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उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में, ग्राम पंचायत बेनीगंज देहात उलझा में नाली का निर्माण नहीं हो रहा है।
Sundaram Tiwari
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में, ग्राम पंचायत बेनीगंज देहात उलझा में नाली का निर्माण नहीं हो रहा है।
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- सीतापुर जनपद में फरार अपराधियों और न्यायालय से जारी वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अटरिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों पर की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई में, अटरिया पुलिस ने भरण-पोषण वारंटी और ₹25 हजार के इनामी बदमाश सहित कुल तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दुर्गेश कुमार सिंह के निकट पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी विशाल गुप्ता के निर्देशन में थानाध्यक्ष लाल बहादुर मिश्र के नेतृत्व में चलाई गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल रविन्द्र सिंह और कांस्टेबल संजय कुमार शामिल थे। टीम ने न्यायालय से जारी वारंटों में वांछित दो आरोपियों हृदयशंकर पुत्र लल्लू निवासी बहादुरपुर मजरा कसावां, जिसके खिलाफ भरण-पोषण कुर्की वारंट जारी था, और मलखान पुत्र सुरेश लोध निवासी चन्दौली कोड़रिया को गिरफ्तार किया, जिस पर धारा 452, 323 और 504 आईपीसी से जुड़े मामले में एनबीडब्ल्यू जारी था। इसी अभियान के दौरान अटरिया पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे ₹25 हजार के इनामिया आरोपी आकाश कुमार उर्फ बउआ को भी गिरफ्तार किया। आकाश कुमार उर्फ बउआ पुत्र स्वर्गीय मुरली, निवासी मरपा मजरा मुलुकपुर थाना इटौंजा जनपद लखनऊ का रहने वाला है। उस पर थाना अटरिया में दर्ज मुकदमा संख्या 133/2025 और 260/2025 में धारा 303(2), 317(2) और 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमे दर्ज थे, और उसकी गिरफ्तारी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था। अटरिया पुलिस की इस कार्रवाई को इलाके में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फरार अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, जिससे अब कानून से भागना मुश्किल हो गया है।2
- लखनऊ में मुंशी पुलिया से पॉलिटेक्निक और कामता तक सोमवार सुबह भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिसने लोगों की रफ्तार को पूरी तरह रोक दिया। इस जाम में ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और यहाँ तक कि एंबुलेंस भी घंटों फंसी रहीं, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यह जाम 500 मीटर से भी अधिक लंबा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति रोज़ाना की है, जहाँ पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के साथ-साथ लोग घंटों गाड़ियों में फँसकर भीषण गर्मी झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने इस समस्या के लिए सड़क किनारे अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा और ऑटो की अव्यवस्था, कट व चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण की कमी, और पीक आवर्स में पर्याप्त पुलिस बल की अनुपलब्धता को मुख्य कारण बताया है। भीषण गर्मी के बीच घंटों गाड़ियों में परेशान होकर इंतजार करना आमजन की मजबूरी बन गया है। जनता ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि हर रोज़ ऐसी ही स्थिति क्यों बनी रहती है और ट्रैफिक पुलिस व डीसीपी ट्रैफिक का प्लान ज़मीन पर क्यों नहीं दिख रहा है। लोगों ने मुंशी पुलिया, पॉलिटेक्निक और कामता जैसे व्यस्त रूट्स पर स्थायी समाधान की मांग की है। जनता ने प्रशासन से तत्काल ठोस कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि उन्हें इस रोज़ाना की परेशानी से राहत मिल सके।1
- तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर गरमागरम बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में 10 साल की एक बच्ची के हत्या मामले में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस अधिकारी मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने इसे एक संवेदनशील मामले में असंवेदनशील व्यवहार करार दिया है, जिस पर लगातार सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि बच्ची का शव मिलने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था और परिजनों ने न्याय की मांग की थी। फिलहाल, इस वायरल वीडियो को लेकर किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि मर्डर केस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधिकारियों के इस रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- पटना से एक अत्यंत डराने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पॉलिटेक्निक परीक्षा देने आई एक छात्रा को होटल के कमरे से जबरन उठाने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि छात्रा अपने पिता के साथ होटल में ठहरी हुई थी, तभी देर रात नशे में धुत एक युवक अचानक उनके कमरे में घुस आया और छात्रा को खींचकर अपने साथ ले जाने लगा। छात्रा की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता की नींद खुल गई, जिसके बाद उन्होंने किसी तरह अपनी बेटी को उस युवक के चंगुल से बचाया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे यह चिंता भी उभरी है कि यदि पिता समय पर नहीं जागते तो क्या भयानक परिणाम हो सकते थे।1
- डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर बस्ती पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। थाना नगर क्षेत्र के ग्राम सभा चौबाह में चल रहे अवैध मिट्टी खनन की सूचना मिलने पर थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने अपनी पुलिस टीम के साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने एक जेसीबी मशीन और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके से पकड़ लिया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम सभा चौबाह में बिना किसी अनुमति के जेसीबी मशीन का उपयोग करके बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना नगर की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और खनन में लगे वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पकड़े गए सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना नंबर प्लेट के ही क्षेत्र में चल रहे थे और इनका इस्तेमाल अवैध रूप से मिट्टी की ढुलाई के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने सभी वाहनों को कब्जे में लेकर थाना परिसर पहुंचाया, जहाँ थाना नगर पुलिस ने जेसीबी मशीन सहित चारों वाहनों को सीज कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई से अवैध खनन के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे गैर-कानूनी धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस लगातार जारी कार्रवाई से अवैध मिट्टी खनन करने वालों में अब डर का माहौल बना हुआ है।4
- लखनऊ के खरगापुर विस्तार क्षेत्र में पिता की डांट से नाराज़ होकर घर से निकली 7 साल की एक मासूम बच्ची, लगभग 9 घंटे के बाद पुलिस और आम लोगों की मदद से अपने परिवार से मिल पाई। बहराइच के मूल निवासी इस परिवार ने कुछ समय पहले ही किराए पर खरगापुर विस्तार में रहना शुरू किया था। अनजान शहर और गलियों में बच्ची को अपने घर का पूरा पता भी मालूम नहीं था। शाम करीब 5 बजे डांट से नाराज़ होकर वह घर से निकल गई थी। भटकते हुए बच्ची राम आसरे पुरवा इलाके तक पहुंच गई, जहाँ डिंपल सिंह और अंजली कनौजिया नामक महिलाओं ने उसे रोते और सहमे हुए देखा। महिलाओं ने बच्ची से उसका नाम और परिवार के बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन मासूम सिर्फ अपनी माँ का नाम बता पा रही थी। बच्ची की हालत देख दोनों महिलाओं का दिल पसीज गया और वे उसे लेकर विस्तार थाने पहुँचीं। थाने में इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी ने बच्ची से प्यार से बात करते हुए उसके पिता का नाम और घर का पता जानने का प्रयास किया, लेकिन वह बार-बार अपनी माँ को याद कर रो रही थी और केवल अपने दोनों भाइयों के नाम बता पा रही थी। एक तरफ बच्ची अपने परिवार से दूर डरी-सहमी बैठी थी, तो दूसरी तरफ उसका परिवार उसे खोजते-खोजते बेहाल हो चुका था। विस्तार पुलिस ने हिम्मत नहीं हारी। पुलिस टीम और दोनों महिलाओं ने मिलकर क्षेत्र में लगातार परिवार की तलाश की। लगभग 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार बच्ची के परिवार का पता चल गया। जैसे ही मासूम बच्ची अपने माता-पिता के सामने पहुँची, माँ ने उसे गले से लगा लिया, जिससे वहाँ मौजूद सभी लोगों की आँखें नम हो गईं। यह पूरी घटना पुलिस की संवेदनशीलता और आम लोगों की इंसानियत का प्रमाण है, जो आज भी बिछड़े बच्चों को उनके अपनों तक पहुँचा सकती है।1
- सीतापुर जनपद में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हुसैनगंज मोहल्ले की ऐतिहासिक 'मैसर्स प्लाईवुड प्रोडक्ट्स फैक्ट्री' पर आखिरकार प्रशासन ने अपना शिकंजा कस दिया है। पिछले करीब 25 वर्षों से बंद पड़ी इस फैक्ट्री की लगभग 70 बीघा (5.7 हेक्टेयर) बेशकीमती जमीन को जिला प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। जिलाधिकारी (DM) डॉ. राजा गणपति आर. के न्यायालय से जारी 16 पन्नों के ऐतिहासिक आदेश के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें 68 साल पुराने रिकॉर्ड खंगालने के बाद मालिकाना हक के दावों को फर्जी पाया गया। जांच में सामने आया कि फैक्ट्री के मूल भागीदार अंग्रेज थे, जो दशकों पहले भारत छोड़कर चले गए थे। उनके जाने के बाद रिजर्व बैंक (RBI) की अनुमति के बिना अवैध रूप से स्वामित्व हस्तांतरण करने की कोशिश की गई। तथाकथित दावेदारों द्वारा डीएम कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज भ्रामक और फर्जी पाए गए। कोर्ट ने इसे अरबों रुपये की सरकारी जमीन हड़पने की साजिश मानते हुए सभी निजी दावों और श्रमिक संगठनों की आपत्तियों को खारिज कर दिया। संपत्ति को 'बोना वेकेंटिया' (स्वामी विहीन) घोषित कर राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया गया, क्योंकि 1958 के बाद से फर्म के रिकॉर्ड में कोई वैध बदलाव नहीं मिला था। डीएम के आदेश पर तत्काल अमल करते हुए एसडीएम सदर, सीओ सदर नेहा त्रिपाठी और कोतवाली देहात पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पूरे फैक्ट्री परिसर को चारों तरफ से घेरकर अपने नियंत्रण में ले लिया और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एनएच-24 पर स्थित इस महत्वपूर्ण और प्राइम लोकेशन वाली जमीन का इस्तेमाल अब जनहित में किया जाएगा। इस भूमि पर जल्द ही किसी बड़े सरकारी निर्माण या विकास परियोजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि 2001 से पूरी तरह बंद पड़ी यह फैक्ट्री कभी अपनी बेहतरीन क्वालिटी के प्लाईवुड के लिए पूरे एशिया में प्रसिद्ध थी, और इस 70 बीघा जमीन की बाजार कीमत अरबों रुपये आंकी जा रही है।2
- सोशल मीडिया पर वायरल एक सीसीटीवी वीडियो ने वाहन चलाने में बरती जाने वाली सावधानी को लेकर फिर से गंभीर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। इस वीडियो में एक वाहन को अत्यंत लापरवाही से रिवर्स करते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका पैदा हो जाती है। इस वीडियो के माध्यम से आम जनता को सतर्क रहने और वाहन को पीछे करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की महत्वपूर्ण सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का मत है कि अक्सर जल्दबाजी और असावधानी के कारण ही कई गंभीर सड़क हादसे होते हैं। इसी क्रम में लोगों से अपील की गई है कि वाहन रिवर्स करते समय वे अपने आसपास के क्षेत्र का भली-भांति निरीक्षण करें और यातायात तथा सुरक्षा से संबंधित सभी नियमों का कड़ाई से पालन करें।1
- भारतीय किसान यूनियन ने घोषणा की है कि कल, बड़ी संख्या में किसान लखनऊ स्थित नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे।1