जशपुर जिले के लोदाम थाना क्षेत्र में एक 34 वर्षीय महिला ने 26 जून को शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून की सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच, जब वह घर में अकेली थी, तब लोदाम क्षेत्र में ही एक ढाबे का 42 वर्षीय संचालक मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार उसके घर में घुस आया। आरोपी ने महिला को अकेला पाकर गलत नीयत से उसके साथ छेड़छाड़ की और अश्लील हरकतें कीं। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसके समुदाय विशेष का नाम लेते हुए धमकी दी कि वह अपने पति को छोड़कर उसके साथ पत्नी बनकर रहे, और जबरदस्ती करने का प्रयास किया। आरोपी की गलत नीयत देखकर पीड़िता भयभीत होकर चिल्लाते हुए घर से बाहर निकली, जिसके बाद आरोपी भी घर से भाग गया। पीड़िता ने घटना की जानकारी अपने पति को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पीड़िता की रिपोर्ट पर तत्काल लोदाम थाने में आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 331(3), 296 और एसटी/एससी एक्ट की धारा 3(1)(ब), 3(2)V(क) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, और पर्याप्त सबूत मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि लोदाम क्षेत्र में महिला से गलत नीयत से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बलात्कार का प्रयास करने वाले इस बलात्कारी को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
जशपुर जिले के लोदाम थाना क्षेत्र में एक 34 वर्षीय महिला ने 26 जून को शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून की सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच, जब वह घर में अकेली थी, तब लोदाम क्षेत्र में ही एक ढाबे का 42 वर्षीय संचालक मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार उसके घर में घुस आया। आरोपी ने महिला को अकेला पाकर गलत नीयत से उसके साथ छेड़छाड़ की और अश्लील हरकतें कीं। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसके समुदाय विशेष का नाम लेते हुए धमकी दी कि वह अपने पति को छोड़कर उसके साथ पत्नी बनकर रहे, और जबरदस्ती करने का प्रयास किया। आरोपी की गलत नीयत देखकर पीड़िता भयभीत होकर चिल्लाते हुए घर से बाहर निकली, जिसके बाद आरोपी भी घर से भाग गया। पीड़िता ने घटना की जानकारी अपने पति को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पीड़िता की रिपोर्ट पर तत्काल लोदाम थाने में आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 331(3), 296 और एसटी/एससी एक्ट की धारा 3(1)(ब), 3(2)V(क) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, और पर्याप्त सबूत मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि लोदाम क्षेत्र में महिला से गलत नीयत से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बलात्कार का प्रयास करने वाले इस बलात्कारी को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
- जशपुर जिले के लोदाम थाना क्षेत्र में एक 34 वर्षीय महिला ने 26 जून को शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून की सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच, जब वह घर में अकेली थी, तब लोदाम क्षेत्र में ही एक ढाबे का 42 वर्षीय संचालक मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार उसके घर में घुस आया। आरोपी ने महिला को अकेला पाकर गलत नीयत से उसके साथ छेड़छाड़ की और अश्लील हरकतें कीं। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसके समुदाय विशेष का नाम लेते हुए धमकी दी कि वह अपने पति को छोड़कर उसके साथ पत्नी बनकर रहे, और जबरदस्ती करने का प्रयास किया। आरोपी की गलत नीयत देखकर पीड़िता भयभीत होकर चिल्लाते हुए घर से बाहर निकली, जिसके बाद आरोपी भी घर से भाग गया। पीड़िता ने घटना की जानकारी अपने पति को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पीड़िता की रिपोर्ट पर तत्काल लोदाम थाने में आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 331(3), 296 और एसटी/एससी एक्ट की धारा 3(1)(ब), 3(2)V(क) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, और पर्याप्त सबूत मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि लोदाम क्षेत्र में महिला से गलत नीयत से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बलात्कार का प्रयास करने वाले इस बलात्कारी को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।1
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो दिवस के अवसर पर गुमला के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह विशेष अभियान रविवार सुबह दस बजे शुरू हुआ और 28 जून से 30 जून तक संचालित किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शून्य से पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए उन्हें पोलियो की खुराक पिलाना है। अभियान की शुरुआत जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, चैनपुर मुखिया शोभा देवी, चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपशिखा किंडो और डॉ. प्रभात कुमार ने संयुक्त रूप से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर की। चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपशिखा किंडो ने बताया कि 'बूथ डे' के तहत चैनपुर प्रखंड में कुल उनचास बूथ स्थापित किए गए हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने शून्य से पाँच वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी बूथ पर लाकर पोलियो की दवा अवश्य पिलाएँ। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जो बच्चे किसी कारणवश आज बूथ तक नहीं पहुँच पाए हैं, उन्हें 29 और 30 जून को सहिया दीदी और एएनएम की टीमें घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाएँगी, ताकि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रह जाए। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने भी क्षेत्रवासियों से अनुरोध करते हुए कहा कि सभी अभिभावक अपने शून्य से पाँच वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से पल्स पोलियो की दवा पिलाएँ, क्योंकि बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर स्वास्थ्य केंद्र के अन्य स्वास्थ्यकर्मी, सहिया दीदी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएँ अपने बच्चों के साथ उपस्थित रहीं।1
- रविवार को घाघरा थाना क्षेत्र के कुगांव गांव में एक दुखद घटना घटित हुई, जहाँ 35 वर्षीय किसान देवराज उरांव की वज्रपात की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया है कि देवराज उरांव अपने खेत में धान का बिचड़ा छिटने का काम पूरा कर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ। इस हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। इस आकस्मिक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। देवराज उरांव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके परिवार में उनकी पत्नी तथा तीन छोटे बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा नौवीं कक्षा में पढ़ता है। पिता की असामयिक मौत के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिससे वे गहरे संकट में आ गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आपदा राहत राशि, सरकारी मुआवजा और अन्य आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें कुछ सहारा मिल सके।1
- सिमडेगा नगर परिषद अध्यक्ष ओलिभर लकड़ा के नेतृत्व में शीतल छाया ग्रुप के सदस्यों ने देर शाम मुहर्रम जुलूस में शामिल अक़ीदतमंदों का स्वागत किया। नीचे बाजार स्थित खादी भंडार के समीप अक़ीदतमंदों को माला पहनाकर उनका सत्कार किया गया। शीतल छाया ग्रुप के सदस्यों ने भी जुलूस में शामिल लोगों को गर्मजोशी के साथ ठंडा पानी, शरबत, बिस्किट और आइस्क्रीम वितरित किए। इस सहयोग के लिए नगर परिषद अध्यक्ष ओलिभर लकड़ा ने शीतल छाया ग्रुप के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।1
- मूल जानकारी के अनुसार, एक एम्बुलेंस अस्पताल जाने के बजाय सीधे थाने पहुँच गई। यह घटना किस वजह से हुई और इसका पूरा मामला क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।1
- सिसई प्रखंड क्षेत्र में हल्की मूसलाधार बारिश होते ही किसान तुरंत अपने खेतों की ओर निकल पड़े हैं। पिछले एक हफ्ते से किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, क्योंकि बारिश न होने के कारण वे खेतों में बीज नहीं डाल पा रहे थे। इसके बजाय, उन्हें सिंचाई के लिए मशीनों की व्यवस्था करनी पड़ रही थी, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई थी क्योंकि पेट्रोल पंपों पर जर्किन में पेट्रोल और डीजल नहीं मिल रहा था। हालांकि, रविवार शाम को मूसलाधार बारिश शुरू होते ही गर्मी से थोड़ी राहत मिली और किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई। अब किसान धान, मक्का, बादाम और अरहर के बीज डालने की तैयारी में जुट गए हैं।1
- जशपुर पुलिस ने डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर 28 जून 2026 को जिलेभर में सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान चलाया। इस पहल के तहत, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाते पाए गए चालकों को रोककर उन्हें यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके उपरांत, सभी वाहन चालकों को लगभग एक घंटे तक सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर आधारित एक जागरूकता फिल्म दिखाई गई, जिसमें हेलमेट न पहनने, तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने तथा लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणामों को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया था। इस कार्यक्रम के समापन पर, सभी वाहन चालकों को 'सड़क सुरक्षा के सात वचन' की शपथ दिलाई गई, जिसके माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन न चलाने, तेज गति से बचने, मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन न चलाने और सभी यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया गया। उल्लेखनीय है कि जशपुर पुलिस विगत कई दिनों से जनचौपाल, बाइक रैली, वीडियो संदेश, विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित कर रही है। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और प्रत्येक नागरिक में सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करके लोगों का जीवन बचाना है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने दृढ़ता से कहा है कि वर्तमान में पुलिस केवल समझाइश देकर लोगों को जागरूक कर रही है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले कुछ ही दिनों में बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जिलेभर में एक विशेष अभियान चलाकर सख्त चालानी एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जशपुर पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसके लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा आईएसआई मानक का हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएँ तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें। पुलिस ने जोर देकर कहा कि 'याद रखें... चालान का पैसा दोबारा कमाया जा सकता है, लेकिन दुर्घटना में खोया हुआ जीवन कभी वापस नहीं आता। हेलमेट आपकी पहचान नहीं, आपकी सुरक्षा है।'1
- सिमडेगा जिले के तामड़ा, बीरूगढ़ सहित विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों में सोमवार को देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ का पारंपरिक विधि-विधान के साथ शाही स्नान कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के गजवेश स्वरूप के दर्शन किए और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। बीरूगढ़ स्थित जगन्नाथ मंदिर में पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ का देवस्नान कराया। वहीं तामड़ा के जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना के बाद पवित्र कलशों के जल से अभिषेक किया गया। स्नान के उपरांत महाप्रभु ने गजवेश यानी हाथी स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वर्ष में केवल देव स्नान पूर्णिमा के दिन ही भगवान जगन्नाथ गजवेश धारण कर भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दौरान किसी भी श्रद्धालु को भगवान का स्पर्श करने की अनुमति नहीं होती, लेकिन भक्त स्नान के पवित्र जल को अपने सिर पर लगाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आरती के बाद भगवान को पुनः मंदिर में विराजमान कराया गया तथा श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, देवस्नान के अगले दिन से भगवान जगन्नाथ 'अनवसर' (अस्वस्थ होने की लीला) में चले जाते हैं। इस दौरान लगभग 15 दिनों तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। इसके बाद भगवान स्वस्थ होकर भव्य रथयात्रा के दौरान रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इस यात्रा को गुंडिचा रथयात्रा के नाम से जाना जाता है।1