने शराब को भितरवार, जिला ग्वालियर से जबलपुर की ओर ले जाने की जानकारी दी है। पुलिस अब शराब के स्रोत और इसके परिवहन से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जांच कर रही है। आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस ने शराब और परिवहन में प्रयुक्त ट्रक को विधिवत जब्त कर थाना बड़ागांव में अपराध क्रमांक 184/2026 के तहत आबकारी अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया है। मामले की विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के स्रोत, इसके परिवहन में शामिल अन्य व्यक्तियों और पूरे नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका कार्रवाई में थाना प्रभारी बड़ागांव उप निरीक्षक जयेन्द्र गोयल, उप निरीक्षक के.सी. परते, प्रधान आरक्षक सादिक एवं शैलेन्द्र, आरक्षक सुनील मिश्रा, आशीष चौबे, राघवेन्द्र शर्मा, शुभम कौशिक, अभिषेक यादव, अभय प्यासी, रामजी पटेल तथा आरक्षक चालक राजवीर सहित थाना बड़ागांव पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- कथा में भगवान राम, जानकी मैया का विवाह संपन्न, आज राम वनवास व सीता हरण की कथा, महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में बनाए शिवलिंग दिगौड़ा 19 अगस्त दिगौड़ा कस्बा के किले में मां जगदंबे के दरबार में 14 से 21 अगस्त से श्रीराम कथा, पार्थिव शिवलिंग निर्माण व अभिषेक का धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कथा वाचिका दीदी दिव्यांशी द्वारा शाम 7 बजे से भक्तों को श्रीराम कथा सुनाई जा रही है, जिसमें आज छठवें दिवस लक्ष्मण परसुराम संवाद, भगवान राम का वनवास, केवट संवाद व सीता हरण की कथा का विस्तार से श्रद्धालुओं को सुनाई जाएगी। पार्थिव शिवलिंग का निर्माण व अभिषेक मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जा रहा है। आज मंदिर प्रांगण में महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए 1,02,400 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विधि विधान से पूजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में दिगौड़ा सहित आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण भाग ले रहे हैं। कथा वाचिका दीदी दिव्यांशी द्वारा पांचवें दिन मंगलवार को पुष्प वाटिका, धनुष भंग, भगवान राम जानकी मैया के विवाह की कथा विस्तार से सुनाई गई। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि श्रीराम कथा में भगवान राम और माता सीता के विवाह का प्रसंग (कथा) बड़े ही धूमधाम से सुनाया जाता है। मिथिलांचल (दरभंगा) प्रभु राम का ससुराल माना जाता है, इसलिए राम विवाह कथा का विशेष महत्व है। दीदी दिव्यांशी द्वारा कथा में बताया गया कि महर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को मांगकर वन ले जाते हैं। मार्ग में प्रभु राम ताड़का और सुबाहु जैसे राक्षसों का वध करके ऋषियों के यज्ञ को संपन्न कराते हैं। यज्ञ संपन्न होने के बाद विश्वामित्र दोनों भाइयों को लेकर राजा जनक की नगरी मिथिला की ओर प्रस्थान करते हैं। रास्ते में भगवान राम अपने चरणों के स्पर्श से पाषाण बनी माता अहिल्या का उद्धार करते हैं। मिथिला पहुँचने पर पुष्प वाटिका में माता सीता गौरी पूजन के लिए फूल चुनने जाती हैं। वहीं पर भगवान राम और लक्ष्मण भी घूम रहे होते हैं। वहाँ पहली बार राम और सीता एक-दूसरे को देखते हैं और दोनों मन ही मन एक-दूसरे को समर्पित हो जाते हैं। राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए शिव धनुष उठाने का स्वयंवर रखा था। सभा में उपस्थित कोई भी राजा उस भारी धनुष को हिला तक नहीं पाता। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान राम धनुष उठाते हैं और प्रत्यंचा चढ़ाते ही वह धनुष बीच से टूट जाता है। धनुष टूटते ही चारों ओर जय-जयकार होने लगती है और माता सीता आगे बढ़कर भगवान राम के गले में वरमाला डाल देती हैं। राजा जनक अयोध्या में संदेश भेजकर राजा दशरथ को ससम्मान बारात लाने का निमंत्रण देते हैं। अयोध्या से भव्य बारात मिथिलांचल पहुँचती है, जहाँ चारों भाईयों (राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न) का विवाह राजा जनक की बेटियों और भतीजियों से हिन्दू रीति रिवाज से संपन्न होता है। पांचवें दिन की कथा के पश्चात भगवान की आरती की गई और सभी को प्रसाद वितरित किया गया।1
- *पलेरा जनपद अंतर्गत बसतगुवा में सड़क को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी, शनिवार से वीडियो वायरल* पलेरा ।। देश को आजाद हुए 80 वर्ष होने के बावजूद पलेरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बसतगुवा में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गांव की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का एक वीडियो शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण गांव के विकास कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक सीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में विकास कराने के वादे करते हैं और वोट मांगकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।कलेक्टर से गांव आने की मांग ग्रामीणों ने टीकमगढ़ कलेक्टर से ग्राम बसतगुवा का दौरा कर मौके की स्थिति देखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के गांव पहुंचने से सड़क सहित अन्य मूलभूत समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और विकास कार्यों को गति मिल सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का स्थल निरीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार सीसी सड़क निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू कराई जाए।सोशल मीडिया पर उठी आवाज ग्राम बसतगुवा से सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से वीडियो के माध्यम से गांव की समस्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार विभाग गांव की सड़क समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है। *इनका कहना है:* मैं दिखवाता हूं किसके अंतर्गत आता है अगर पंचायत के आता है तो जनपद सीईओ को निर्देश दिए जाएंगे: *नीरज खरे एसडीएम जतारा* *पलेरा जनपद अंतर्गत बसतगुवा में सड़क को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी, शनिवार से वीडियो वायरल* पलेरा ।। देश को आजाद हुए 80 वर्ष होने के बावजूद पलेरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बसतगुवा में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गांव की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का एक वीडियो शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण गांव के विकास कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक सीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में विकास कराने के वादे करते हैं और वोट मांगकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।कलेक्टर से गांव आने की मांग ग्रामीणों ने टीकमगढ़ कलेक्टर से ग्राम बसतगुवा का दौरा कर मौके की स्थिति देखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के गांव पहुंचने से सड़क सहित अन्य मूलभूत समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और विकास कार्यों को गति मिल सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का स्थल निरीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार सीसी सड़क निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू कराई जाए।सोशल मीडिया पर उठी आवाज ग्राम बसतगुवा से सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से वीडियो के माध्यम से गांव की समस्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार विभाग गांव की सड़क समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है। *इनका कहना है:* मैं दिखवाता हूं किसके अंतर्गत आता है अगर पंचायत के आता है तो जनपद सीईओ को निर्देश दिए जाएंगे: *नीरज खरे एसडीएम जतारा*4
- परियोजना अधिकारी को किया गया सस्पेंड,,, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को किया गया सस्पेंड,,, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है1
- शिक्षक के तबादले से नाराज छात्रों ने किया चक्का जाम टीकमगढ़। बल्देवगढ़ क्षेत्र के बनयानी गांव में छात्र-छात्राओं ने मजना-खरगापुर मार्ग पर हाई स्कूल के सामने चक्का जाम कर दिया। छात्र शिक्षक हरदास कुशवाहा के तबादले से नाराज हैं। उन्होंने स्थानांतरण निरस्त कर शिक्षक को वापस बनयानी स्कूल में पदस्थ करने की मांग की। चक्का जाम के चलते मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। छात्र-छात्राओं का कहना है कि जब तक शिक्षक हरदास कुशवाहा को वापस स्कूल में पदस्थ नहीं किया जाता, तब तक उनकी मांग जारी रहेगी। #school #students #मजना #बल्देवगढ़1
- प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या में पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या में पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार ललितपुर। कोतवाली ललितपुर पुलिस ने प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या के मामले में पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने स्कूल से घर लौट रहे अभय सिंह को रास्ते में रोककर कथित रूप से पैसों की मांग की थी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट करते हुए उनके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया गया था। गंभीर रूप से घायल अभय सिंह की झांसी मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामला कोतवाली ललितपुर क्षेत्र के झरकौन गांव का है। 10 अगस्त 2026 को अभय सिंह के परिजनों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। आरोप है कि स्कूल से घर लौटते समय अभय सिंह को रास्ते में रोककर आरोपियों ने पैसों की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और सिर पर पत्थर से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ललितपुर लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान अभय सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में धारा 103(1) बीएनएस की बढ़ोतरी कर हत्या के मामले में कार्रवाई शुरू की। मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों ने लगातार दबिश एवं तलाश अभियान चलाकर मुकदमे में फरार पांचों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मोर सिंह, मनोहर सिंह, बृगभान, राहुल तथा आशीष उर्फ छोटू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी मुकदमे में फरार चल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- विद्युत उपखंड अधिकारी ने किया स्मार्ट मीटरों का निरीक्षण, नगर क्षेत्र में किया भ्रमण विद्युत उपखंड में नवागत विद्युत उपखंड अधिकारी द्वारा बुधवार को कस्बे में भ्रमण कर स्मार्ट विद्युत मीटरों का निरीक्षण किया गया।इस दौरान अवर अभियंता एवं अन्य कार्मिकों द्वारा कनेक्शन धारकों का स्वीकृत लोड के सापेक्ष उपभोग किये जा रहे विद्युत लोड का भी जायजा लिया साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के अनुसार बिल उपलब्ध हों जिन्हें ससमय जमा कराया जाए।2
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 'लाड़ली बहना योजना' के अंतर्गत लाड़ली बहनों के खातों में राशि का अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण1
- लूट के मामले में कार्रवाई पर रोक की बात का ऑडियो वायरल, कोतवाली टीआई पर उठे गंभीर सवाल पीड़ित पत्रकार से कथित बातचीत में ज्ञापन देने पर नाराजगी जताने का आरोप टीकमगढ़ 19 अगस्त पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार के साथ हुई कथित मारपीट और लूट के गंभीर मामले में अब कोतवाली थाना प्रभारी रविभूषण पाठक से जुड़ा एक कथित ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल बताए जा रहे इस ऑडियो में थाना प्रभारी और पीड़ित पत्रकार के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। यह चैनल वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। बताया जा रहा है कि, वायरल ऑडियो में थाना प्रभारी कथित रूप से पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार से इस बात को लेकर सवाल कर रहे हैं कि उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन क्यों दिया। बातचीत के दौरान कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि “तुमने ज्ञापन दिया है तो ठीक है, अब मैंने कार्रवाई करने पर रोक लगवा दी है।” यदि वायरल ऑडियो में कही जा रही बातें वास्तविक और प्रमाणित पाई जाती हैं, तो यह पूरे मामले की पुलिस कार्रवाई को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर सकती हैं। गौरतलब है कि लोकेन्द्र सिंह परमार के साथ हुई घटना के संबंध में शहर कोतवाली में एफआईआर क्रमांक 471 दिनांक 03 अगस्त 2026 दर्ज होने की बात सामने आई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है और दूसरी ओर कथित रूप से राजीनामे के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसी को लेकर पत्रकार संगठन द्वारा पुलिस अधीक्षक के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई थी। ज्ञापन देने पर ही कार्रवाई रोकने की बात क्यों? वायरल ऑडियो ने सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा कर दिया है कि यदि किसी पीड़ित को अपनी शिकायत पर पुलिस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष ज्ञापन देने का अधिकार है, तो उस ज्ञापन को कार्रवाई रोकने का आधार क्यों बनाया गया? आखिर ऐसा क्या कारण था कि पीड़ित द्वारा वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष अपनी बात रखने के बाद थाना स्तर पर कार्रवाई रोकने की कथित बात सामने आई? यह मामला अब महज एक एफआईआर और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और पीड़ित को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है। यदि ऑडियो की जांच में आवाज और बातचीत की पुष्टि होती है तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि गंभीर आपराधिक प्रकरण में कार्रवाई रोकने की कथित स्थिति आखिर कैसे बनी। पत्रकार संगठन के ज्ञापन के बाद मामला और गरमाया इस मामले को लेकर जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (जम्प) ने पुलिस अधीक्षक के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी और पत्रकार की सुरक्षा की मांग की थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीर बताते हुए शहर कोतवाली थाना प्रभारी को आवश्यक निर्देश देने तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कराने का आश्वासन दिया था। अब इसी घटनाक्रम के बीच थाना प्रभारी से जुड़ा कथित ऑडियो वायरल होने से सवाल उठना स्वाभाविक है कि एक ओर वरिष्ठ अधिकारी मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वायरल ऑडियो में कार्रवाई रोकने की बात क्यों कही जा रही है? अभय मौर्य बोले- ऑडियो की निष्पक्ष जांच हो, दोषी मिले तो कार्रवाई तय हो जम्प संगठन के जिलाध्यक्ष अभय मौर्य ने कहा कि पत्रकार के साथ लूट और मारपीट जैसे गंभीर मामले में यदि पुलिस अधिकारी और पीड़ित के बीच हुई कथित बातचीत का ऑडियो सामने आया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि “पीड़ित पत्रकार अपनी शिकायत लेकर वरिष्ठ अधिकारी के पास जाता है, यह उसका अधिकार है। यदि उसे ज्ञापन देने पर कार्रवाई रोकने की बात कही गई है तो यह बेहद गंभीर विषय है। ऑडियो की तकनीकी जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारी पर भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि पत्रकारों को डराने या दबाव में लेने के बजाय पुलिस को निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई का भरोसा देना चाहिए। संगठन इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष दोबारा मामला उठाया जाएगा। अब निगाह वरिष्ठ अधिकारियों की जांच पर वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें मौजूद आवाज की प्रमाणिकता जांच का विषय है। ऐसे में सबसे अहम सवाल यही है कि पुलिस प्रशासन इस कथित ऑडियो को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि ऑडियो फर्जी है तो उसकी सच्चाई सामने लाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है और यदि बातचीत वास्तविक पाई जाती है तो गंभीर आपराधिक प्रकरण में कार्रवाई रोकने की कथित बात पर जवाबदेही तय करना भी जरूरी होगा। फिलहाल, एक तरफ लूट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार और दूसरी तरफ कार्रवाई रोकने की कथित बातचीत वाला वायरल ऑडियो—इन दोनों ने शहर कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।2
- शिकायतकर्ता को धमकाने और लापरवाही पर परियोजना अधिकारी निलंबित टीकमगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बल्देवगढ़ बाल विकास परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय कार्यों में लापरवाही, नियमों के विपरीत कार्य करने और शिकायतकर्ता को कथित तौर पर धमकाने के मामले में की गई है। निलंबन आदेश 19 अगस्त 2026 को जारी हुआ। आदेश के अनुसार, बल्देवगढ़ में एक नियुक्ति प्रक्रिया में ग्राम स्तर पर सार्वजनिक सूचना जारी नहीं करने और योग्य आवेदकों को अवसर नहीं देने संबंधी शिकायत सामने आई थी। विभाग ने इसे नियमों के विपरीत प्रक्रिया बताते हुए गंभीरता से लिया। इसके अलावा परियोजना अधिकारी को प्रत्येक माह कम से कम 12 दिन भ्रमण कर 24 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना था, लेकिन अप्रैल से मई 2026 के बीच निर्धारित लक्ष्य 48 निरीक्षणों के विरुद्ध केवल 17 निरीक्षण किए गए। यह लक्ष्य का महज 35 प्रतिशत था। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर पालन प्रतिवेदन 10 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन परियोजना अधिकारी द्वारा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि शिकायतकर्ता अशोक तन्मय छक्कीलाल निवासी खुड़ो नजरदारी द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर आंगनबाड़ी केंद्र संबंधी शिकायत की गई थी। शिकायत बंद कराने के लिए परियोजना अधिकारी द्वारा कथित रूप से दबाव बनाया गया। वीडियो में शिकायतकर्ता से आपत्तिजनक तरीके से बात किए जाने की बात भी आदेश में दर्ज है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने इन मामलों को शासकीय कार्य में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता मानते हुए महेश दोहरे को मप्र सिविल सेवा नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग रहेगा। प्रशासन ने की एक तरफा कार्रवाई निलंबित परियोजना अधिकारी महेश दोहरे का कहना है कि प्रशासन द्वारा एक तरफा कार्रवाई की गई ना तो वीडियो की जांच कराई गई ना ही मुझे नोटिस दिया गया। शिकायतकर्ता को धमकाने और लापरवाही पर परियोजना अधिकारी निलंबित टीकमगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बल्देवगढ़ बाल विकास परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय कार्यों में लापरवाही, नियमों के विपरीत कार्य करने और शिकायतकर्ता को कथित तौर पर धमकाने के मामले में की गई है। निलंबन आदेश 19 अगस्त 2026 को जारी हुआ। आदेश के अनुसार, बल्देवगढ़ में एक नियुक्ति प्रक्रिया में ग्राम स्तर पर सार्वजनिक सूचना जारी नहीं करने और योग्य आवेदकों को अवसर नहीं देने संबंधी शिकायत सामने आई थी। विभाग ने इसे नियमों के विपरीत प्रक्रिया बताते हुए गंभीरता से लिया। इसके अलावा परियोजना अधिकारी को प्रत्येक माह कम से कम 12 दिन भ्रमण कर 24 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना था, लेकिन अप्रैल से मई 2026 के बीच निर्धारित लक्ष्य 48 निरीक्षणों के विरुद्ध केवल 17 निरीक्षण किए गए। यह लक्ष्य का महज 35 प्रतिशत था। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर पालन प्रतिवेदन 10 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन परियोजना अधिकारी द्वारा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि शिकायतकर्ता अशोक तन्मय छक्कीलाल निवासी खुड़ो नजरदारी द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर आंगनबाड़ी केंद्र संबंधी शिकायत की गई थी। शिकायत बंद कराने के लिए परियोजना अधिकारी द्वारा कथित रूप से दबाव बनाया गया। वीडियो में शिकायतकर्ता से आपत्तिजनक तरीके से बात किए जाने की बात भी आदेश में दर्ज है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने इन मामलों को शासकीय कार्य में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता मानते हुए महेश दोहरे को मप्र सिविल सेवा नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग रहेगा। प्रशासन ने की एक तरफा कार्रवाई निलंबित परियोजना अधिकारी महेश दोहरे का कहना है कि प्रशासन द्वारा एक तरफा कार्रवाई की गई ना तो वीडियो की जांच कराई गई ना ही मुझे नोटिस दिया गया।3