मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर नगर में मोहर्रम के अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। नगर में निकाले गए ताजिये अपने निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए प्राचीन चतुर्भुज कृष्ण मंदिर के सामने रुके, जहाँ ताजियेदारों ने श्रद्धापूर्वक सलामी दी। इसके बाद ताजिये अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना हुए। यह परंपरा लगभग 200 वर्षों से चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि मंदिर के निर्माण में स्थानीय मुस्लिम परिवारों का भी सहयोग रहा था, जिसके चलते मोहर्रम के दौरान ताजियों द्वारा मंदिर पर रुककर सलामी देने की यह परंपरा शुरू हुई। समय के साथ यह परंपरा सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक बन गई है। मंदिर परिसर में ताजियों के पहुँचने पर पुजारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस दौरान सभी धर्मों के लोगों ने एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हुए प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिंदू एवं मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे। नगर के विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिये मंदिर पर सलामी देने के बाद कर्बला की ओर रवाना हुए, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। भांडेर की यह ऐतिहासिक परंपरा न केवल दतिया जिले बल्कि पूरे प्रदेश में गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की मिसाल मानी जाती है। हर वर्ष मोहर्रम पर यह दृश्य लोगों को प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान का संदेश देता है।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर नगर में मोहर्रम के अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। नगर में निकाले गए ताजिये अपने निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए प्राचीन चतुर्भुज कृष्ण मंदिर के सामने रुके, जहाँ ताजियेदारों ने श्रद्धापूर्वक सलामी दी। इसके बाद ताजिये अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना हुए। यह परंपरा लगभग 200 वर्षों से चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि मंदिर के निर्माण में स्थानीय मुस्लिम
परिवारों का भी सहयोग रहा था, जिसके चलते मोहर्रम के दौरान ताजियों द्वारा मंदिर पर रुककर सलामी देने की यह परंपरा शुरू हुई। समय के साथ यह परंपरा सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक बन गई है। मंदिर परिसर में ताजियों के पहुँचने पर पुजारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस दौरान सभी धर्मों के लोगों ने एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हुए प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिंदू
एवं मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे। नगर के विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिये मंदिर पर सलामी देने के बाद कर्बला की ओर रवाना हुए, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। भांडेर की यह ऐतिहासिक परंपरा न केवल दतिया जिले बल्कि पूरे प्रदेश में गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की मिसाल मानी जाती है। हर वर्ष मोहर्रम पर यह दृश्य लोगों को प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान का संदेश देता है।
- दतिया जिले की ग्राम पंचायत बड़ोंनकला में गुरुवार को मोहर्रम के अवसर पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान बीच वाली राउड से ताजिया उठाया गया, जिसे वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार शिवेंद्र बुंदेला, मुन्ना राजा, छोटे राजा, पग्गू राजा और समस्त बुंदेला परिवार ने कंधा देकर काजियों के चौक के लिए रवाना किया। काजियों के चौक पर पहुंचने के बाद पारंपरिक अखाड़े का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मौजूद रहकर विभिन्न करतब देखे। इस कार्यक्रम में काजी रफीक मोहम्मद, सूफी हसन बाबा, उप सरपंच दिनेश अहिरवार, समाजसेवी कमल किशोर पलया और राम मिलन गुर्जर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों के अनुसार, ताजिया काजियों के चौक से लाल के चौक, हाथी वाली राउड और चूड़ी वाले मोहल्ले से होते हुए पुनः बीच वाली राउड पहुंचेगा। इसके बाद पारंपरिक रस्म 'ठंडा' को पूरा किया जाएगा, जिसके उपरांत ताजिये को करबला ले जाया जाएगा। मोहर्रम के इस अवसर पर पूरे गांव में आपसी भाईचारे, सौहार्द और धार्मिक सद्भाव का माहौल देखने को मिला। वहीं, पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पांच घरों में अचानक रहस्यमयी आग लगने से इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत मामले की जांच में जुट गया है, लेकिन आग लगने का सटीक कारण अभी तक अज्ञात बना हुआ है।1
- झांसी के चिरगांव में डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय लोगों में गहरा जनाक्रोश व्याप्त है।1
- भांडेर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर बसवाहा गांव में, गायों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। इन जानवरों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में गंभीर चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, इन गायों को गौशालाओं में भी कोई ठिकाना नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते उनकी दुर्दशा और भी बदतर होती जा रही है। इस विकट समस्या के बावजूद, संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और व्यक्ति इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।1
- सेवढ़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगुवापुरा में मोहर्रम का मातमी जुलूस पूरी आस्था और पुरानी परंपरा के साथ निकाला गया। भगुवापुरा में मस्जिद वाली गली से ताजिया उठाया गया, जिसे मुस्लिम समाज सहित समस्त परिवारों ने कंधा देकर सेवढ़ा के लिए रवाना किया। इस अवसर पर भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर अली खान ने अपने पुलिस बल के साथ ताजियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए, यह सुनिश्चित करते हुए कि कहीं ट्रैफिक की समस्या न हो। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि हिंदू और मुस्लिम भाई 'भाई चेहरे' के साथ तालियों में शामिल हैं। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि 'काजियों' से ताजिया उठने के बाद मोहर्रम के दौरान गांव में आपसी भाईचारे और सौहार्द का माहौल दिखाई दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।1
- भाण्डेर तहसील के ग्राम बड़ेरा सोपान में नालियां चोक होने के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जलभराव के चलते दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है, वहीं पैदल चलने वाले लोगों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम करीब 04 बजे ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार पानी जमा रहने से आसपास गंदगी फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नालियों की सफाई करवाकर जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि उन्हें जल्द राहत मिल सके और दैनिक आवागमन सुचारु हो सके।1
- दतिया में पावन निर्जला ग्यारस के शुभ अवसर पर, विप्र फाउंडेशन जिला दतिया ने श्री जानकी निवास मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए शीतल शरबत वितरण सेवा का आयोजन किया। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्य का श्रद्धालुओं ने हार्दिक स्वागत करते हुए संगठन की सराहना की। इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा को सर्वोच्च धर्म माना गया है। उन्होंने आगे कहा कि निर्जला ग्यारस जैसे पवित्र पर्व पर प्यासे लोगों को शीतल पेय उपलब्ध कराना एक पुण्य का कार्य है। शर्मा ने यह भी आश्वस्त किया कि विप्र फाउंडेशन भविष्य में भी समाज के हित और जनसेवा के ऐसे कार्य निरंतर करता रहेगा। सेवा कार्यक्रम में संगठन के अनेक पदाधिकारियों और सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने मंदिर पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों को शीतल शरबत वितरित किया। इस दौरान अरुण कुमार सिद्ध, मनीष शर्मा, कौशल पाठक, प्रदीप पाण्डेय, दीपेन्द्र तिवारी, प्रशांत दीक्षित और पिंटू शर्मा सहित विप्र फाउंडेशन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।1
- भगवापुरा में एक घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जहाँ थरेट थाना और भगवापुरा थाना की सीमा पर खनिज विभाग की टीम पर हमला किया गया। इस हमले को रेत माफियाओं ने अंजाम दिया, जिससे उनके हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं। इस मामले में अब प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।1