Shuru
Apke Nagar Ki App…
एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नकटी गांव की एक बच्ची ने विधायक अनुज शर्मा के सामने अपनी दिल की बात रखी है। यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
ABC NEWS
एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नकटी गांव की एक बच्ची ने विधायक अनुज शर्मा के सामने अपनी दिल की बात रखी है। यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- नवापारा राजिम में नगर की सामाजिक संस्था 'मॉर्निंग मस्ती ग्रुप' ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर स्थानीय नेहरू बाल उद्यान में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. के. आर. सिन्हा को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित सदस्यों ने समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान को याद करते हुए उनके सेवा भाव की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान, संस्था के वरिष्ठ सदस्य अशोक गंगवाल ने अपने उद्बोधन में डॉक्टरों को 'धरती के भगवान' बताते हुए कहा कि वे निस्वार्थ भाव से मानव जीवन की रक्षा करते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि डॉक्टर कठिन परिस्थितियों में भी अपनी सेवाओं के माध्यम से समाज को नई दिशा और जीवन प्रदान करते हैं। इस अवसर पर संस्था के प्रमुख सदस्यों और उपस्थित नागरिकों ने डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके सम्मान में अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में ठाकुरदास सायरानी, गोपाल अग्रवाल, कमलेश साहू, प्रेम साधवानी, महावीर पारख, मुरली पिंजानी, शिव भगवान शर्मा, अशोक सचदेव, दिलीप रावलानी, तुकाराम कंसारी, संतोष सोनी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत सौहार्दपूर्ण और प्रेरणादायक रहा, जहाँ सभी उपस्थित लोगों ने डॉक्टर्स डे को समाज के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया और चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत सभी डॉक्टरों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अंत में, मॉर्निंग मस्ती ग्रुप के सदस्यों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।1
- एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नकटी गांव की एक बच्ची ने विधायक अनुज शर्मा के सामने अपनी दिल की बात रखी है। यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- छत्तीसगढ़ में चॉइस सेंटरों की आड़ में आधार आधारित बैंकिंग सेवाओं के जरिए धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ लोगों का दावा है कि आधार के माध्यम से पैसे निकालते समय उनसे कई बार फिंगरप्रिंट लिए गए, जिसके कारण उनके लेनदेन में गड़बड़ी हुई। इन पीड़ितों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए, आधार के जरिए पैसे निकालने वाले सभी उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे प्रत्येक ट्रांजैक्शन की रसीद अवश्य लें, SMS अलर्ट पर ध्यान दें, और किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत बैंक और पुलिस में शिकायत करें।1
- नकटी गांव में गरीब और असहाय लोग गहरे दर्द में डूबे हुए हैं। वहां की स्थिति इतनी दयनीय है कि लोग अपनी पीड़ा में रोते-बिलखते देखे जा सकते हैं, जो उनकी असहनीय असहायता को उजागर करता है।1
- दुर्ग पुलिस अवैध गांजा बिक्री करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में, कुम्हारी पुलिस ने कुकदा रोड कुम्हारी के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस को एक पल्सर मोटर साइकिल पर दो व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से गांजा रखने और ग्राहक का इंतजार करने की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने तुरंत छापेमारी की कार्रवाई की। मौके पर पकड़े गए आरोपियों की पहचान सूरज कुमार कोसले (उम्र 20 वर्ष, पिता नारद कुमार कोसले, निवासी कुंदरापारा पोटिया, थाना पद्मनाभपुर, जिला दुर्ग) और सतीश ठाकुर (उम्र 23 वर्ष, पिता रमेश ठाकुर, निवासी पोटिया कुंदरापारा, थाना पदमनागपुर, दुर्ग) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 4.100 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत ₹2,05,000 आंकी गई है। इसके अलावा, ₹40,000 की एक काले रंग की बिना नंबर वाली पल्सर मोटर साइकिल, ₹25,000 का एक आईफोन और ₹20,000 नकद भी जब्त किए गए हैं। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अवैध गांजा रखने की बात स्वीकार की। यह पूरी कार्रवाई अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से गांजे के अवैध संग्रहण और बिक्री से संबंधित थी। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया और दिनांक 02.07.2026 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। यह कार्रवाई नशे और अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जिसमें कुम्हारी पुलिस स्टाफ और ACCU की सराहनीय भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन या संग्रहण जैसी गतिविधियों से दूर रहें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसी अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया है।1
- बेमेतरा जिले के देवरबीजा चौकी अंतर्गत आबादीपारा निवासी रोमन पाण्डेय (36) ने 30 जून 2026 को एक रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि 29 जून 2026 की शाम मंदिर की पूजा के बाद वे अन्नपूर्णा कृषि केंद्र देवरबीजा के पास बैठे थे। तभी रात करीब 8:30 बजे कोदवा की तरफ से तेज गति से आ रही एक पिकअप को उन्होंने रोका। वाहन (क्रमांक सीजी-09-जे.टी.-6387) के डाले में 5 बछड़े निर्दयतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे, जिन्हें न चारा दिया गया था और न पानी, जिससे वे भूखे-प्यासे शारीरिक पीड़ा और यातना झेल रहे थे। पिकअप के अंदर बैठे चार लोगों से पूछताछ करने पर गौवंश मालिक ने अपना नाम बलराम वर्मा, ग्राम दैहानडीह, थाना सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम बताया। अन्य तीन लोगों ने अपने नाम होम सिंह वर्मा (आमगांव स. लोहारा), घुर सिंह वर्मा और राजेंद्र वर्मा (दोनों ग्राम दैहानडीह स. लोहारा, जिला कबीरधाम से) बताए। ये सभी गौवंश को कत्ल करने के लिए कत्लखाना ले जा रहे थे। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (क) (घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जाने पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव एवं एसडीओपी बेमेतरा श्री भूषण एक्का के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी देवरबीजा उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल को चौकी स्टाफ के साथ अपराध विवेचना हेतु लगाया गया। विवेचना के दौरान 5 बछड़ों और घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक सीजी-09-जे.टी.-6387 को जब्त किया गया। इस प्रकरण में सभी चारों आरोपी बलराम वर्मा (49, निवासी ग्राम दैहहानडीह), होम सिंह वर्मा (45, निवासी आमगांव), घुर सिंह वर्मा (30, निवासी ग्राम दैहानडीह) और राजेंद्र वर्मा (52, निवासी ग्राम दैहानडीह) को 30 जून 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी देवरबीजा उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल, प्रधान आरक्षक नंदलाल चतुर्वेदी, नरेंद्र ठाकुर, अवधेश सिंह, आरक्षक मुकेश सिंह, रवि साहू, छोटूराम टेम्बुकर, पुरुषोत्तम पटेल, साबित गोयल और चौकी के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के दावों के बीच बलौदाबाजार जिले की पलारी तहसील के ग्राम सीतापार में स्थित प्राथमिक शाला की बदहाल स्थिति सच्चाई उजागर कर रही है। यहां लगभग 60 छात्र-छात्राएं एक जर्जर भवन में अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहां चारों कक्षों की छतों से लगातार प्लास्टर गिर रहा है और कई जगहों पर सरिए तक बाहर निकल आए हैं। इस जर्जर हालत के कारण किसी भी समय दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों से पांचों कक्षाओं का संचालन केवल दो कमरों में सीमित कर दिया है। एक कमरे में कक्षा पहली, दूसरी और तीसरी के विद्यार्थी एक साथ बैठकर पढ़ते हैं, जबकि दूसरे कमरे में कक्षा चौथी और पांचवीं का संचालन हो रहा है। इससे शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है और शिक्षकों के लिए सभी कक्षाओं पर समान ध्यान देना कठिन हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने भवन की खराब स्थिति को लेकर कई बार सरपंच और प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन अब तक न तो कोई मरम्मत हुई है और न ही नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया है। उनकी शिकायतें केवल आश्वासनों तक ही सीमित रह गई हैं। विद्यालय में पेयजल का संकट भी गंभीर है, क्योंकि हैंडपंप और बोरवेल लंबे समय से खराब पड़े हैं। इस वजह से रसोइयों को मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए लगभग 500 मीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। शिक्षकों के अनुसार, सीमित संसाधनों के साथ पढ़ाई जारी रखना उनकी मजबूरी है। दो कमरों में पांच कक्षाओं का संचालन करना बेहद चुनौतीपूर्ण है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट भी दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण जर्जर भवन और मूलभूत सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद अब तक भवन की मरम्मत या पेयजल व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तकनीकी निरीक्षण, नए भवन की स्वीकृति और पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।3
- छत्तीसगढ़ में एक गायक से जुड़ा विवाद गहरा गया है, जहाँ एक महिला द्वारा लगाए गए आरोप अब गहन चर्चा का विषय बन गए हैं। इस मामले ने पूरे राज्य में लोगों का ध्यान खींचा है और बहस छेड़ दी है। दरअसल, छत्तीसगढ़ में यह अक्सर देखा गया है कि महिलाएं इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों का उपयोग करके गायकों पर गंभीर आरोप लगाती रही हैं। ये विवाद प्रायः अश्लील कार्यक्रमों से संबंधित होते हैं और समय-समय पर ऐसे मामले तूल पकड़ते रहे हैं।1