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चरखारी के अटकुआं गांव स्थित गौशाला में गौवंश बेहद दयनीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। यहाँ गौशाला परिसर में फैली भारी बदहाली, भूख और गंदगी के बीच गौवंश अपना जीवन काट रहे हैं। अटकुआं गांव की इस गौशाला में समुचित देखभाल न होने से गौवंश भूख और गंदगी से जूझते हुए दिन काटने को विवश हैं।

7 hrs ago
user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
7 hrs ago

चरखारी के अटकुआं गांव स्थित गौशाला में गौवंश बेहद दयनीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। यहाँ गौशाला परिसर में फैली भारी बदहाली, भूख और गंदगी के बीच गौवंश अपना जीवन काट रहे हैं। अटकुआं गांव की इस गौशाला में समुचित देखभाल न होने से गौवंश भूख और गंदगी से जूझते हुए दिन काटने को विवश हैं।

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  • उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के पनवाड़ी क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पनवाड़ी पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए अपनी कार्रवाई लगातार सख्त कर रही है।
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    उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के पनवाड़ी क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पनवाड़ी पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए अपनी कार्रवाई लगातार सख्त कर रही है।
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गौवंश के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावों के बीच महोबा जिले के चरखारी विकास खंड स्थित ग्राम अकठौहा की गौशाला से बदहाली की तस्वीर सामने आई है। अकठौहा गौशाला में गौवंश भूख, गंदगी और अव्यवस्था के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा और पौष्टिक आहार देने के बजाय केवल सूखा भूसा ही दिया जा रहा है। परिसर में फैली गंदगी और पीने के स्वच्छ पानी का समुचित प्रबंध न होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इस पूरे मामले पर जब क्षेत्र के सचिव सादा अली खान से बात की गई, तो उनका चौंकाने वाला बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "हमें इसकी जानकारी नहीं है।" वहीं ग्राम प्रधान ने गौशाला में सामने आई कमियों को स्वीकार करते हुए बताया कि व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम प्रधान का तर्क है कि गौशाला हाल ही में शुरू हुई है, जिसके कारण अधिकारियों को इसकी पूरी स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी है। सरकारी धन से संचालित इस गौशाला की बदहाली को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि गौसंरक्षण का बजट आखिर कहां खर्च हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से अकठौहा गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा गौवंश के लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गौवंश के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावों के बीच महोबा जिले के चरखारी विकास खंड स्थित ग्राम अकठौहा की गौशाला से बदहाली की तस्वीर सामने आई है। अकठौहा गौशाला में गौवंश भूख, गंदगी और अव्यवस्था के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा और पौष्टिक आहार देने के बजाय केवल सूखा भूसा ही दिया जा रहा है। परिसर में फैली गंदगी और पीने के स्वच्छ पानी का समुचित प्रबंध न होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।

इस पूरे मामले पर जब क्षेत्र के सचिव सादा अली खान से बात की गई, तो उनका चौंकाने वाला बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "हमें इसकी जानकारी नहीं है।" वहीं ग्राम प्रधान ने गौशाला में सामने आई कमियों को स्वीकार करते हुए बताया कि व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम प्रधान का तर्क है कि गौशाला हाल ही में शुरू हुई है, जिसके कारण अधिकारियों को इसकी पूरी स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी है।

सरकारी धन से संचालित इस गौशाला की बदहाली को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि गौसंरक्षण का बजट आखिर कहां खर्च हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से अकठौहा गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा गौवंश के लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
    user_पत्रकार अरबाज हाशमी
    पत्रकार अरबाज हाशमी
    News Anchor चरखारी, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • हमीरपुर के राठ तहसील स्थित सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का भवन वर्षों से बदहाली का शिकार है। जर्जर छत, टूटती ईंटों और बरसात में टपकते पानी के कारण सरकारी यूरिया और डीएपी खाद भीगकर खराब हो रही है। मजबूरी में किसानों को गीली खाद ही लेनी पड़ रही है, जिससे उन्हें गुणवत्ता और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खाद पाने के लिए किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है और बैठने के लिए इसी जर्जर भवन का सहारा लेना पड़ता है। भवन की दीवारों और छत से प्लास्टर उखड़ चुका है और ईंटें गिर रही हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान छत के टुकड़े कई बार गिर चुके हैं, जिनमें किसान बाल-बाल बचे हैं। वहीं, कर्मचारी भी हर दिन इसी जर्जर और असुरक्षित भवन में काम करने को मजबूर हैं। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मांग की है कि समिति के लिए तत्काल नया भवन स्वीकृत किया जाए या इसका संचालन किसी safe भवन में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही जर्जर भवन में खाद भंडारण पर रोक लगाने की मांग की गई है। किसानों ने साफ कहा है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी भी बड़े हादसे की सीधी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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    हमीरपुर के राठ तहसील स्थित सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का भवन वर्षों से बदहाली का शिकार है। जर्जर छत, टूटती ईंटों और बरसात में टपकते पानी के कारण सरकारी यूरिया और डीएपी खाद भीगकर खराब हो रही है। मजबूरी में किसानों को गीली खाद ही लेनी पड़ रही है, जिससे उन्हें गुणवत्ता और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

खाद पाने के लिए किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है और बैठने के लिए इसी जर्जर भवन का सहारा लेना पड़ता है। भवन की दीवारों और छत से प्लास्टर उखड़ चुका है और ईंटें गिर रही हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान छत के टुकड़े कई बार गिर चुके हैं, जिनमें किसान बाल-बाल बचे हैं। वहीं, कर्मचारी भी हर दिन इसी जर्जर और असुरक्षित भवन में काम करने को मजबूर हैं।

किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मांग की है कि समिति के लिए तत्काल नया भवन स्वीकृत किया जाए या इसका संचालन किसी safe भवन में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही जर्जर भवन में खाद भंडारण पर रोक लगाने की मांग की गई है। किसानों ने साफ कहा है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी भी बड़े हादसे की सीधी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
    user_निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    राठ, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बांदा जिले स्थित ग्राम मवई बुजुर्ग में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की बाउंड्री के बीच किसानों की लगभग 300 बीघा कृषि भूमि रास्ता बंद होने के कारण खेती के लिए बेकार हो गई है। किसानों का आरोप है कि बाउंड्री निर्माण के दौरान उनके वर्षों पुराने आम रास्ते को बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से वे अपने ही खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर प्रभावित किसानों ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। किसानों ने चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक करीब एक किलोमीटर लंबा पक्का संपर्क मार्ग बनवाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि विकास परियोजनाएं उनसे उनकी जमीन तक पहुंच का अधिकार ही छीन लें तो ऐसे विकास पर सवाल उठना स्वाभाविक है, और यदि इसका जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उनकी आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो जाएगा।
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    उत्तर प्रदेश के बांदा जिले स्थित ग्राम मवई बुजुर्ग में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की बाउंड्री के बीच किसानों की लगभग 300 बीघा कृषि भूमि रास्ता बंद होने के कारण खेती के लिए बेकार हो गई है। किसानों का आरोप है कि बाउंड्री निर्माण के दौरान उनके वर्षों पुराने आम रास्ते को बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से वे अपने ही खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

इस समस्या को लेकर प्रभावित किसानों ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। किसानों ने चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक करीब एक किलोमीटर लंबा पक्का संपर्क मार्ग बनवाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि विकास परियोजनाएं उनसे उनकी जमीन तक पहुंच का अधिकार ही छीन लें तो ऐसे विकास पर सवाल उठना स्वाभाविक है, और यदि इसका जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उनकी आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो जाएगा।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
  • मध्य प्रदेश के छतरपुर में जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने 18 दिनों से चला आ रहा अपना आमरण अनशन फिलहाल स्थगित कर दिया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित छूटे हुए लोगों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रशासन द्वारा आश्वासन मिलने के बाद, उन्होंने नारियल पानी पीकर अपना अनशन स्थगित किया। हालांकि अमित भटनागर ने स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने 'न्याय सत्याग्रह' का ऐलान करते हुए कहा कि जब तक केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतिम पात्र व्यक्ति को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
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    मध्य प्रदेश के छतरपुर में जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने 18 दिनों से चला आ रहा अपना आमरण अनशन फिलहाल स्थगित कर दिया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित छूटे हुए लोगों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रशासन द्वारा आश्वासन मिलने के बाद, उन्होंने नारियल पानी पीकर अपना अनशन स्थगित किया।

हालांकि अमित भटनागर ने स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने 'न्याय सत्याग्रह' का ऐलान करते हुए कहा कि जब तक केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतिम पात्र व्यक्ति को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
    user_Bharat Junction News
    Bharat Junction News
    Local News Reporter छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    48 min ago
  • केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के विरोध में आंदोलन कर रहे अमित भटनागर को छतरपुर जिला अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने विजावर पहुंचकर जूस पीकर अपना अनशन समाप्त कर दिया है। लगभग पांच दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद 23 जुलाई की शाम करीब 5:00 बजे उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई, जिसके बाद वे प्रशासन के साथ बिजावर के लिए रवाना हुए। अमित भटनागर केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के खिलाफ अनशन कर रहे थे, जिसके दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उन्होंने विजावर पहुंचकर जूस पीकर अपना अनशन खत्म किया।
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    केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के विरोध में आंदोलन कर रहे अमित भटनागर को छतरपुर जिला अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने विजावर पहुंचकर जूस पीकर अपना अनशन समाप्त कर दिया है। लगभग पांच दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद 23 जुलाई की शाम करीब 5:00 बजे उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई, जिसके बाद वे प्रशासन के साथ बिजावर के लिए रवाना हुए।

अमित भटनागर केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के खिलाफ अनशन कर रहे थे, जिसके दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उन्होंने विजावर पहुंचकर जूस पीकर अपना अनशन खत्म किया।
    user_Ashutosh sharma
    Ashutosh sharma
    Local News Reporter Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • बांदा में हुई बारिश की वजह से एक बार फिर नदियों का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। बारिश के चलते क्षेत्र की नदियों के पानी के स्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
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    बांदा में हुई बारिश की वजह से एक बार फिर नदियों का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। बारिश के चलते क्षेत्र की नदियों के पानी के स्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • चरखारी के अटकुआं गांव स्थित गौशाला में गौवंश बेहद दयनीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। यहाँ गौशाला परिसर में फैली भारी बदहाली, भूख और गंदगी के बीच गौवंश अपना जीवन काट रहे हैं। अटकुआं गांव की इस गौशाला में समुचित देखभाल न होने से गौवंश भूख और गंदगी से जूझते हुए दिन काटने को विवश हैं।
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    चरखारी के अटकुआं गांव स्थित गौशाला में गौवंश बेहद दयनीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। यहाँ गौशाला परिसर में फैली भारी बदहाली, भूख और गंदगी के बीच गौवंश अपना जीवन काट रहे हैं। अटकुआं गांव की इस गौशाला में समुचित देखभाल न होने से गौवंश भूख और गंदगी से जूझते हुए दिन काटने को विवश हैं।
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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