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दिल्ली में सुल्तानपुर मेट्रो स्टेशन के पास प्रगति रोड के सामने स्थित एक आलीशान होटल को नगर निगम (MCD) द्वारा तोड़ा जा रहा है। यह होटल मात्र एक महीने पहले ही करोड़ों रुपये खर्च करके और लोगों का काफी पैसा लगाकर बनकर तैयार हुआ था, और यह बेहद भव्य बना था। अब इसे 'अवैध' या 'अनधिकृत' बताकर ध्वस्त किया जा रहा है।
Ravi Kashyap
दिल्ली में सुल्तानपुर मेट्रो स्टेशन के पास प्रगति रोड के सामने स्थित एक आलीशान होटल को नगर निगम (MCD) द्वारा तोड़ा जा रहा है। यह होटल मात्र एक महीने पहले ही करोड़ों रुपये खर्च करके और लोगों का काफी पैसा लगाकर बनकर तैयार हुआ था, और यह बेहद भव्य बना था। अब इसे 'अवैध' या 'अनधिकृत' बताकर ध्वस्त किया जा रहा है।
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- आम निवेशकों के लिए राजेश एक्सपोर्ट्स की अनियमितताएँ चौंकाने वाली हैं, जहाँ ₹3,000 करोड़ की मार्केट कैप वाली कंपनी पर ₹15 लाख करोड़ के हेरफेर का आरोप है। बाजार नियामक SEBI ने जून 2026 में कंपनी और उसके CMD राजेश मेहता के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया था, जिसमें इस बड़े accounting fraud का खुलासा हुआ है। यह ₹15 लाख करोड़ की राशि भारत के कुल सालाना एक्सपोर्ट के लगभग 20 फीसदी के बराबर है। यह मामला बैंकों से पैसा लेकर भागने का नहीं, बल्कि लेखांकन में हेराफेरी का है। सेबी की गहन जांच में सामने आया है कि राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, जो मुख्य रूप से सोने की रिफाइनिंग और ज्वेलरी के व्यवसाय में है और जिसके शेयरों में गुरुवार को 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा, ने वर्षों तक एक सुनियोजित खेल खेला। कंपनी कागजों पर हर साल ₹2.5 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कारोबार दिखा रही थी, जबकि असल में सोने के बिजनेस में मार्जिन बहुत कम 0.5% से 1% तक ही होता है। सेबी ने पाया कि वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 तक, यानी पाँच साल की अवधि में, कंपनी ने अपनी वित्तीय रिपोर्टों में भारी गड़बड़ी की है। ₹15 लाख करोड़ की यह राशि कोई अचानक गायब हुई नकदी नहीं है, बल्कि पिछले पाँच वर्षों में दिखाए गए कुल अर्जित राजस्व का लगभग 99.8% है, जिसे सेबी ने अपनी जांच के बाद फर्जी और भ्रामक घोषित किया है। जांच में पाया गया कि ये आंकड़े केवल कागजों पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए थे, और वास्तविक बिक्री नहीं हुई थी। सेबी और फोरेंसिक ऑडिटर BDO India की जांच के अनुसार, राजेश एक्सपोर्ट्स ने इन भ्रामक आंकड़ों को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से तीन तरीके अपनाए, जो इस पूरे खेल में कंपनी के 'बेहद शातिर दिमाग' का संकेत देते हैं।1
- देशभर में 5G नेटवर्क के तेजी से हो रहे विस्तार के कारण टेलीकॉम और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां नए मोबाइल टावर स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर जगह तलाश रही हैं। ऐसे में, यदि आपके पास कोई खाली छत या इमारत है, तो उसे किराए पर देकर आप हर महीने अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं। यह जानना जरूरी है कि ज्यादातर लोग यह मानते हैं कि जियो या एयरटेल जैसी कंपनियां सीधे टावर लगाती हैं, जबकि असल में यह कार्य इंडस टावर्स और अमेरिकन टावर कॉर्पोरेशन जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों का होता है। मोबाइल टावर लगाने के लिए जगह की आवश्यकता भिन्न होती है: छत के लिए कम से कम 500 वर्ग फुट खाली जगह और एक मजबूत बिल्डिंग की जरूरत होती है, वहीं प्लॉट पर टावर के लिए 2,000 वर्ग फुट खाली जमीन की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है। मोबाइल टावर से होने वाली कमाई पूरी तरह से आपकी लोकेशन पर निर्भर करती है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में हर महीने 50,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक का किराया आसानी से मिल सकता है। इसके विपरीत, छोटे शहरों में यह राशि 20,000 रुपये से 40,000 रुपये तक होती है, और ग्रामीण इलाकों में हर महीने 10,000 रुपये से 20,000 रुपये तक का किराया मिलता है। कुल मिलाकर, खाली छत या जमीन से हर महीने मोटी कमाई की जा सकती है, जिसके लिए मोबाइल टावर लगवाने की पूरी प्रक्रिया को समझना लाभप्रद हो सकता है।1
- खराब मौसम के चलते राहुल गांधी एक रैली में शामिल नहीं हो पाए। हालांकि, इस घटना के बाद राहुल गांधी ने कुछ कहा है, जिसके बारे में रिपोर्ट में आगे जानकारी दी गई है।1
- बीमा विशेषज्ञ ऋषभ हुड्डा, जिन्हें 'बीमा गुरु' के रूप में जाना जाता है, अपनी बीमा संबंधी सेवाएँ प्रदान करने के लिए उपलब्ध हैं। बीमा से संबंधित किसी भी सहायता या विशेषज्ञ सलाह के लिए, इच्छुक व्यक्ति सीधे उनसे उनके दिए गए संपर्क नंबर 80767444712 पर संपर्क कर सकते हैं। वह बीमा क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के साथ सहयोग देने को तत्पर हैं।2
- Post by Bharatiya Jan KRANTI SENA1
- गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, करोड़ों रुपये की बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया।1
- जब हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था, तब एक आम आदमी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बार-बार मौत के खतरे के बीच जाकर 8 लोगों की जान बचाई। उसकी असाधारण बहादुरी और सूझबूझ के कारण ही ये जिंदगियां बच पाईं। इस साहसी शख्स ने यह साबित कर दिया कि असली नायक बनने के लिए किसी सुपरपावर की नहीं, बल्कि केवल हिम्मत और इंसानियत की जरूरत होती है। घटना के बाद, लोग उसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं और उसे 'असली नायक' बता रहे हैं। जब सब अपनी जान बचाकर भाग रहे थे, तब इस शख्स का मौत के मुंह में जाकर लोगों को बचाने की बहादुरी भरी कहानी ने सबको भावुक कर दिया। यह घटना आज समाज में ऐसे गुमनाम नायकों की याद दिलाती है, जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं।1
- दक्षिण दिल्ली के शाहपुर जाट इलाके में एक व्यक्ति शराब के नशे में धुत होकर स्थानीय लोगों को लगातार परेशान कर रहा है। यह व्यक्ति मूल रूप से साबुन डिकर में रहता है और हमेशा दारू के नशे में रहता है, जिसकी वजह से वह रेहड़ी-पटरी वालों, दुकानदारों, ऑटो चालकों और अधीक्षक चालक वालों को लगातार परेशान करता रहता है। नशे की हालत में यह व्यक्ति अक्सर उनसे मारपीट करने और जबरन पैसे ऐंठने की कोशिश करता है। स्थानीय लोगों ने इस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग की है, ताकि उसे सबक सिखाया जा सके और उसकी इन हरकतों पर लगाम लगाई जा सके।2
- एक नव-निर्वाचित सरपंच दंपत्ति ने सरपंच का पद हासिल करने के बाद अपने घर-परिवार में एकचित्त होकर नाचते-गाते हुए खूब खुशियां मनाईं। सुबह होते ही उनके इस जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर बेहद वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो के बाद कई न्यूज़ चैनलों ने इस जोड़े का इंटरव्यू किया और उन्हें 'डबल मुबारकें' दीं।1