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समस्तीपुर के पटेल गोलंबर पर छात्र जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने गंभीर आरोप लगाया है कि 15-15 लाख रुपये में सीटें खरीद ली जाती हैं और दिन-रात मेहनत से पढ़ाई करने वाले छात्रों को बाहर कर दिया जाता है। पटेल गोलंबर पर उठी यह आवाज सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के टूटते सपनों की पुकार बनकर सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब मेहनत से ज्यादा पैसे की चर्चा होने लगे, तो सवाल केवल एक परीक्षा का नहीं रह जाता, बल्कि पूरे देश के भविष्य का बन जाता है। इस आक्रोश के बीच युवा सीधा सवाल उठा रहे हैं कि क्या देश में मेहनत की कोई कीमत बचेगी या फिर इसी तरह उनके सपनों की बोली लगती रहेगी।
पुष्पा सहनी
समस्तीपुर के पटेल गोलंबर पर छात्र जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने गंभीर आरोप लगाया है कि 15-15 लाख रुपये में सीटें खरीद ली जाती हैं और दिन-रात मेहनत से पढ़ाई करने वाले छात्रों को बाहर कर दिया जाता है। पटेल गोलंबर पर उठी यह आवाज सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के टूटते सपनों की पुकार बनकर सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब मेहनत से ज्यादा पैसे की चर्चा होने लगे, तो सवाल केवल एक परीक्षा का नहीं रह जाता, बल्कि पूरे देश के भविष्य का बन जाता है। इस आक्रोश के बीच युवा सीधा सवाल उठा रहे हैं कि क्या देश में मेहनत की कोई कीमत बचेगी या फिर इसी तरह उनके सपनों की बोली लगती रहेगी।
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- समस्तीपुर के पटेल गोलंबर पर छात्र जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने गंभीर आरोप लगाया है कि 15-15 लाख रुपये में सीटें खरीद ली जाती हैं और दिन-रात मेहनत से पढ़ाई करने वाले छात्रों को बाहर कर दिया जाता है। पटेल गोलंबर पर उठी यह आवाज सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के टूटते सपनों की पुकार बनकर सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब मेहनत से ज्यादा पैसे की चर्चा होने लगे, तो सवाल केवल एक परीक्षा का नहीं रह जाता, बल्कि पूरे देश के भविष्य का बन जाता है। इस आक्रोश के बीच युवा सीधा सवाल उठा रहे हैं कि क्या देश में मेहनत की कोई कीमत बचेगी या फिर इसी तरह उनके सपनों की बोली लगती रहेगी।1
- समस्तीपुर जिले के ताजपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन पर पुलिसिया दमन के विरोध में आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे और सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और युवाओं को तत्काल रिहा करने तथा उन पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने नीट (NEET) को भंग करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेने की भी मांग की। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है और सरकार इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने में विफल रही है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार को छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।1
- पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिसिया जुल्म के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया गया। इसी सिलसिले में समस्तीपुर जिले के ताजपुर में आइसा-आरवाईए कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और नेशनल हाईवे जाम करके अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही गिरफ्तार आंदोलनकारियों को रिहा करने, उन पर दर्ज एफआईआर वापस लेने, नीट को भंग करने, एनईपी को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक वापस लेने की मांग की गई।1
- jandaha kushvaha chauk1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर स्थित CHC अस्पताल में रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई, पानी के रिसाव और मरीजों को रेफर किए जाने के मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई है। बीते दिनों पटोरी अनुमंडलाधिकारी विकाश कुमार पांडे ने भी अस्पताल में स्वच्छता और अन्य अनियमितताओं को लेकर ऐतराज जताते हुए कार्रवाई की थी। उसी क्रम में आज समिति की सदस्य रुक्मिणी देवी के नेतृत्व में यह औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें आम जनता से मिली शिकायतों के आधार पर विशेष रूप से प्रसव कक्ष और रेफर मामलों की जांच की गई। जांच के दौरान प्रसव कक्ष से महिला मरीजों के रेफर मामलों में आशा कार्यकर्ताओं की कथित संलिप्तता की पड़ताल की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि जब प्रसव कक्ष से महिला रोगियों को रेफर किया जाता है, तो कुछ आशा कार्यकर्ता निजी नर्सिंग होम संचालकों व कर्मियों के प्रभाव में आ जाती हैं। वे क्षणिक लाभ के लिए भर्ती महिलाओं को बरगलाकर निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा देती हैं। सदस्यों के अनुसार, लेबर रूम में ड्यूटी करने वाले कर्मी, नर्स, ममता और आशा कार्यकर्ताओं की इस हरकत से सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर सवाल उठते हैं और सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जाती है। ऐसे में इन सभी कर्मियों पर विशेष ध्यान देते हुए कड़ा कदम उठाने की बात कही गई है। समिति के सदस्यों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा रेफर मामलों के संबंध में दिए गए निर्देशों का हर हाल में अनुपालन करने का निर्देश दिया और दोषी आशा कार्यकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कमरों में बारिश के समय हो रहे पानी के रिसाव को भी देखा गया, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रबंधक को रिसाव अविलंब बंद कराने और परिसर की साफ-सफाई पर प्राथमिकता के आधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।1
- दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय खराड़ी में रानी चंद्रावती द्वारा दान की गई जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। विद्यालय परिसर में बहेड़ी अंचलाधिकारी (सीओ) की मौजूदगी में ग्रामीणों, विद्यालय प्रशासन और रानी चंद्रावती के वंशजों ने संबंधित जमीन पर अपना-अपना दावा पेश किया। इस दौरान सीओ ने दोनों पक्षों को अपने-अपने दावों के समर्थन में आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इससे पहले भी ग्रामीणों की बैठक में इस दान की गई भूमि पर रानी चंद्रावती स्मारक और प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई पहल नहीं हो सकी है। मामले में ग्रामीण एवं भाजपा नेता राजीव सिंह ने आरोप लगाया कि जब भी इस जमीन पर विकास कार्यों की बात होती है, उसे रोक दिया जाता है। उन्होंने तालाब की खुदाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मिट्टी काटे जाने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दूसरी ओर, रानी चंद्रावती के वंशज अमित सिंह का कहना है कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वर्ष 2023 में स्कूल छोड़कर खाली पड़ी जमीन पर उन्होंने कोर्ट में दावा दायर किया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय प्रशासन ने खाली पड़ी जमीन और बगान की नीलामी (डाक) के लिए उन्हें बुलाया था, लेकिन अमित सिंह के विरोध के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इस विवाद का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि समाधान होने से विद्यालय का समुचित रखरखाव, तालाब का सौंदर्यीकरण और छठ घाट के निर्माण जैसे विकास कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।1
- निनाद को सुनने का आग्रह करते हुए यह पूछा गया है कि यह सुनने में अच्छा लग रहा है या नहीं। इसके साथ ही यह भी सवाल किया गया है कि नाथ कितना चलता है, और इसके बारे में जानकारी देकर बताने की बात कही गई है।1
- वापी में बारिश के कारण चारों तरफ भारी जलजमाव हो गया है और हर जगह पानी जमा हो गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बारिश का पानी लोगों के कमरों के अंदर तक भर गया है, जिससे लोग परेशान हैं।1