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मूल जानकारी के अनुसार, एक एम्बुलेंस अस्पताल जाने के बजाय सीधे थाने पहुँच गई। यह घटना किस वजह से हुई और इसका पूरा मामला क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
Suraj Gupta
मूल जानकारी के अनुसार, एक एम्बुलेंस अस्पताल जाने के बजाय सीधे थाने पहुँच गई। यह घटना किस वजह से हुई और इसका पूरा मामला क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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- मूल जानकारी के अनुसार, एक एम्बुलेंस अस्पताल जाने के बजाय सीधे थाने पहुँच गई। यह घटना किस वजह से हुई और इसका पूरा मामला क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।1
- छत्तीसगढ़ के मैनपाट में एक 70 वर्षीय व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए हैं। उनकी पहचान धर्मजागर निवासी के रूप में की जा रही है। इस दुर्घटना के लिए एयरटेल विभाग की घोर लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताया जा रहा है।1
- जशपुर पुलिस ने डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर 28 जून 2026 को जिलेभर में सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान चलाया। इस पहल के तहत, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाते पाए गए चालकों को रोककर उन्हें यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके उपरांत, सभी वाहन चालकों को लगभग एक घंटे तक सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर आधारित एक जागरूकता फिल्म दिखाई गई, जिसमें हेलमेट न पहनने, तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने तथा लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणामों को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया था। इस कार्यक्रम के समापन पर, सभी वाहन चालकों को 'सड़क सुरक्षा के सात वचन' की शपथ दिलाई गई, जिसके माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन न चलाने, तेज गति से बचने, मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन न चलाने और सभी यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया गया। उल्लेखनीय है कि जशपुर पुलिस विगत कई दिनों से जनचौपाल, बाइक रैली, वीडियो संदेश, विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित कर रही है। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और प्रत्येक नागरिक में सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करके लोगों का जीवन बचाना है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने दृढ़ता से कहा है कि वर्तमान में पुलिस केवल समझाइश देकर लोगों को जागरूक कर रही है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले कुछ ही दिनों में बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जिलेभर में एक विशेष अभियान चलाकर सख्त चालानी एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जशपुर पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसके लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा आईएसआई मानक का हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएँ तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें। पुलिस ने जोर देकर कहा कि 'याद रखें... चालान का पैसा दोबारा कमाया जा सकता है, लेकिन दुर्घटना में खोया हुआ जीवन कभी वापस नहीं आता। हेलमेट आपकी पहचान नहीं, आपकी सुरक्षा है।'1
- अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ नेशनल हाइवे क्रमांक-43 पर शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एसईसीएल के एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा ग्राम पंचायत तेलईकछार-शशिपुर के पास हुआ, जब सड़क पर बिना पार्किंग लाइट और किसी सुरक्षा संकेत के अंधेरे में खड़े एक ट्रक से पीछे से बाइक जा भिड़ी, जिससे कॉलरीकर्मी का सिर फट गया और सड़क खून से लाल हो गई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय सुशांत कुमार मंडल के रूप में हुई है, जो एसईसीएल बिश्रामपुर में कार्यरत थे और वन बी कॉलोनी के क्वार्टर क्रमांक 48 में अपने परिवार के साथ रहते थे। शनिवार शाम 7:30 बजे सुशांत अपनी बाइक क्रमांक सीजी 15 ईएफ 7257 से विश्रामपुर से अंबिकापुर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम शशिपुर स्थित एनएच 43 पर ईंधन खत्म होने के कारण सड़क के बीच में खड़े ट्रक क्रमांक सीजी 22 एजे 4331 के पिछले हिस्से से उनकी बाइक टकरा गई। राहगीरों और 112 के कर्मचारियों ने परिजन के साथ मिलकर गंभीर रूप से घायल कोल कर्मचारी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिश्रामपुर पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूरजपुर जिले की जयनगर पुलिस ने ट्रक को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक सुशांत कुमार मंडल का अंतिम संस्कार स्थानीय मुक्तिधाम में किया गया, जहाँ उनकी दोनों बेटियों, भाव्या और सृष्टि ने गमगीन माहौल में उन्हें मुखाग्नि दी। इस घटना से एसईसीएल कॉलोनी में शोक की लहर है। परिजन का आरोप है कि ट्रक चालक ने वाहन को मुख्य सड़क पर बिना पार्किंग लाइट जलाए या अन्य सुरक्षा संकेत लगाए खड़ा कर दिया था, जिसके कारण अंधेरे में ट्रक दिखाई नहीं दिया और यह भीषण हादसा हो गया। मृतक के भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने ट्रक चालक के विरुद्ध लापरवाहीपूर्वक वाहन खड़ा कर दुर्घटना कारित करने के आरोप में जुर्म दर्ज कर लिया है।1
- जांजगीर-चांपा जिले के कोसमंदा गाँव में एक शादी उस वक्त चर्चा का विषय बन गई, जब दुल्हन मुस्कान प्रधान ने शराब के नशे में पहुँचे दूल्हे से विवाह करने से साफ इनकार कर दिया। गत 23 जून की शाम को बारात पूरे उत्साह के साथ दुल्हन के घर पहुँची थी, लेकिन द्वार पूजा के दौरान दूल्हा नशे में लड़खड़ाता हुआ दिखाई दिया। यह देखकर दुल्हन मुस्कान ने बिना किसी दबाव के स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस हालत में शादी नहीं करेगी। दुल्हन के इस फैसले के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी और आखिरकार शादी रद्द हो गई। मुस्कान ने बाद में कहा कि शादी जीवनभर का फैसला होता है, इसलिए केवल समाज के डर से कोई गलत निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अन्य युवतियों से भी अपील की कि विवाह से पहले लड़के और उसके परिवार के बारे में पूरी जानकारी जुटाएँ और यदि कोई गंभीर बात सामने आए तो बिना झिझक के निर्णय लें। उनके इस साहसिक फैसले में उनकी माँ ने भी पूरा साथ दिया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण किया है। घटना के बाद मुस्कान की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई और लोगों ने उनके साहस की जमकर सराहना की। जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक ने भी उन्हें सम्मानित किया है और साथ ही नशा मुक्ति अभियान का यूथ आइकन बनाने तथा महिला परिवार परामर्श केंद्र में मानदेय के साथ जिम्मेदारी देने की घोषणा की है। मुस्कान का कहना है कि यदि उनकी कहानी से एक भी लड़की गलत रिश्ते से बचने में सफल होती है, तो यही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।1
- जशपुर जिले के लोदाम थाना क्षेत्र में एक 34 वर्षीय महिला ने 26 जून को शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून की सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच, जब वह घर में अकेली थी, तब लोदाम क्षेत्र में ही एक ढाबे का 42 वर्षीय संचालक मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार उसके घर में घुस आया। आरोपी ने महिला को अकेला पाकर गलत नीयत से उसके साथ छेड़छाड़ की और अश्लील हरकतें कीं। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसके समुदाय विशेष का नाम लेते हुए धमकी दी कि वह अपने पति को छोड़कर उसके साथ पत्नी बनकर रहे, और जबरदस्ती करने का प्रयास किया। आरोपी की गलत नीयत देखकर पीड़िता भयभीत होकर चिल्लाते हुए घर से बाहर निकली, जिसके बाद आरोपी भी घर से भाग गया। पीड़िता ने घटना की जानकारी अपने पति को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पीड़िता की रिपोर्ट पर तत्काल लोदाम थाने में आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 331(3), 296 और एसटी/एससी एक्ट की धारा 3(1)(ब), 3(2)V(क) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, और पर्याप्त सबूत मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि लोदाम क्षेत्र में महिला से गलत नीयत से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बलात्कार का प्रयास करने वाले इस बलात्कारी को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।1
- जशपुर जिले के ग्राम गोढ़ी (बागबहार) में एक आदिवासी परिवार अपनी भूमि को लेकर गंभीर विवादों में उलझा हुआ है। परिवार का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी लगभग 1.15 एकड़ जमीन को कम कर दिया गया है। पीड़ित परिवार का दावा है कि इस मामले में हुई राजस्व जांच में त्रुटि स्वीकार की गई थी और उनकी जमीन वापस करने के लिए एक प्रतिवेदन भी तैयार किया गया था। इसके बावजूद, उन्हें बेदखली का नोटिस जारी कर दिया गया है, जिससे परिवार मानसिक तनाव में है। बताया गया है कि यह पूरा मामला वर्तमान में जिला न्यायालय में विचाराधीन है। आदिवासी परिवार ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है; संबंधित अधिकारियों और दूसरे पक्ष का मत प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- जशपुर जिले के पत्थलगांव स्थित बालाझार गाँव में एक सनसनीखेज ज़मीन विवाद सामने आया है। पीड़ित ग्रामीण उग्रेसन यादव ने आरोप लगाया है कि उसने अपनी केवल 1 एकड़ ज़मीन बेची थी, लेकिन उसकी अशिक्षित स्थिति का फायदा उठाते हुए, उसकी पूरी 0.717 हेक्टेयर (लगभग 1.77 एकड़) ज़मीन की रजिस्ट्री धोखे से करवा ली गई। यादव के मुताबिक, इस विवाद के दौरान उनका मकान भी जेसीबी से ढहा दिया गया और उनके परिवार को धमकियाँ दी गईं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें डायल 112 की सहायता लेनी पड़ी। फ़िलहाल, परिवार किसी और के घर में शरण लेने पर मजबूर है। मामले की जाँच के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है।1