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digital india or makin india me mera ghar barvad ho gaya hai abhi tak karvai nahi hua
Bablu kumar Das
digital india or makin india me mera ghar barvad ho gaya hai abhi tak karvai nahi hua
- Bablu kumar Dasमुरलीगंज, मधेपुरा, बिहार42 min ago
- Bablu kumar Dasमुरलीगंज, मधेपुरा, बिहार43 min ago
More news from बिहार and nearby areas
- सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में भैया-बहनों ने निकाली भव्य कांवड़ यात्रा कुमारखंड। प्रखंड मुख्यालय स्थित विद्या भारती विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में सावन माह के अंतिम सोमवार को भैया-बहनों ने भव्य कांवड़ यात्रा निकाली। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजित कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कांवड़ यात्रा में भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दी। कुछ भैया बहन पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित माता पार्वती व शिव वेश धारण कर यात्रा में शामिल हुए। स्कूल परिसर में ही कांवड़ यात्रा एवं जलाभिषेक किया गया। मौके पर प्रधानाचार्य ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, सहनशीलता, सहयोग और सेवा-भाव का विकास करना था। कांवड़ यात्रा बच्चों के जीवन में आने वाली चुनौतियों का धैर्य और आत्मविश्वास के साथ सामना करने की प्रेरणा देती है।कार्यक्रम ने भैया बहनों में संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति गहरी आस्था और उत्साह का संचार किया। इस अवसर विद्यालय के आचार्य जितेन्द्र कुमार झा, मदन कुमार, आरती कुमारी, नीतू राज, उषा कुमारी, राजू साह, पिंकी कुमारी, निलेश यादव एवं अन्य कर्मचारी गण और दर्जनों भैया बहन उपस्थित थे।1
- महिंद्रा ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चलाया गया रेलवे पर जो कि गांव पड़ता है लक्ष्मीनिया वार्ड नंबर 9 में जो की रेलवे में मिटटी भराई चल रहा था वहां पर ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चला दिया1
- बीपी मंडल जयंती पर सियासी संग्राम: ‘वापस जाओ’ के नारों से गूंजा मंच, स्कूलों के नाम बदलने पर फूटा गुस्सा मधेपुरा के मुरहो में बीपी मंडल की 109वीं जयंती का समारोह उस वक्त हंगामे में बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव के सामने ही ‘वापस जाओ’ के नारे गूंजने लगे। मंच पर मुख्य अतिथि के संबोधन की तैयारी चल रही थी, तभी बीपी मंडल के वंशजों और समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया। विरोध की वजह थी विद्यालयों के नाम बदले जाने का फैसला। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ऐतिहासिक महापुरुषों और सामाजिक नेताओं के नाम पर बने स्कूलों का नाम बदलकर उनकी विरासत और पहचान को कमजोर किया जा रहा है। नारेबाजी बढ़ी तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने अपना संबोधन पूरा किया। मुरहो बीपी मंडल की जन्मभूमि 109वीं जयंती पर यहां राजकीय समारोह था। मंच पर बीपी मंडल की तस्वीर, श्रद्धांजलि का कार्यक्रम और बड़ी संख्या में जुटे लोग। लेकिन समारोह का माहौल उस वक्त अचानक बदल गया, जब बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव को संबोधन के लिए मंच पर बुलाया गया। जैसे ही वे मंच की ओर बढ़े, सामने से विरोध के नारे सुनाई देने लगे। ‘वापस जाओ,वापस जाओ कुछ ही देर में नारेबाजी तेज हो गई और समारोह स्थल पर तनाव का माहौल बन गया। मंच के सामने पहुंचे प्रदर्शनकारी रास बिहारी मंडल के पौत्र आनंद मंडल अपने समर्थकों के साथ मंच के समीप पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा उपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्कूलों के नाम बदले जाने की नीति का विरोध किया। मामला बढ़ता देख पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हुए। प्रदर्शनकारियों को मंच से दूर रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू हुई। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि बीपी मंडल की जयंती का यह समारोह बड़े टकराव में बदल सकता है। बाइट --प्रदर्शनकारियों 551 स्कूलों के नाम बदलने का दावा प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार में सरकार की नीति के तहत 551 विद्यालयों के नाम बदले गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर मधेपुरा के रास बिहारी मंडल के नाम पर स्थापित रास बिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदले जाने पर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक स्कूल का नाम बदलकर ‘सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल’ किया गया है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर स्थापित संस्थानों के नाम बदलना सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि इससे आने वाली पीढ़ियों के सामने उस इतिहास की पहचान भी कमजोर हो सकती है। डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा विरोध के बीच प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया। डीएम और एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने समझाया-बुझाया और हालात को सामान्य करने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद नारेबाजी शांत हुई। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव मंच पर पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के तहत अपना संबोधन दिया। सम्मान समारोह बना विरोध का अखाड़ा बीपी मंडल की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करने के लिए था। लेकिन मंच के सामने हुआ विरोध पूरे समारोह पर भारी पड़ गया। एक तरफ बीपी मंडल की विरासत को याद किया जा रहा था तो दूसरी तरफ उनके नाम और उनसे जुड़े सामाजिक इतिहास की पहचान को लेकर आवाजें बुलंद हो रही थीं। स्कूलों के नाम बदलने का विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं रह गया है, बल्कि यह विरासत, पहचान और इतिहास से जुड़ा सवाल बनता जा रहा है। मुरहो में बीपी मंडल की जयंती पर मंच सजा था सम्मान के लिए, लेकिन अचानक वही मंच विरोध के नारों से गूंज उठा। विधानसभा उपाध्यक्ष के सामने ‘वापस जाओ’ के नारे लगे, प्रदर्शनकारी मंच तक पहुंचे और प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। हालांकि स्थिति को नियंत्रित कर कार्यक्रम पूरा करा लिया गया, लेकिन स्कूलों के नाम बदलने को लेकर उठी आवाज ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।क्या ऐतिहासिक नाम बदलना सिर्फ नाम बदलना है, या फिर इससे जुड़ी पूरी विरासत और पहचान भी बदल जाती है4
- मधेपुरा मे धूमधाम से मनाया गया बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह मधेपुरा जिले के मुरहो गांव में मंगलवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को काशी में हुआ था। वे अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार विधायक, एक बार एम एल सी, और तीन बार लोक सभा सांसद रह चुके थे। वे 1 फरबरी 1968 से 22 मार्च 1968 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर भी रह चुके थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मधेपुरा जिला पदाधिकारी को गॉड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई साथ में मधेपुरा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार सिंह भी मौजूद थे। सभी ने बी पी मंडल के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारी एवं राजनेताओं सहित गणमान्य लोगों का स्वागत फूल का माला पहना कर एवं चादर देकर किया गया। सभी ने अपने संबोधन में बताया की बी पी मंडल किस खास जाती या धर्म के नेता नहीं थे बल्कि सबको एक नजर से देखते जिसके चलते उसे पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बने जिसके बाद मंडल कमिशन लागू किया गया। वे बिहार विधान सभा के पहला चुनाव 1952 में मधेपुरा का पहला कांग्रेसी विधायक बने जो अपने ही सरकार पर पामा कांड को लेकर विरोध जताया था इतना ही नहीं वे विरोधी बेंच पर जा बैठे जहां खुल्लम खुल्ला अपने ही सरकार का विरोध करने लगे तो ऐसे थे बी पी मंडल का राजनीतिक जीवन जो अन्याय के खिलाफ और दलित पिछड़े वर्ग एवं शोषित का आवाज उठाते रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, मधेपुरा के राजद विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव, डॉक्टर भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व विधायक ओम यादव सहित दर्जनों वरीय नेता एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।1
- जिसको पूरे गांव वाले समझ रहा था लड़की वो निकल गई किन्नर जानिए तब क्या हुआ! जिसको पूरे गांव वाले समझ रहा था लड़की वो निकल गई किन्नर जानिए तब क्या हुआ! #किन्नर #ट्रांसजेंडर #जानकारी #समाज #जागरूकता #वैवाहिकजीवन #सच्चाई #HindiNews1
- खाद्य व पेट्रोल के मूल्य वृद्धि के खिलाफ पीएम का निकाला अर्थी जुलूस कांग्रेस व सीपीएम नेता व कार्यकर्ता ने जुलूस निकाल ब्लॉक पर किया प्रदर्शन कुमारखंड। प्रखंड के कांग्रेस व सीपीएम कार्यकर्ताओं ने सोमवार को लगातार खाद्य व पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी का अर्थी जुलूस निकाला और ब्लॉक पर रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता मुकेश कुमार यादव व सीपीएम प्रखंड सचिव ललन कुमार के नेतृत्व में निकाली गई अर्थी जुलूस प्रोजेक्ट कन्या हाईस्कूल से ब्लॉक कार्यालय तक केंद्र सरकार व पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पहुंची। जुलूस में शामिल कांग्रेस व सीपीएम नेता व कार्यकर्ता ने बढ़ती मंहगाई के खिलाफ पीएम का इस्तीफा मांगा। ब्लॉक परिसर पहुंचकर जुलूस में शामिल लोगों ने पीएम का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए नारेबाजी की। मौके पर आयोजित प्रदर्शन कार्यक्रम में कांग्रेस नेता मुकेश कुमार यादव व सीपीएम प्रखंड सचिव ललन कुमार ने कहा कि देश में आज आमलोगों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मंहगाई चरम पर पहुंच गई है और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम सिर्फ जुमले बाजी में व्यस्त हैं और चीनी, करुआ तेल, चावल, चायपत्ती, दाल, गुड़, रसोई गैस एवं खाद बीज कीटनाशक दवाई सहित आवश्यक वसु्तुओं की कीमत में वृद्धि से मजदूर किसान व आम आदमी परेशान हैं। कामरेड पन्नालाल यादव ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण पर चिंता जताई और कहा कि गन्ना चावल व मक्का जैसे खाद्य उत्पाद से एथेनॉल तैयार किए जाने से भविष्य में खाद्य संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अन्य वक्ताओं ने मंहगाई के खिलाफ पीएम का इस्तीफा मांगा। मौके पर अनमोल यादव, पन्नालाल यादव (टू), रामनारायण यादव, अशोक साह, हिमांशु कुमार, रधुनाथ ठाकुर, देवनारायण सरदार, छुतहरु पासवान, रामेंद्र यादव, कैलाश सिंह, बोकु दास, कृष्ण कुमार, बबलू यादव, शिवानंद यादव, बद्री मंडल सहित अन्य दर्जनों कांग्रेस व सीपीएम कार्यकर्ता मौजूद थे।1
- छातापुर:पिपरा में रफ्तार का कहर,सड़क किनारे खड़े 6 लोगों को कार ने मारी जोरदार टक्कर, 3 की मौत, 3 की हालत नाजुक, पिपरा थाना क्षेत्र स्थित कटैया एनएच-327E पर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार हुंडई वेन्यू कार ने सड़क किनारे चौक पर खड़े छह लोगों को जोरदार टक्कर मार दी, हादसे में तीन लोगों की मौत की सूचना है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं,घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने घायलों को तत्काल सदर अस्पताल सुपौल पहुंचाया, हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की, सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी है छातापुर:पिपरा में रफ्तार का कहर,सड़क किनारे खड़े 6 लोगों को कार ने मारी जोरदार टक्कर, 3 की मौत, 3 की हालत नाजुक, पिपरा थाना क्षेत्र स्थित कटैया एनएच-327E पर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार हुंडई वेन्यू कार ने सड़क किनारे चौक पर खड़े छह लोगों को जोरदार टक्कर मार दी, हादसे में तीन लोगों की मौत की सूचना है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं,घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने घायलों को तत्काल सदर अस्पताल सुपौल पहुंचाया, हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की, सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी है1
- खबर- सुपौल जिलान्तर्गत पिपरा प्रखंड में भीषण सड़क हादसा में चार की मौ/त, दो की हालत गंभीर,कीर्तन कर रहे लोग को कार ने कुचला,सड़क जाम।1