मानसून के आगमन से पूर्व, पीसांगन नगरपालिका के वार्ड संख्या 7 के निवासियों ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कानाराम धंजा के नेतृत्व में नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वार्डवासियों ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और मानसून पूर्व नालों की सफाई की तत्काल मांग की है। उन्होंने चिंता जताई कि वार्ड के मुख्य नालों की अभी तक सफाई नहीं हुई है और उनमें जमा कचरा व गाद (सिल्ट) नालों को अवरुद्ध कर सकते हैं, जिससे बारिश के दौरान गंदा पानी सड़कों और घरों में भर जाएगा, और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कानाराम धंजा ने नगरपालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि, मौखिक रूप से कई बार आग्रह के बावजूद वार्ड 7 के नालों की सफाई को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जोर दिया कि मानसून आने के बाद सफाई का कोई औचित्य नहीं रहेगा, इसलिए प्रशासन को अविलंब सफाई कार्य शुरू करना चाहिए। वार्डवासियों ने पालिका प्रशासन से मांग की है कि आगामी 3-4 दिनों के भीतर वार्ड के सभी नालों की डी-सिल्टिंग पूरी की जाए, नालों से निकाले गए कचरे को तत्काल शहर से बाहर ले जाया जाए ताकि वह दोबारा नालों में न गिरे, और भविष्य में सफाई व्यवस्था को नियमित बनाया जाए। ज्ञापन सौंपते समय कानाराम धनजा, लियाकत अली, बाबू, कमला देवी, सरोज देवी, शकील, गोविंद, शेरू, स्या, हसीना बानू, गीता देवी सहित अनेक वार्डवासी उपस्थित रहे। सभी ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून पूर्व सफाई का काम शुरू नहीं हुआ, तो वार्डवासी मजबूरन पालिका के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
मानसून के आगमन से पूर्व, पीसांगन नगरपालिका के वार्ड संख्या 7 के निवासियों ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कानाराम धंजा के नेतृत्व में नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वार्डवासियों ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और मानसून पूर्व नालों की सफाई की तत्काल मांग की है। उन्होंने चिंता जताई कि वार्ड के मुख्य नालों की अभी तक सफाई नहीं हुई है और उनमें जमा कचरा व गाद (सिल्ट) नालों को अवरुद्ध कर सकते हैं, जिससे बारिश के दौरान गंदा पानी सड़कों और घरों में भर जाएगा, और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कानाराम धंजा ने नगरपालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि, मौखिक रूप से कई बार आग्रह के बावजूद वार्ड 7 के नालों की सफाई को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जोर दिया कि मानसून आने के बाद सफाई का कोई औचित्य नहीं रहेगा, इसलिए प्रशासन को अविलंब सफाई कार्य शुरू करना चाहिए। वार्डवासियों ने पालिका प्रशासन से मांग की है कि आगामी 3-4 दिनों के भीतर वार्ड के सभी नालों की डी-सिल्टिंग पूरी की जाए, नालों से निकाले गए कचरे को तत्काल शहर से बाहर ले जाया जाए ताकि वह दोबारा नालों में न गिरे, और भविष्य में सफाई व्यवस्था को नियमित बनाया जाए। ज्ञापन सौंपते समय कानाराम धनजा, लियाकत अली, बाबू, कमला देवी, सरोज देवी, शकील, गोविंद, शेरू, स्या, हसीना बानू, गीता देवी सहित अनेक वार्डवासी उपस्थित रहे। सभी ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून पूर्व सफाई का काम शुरू नहीं हुआ, तो वार्डवासी मजबूरन पालिका के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
- अजमेर जिले के पीसांगन पुलिस थाना ने वाहन चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, 05 साल से फरार चल रहे एक शातिर अभियुक्त को महिंद्रा पिक-अप गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले में लगातार हो रही चोरी, नकबजनी, लूट और डकैती जैसी गंभीर वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। इस ऑपरेशन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, डॉ. लालचंद कायल और उप अधीक्षक पुलिस, वृत्ताधिकारी वृत्त ग्रामीण, दीपेंद्र सैनी ने की, जबकि थानाधिकारी पुलिस थाना पीसांगन, पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। यह मामला तब सामने आया जब 06 अगस्त, 2021 को परिवादी सुखाराम (50) ने पीसांगन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई, 2021 की रात करीब 01:30 बजे उनकी महिंद्रा पिकअप (नंबर आरजे 22 जीए 4834), जो उनकी बाब रतनगढ़ होटल पर खड़ी थी, चोरी हो गई थी। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि कई दिनों तक तलाश करने के बाद भी गाड़ी नहीं मिली, जिसके बाद आईपीसी की धारा 379 के तहत मुकदमा नंबर 114/2021 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। गठित टीम ने वारदात के तरीके के आधार पर पुराने चालानशुदा अपराधियों का डेटाबेस तैयार किया। घटनास्थल और संदिग्ध स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से निरीक्षण कर आरोपियों के आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध, तकनीकी और पेशेवर तरीके से काम करते हुए बहु-आयामी रणनीति अपनाई, जिसमें मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना और संदिग्ध गतिविधियों का सूक्ष्म अध्ययन शामिल था। जांच के दौरान यह सामने आया कि अभियुक्त बेहद शातिर था और उसके डर के कारण स्थानीय लोग सूचना देने से कतरा रहे थे, जिससे उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती बन गई थी। अंततः, 15 जून, 2026 को पुलिस को गोविंदगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति के घूमने की सटीक सूचना मिली, जिस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी (45), निवासी गांव सेठन, पीसांगन, जिला अजमेर को हिरासत में ले लिया। वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई गहन पूछताछ में आरोपी ने पीसांगन क्षेत्र से पिक-अप चोरी की वारदात को स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर महिंद्रा पिक-अप बरामद कर ली गई। गिरफ्तार अभियुक्त हुक्मचंद उर्फ हुक्माराम बावरी ने पीसांगन क्षेत्र से गांव करनोस से पिक-अप चोरी की एक और वारदात को भी कबूल किया है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में गोठन (नागौर) से 2015 में, बोरुंदा (जोधपुर) से 2015 में और पीसांगन (अजमेर) से 2016 में आईपीसी की धारा 379 के तहत दर्ज चार मामले शामिल हैं। पुलिस उससे अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। इस सफल कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक सरोज चौधरी के साथ सउनि महावीर शर्मा, सउनि गणेशराम और विशेष योगदान के लिए कांस्टेबल सुखराम सेवदा, भोमाराम तथा सुशील सहित अन्य पुलिसकर्मियों की टीम शामिल थी।1
- रियान बड़ी उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सूरजगढ़ स्थित मेघवाल बस्ती के ग्रामीणों ने अपनी जर्जर सड़क की समस्या को लेकर संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ और उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बस्ती को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले मार्ग पर निर्माण कार्य की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग कई वर्षों से कच्चा और क्षतिग्रस्त है, जिस पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब रास्ते में पानी भरने और कीचड़ होने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। इस बदहाल मार्ग के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को विशेष रूप से कठिनाई का सामना करना पड़ता है, और दोपहिया वाहनों के फिसलने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। मेघवाल बस्ती, गांव की चौपाल और सरकारी स्कूल सहित विभिन्न स्थानों तक जाने के लिए सैकड़ों लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने पूर्व में भी कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने जनहित को देखते हुए मेघवाल बस्ती से मुख्य सड़क तक सीसी सड़क के निर्माण की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो सके। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर और अंगूठा निशान लगाकर अपनी सहमति व्यक्त की। उपखंड अधिकारी ने ग्रामीणों को उनकी मांग पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है, और ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान कर सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाएगा।1
- ब्यावर केवीडियो देखते रहे संपादक साबुद्दीन खानभुट्टा मेड़तिया लौहार1
- नागौर के झींटिया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया, जहाँ अधिकारियों ने मौके पर ही कई प्रकरणों का निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद माली के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में ऐसे ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। झींटिया शिविर के दौरान अजमेर संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ और मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। इस शिविर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने 16 पात्र परिवारों को आवासीय पट्टों का वितरण किया। वहीं, राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से कृषि भूमि के 9 बंटवारा प्रकरणों का निस्तारण कर संबंधित पक्षों को बंटवारा पत्र सौंपे। कृषि विभाग द्वारा 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए, जिससे वे अपनी भूमि की गुणवत्ता के अनुरूप खेती कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा विभाग ने 2 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड जारी कर स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया, जबकि अन्य विभागों ने भी विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक ही स्थान पर 22 विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे लंबे समय से लंबित कार्यों का भी शीघ्र निस्तारण संभव हो रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इन शिविरों का लाभ उठाने की अपील की। संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में नियमित सेवाओं के साथ-साथ वर्षों से लंबित कृषि भूमि, राजस्व और अन्य प्रशासनिक मामलों का भी प्राथमिकता से समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिल रही है।4
- ब्यावर आगार को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अजमेर डिपो पर सवारी बिठाने के एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ब्यावर के नियमित कंडक्टर अनवर हुसैन ने ठेके पर कार्यरत कंडक्टर अजय रावत पर लोहे की सरिया से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में पीड़ित अजय रावत के चेहरे और मुँह पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में कई टाँके लगवाने पड़े। यह घटना परिवहन विभाग के भीतर आपसी कलह और हिंसा की प्रवृत्ति को उजागर करती है। इस घटना के बाद, पीड़ित अजय रावत ने ब्यावर डिपो प्रबंधक को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपी कर्मचारी अनवर हुसैन को तुरंत ड्यूटी से निलंबित करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। 'राजस्थान धरा न्यूज़' / 'आर डी न्यूज़' के जिला ब्यूरो चीफ विजय मेहरानिया की विशेष रिपोर्ट में पीड़ित ने कैमरे पर रोते हुए अपनी पूरी आपबीती सुनाई है, जिससे इस मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।1
- ब्यावर जिले के जवाजा क्षेत्र के राजपुरा बोचान गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक की 30 फीट गहरी खदान में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और फिलहाल बचाव अभियान जारी है।1
- राष्ट्रवीर महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती को श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया, जिसके माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- रोहिसा गांव में तेजा चौक से अटल सेवा केन्द्र तक जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर अतिक्रमण और कीचड़ की समस्या को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उपखंड अधिकारी के निर्देशन में, जेसीबी मशीन की सहायता से सड़क मार्ग के दोनों ओर से अतिक्रमण को हटाया गया। इसी के साथ, रास्ते पर जमा कीचड़ और गंदगी को भी साफ कर सड़क को आवागमन के लिए सुगम बनाया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस सड़क मार्ग की समस्या को लेकर प्रशासन को पहले भी कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया था। बारिश के मौसम में मार्ग पर कीचड़ और पानी भर जाने के कारण रास्ता लगभग बंद हो जाता था, जिससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को आवागमन में काफी परेशानी होती थी। तेजा चौक से अटल सेवा केन्द्र तक का यह मार्ग गांव के प्रमुख रास्तों में से एक है। इस कार्रवाई के दौरान उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया स्वयं मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने कार्य की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ तहसीलदार अशोक कुमार, ग्राम विकास अधिकारी राजमल मीणा, पटवारी राजू पारीक और जसनगर पुलिस थाने का जाब्ता भी उपस्थित था। अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह आश्वस्त किया कि सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्रवाई से ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानियों से बड़ी राहत मिली है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई का दिल खोलकर स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि वर्षों पुरानी इस समस्या का अब समाधान हो जाने से गांव में आवागमन काफी सुगम हो गया है।1