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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 'लाड़ली बहना योजना' के अंतर्गत लाड़ली बहनों के खातों में राशि का अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण
Jamil khan
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 'लाड़ली बहना योजना' के अंतर्गत लाड़ली बहनों के खातों में राशि का अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण
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- कथा में भगवान राम, जानकी मैया का विवाह संपन्न, आज राम वनवास व सीता हरण की कथा, महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में बनाए शिवलिंग दिगौड़ा 19 अगस्त दिगौड़ा कस्बा के किले में मां जगदंबे के दरबार में 14 से 21 अगस्त से श्रीराम कथा, पार्थिव शिवलिंग निर्माण व अभिषेक का धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कथा वाचिका दीदी दिव्यांशी द्वारा शाम 7 बजे से भक्तों को श्रीराम कथा सुनाई जा रही है, जिसमें आज छठवें दिवस लक्ष्मण परसुराम संवाद, भगवान राम का वनवास, केवट संवाद व सीता हरण की कथा का विस्तार से श्रद्धालुओं को सुनाई जाएगी। पार्थिव शिवलिंग का निर्माण व अभिषेक मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जा रहा है। आज मंदिर प्रांगण में महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए 1,02,400 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विधि विधान से पूजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में दिगौड़ा सहित आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण भाग ले रहे हैं। कथा वाचिका दीदी दिव्यांशी द्वारा पांचवें दिन मंगलवार को पुष्प वाटिका, धनुष भंग, भगवान राम जानकी मैया के विवाह की कथा विस्तार से सुनाई गई। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि श्रीराम कथा में भगवान राम और माता सीता के विवाह का प्रसंग (कथा) बड़े ही धूमधाम से सुनाया जाता है। मिथिलांचल (दरभंगा) प्रभु राम का ससुराल माना जाता है, इसलिए राम विवाह कथा का विशेष महत्व है। दीदी दिव्यांशी द्वारा कथा में बताया गया कि महर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को मांगकर वन ले जाते हैं। मार्ग में प्रभु राम ताड़का और सुबाहु जैसे राक्षसों का वध करके ऋषियों के यज्ञ को संपन्न कराते हैं। यज्ञ संपन्न होने के बाद विश्वामित्र दोनों भाइयों को लेकर राजा जनक की नगरी मिथिला की ओर प्रस्थान करते हैं। रास्ते में भगवान राम अपने चरणों के स्पर्श से पाषाण बनी माता अहिल्या का उद्धार करते हैं। मिथिला पहुँचने पर पुष्प वाटिका में माता सीता गौरी पूजन के लिए फूल चुनने जाती हैं। वहीं पर भगवान राम और लक्ष्मण भी घूम रहे होते हैं। वहाँ पहली बार राम और सीता एक-दूसरे को देखते हैं और दोनों मन ही मन एक-दूसरे को समर्पित हो जाते हैं। राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए शिव धनुष उठाने का स्वयंवर रखा था। सभा में उपस्थित कोई भी राजा उस भारी धनुष को हिला तक नहीं पाता। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान राम धनुष उठाते हैं और प्रत्यंचा चढ़ाते ही वह धनुष बीच से टूट जाता है। धनुष टूटते ही चारों ओर जय-जयकार होने लगती है और माता सीता आगे बढ़कर भगवान राम के गले में वरमाला डाल देती हैं। राजा जनक अयोध्या में संदेश भेजकर राजा दशरथ को ससम्मान बारात लाने का निमंत्रण देते हैं। अयोध्या से भव्य बारात मिथिलांचल पहुँचती है, जहाँ चारों भाईयों (राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न) का विवाह राजा जनक की बेटियों और भतीजियों से हिन्दू रीति रिवाज से संपन्न होता है। पांचवें दिन की कथा के पश्चात भगवान की आरती की गई और सभी को प्रसाद वितरित किया गया।1
- *पलेरा जनपद अंतर्गत बसतगुवा में सड़क को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी, शनिवार से वीडियो वायरल* पलेरा ।। देश को आजाद हुए 80 वर्ष होने के बावजूद पलेरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बसतगुवा में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गांव की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का एक वीडियो शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण गांव के विकास कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक सीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में विकास कराने के वादे करते हैं और वोट मांगकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।कलेक्टर से गांव आने की मांग ग्रामीणों ने टीकमगढ़ कलेक्टर से ग्राम बसतगुवा का दौरा कर मौके की स्थिति देखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के गांव पहुंचने से सड़क सहित अन्य मूलभूत समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और विकास कार्यों को गति मिल सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का स्थल निरीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार सीसी सड़क निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू कराई जाए।सोशल मीडिया पर उठी आवाज ग्राम बसतगुवा से सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से वीडियो के माध्यम से गांव की समस्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार विभाग गांव की सड़क समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है। *इनका कहना है:* मैं दिखवाता हूं किसके अंतर्गत आता है अगर पंचायत के आता है तो जनपद सीईओ को निर्देश दिए जाएंगे: *नीरज खरे एसडीएम जतारा* *पलेरा जनपद अंतर्गत बसतगुवा में सड़क को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी, शनिवार से वीडियो वायरल* पलेरा ।। देश को आजाद हुए 80 वर्ष होने के बावजूद पलेरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बसतगुवा में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गांव की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का एक वीडियो शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण गांव के विकास कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक सीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में विकास कराने के वादे करते हैं और वोट मांगकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।कलेक्टर से गांव आने की मांग ग्रामीणों ने टीकमगढ़ कलेक्टर से ग्राम बसतगुवा का दौरा कर मौके की स्थिति देखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के गांव पहुंचने से सड़क सहित अन्य मूलभूत समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और विकास कार्यों को गति मिल सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का स्थल निरीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार सीसी सड़क निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू कराई जाए।सोशल मीडिया पर उठी आवाज ग्राम बसतगुवा से सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से वीडियो के माध्यम से गांव की समस्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार विभाग गांव की सड़क समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है। *इनका कहना है:* मैं दिखवाता हूं किसके अंतर्गत आता है अगर पंचायत के आता है तो जनपद सीईओ को निर्देश दिए जाएंगे: *नीरज खरे एसडीएम जतारा*4
- विद्युत उपखंड अधिकारी ने किया स्मार्ट मीटरों का निरीक्षण, नगर क्षेत्र में किया भ्रमण विद्युत उपखंड में नवागत विद्युत उपखंड अधिकारी द्वारा बुधवार को कस्बे में भ्रमण कर स्मार्ट विद्युत मीटरों का निरीक्षण किया गया।इस दौरान अवर अभियंता एवं अन्य कार्मिकों द्वारा कनेक्शन धारकों का स्वीकृत लोड के सापेक्ष उपभोग किये जा रहे विद्युत लोड का भी जायजा लिया साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के अनुसार बिल उपलब्ध हों जिन्हें ससमय जमा कराया जाए।2
- मड़ावरा क्षेत्र में 'न्यायालय चला गांव की ओर' अभियान के तहत एसडीएम ने धारा116 के 22 भूमि संबंधी मामलों का किया निस्तारण। ललितपुर जिले के मड़ावरा क्षेत्र में 'न्यायालय चला गांव की ओर' अभियान चलाया गया इस अभियान के तहत उप जिलाधिकारी मदन मोहन गुप्ता के नेतृत्व में एक माह के भीतर धारा 116 के 22 भूमि संबंधी मामलों का निस्तारण किया गया है। इससे ग्रामीणों को अदालत के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।एसडीएम मदन मोहन गुप्ता ने बुधवार की शाम 4 बजे बताया कि यह अभियान न्यायालय में लंबित धारा 116 और धारा 24 से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए चलाया जा रहा है। इसके तहत राजस्व विभाग की टीम गांवों में जाकर मौके पर ही भूमि संबंधी विवादों की स्थिति का आकलन करती है। वर्तमान में खेतों में फसलें होने के कारण धारा 24 से संबंधित मामलों का मौके पर निस्तारण संभव नहीं है। फसल कटने के बाद राजस्व टीम इन गांवों में दोबारा पहुंचेगी और इन मामलों का समाधान करेगी।1
- परियोजना अधिकारी को किया गया सस्पेंड,,, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को किया गया सस्पेंड,,, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है1
- वीरांगना अवन्ती बाई लोधी की जन्म जयन्ती पर ललितपुर में निकली भव्य शोभा यात्रा,,, वीरांगना अवन्ती बाई लोधी की जन्म जयन्ती पर गन्धर्व सिंह बाबू के नेतृत्व मे हजारों युवाओं स्वजातीय बन्धुओ शानदार सामाजिक रूप से ललितपुर में वीरांगना रानी अवंती बाई की जयंती मनाई गई @Jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 'लाड़ली बहना योजना' के अंतर्गत लाड़ली बहनों के खातों में राशि का अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण1
- लूट के मामले में कार्रवाई पर रोक की बात का ऑडियो वायरल, कोतवाली टीआई पर उठे गंभीर सवाल पीड़ित पत्रकार से कथित बातचीत में ज्ञापन देने पर नाराजगी जताने का आरोप टीकमगढ़ 19 अगस्त पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार के साथ हुई कथित मारपीट और लूट के गंभीर मामले में अब कोतवाली थाना प्रभारी रविभूषण पाठक से जुड़ा एक कथित ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल बताए जा रहे इस ऑडियो में थाना प्रभारी और पीड़ित पत्रकार के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। यह चैनल वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। बताया जा रहा है कि, वायरल ऑडियो में थाना प्रभारी कथित रूप से पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार से इस बात को लेकर सवाल कर रहे हैं कि उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन क्यों दिया। बातचीत के दौरान कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि “तुमने ज्ञापन दिया है तो ठीक है, अब मैंने कार्रवाई करने पर रोक लगवा दी है।” यदि वायरल ऑडियो में कही जा रही बातें वास्तविक और प्रमाणित पाई जाती हैं, तो यह पूरे मामले की पुलिस कार्रवाई को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर सकती हैं। गौरतलब है कि लोकेन्द्र सिंह परमार के साथ हुई घटना के संबंध में शहर कोतवाली में एफआईआर क्रमांक 471 दिनांक 03 अगस्त 2026 दर्ज होने की बात सामने आई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है और दूसरी ओर कथित रूप से राजीनामे के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसी को लेकर पत्रकार संगठन द्वारा पुलिस अधीक्षक के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई थी। ज्ञापन देने पर ही कार्रवाई रोकने की बात क्यों? वायरल ऑडियो ने सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा कर दिया है कि यदि किसी पीड़ित को अपनी शिकायत पर पुलिस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष ज्ञापन देने का अधिकार है, तो उस ज्ञापन को कार्रवाई रोकने का आधार क्यों बनाया गया? आखिर ऐसा क्या कारण था कि पीड़ित द्वारा वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष अपनी बात रखने के बाद थाना स्तर पर कार्रवाई रोकने की कथित बात सामने आई? यह मामला अब महज एक एफआईआर और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और पीड़ित को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है। यदि ऑडियो की जांच में आवाज और बातचीत की पुष्टि होती है तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि गंभीर आपराधिक प्रकरण में कार्रवाई रोकने की कथित स्थिति आखिर कैसे बनी। पत्रकार संगठन के ज्ञापन के बाद मामला और गरमाया इस मामले को लेकर जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (जम्प) ने पुलिस अधीक्षक के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी और पत्रकार की सुरक्षा की मांग की थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीर बताते हुए शहर कोतवाली थाना प्रभारी को आवश्यक निर्देश देने तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कराने का आश्वासन दिया था। अब इसी घटनाक्रम के बीच थाना प्रभारी से जुड़ा कथित ऑडियो वायरल होने से सवाल उठना स्वाभाविक है कि एक ओर वरिष्ठ अधिकारी मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वायरल ऑडियो में कार्रवाई रोकने की बात क्यों कही जा रही है? अभय मौर्य बोले- ऑडियो की निष्पक्ष जांच हो, दोषी मिले तो कार्रवाई तय हो जम्प संगठन के जिलाध्यक्ष अभय मौर्य ने कहा कि पत्रकार के साथ लूट और मारपीट जैसे गंभीर मामले में यदि पुलिस अधिकारी और पीड़ित के बीच हुई कथित बातचीत का ऑडियो सामने आया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि “पीड़ित पत्रकार अपनी शिकायत लेकर वरिष्ठ अधिकारी के पास जाता है, यह उसका अधिकार है। यदि उसे ज्ञापन देने पर कार्रवाई रोकने की बात कही गई है तो यह बेहद गंभीर विषय है। ऑडियो की तकनीकी जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारी पर भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि पत्रकारों को डराने या दबाव में लेने के बजाय पुलिस को निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई का भरोसा देना चाहिए। संगठन इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष दोबारा मामला उठाया जाएगा। अब निगाह वरिष्ठ अधिकारियों की जांच पर वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें मौजूद आवाज की प्रमाणिकता जांच का विषय है। ऐसे में सबसे अहम सवाल यही है कि पुलिस प्रशासन इस कथित ऑडियो को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि ऑडियो फर्जी है तो उसकी सच्चाई सामने लाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है और यदि बातचीत वास्तविक पाई जाती है तो गंभीर आपराधिक प्रकरण में कार्रवाई रोकने की कथित बात पर जवाबदेही तय करना भी जरूरी होगा। फिलहाल, एक तरफ लूट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार और दूसरी तरफ कार्रवाई रोकने की कथित बातचीत वाला वायरल ऑडियो—इन दोनों ने शहर कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।2
- शिकायतकर्ता को धमकाने और लापरवाही पर परियोजना अधिकारी निलंबित टीकमगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बल्देवगढ़ बाल विकास परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय कार्यों में लापरवाही, नियमों के विपरीत कार्य करने और शिकायतकर्ता को कथित तौर पर धमकाने के मामले में की गई है। निलंबन आदेश 19 अगस्त 2026 को जारी हुआ। आदेश के अनुसार, बल्देवगढ़ में एक नियुक्ति प्रक्रिया में ग्राम स्तर पर सार्वजनिक सूचना जारी नहीं करने और योग्य आवेदकों को अवसर नहीं देने संबंधी शिकायत सामने आई थी। विभाग ने इसे नियमों के विपरीत प्रक्रिया बताते हुए गंभीरता से लिया। इसके अलावा परियोजना अधिकारी को प्रत्येक माह कम से कम 12 दिन भ्रमण कर 24 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना था, लेकिन अप्रैल से मई 2026 के बीच निर्धारित लक्ष्य 48 निरीक्षणों के विरुद्ध केवल 17 निरीक्षण किए गए। यह लक्ष्य का महज 35 प्रतिशत था। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर पालन प्रतिवेदन 10 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन परियोजना अधिकारी द्वारा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि शिकायतकर्ता अशोक तन्मय छक्कीलाल निवासी खुड़ो नजरदारी द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर आंगनबाड़ी केंद्र संबंधी शिकायत की गई थी। शिकायत बंद कराने के लिए परियोजना अधिकारी द्वारा कथित रूप से दबाव बनाया गया। वीडियो में शिकायतकर्ता से आपत्तिजनक तरीके से बात किए जाने की बात भी आदेश में दर्ज है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने इन मामलों को शासकीय कार्य में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता मानते हुए महेश दोहरे को मप्र सिविल सेवा नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग रहेगा। प्रशासन ने की एक तरफा कार्रवाई निलंबित परियोजना अधिकारी महेश दोहरे का कहना है कि प्रशासन द्वारा एक तरफा कार्रवाई की गई ना तो वीडियो की जांच कराई गई ना ही मुझे नोटिस दिया गया। शिकायतकर्ता को धमकाने और लापरवाही पर परियोजना अधिकारी निलंबित टीकमगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बल्देवगढ़ बाल विकास परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय कार्यों में लापरवाही, नियमों के विपरीत कार्य करने और शिकायतकर्ता को कथित तौर पर धमकाने के मामले में की गई है। निलंबन आदेश 19 अगस्त 2026 को जारी हुआ। आदेश के अनुसार, बल्देवगढ़ में एक नियुक्ति प्रक्रिया में ग्राम स्तर पर सार्वजनिक सूचना जारी नहीं करने और योग्य आवेदकों को अवसर नहीं देने संबंधी शिकायत सामने आई थी। विभाग ने इसे नियमों के विपरीत प्रक्रिया बताते हुए गंभीरता से लिया। इसके अलावा परियोजना अधिकारी को प्रत्येक माह कम से कम 12 दिन भ्रमण कर 24 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना था, लेकिन अप्रैल से मई 2026 के बीच निर्धारित लक्ष्य 48 निरीक्षणों के विरुद्ध केवल 17 निरीक्षण किए गए। यह लक्ष्य का महज 35 प्रतिशत था। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर पालन प्रतिवेदन 10 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन परियोजना अधिकारी द्वारा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि शिकायतकर्ता अशोक तन्मय छक्कीलाल निवासी खुड़ो नजरदारी द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर आंगनबाड़ी केंद्र संबंधी शिकायत की गई थी। शिकायत बंद कराने के लिए परियोजना अधिकारी द्वारा कथित रूप से दबाव बनाया गया। वीडियो में शिकायतकर्ता से आपत्तिजनक तरीके से बात किए जाने की बात भी आदेश में दर्ज है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने इन मामलों को शासकीय कार्य में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता मानते हुए महेश दोहरे को मप्र सिविल सेवा नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग रहेगा। प्रशासन ने की एक तरफा कार्रवाई निलंबित परियोजना अधिकारी महेश दोहरे का कहना है कि प्रशासन द्वारा एक तरफा कार्रवाई की गई ना तो वीडियो की जांच कराई गई ना ही मुझे नोटिस दिया गया।3