समस्तीपुर जिले के ताजपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन पर पुलिसिया दमन के विरोध में आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे और सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और युवाओं को तत्काल रिहा करने तथा उन पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने नीट (NEET) को भंग करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेने की भी मांग की। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है और सरकार इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने में विफल रही है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार को छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
समस्तीपुर जिले के ताजपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन पर पुलिसिया दमन के विरोध में आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे और सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और युवाओं को तत्काल रिहा करने तथा उन पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने नीट (NEET) को भंग करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेने की भी मांग की। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है और सरकार इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने में विफल रही है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार को छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
- समस्तीपुर जिले के ताजपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन पर पुलिसिया दमन के विरोध में आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे और सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और युवाओं को तत्काल रिहा करने तथा उन पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने नीट (NEET) को भंग करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेने की भी मांग की। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है और सरकार इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने में विफल रही है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार को छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।1
- पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिसिया जुल्म के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया गया। इसी सिलसिले में समस्तीपुर जिले के ताजपुर में आइसा-आरवाईए कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और नेशनल हाईवे जाम करके अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही गिरफ्तार आंदोलनकारियों को रिहा करने, उन पर दर्ज एफआईआर वापस लेने, नीट को भंग करने, एनईपी को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक वापस लेने की मांग की गई।1
- दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय खराड़ी में रानी चंद्रावती द्वारा दान की गई जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। विद्यालय परिसर में बहेड़ी अंचलाधिकारी (सीओ) की मौजूदगी में ग्रामीणों, विद्यालय प्रशासन और रानी चंद्रावती के वंशजों ने संबंधित जमीन पर अपना-अपना दावा पेश किया। इस दौरान सीओ ने दोनों पक्षों को अपने-अपने दावों के समर्थन में आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इससे पहले भी ग्रामीणों की बैठक में इस दान की गई भूमि पर रानी चंद्रावती स्मारक और प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई पहल नहीं हो सकी है। मामले में ग्रामीण एवं भाजपा नेता राजीव सिंह ने आरोप लगाया कि जब भी इस जमीन पर विकास कार्यों की बात होती है, उसे रोक दिया जाता है। उन्होंने तालाब की खुदाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मिट्टी काटे जाने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दूसरी ओर, रानी चंद्रावती के वंशज अमित सिंह का कहना है कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वर्ष 2023 में स्कूल छोड़कर खाली पड़ी जमीन पर उन्होंने कोर्ट में दावा दायर किया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय प्रशासन ने खाली पड़ी जमीन और बगान की नीलामी (डाक) के लिए उन्हें बुलाया था, लेकिन अमित सिंह के विरोध के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इस विवाद का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि समाधान होने से विद्यालय का समुचित रखरखाव, तालाब का सौंदर्यीकरण और छठ घाट के निर्माण जैसे विकास कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।1
- समस्तीपुर के पटेल गोलंबर पर छात्र जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने गंभीर आरोप लगाया है कि 15-15 लाख रुपये में सीटें खरीद ली जाती हैं और दिन-रात मेहनत से पढ़ाई करने वाले छात्रों को बाहर कर दिया जाता है। पटेल गोलंबर पर उठी यह आवाज सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के टूटते सपनों की पुकार बनकर सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब मेहनत से ज्यादा पैसे की चर्चा होने लगे, तो सवाल केवल एक परीक्षा का नहीं रह जाता, बल्कि पूरे देश के भविष्य का बन जाता है। इस आक्रोश के बीच युवा सीधा सवाल उठा रहे हैं कि क्या देश में मेहनत की कोई कीमत बचेगी या फिर इसी तरह उनके सपनों की बोली लगती रहेगी।1
- jandaha kushvaha chauk1
- समस्तीपुर के खानपुर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरोपट्टी खतुआहा में भारत निर्वाचन आयोग के स्वीप कार्यक्रम के तहत निर्वाचन साक्षरता क्लब के तत्वाधान में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों के लिए वाद-विवाद, निबंध लेखन, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार चंद्रा ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए लोगों का जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अच्छी सरकार चुनने के लिए मतदाता होना जरूरी है और एक-एक वोट की बड़ी अहमियत होती है। बीडीओ ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए। इसके लिए हर मतदान केंद्र स्तर पर बीएलओ उपलब्ध हैं, जहां प्रपत्र 6 भरकर जमा करने पर नाम जुड़ जाएगा और वे अगले चुनाव में मतदान कर सकेंगे। प्रतियोगिता में सफल रहे सभी छात्र-छात्राओं को प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधानसभा स्तरीय मास्टर ट्रेनर लाल बाबू, उमेश दास, दिलीप कुमार राम, प्रभात कुमार और प्रधानाध्यापक मो. एजाज सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आक्रोश प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को रिहा करने और उन पर दर्ज सभी एफआईआर को वापस लेने की जोरदार मांग उठाई है। इस प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने नीट (NEET) परीक्षा को भंग करने, नई शिक्षा नीति (एनईपी) को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक को तुरंत वापस लेने की भी मांग की है।1