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मध्य प्रदेश के गुना जिले के चाचौड़ा में एक रास्ते की बेहद खराब स्थिति पर चिंता जताई गई है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया है कि इस मार्ग पर मुरम डालकर इसे ठीक किया जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।
शेखर मीना
मध्य प्रदेश के गुना जिले के चाचौड़ा में एक रास्ते की बेहद खराब स्थिति पर चिंता जताई गई है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया है कि इस मार्ग पर मुरम डालकर इसे ठीक किया जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।
- शेखर मीनाचाचौरा, गुना, मध्य प्रदेशसरपंच साहब कोलुआ पंचायत4 hrs ago
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- ग्राम पंचायत कोलुआ के समस्त ग्रामीण रास्ते की खराब हालत से परेशान हैं। ग्रामीणों ने सरपंच साहब से निवेदन किया है कि रास्ते पर मुरम डाल दी जाए, ताकि उन्हें आने-जाने में हो रही परेशानी से राहत मिल सके।1
- गुना जिले की फतेहगढ़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम भगवानपुर में सड़क और रास्तों की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गांव के कई रास्ते लंबे समय से जर्जर पड़े हैं, जिसके कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इन खराब रास्तों से स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो वे जनआंदोलन करने के लिए विवश होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देता है और भगवानपुर के निवासियों को बेहतर सड़क सुविधा मिल पाती है या नहीं।4
- राजगढ़ के माचलपुर में संविधान निर्माता बाबासाहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। भीम आर्मी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील अस्तेय ने इस घटना को ‘पूरे देश का अपमान’ करार दिया है, जिससे इलाके में भारी रोष व्याप्त है। इस घटना के बाद सुनील अस्तेय ने कलेक्टर कार्यालय, राजगढ़ से कड़ी मांग की है कि अगले 24 घंटे के भीतर नई प्रतिमा स्थापित की जाए और घटना के जिम्मेदार आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो माचलपुर शहर बंद कर दिया जाएगा, जिसकी समस्त जवाबदेही सरकार की होगी।1
- यह पोस्ट बचपन की यादों को समर्पित है, जो बारिश और मनमोहक मुस्कान से जुड़ी सच्ची खुशी को बयां करती है। अगर आपको भी अपना बचपन याद आ जाए, तो वीडियो को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- Post by Shubham soni1
- केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इस घटना की जानकारी मिली है।1
- छबड़ा के भुवाखेड़ी ग्राम स्थित सादली की प्राचीन पहाड़ी पर नव निर्मित बाबा खाटूश्याम मंदिर और भैरव महाराज खाटूश्याम गोशाला की परिक्रमा का आयोजन 10 जुलाई को आषाढ़ कृष्ण पक्ष ग्यारस, यानी योगिनी ग्यारस तिथि पर 'जय बाबा खाटूश्याम' के जयकारों के साथ किया जाएगा। यह एक पवित्र और महत्वपूर्ण आयोजन है जिसका उद्देश्य भक्तों को आध्यात्मिक लाभ पहुंचाना है। अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, श्री हनुमान सिद्ध साधना आश्रम अमीरपुर खेड़ी और ओशो आशीष ध्यान केंद्र भुवाखेड़ी के संस्थापक एस. एल. नागर, जिन्हें स्वामी ध्यान गगन के नाम से भी जाना जाता है, ने क्षेत्र के सभी श्याम भक्तों, श्रद्धालु भक्तों और धार्मिक व्यक्तियों से इस परिक्रमा में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सभी लोग घर, परिवार, समाज और राष्ट्र के चहुंमुखी विकास की कामना के साथ, पवित्र भावना से जग कल्याणार्थ अपने पारिवारिक बंधुओं, बांधवों और इष्ट मित्रों सहित सत्यता और पवित्रता के साथ बाबा का निशान लेकर, पैदल यात्रा करते हुए इस परिक्रमा में शामिल हों। प्राचीन ऋषियों के अनुसार, प्रदक्षिणा और परिक्रमा का विशेष महत्व है। वे कहते हैं कि पृथ्वी पर जीवों और आत्माओं के आगमन के बाद से हम 84 लाख योनियों में जन्म लेते रहे हैं और उन योनियों में काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद के वशीभूत होकर अच्छे-बुरे कर्म करते आए हैं, जिनके फल स्वरूप ही हमारा जन्म होता आया है। अब मनुष्य योनि में हम अच्छे कर्म कर नर से नारायण और नारी से नारायणी (श्री लक्ष्मी) बन सकते हैं। परिक्रमा मार्ग अभी कच्चा है, और इस दौरान कंकर-पत्थर बीनने से जीवन की कठिनाइयां हल्की हो सकती हैं। पैदल यात्रा और परिक्रमा करने से शारीरिक और मानसिक रोगों में कमी आ सकती है, और बाबा के दर्शन से अब तक के हारे हुए जीवन को सहारा भी मिल सकता है। साधु-संतों और ऋषियों का कहना है कि बाबा श्याम के मंदिर सहित हर ग्यारस को गोशाला के दर्शन कर गोमाता को चारा-पानी का दान करने और प्रदक्षिणा-परिक्रमा करने से जीव को धर्म, अर्थ, लाभ और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस पहली परिक्रमा को यादगार बनाने के लिए, भक्त परिक्रमा मार्ग में स्वयं के नाम पर और धरती माता के नाम पर एक-एक पौधा लगाकर उसे जाली से सुरक्षित कर सकते हैं। परिक्रमा विषम संख्या में, जैसे एक, तीन, पांच, सात या ग्यारह बार करनी चाहिए। यदि कोई गुरुमुखी है, तो गुरु मंत्र का जप करते हुए परिक्रमा करे, अन्यथा 'ॐ श्री श्याम देवाय नमः' का जप करते हुए सकारात्मक भाव और निष्काम होकर परिक्रमा करे।4
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