उदनखेड़ी में ट्रांसफार्मर में शार्ट सर्किट से लगी आग 12 बीघा के गेहूं जलकर हुए खाक पचोर उदनखेड़ी में ट्रांसफार्मर में शार्ट सर्किट से लगी आग से किसान संजय नागर पिता नारायणसिंह ,हरिओम पिता नारायण सिंह ओर उनके काका दुर्गाप्रसाद नागर पिता बापूलाल के करीब 12 बीघा से अधिक गेहूं जल गए , सूचना और आसपा सके किसानों ने टैंकर ,फायर वाहन, पुलिस भी पहुंची और बमुश्किल आग पर काबू पाया ,पटवारी की अनुपस्थिति में सहायक पहुंचे और पंचनामा बनाया पीड़ित किसानों ने बिजली विभाग से आगजनी में नुकसान की भरपाई की मांग की।आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते दूर जा पहुंची गंभीमत रही की किसान आसपास क्षेत्रों में हार्वेस्टर चकवा रहे थे वरना बड़ी हानि हो सकती थी ।किसानों ने बताया कि पिछले दिनों 25,30 बीघा जल गए थे लेकिन फिर भी बिजली विभाग ने ध्यान नहीं दिया । बिजली विभाग की तानाशाही इतनी की निंदा प्रस्ताव पास होने के बाद भी सत्ता ओर शासन पर हावी हे किसानों के नुकसान की भरपाई कैसे होगी ,किसानों ने दूसरे की जमीन बंटाई कर मेहनत की ओर परिणाम सब चौपट ,,,,, सुबह 10 बजे दे रहे जिससे गर्मी में टूटना जरा सी चिंगारी आग का गोला बन रही हे ,कृपया बिजली विभाग सप्लाई में परिवर्तन करे सुबह 6 से 10 बजे तक ही करने की मांग कर रहे हे जनपद सदस्य शांतिलाल नागर ,ग्रामीणों ने कहा कि अगर कल से दिन में सप्लाई चालू हुई तो वे चक्काजाम करेंगे ,कब तक किसान बर्बाद होते रहेंगे, एसडीएम रोहित बम्होरे ने कहा कि पंचायतों से आवेदन बनवाकर भिजवा दीजिए बिजली सप्लाई सुबह 6 से 10 तक करवाने के लिए ,बिजली अधिकारियों से बात कर किसान हित में बात कर सप्लाई बंद करवाएंगे।
उदनखेड़ी में ट्रांसफार्मर में शार्ट सर्किट से लगी आग 12 बीघा के गेहूं जलकर हुए खाक पचोर उदनखेड़ी में ट्रांसफार्मर में शार्ट सर्किट से लगी आग से किसान संजय नागर पिता नारायणसिंह ,हरिओम पिता नारायण सिंह ओर उनके काका दुर्गाप्रसाद नागर पिता बापूलाल के करीब 12 बीघा से अधिक गेहूं जल गए , सूचना और आसपा सके किसानों ने टैंकर ,फायर वाहन, पुलिस भी पहुंची और बमुश्किल आग पर काबू पाया ,पटवारी की अनुपस्थिति में सहायक पहुंचे और पंचनामा बनाया पीड़ित किसानों ने बिजली विभाग से आगजनी में नुकसान की भरपाई की मांग की।आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते दूर जा पहुंची गंभीमत रही की किसान आसपास क्षेत्रों में हार्वेस्टर चकवा रहे थे वरना बड़ी हानि हो सकती थी ।किसानों ने बताया कि पिछले दिनों 25,30 बीघा जल गए थे लेकिन फिर भी बिजली विभाग ने ध्यान नहीं दिया ।
बिजली विभाग की तानाशाही इतनी की निंदा प्रस्ताव पास होने के बाद भी सत्ता ओर शासन पर हावी हे किसानों के नुकसान की भरपाई कैसे होगी ,किसानों ने दूसरे की जमीन बंटाई कर मेहनत की ओर परिणाम सब चौपट ,,,,, सुबह 10 बजे दे रहे जिससे गर्मी में टूटना जरा सी चिंगारी आग का गोला बन रही हे ,कृपया बिजली विभाग सप्लाई में परिवर्तन करे सुबह 6 से 10 बजे तक ही करने की मांग कर रहे हे जनपद सदस्य शांतिलाल नागर ,ग्रामीणों ने कहा कि अगर कल से दिन में सप्लाई चालू हुई तो वे चक्काजाम करेंगे ,कब तक किसान बर्बाद होते रहेंगे, एसडीएम रोहित बम्होरे ने कहा कि पंचायतों से आवेदन बनवाकर भिजवा दीजिए बिजली सप्लाई सुबह 6 से 10 तक करवाने के लिए ,बिजली अधिकारियों से बात कर किसान हित में बात कर सप्लाई बंद करवाएंगे।
- पचोर उदनखेड़ी में ट्रांसफार्मर में शार्ट सर्किट से लगी आग से किसान संजय नागर पिता नारायणसिंह ,हरिओम पिता नारायण सिंह ओर उनके काका दुर्गाप्रसाद नागर पिता बापूलाल के करीब 12 बीघा से अधिक गेहूं जल गए , सूचना और आसपा सके किसानों ने टैंकर ,फायर वाहन, पुलिस भी पहुंची और बमुश्किल आग पर काबू पाया ,पटवारी की अनुपस्थिति में सहायक पहुंचे और पंचनामा बनाया पीड़ित किसानों ने बिजली विभाग से आगजनी में नुकसान की भरपाई की मांग की।आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते दूर जा पहुंची गंभीमत रही की किसान आसपास क्षेत्रों में हार्वेस्टर चकवा रहे थे वरना बड़ी हानि हो सकती थी ।किसानों ने बताया कि पिछले दिनों 25,30 बीघा जल गए थे लेकिन फिर भी बिजली विभाग ने ध्यान नहीं दिया । बिजली विभाग की तानाशाही इतनी की निंदा प्रस्ताव पास होने के बाद भी सत्ता ओर शासन पर हावी हे किसानों के नुकसान की भरपाई कैसे होगी ,किसानों ने दूसरे की जमीन बंटाई कर मेहनत की ओर परिणाम सब चौपट ,,,,, सुबह 10 बजे दे रहे जिससे गर्मी में टूटना जरा सी चिंगारी आग का गोला बन रही हे ,कृपया बिजली विभाग सप्लाई में परिवर्तन करे सुबह 6 से 10 बजे तक ही करने की मांग कर रहे हे जनपद सदस्य शांतिलाल नागर ,ग्रामीणों ने कहा कि अगर कल से दिन में सप्लाई चालू हुई तो वे चक्काजाम करेंगे ,कब तक किसान बर्बाद होते रहेंगे, एसडीएम रोहित बम्होरे ने कहा कि पंचायतों से आवेदन बनवाकर भिजवा दीजिए बिजली सप्लाई सुबह 6 से 10 तक करवाने के लिए ,बिजली अधिकारियों से बात कर किसान हित में बात कर सप्लाई बंद करवाएंगे।2
- Post by Banwari katariya1
- Post by Mahakal Dangi1
- कालापीपल के नांदनी में वाहन हटाने के विवाद पर बवाल, दो युवकों की पिटाई के बाद ग्रामीणों ने किया चक्काजाम कालापीपल क्षेत्र के नांदनी गांव में वाहन हटाने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार करीब 20 लोगों ने मिलकर दो युवकों के साथ मारपीट कर दी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि वाहन हटाने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। मारपीट में दो युवक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर जाम खुलवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।1
- बडोनी:आजाद समाज पार्टी की संकल्प यात्रा पर पुलिस की कार्रवाई दतिया, 11 मार्च। आजाद समाज पार्टी की संकल्प यात्रा को पुलिस ने गोराघाट में रोक दिया। पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करके कार्यकर्ताओं को खदेड़ा। इस दौरान आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर सिंह यादव भी गिरफ्तार कर लिए गए।पुलिस ने गोराघाट सिंध पुल के पास भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आंदोलन को खत्म कर दिया। पुलिस के बैरीकेट से आगे नहीं बढ़ सके भीम आर्मी के कार्यकर्त्ता। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना अनुमति यात्रा निकालने पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर हमला किया।पुलिस ने कहा कि आजाद समाज पार्टी की यात्रा को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने कहा कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।2
- Post by Jitendra Patidar1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया की ग्राम पंचायत तिंगजपुर में पेयजल संकट को लेकर जन संघर्ष समिति द्वारा जनपद पंचायत मोहन बड़ोदिया परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम मोहन बड़ोदिया तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। जन संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के नेतृत्व में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत तिंगजपुर में लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। धरना-प्रदर्शन के दौरान जन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जल्द ही ग्राम पंचायत तिंगजपुर में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो समिति द्वारा ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव में स्थायी रूप से पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। इसके पश्चात समिति के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार मोहन बड़ौदिया को सौंपा और समस्या के निराकरण के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान जन संघर्ष समिति के पदाधिकारी राजा भैय्या,अविनाश सिंह, राम सिंह मालवीय, डॉ शिव मालवीय, संतोष,संदीप सिसोदिया,गोकुल एवं ग्राम पंचायत तिंगजपुर के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।1
- पचोर। दिल्ली के उत्तम नगर (विकास नगर) में होली के दिन हुई तरुण खटीक की हत्या के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। सोमवार को पचोर में प्रशासनिक सुधार एवं लोक अधिकार परिषद के नेतृत्व में स्थानीय लोग तथा खटीक समाज द्वारा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन भारत के राष्ट्रपति को संबोधित है। परिषद के राज्य चेयरमैन हरीश कुमार मुंडेरिया ने ज्ञापन के माध्यम से पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं। उन्होंने बताया कि जिस तरह से भीड़ ने एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला, वह कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। ज्ञापन में मुख्य रूप से फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा, सरकारी नौकरी और आरोपियों पर SC/ST एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपते समय खटीक समाज पचोर और परिषद के सदस्यों ने एक स्वर में न्याय की गुहार लगाई। प्रशासन को सौंपे गए इस पत्र में चेतावनी दी गई है कि समाज में असुरक्षा की भावना को खत्म करने के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है।1