थाना कुसमी* *जिला बलरामपुर रामानुजगंज* *दिनांक 18/04/2026* *अपराध क्रमांक 16/2026 धारा 296, 115(2), 351(1) bns* मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि मृतक धारी उरांव पिता स्वर्गीय बजू राम उम्र 63 वर्ष एवं आरोपी संजीत उरांव दोनों ग्राम देवसराकला थाना कुसमी के निवासी हैं। माह जनवरी में घटना से करीब 10 दिन पूर्व आरोपी संजीत भगत ने मृतक धारी उरांव के भैंसा को 15500/– में बिचवाया था, जबकि मृतक धारी उरांव भैंसा को 16500/– में बेचना चाहता था। 1000/– रु कम में भैंस बिक जाने के कारण मृतक धारी उरांव शराब के नशे में कभी–कभी आरोपी संजीत भगत को 1000/– रु पैसा खाए हो बोलता रहता था। घटना दिनांक 06/02/2026 की रात्रि करीब 08:00 बजे आरोपी संजीत भगत अपने घर के बाहर सड़क के किनारे बैठ कर खाना खा रहा था, तभी मृतक धारी उरांव पुनः वहां आकर आरोपी संजीत भगत को भैंसा का 1000/– रु खाए हो बोलने लगा, जिसपर आरोपी संजीत भगत के द्वारा गुस्से में आकर अपने खाना खा रहे थाली से मृतक धारी उरांव को मार कर मृतक धारी उरांव को जमीन पर पटक दिया जिससे मृतक धारी उरांव को गंभीर चोटें आई थी। जिसपर आरोपी संजीत भगत द्वारा मृतक धारी उरांव का ईलाज करवा देने का आश्वासन देने पर अगले दिन दिनांक 07/02/2026 को धारी उरांव को परिजन ईलाज के लिए शंकरगढ़ अस्पताल ले गए थे जहां परिजनों ने धारी उरांव को गिरने से चोटें आना बताकर ईलाज प्रारंभ करवाया था, जो ठीक नहीं होने पर रायपुर अस्पताल में भर्ती किए थे। धारी उरांव का स्वास्थ्य और बिगड़ने पर दिनांक 20/02/2026 को थाना कुसमी आकर आरोपी संजीत भगत द्वारा धारी उरांव के साथ मारपीट के संबंध में लिखित आवेदन पेश करने पर थाना कुसमी में *अपराध क्रमांक 16/2026 धारा 296, 115(2), 351(2) BNS पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।* *अपराध पंजीबद्ध होने के पश्चात दिनांक 21/02/2026 को ईलाज दौरान रायपुर अस्पताल में धारी उरांव की मृत्यु हो गई। जिसपर थाना कुसमी को बिना नंबरी मर्ग डायरी प्राप्त होने पर नंबरी मर्ग क्रमांक 21/2026 धारा 194 bnss कायम किया गया। आरोपी संजीत भगत द्वारा मारपीट करने से आई गंभीर चोटों के ईलाज के दौरान रायपुर अस्पताल में आहत धारी उरांव की मृत्यु होने पर प्रकरण में धारा 103(1) BNS जोड़कर आरोपी संजीत भगत को विधिवत गिरफ्तार कर आज न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
थाना कुसमी* *जिला बलरामपुर रामानुजगंज* *दिनांक 18/04/2026* *अपराध क्रमांक 16/2026 धारा 296, 115(2), 351(1) bns* मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि मृतक धारी उरांव पिता स्वर्गीय बजू राम उम्र 63 वर्ष एवं आरोपी संजीत उरांव दोनों ग्राम देवसराकला थाना कुसमी के निवासी हैं। माह जनवरी में घटना से करीब 10 दिन पूर्व आरोपी संजीत भगत ने मृतक धारी उरांव के भैंसा को 15500/– में बिचवाया था, जबकि मृतक धारी उरांव भैंसा को 16500/– में बेचना चाहता था। 1000/– रु कम में भैंस बिक जाने के कारण मृतक धारी उरांव शराब के नशे में कभी–कभी आरोपी संजीत भगत को 1000/– रु पैसा खाए हो बोलता रहता था। घटना दिनांक 06/02/2026 की रात्रि करीब 08:00 बजे आरोपी संजीत भगत अपने घर के बाहर सड़क के किनारे बैठ कर खाना खा रहा था, तभी मृतक धारी उरांव पुनः वहां आकर आरोपी संजीत भगत को भैंसा का 1000/– रु खाए हो बोलने लगा, जिसपर आरोपी संजीत भगत के द्वारा गुस्से में आकर अपने खाना खा रहे थाली से मृतक धारी उरांव को मार कर मृतक धारी उरांव को जमीन पर पटक दिया जिससे मृतक धारी उरांव को गंभीर चोटें आई थी। जिसपर आरोपी संजीत भगत द्वारा मृतक धारी उरांव का ईलाज करवा देने का आश्वासन देने पर अगले दिन दिनांक 07/02/2026 को धारी उरांव को परिजन ईलाज के लिए शंकरगढ़ अस्पताल ले गए थे जहां परिजनों ने धारी उरांव को गिरने से चोटें आना बताकर ईलाज प्रारंभ करवाया था, जो ठीक नहीं होने पर रायपुर अस्पताल में भर्ती किए थे। धारी उरांव का स्वास्थ्य और बिगड़ने पर दिनांक 20/02/2026 को थाना कुसमी आकर आरोपी संजीत भगत द्वारा धारी उरांव के साथ मारपीट के संबंध में लिखित आवेदन पेश करने पर थाना कुसमी में *अपराध क्रमांक 16/2026 धारा 296, 115(2), 351(2) BNS पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।* *अपराध पंजीबद्ध होने के पश्चात दिनांक 21/02/2026 को ईलाज दौरान रायपुर अस्पताल में धारी उरांव की मृत्यु हो गई। जिसपर थाना कुसमी को बिना नंबरी मर्ग डायरी प्राप्त होने पर नंबरी मर्ग क्रमांक 21/2026 धारा 194 bnss कायम किया गया। आरोपी संजीत भगत द्वारा मारपीट करने से आई गंभीर चोटों के ईलाज के दौरान रायपुर अस्पताल में आहत धारी उरांव की मृत्यु होने पर प्रकरण में धारा 103(1) BNS जोड़कर आरोपी संजीत भगत को विधिवत गिरफ्तार कर आज न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
- मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि मृतक धारी उरांव पिता स्वर्गीय बजू राम उम्र 63 वर्ष एवं आरोपी संजीत उरांव दोनों ग्राम देवसराकला थाना कुसमी के निवासी हैं। माह जनवरी में घटना से करीब 10 दिन पूर्व आरोपी संजीत भगत ने मृतक धारी उरांव के भैंसा को 15500/– में बिचवाया था, जबकि मृतक धारी उरांव भैंसा को 16500/– में बेचना चाहता था। 1000/– रु कम में भैंस बिक जाने के कारण मृतक धारी उरांव शराब के नशे में कभी–कभी आरोपी संजीत भगत को 1000/– रु पैसा खाए हो बोलता रहता था। घटना दिनांक 06/02/2026 की रात्रि करीब 08:00 बजे आरोपी संजीत भगत अपने घर के बाहर सड़क के किनारे बैठ कर खाना खा रहा था, तभी मृतक धारी उरांव पुनः वहां आकर आरोपी संजीत भगत को भैंसा का 1000/– रु खाए हो बोलने लगा, जिसपर आरोपी संजीत भगत के द्वारा गुस्से में आकर अपने खाना खा रहे थाली से मृतक धारी उरांव को मार कर मृतक धारी उरांव को जमीन पर पटक दिया जिससे मृतक धारी उरांव को गंभीर चोटें आई थी। जिसपर आरोपी संजीत भगत द्वारा मृतक धारी उरांव का ईलाज करवा देने का आश्वासन देने पर अगले दिन दिनांक 07/02/2026 को धारी उरांव को परिजन ईलाज के लिए शंकरगढ़ अस्पताल ले गए थे जहां परिजनों ने धारी उरांव को गिरने से चोटें आना बताकर ईलाज प्रारंभ करवाया था, जो ठीक नहीं होने पर रायपुर अस्पताल में भर्ती किए थे। धारी उरांव का स्वास्थ्य और बिगड़ने पर दिनांक 20/02/2026 को थाना कुसमी आकर आरोपी संजीत भगत द्वारा धारी उरांव के साथ मारपीट के संबंध में लिखित आवेदन पेश करने पर थाना कुसमी में *अपराध क्रमांक 16/2026 धारा 296, 115(2), 351(2) BNS पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।* *अपराध पंजीबद्ध होने के पश्चात दिनांक 21/02/2026 को ईलाज दौरान रायपुर अस्पताल में धारी उरांव की मृत्यु हो गई। जिसपर थाना कुसमी को बिना नंबरी मर्ग डायरी प्राप्त होने पर नंबरी मर्ग क्रमांक 21/2026 धारा 194 bnss कायम किया गया। आरोपी संजीत भगत द्वारा मारपीट करने से आई गंभीर चोटों के ईलाज के दौरान रायपुर अस्पताल में आहत धारी उरांव की मृत्यु होने पर प्रकरण में धारा 103(1) BNS जोड़कर आरोपी संजीत भगत को विधिवत गिरफ्तार कर आज न्यायिक रिमांड पर भेजा गया1
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- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम सेमरबुढ़नी में प्रस्तावित नए अस्पताल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। भूमि सीमांकन के लिए पहुंचे विभागीय जेई को ग्रामीणों के विरोध के कारण बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा। ग्राम प्रधान विजय खलखो ने बताया कि गांव में कुछ वर्ष पूर्व ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया गया था, लेकिन आज तक वहां से ग्रामीणों को कोई भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस कारण लोगों में सरकार की योजनाओं के प्रति विश्वास लगातार कम होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पहले से निर्मित स्वास्थ्य केंद्र ही निष्क्रिय पड़ा है, तो नए अस्पताल के निर्माण का कोई औचित्य नहीं है। उनका आरोप है कि केवल भवन निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं तक नहीं मिल रही हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि पहले से बने उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) को चालू कर उसमें डॉक्टर, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद ही नए स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर विचार किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक वे नए अस्पताल निर्माण कार्य का विरोध जारी रखेंगे। मौके पर बिनोद प्रसाद, भुषण तिर्की, बिनोद महली, मिखाईल लकड़ा समेत अन्य कई ग्रामीण उपस्थित थे।2
- विद्यालय में आज बच्चों के बीच चना-गुड़ का वितरण किया गया। सभी बच्चों ने खुशी-खुशी इसे प्राप्त किया। चना और गुड़ पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए बहुत लाभदायक हैं। इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को स्वच्छता और स्वस्थ आहार के महत्व के बारे में भी बताया गया।1
- भगवान बिरसा मुंडा मुख्य रूप से वर्तमान झारखंड राज्य के छोटानागपुर पठारी क्षेत्र के निवासी थे। उनके कार्यक्षेत्र और जन्मस्थान से संबंधित मुख्य विवरण इस प्रकार हैं: जन्म स्थान: बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को रांची जिले (अब खूंटी जिला) के उलिहातु (Ulihatu) गाँव में हुआ था। कार्यक्षेत्र: उनका मुख्य संघर्ष क्षेत्र खूंटी, रांची और चाईबासा के आसपास का छोटानागपुर क्षेत्र था। आंदोलन का केंद्र: उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत और स्थानीय जमींदारों के खिलाफ अपना विद्रोह (उलगुलान) खूंटी जिले से ही संचालित किया था। वे मुंडा जनजाति से संबंधित थे और उन्हें 'धरती आबा' (जगत पिता) के नाम से भी जाना जाता है। यदि आप उनके जीवन के बारे में और जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं: क्या आप उनके द्वारा चलाए गए उलगुलान आंदोलन के बारे में जानना चाहते हैं? क्या आप बिरसाइत संप्रदाय के बारे में जानना चाहते हैं? क्या आप उनसे संबंधित ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं?1
- रंका रोड़ स्थित महुलिया मोड़ के पास शव को सड़क पर रख कर ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया और बड़े अधिकारी को बुलाने की मांग पर खड़े रहे परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है1
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ अनुमंडल के जंगलों में पिछले एक हफ्ते से आग का ऐसा तांडव मचा है कि हर तरफ सिर्फ धुआं, लपटें और तबाही नजर आ रही है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार महकमा अब भी गहरी नींद में है।जंगल धू-धू कर जल रहा है पेड़ राख बन रहे हैं और बेजुबान जानवर अपनी जान बचाने के लिए गांवों की ओर भाग रहे हैं। हालात इतने खौफनाक हैं कि आसमान में काले धुएं की मोटी चादर छा गई है ग्रामीणों को सांस लेना मुश्किल हो गया है तापमान अचानक कई डिग्री बढ़ गया है छोटे जीव-जंतु, पक्षी और उनके अंडे जलकर खत्म हो चुके हैं स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी एक हफ्ते से आग लगी है, लेकिन वन विभाग गहरी नींद में है कोई सुनने वाला नहीं! तेज हवाएं और सूखे पत्ते आग को और विकराल बना रहे हैं। हर दिन नया इलाका इसकी चपेट में आ रहा है, लेकिन जमीन पर असरदार कार्रवाई कहीं नजर नहीं आ रही। ये सिर्फ आग नहीं है यह सिस्टम की नाकामी, लापरवाही और संवेदनहीनता की जलती हुई मिसाल है।3
- और कहीं लोग बोधधर्म को अपना रहे हैं, और कहीं हिंदू धर्म को अपना रहे हैं l क्या चल रहा है भारत में, समझ नहीं आ रहा है l कहि लोग संविधान की महताव समझते हैं l कहि लोग धर्म की महताव को समझ रहे हैं l1
- छात्र छात्राओ ने किया थाना/ चौकी का शैक्षणिक भ्रमण, पुलिस की कार्यप्रणाली से हुए अवगत। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे छात्र छात्राओं ने सीसीटीएनएस कक्ष, रोजनामचा, बंदीगृह, मालखाना एवं शस्त्रागार की व्यवस्था को करीब से देखा, भ्रमण मे बच्चे रहे उत्साहित। पुलिस टीम द्वारा बच्चों को गुड टच बैड टच, पोक्सो एक्ट के प्रावधान, जे. जे. एक्ट, साइबर सुरक्षा, यातायात सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी किया गया प्रदान। थाना/ चौकी के शैक्षणिक भ्रमण से सकरात्मक रूप से छात्र छात्राओं के मनोबल मे हुई वृद्धि। :- छात्र छात्राओं को नशे के दुष्परिणाम बताकर नशे से दूर रहकर स्वस्थ समाज बनाने की ओर कदम बढ़ाने दी गई समझाईस। छात्र छात्राओं को पुलिस बल की कार्यप्रणाली से अवगत कराकर बच्चों के मन मे पुलिस के प्रति सकरात्मक अवधारणा उत्पन्न करने सहित छात्र छात्राओं को विधिक जागरूकता, महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव, नशे से दूर रहने संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को अपने अपने थाना/चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्कूल के छात्र छात्राओं को थाना/चौकी का शैक्षणिक भ्रमण कराये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे थाना कोतवाली, थाना गांधीनगर, थाना मणीपुर, थाना लखनपुर, थाना लुन्ड्रा, थाना धौरपुर, थाना बतौली पुलिस टीम द्वारा मठपारा मिडिल स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर लखनपुर, हायर सेकंडरी स्कूल बोदा, बतौली, नवीन कॉलेज धौरपुर, स्वामी आत्मानन्द स्कूल गांधीनगर, मिशन स्कूल उदयपुर के छात्र छात्राओं को थाना/चौकी का शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण कराया गया। छात्र छात्राओं को थाना/चौकी के विभिन्न कक्षों, शस्त्रागार, बंदी गृह (हवालात), सीसीटीएन कक्ष, मालखाना, बालकक्ष दिखकर पुलिस बल की कार्यालयीन कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। साथ ही शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आपातकालीन सेवाएँ, महिला हेल्पलाइन 181, डायल 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं अभिव्यक्ति ऐप के संबंध में विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया, छात्र छात्राओं को बताया गया कि पुलिस आप सभी सुरक्षा के लिये मुस्तैद है। पुलिस का मुख्य कार्य समाज मे क़ानून व्यवस्था बनाये रखकर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख़्ती से कार्यवाही करना है, उक्त बात छात्र छात्राओं को बहुत ही आसान शब्दों में समझाया गया। जिससे छात्र छात्राओं के मन में पुलिस की एक अच्छी छवि निर्मित हो। किसी भी व्यक्ति का व्यवहार असहज लगने पर या उनके व्यवहार से कुछ गलत महसुस होने पर अपने माता-पिता को उक्त जानकारी से अवगत कराने सहित पुलिस को निःसंकोच साझा करने की जानकारी दी गई, उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में विधिक जागरूकता एवं अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी से अवगत कराना था। थाना/चौकी प्रभारियों ने छात्र छात्राओं को कानून के प्रति जागरूक रहने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में निडर होकर पुलिस से संपर्क करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्राओं ने जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका समाधान सरल भाषा में किया गया। शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण से छात्राओं के आत्मविश्वास मे वृद्धि तथा सुरक्षा संबंधी जागरूकता में वृद्धि हुई। शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण के दौरान थाना चौकी प्रभारी समेत विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राओं सहित स्कूल के शिक्षकगण एवं पुलिस अधिकारी कर्मचारी सक्रिय रहे।1