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सवाई माधोपुर के खंडार स्थित ग्राम पंचायत नायपुर के सावटा राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को मनाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तहसीलदार पुष्कर सिंह खुद मौके पर पहुंचे। तहसीलदार और ग्रामीणों के बीच करीब डेढ़ से दो घंटे तक चली समझाइश और वार्ता के बाद आखिरकार ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने आंदोलन को समाप्त करने पर सहमति जताई। मौके पर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई है। हालांकि, ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि स्कूल में जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे फिर से अपना आंदोलन शुरू कर देंगे।
राजू माली पत्रकार
सवाई माधोपुर के खंडार स्थित ग्राम पंचायत नायपुर के सावटा राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को मनाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तहसीलदार पुष्कर सिंह खुद मौके पर पहुंचे। तहसीलदार और ग्रामीणों के बीच करीब डेढ़ से दो घंटे तक चली समझाइश और वार्ता के बाद आखिरकार ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने आंदोलन को समाप्त करने पर सहमति जताई। मौके पर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई है। हालांकि, ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि स्कूल में जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे फिर से अपना आंदोलन शुरू कर देंगे।
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- सवाई माधोपुर के खंडार उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नायपुर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सावटा में शिक्षकों की कमी और उनकी अनियमित उपस्थिति से गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही, विद्यालय में तैनात कुछ शिक्षक भी समय पर नहीं आते और न ही अपनी नियमित उपस्थिति दर्ज करते हैं। इस समस्या को लेकर ग्रामीण पूर्व में कई बार सीबीईओ खंडार, तहसीलदार, एसडीएम और खंडार विधायक को ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी लापरवाही के विरोध में ग्रामीणों ने आज स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपना कड़ा विरोध जताया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्मिकों की नियुक्ति और अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
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- श्योपुर में जमीन विवाद को लेकर आयोजित एक बैठक के दौरान वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद जुगलकिशोर मेहरा के साथ कथित मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित पार्षद ने इस संबंध में कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में श्याम मीणा और उसके 2-3 साथियों पर मारपीट, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का सीधा आरोप लगाया गया है। दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, वार्ड 14 में स्थित शिवजी मंदिर की जमीन से जुड़े विवाद के समाधान के लिए मंगलवार दोपहर को एक बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक के दौरान दस्तावेजों को लेकर आपस में कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी बहस के बीच श्याम मीणा ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और अपने साथियों के साथ मिलकर पार्षद पर थप्पड़ और घूंसों से हमला कर दिया, जिससे उनके पीठ और बाएं कंधे में चोटें आई हैं। वारदात को अंजाम देकर जाते समय आरोपियों ने पार्षद को जमीन विवाद में दोबारा हस्तक्षेप करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले पर कोतवाली थाना प्रभारी सत्यम गुर्जर ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।4
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