उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गौवंश के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावों के बीच महोबा जिले के चरखारी विकास खंड स्थित ग्राम अकठौहा की गौशाला से बदहाली की तस्वीर सामने आई है। अकठौहा गौशाला में गौवंश भूख, गंदगी और अव्यवस्था के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा और पौष्टिक आहार देने के बजाय केवल सूखा भूसा ही दिया जा रहा है। परिसर में फैली गंदगी और पीने के स्वच्छ पानी का समुचित प्रबंध न होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इस पूरे मामले पर जब क्षेत्र के सचिव सादा अली खान से बात की गई, तो उनका चौंकाने वाला बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "हमें इसकी जानकारी नहीं है।" वहीं ग्राम प्रधान ने गौशाला में सामने आई कमियों को स्वीकार करते हुए बताया कि व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम प्रधान का तर्क है कि गौशाला हाल ही में शुरू हुई है, जिसके कारण अधिकारियों को इसकी पूरी स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी है। सरकारी धन से संचालित इस गौशाला की बदहाली को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि गौसंरक्षण का बजट आखिर कहां खर्च हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से अकठौहा गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा गौवंश के लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गौवंश के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावों के बीच महोबा जिले के चरखारी विकास खंड स्थित ग्राम अकठौहा की गौशाला से बदहाली की तस्वीर सामने आई है। अकठौहा गौशाला में गौवंश भूख, गंदगी और अव्यवस्था के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा और पौष्टिक आहार देने के बजाय केवल सूखा भूसा ही दिया जा रहा है। परिसर में फैली गंदगी और पीने के स्वच्छ पानी का समुचित प्रबंध न होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इस पूरे मामले पर जब क्षेत्र के सचिव सादा अली खान से बात की गई, तो उनका चौंकाने वाला बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "हमें इसकी जानकारी नहीं है।" वहीं ग्राम प्रधान ने गौशाला में सामने आई कमियों को स्वीकार करते हुए बताया कि व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम प्रधान का तर्क है कि गौशाला हाल ही में शुरू हुई है, जिसके कारण अधिकारियों को इसकी पूरी स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी है। सरकारी धन से संचालित इस गौशाला की बदहाली को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि गौसंरक्षण का बजट आखिर कहां खर्च हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से अकठौहा गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा गौवंश के लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गौवंश के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावों के बीच महोबा जिले के चरखारी विकास खंड स्थित ग्राम अकठौहा की गौशाला से बदहाली की तस्वीर सामने आई है। अकठौहा गौशाला में गौवंश भूख, गंदगी और अव्यवस्था के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा और पौष्टिक आहार देने के बजाय केवल सूखा भूसा ही दिया जा रहा है। परिसर में फैली गंदगी और पीने के स्वच्छ पानी का समुचित प्रबंध न होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इस पूरे मामले पर जब क्षेत्र के सचिव सादा अली खान से बात की गई, तो उनका चौंकाने वाला बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "हमें इसकी जानकारी नहीं है।" वहीं ग्राम प्रधान ने गौशाला में सामने आई कमियों को स्वीकार करते हुए बताया कि व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम प्रधान का तर्क है कि गौशाला हाल ही में शुरू हुई है, जिसके कारण अधिकारियों को इसकी पूरी स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी है। सरकारी धन से संचालित इस गौशाला की बदहाली को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि गौसंरक्षण का बजट आखिर कहां खर्च हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से अकठौहा गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा गौवंश के लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के पनवाड़ी क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पनवाड़ी पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए अपनी कार्रवाई लगातार सख्त कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश में कबरई-कानपुर रोड स्थित खनिज बैरियर पर 21.07.2026 की रात्रि बिना रॉयल्टी के वाहन पास कराने को लेकर दो पक्षों के मध्य मारपीट की घटना हुई। इस बैरियर पर खनिजों के परिपत्रों का संग्रह किया जाता है। उक्त तथ्य का संज्ञान लेते हुए गठित टास्क फोर्स द्वारा मौके पर जाकर जांच की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने पर पाया गया कि रात्रि लगभग 04:00 बजे से 06:00 बजे के मध्य का फुटेज अनुपलब्ध था। जांच में बैरियर पर कार्यरत दो कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। ऐसे तथ्य भी प्रकाश में आए कि दोनों कर्मियों द्वारा लोकेटरों के सहयोग से बिना रॉयल्टी के वाहन पास कराए गए हैं। इस प्रकरण में प्रकाश में आए नामों, वाहनों तथा संबंधित दोनों कर्मियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। क्षेत्राधिकारी नगर श्री रविकांत गोंड के अनुसार मामले में नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- हमीरपुर के राठ तहसील स्थित सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का भवन वर्षों से बदहाली का शिकार है। जर्जर छत, टूटती ईंटों और बरसात में टपकते पानी के कारण सरकारी यूरिया और डीएपी खाद भीगकर खराब हो रही है। मजबूरी में किसानों को गीली खाद ही लेनी पड़ रही है, जिससे उन्हें गुणवत्ता और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खाद पाने के लिए किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है और बैठने के लिए इसी जर्जर भवन का सहारा लेना पड़ता है। भवन की दीवारों और छत से प्लास्टर उखड़ चुका है और ईंटें गिर रही हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान छत के टुकड़े कई बार गिर चुके हैं, जिनमें किसान बाल-बाल बचे हैं। वहीं, कर्मचारी भी हर दिन इसी जर्जर और असुरक्षित भवन में काम करने को मजबूर हैं। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मांग की है कि समिति के लिए तत्काल नया भवन स्वीकृत किया जाए या इसका संचालन किसी safe भवन में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही जर्जर भवन में खाद भंडारण पर रोक लगाने की मांग की गई है। किसानों ने साफ कहा है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी भी बड़े हादसे की सीधी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- झांसी जिले की गरौठा तहसील अंतर्गत खड़ौरा गांव में गुरुवार दोपहर बाद आकाशीय बिजली गिरने से 27 वर्षीय युवक अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। खड़ौरा निवासी अंकित अपने पिता बृजनंदन और छोटे भाई के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मूंगफली की फसल में खरपतवार नियंत्रण की दवा का छिड़काव करने खेत पर गया था। खेत पर पहुंचते ही अचानक बारिश होने लगी, जिसके बाद पिता अपने दोनों बेटों के साथ पास स्थित एक बरामदे में बैठकर बारिश थमने का इंतजार करने लगे। पक्की सड़क से करीब 100 मीटर अंदर खड़े ट्रैक्टर के गीली मिट्टी में फंसने की आशंका से अंकित उसे दोबारा सड़क पर खड़ा करने के लिए बरामदे से बाहर निकला। इसी दौरान अचानक चमकी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आंखों के सामने हुए इस हादसे के बाद मौके पर मौजूद पिता और छोटे भाई ने गांव में घटना की जानकारी दी। ग्राम प्रधान मनोज यादव की सूचना पर उप जिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार और कोतवाली प्रभारी सुरजीत सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मऊरानीपुर भेज दिया है। इस दुखद घटना से मृतक की पत्नी कविता गहरे सदमे में है। मृतक अपने पीछे करीब 2 वर्ष की एक बेटी और महज डेढ़ महीने का एक मासूम बेटा छोड़ गया है। घटना के बाद ग्रामवासियों ने शासन और प्रशासन से पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा के तहत राहत मदद दिलाए जाने की मांग की है।3
- हमीरपुर जिला मुख्यालय में गुरुवार को जिला अधिवक्ता संघ के वकीलों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। बस स्टैंड रोड पर एकत्र होकर अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिला अधिवक्ता संघ के महामंत्री अश्वनी कुमार प्रजापति (एडवोकेट) ने बताया कि 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राएं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिससे कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए। अधिवक्ताओं ने मांग रखी है कि घायल छात्रों का इलाज सरकार अपने खर्च पर करवाए और घटना के लिए जिम्मेदार दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, इसलिए इस घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।2
- झांसी के टहरौली थाना क्षेत्र स्थित ग्राम लुहरगांव घाट में घर में घुसकर मारपीट करने, जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित श्यामकरन, पुत्र दीने, के अनुसार 18 जुलाई 2026 को सुबह करीब 8 बजे गांव के ही सात लोग जबरन उनके घर में घुस आए। आरोप है कि इन सभी लोगों ने गाली-गलौज करते हुए श्यामकरन के साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उन्हें अपमानित किया। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय दिलाने और आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में फिलहाल पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।1
- चरखारी के अटकुआं गांव स्थित गौशाला में गौवंश बेहद दयनीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। यहाँ गौशाला परिसर में फैली भारी बदहाली, भूख और गंदगी के बीच गौवंश अपना जीवन काट रहे हैं। अटकुआं गांव की इस गौशाला में समुचित देखभाल न होने से गौवंश भूख और गंदगी से जूझते हुए दिन काटने को विवश हैं।1