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कोलायत से खबर कैबिनेट मंत्री से आवाज़ चैनल की खास बातचीत, कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा पहुंचे झझु गाँव, झझु में स्वीकृत मंडी के काम पर लगेगी जल्द ही विकास की गति, झझु की नवनिर्वाचित सरपंच पुष्पा देवी चौधरी के धन्यवाद सभा में पहुंचे मंत्री
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कोलायत से खबर कैबिनेट मंत्री से आवाज़ चैनल की खास बातचीत, कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा पहुंचे झझु गाँव, झझु में स्वीकृत मंडी के काम पर लगेगी जल्द ही विकास की गति, झझु की नवनिर्वाचित सरपंच पुष्पा देवी चौधरी के धन्यवाद सभा में पहुंचे मंत्री
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- 72 घंटे तक पहचान का इंतजार... फिर सम्मान के साथ हुआ अज्ञात वृद्ध का अंतिम संस्का कोलायत। कपिल मुनि सरोवर घाट के पास मिले करीब 60 वर्षीय अज्ञात वृद्ध के शव की पहचान के लिए पुलिस ने 72 घंटे तक हरसंभव प्रयास किए, लेकिन कोई परिजन सामने नहीं आया। आखिरकार पुलिस ने नियमानुसार पोस्टमार्टम करवाकर डीएनए नमूने सुरक्षित रखवाए और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वृद्ध का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करवाया। जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे कपिल मुनि सरोवर घाट के पास एक वृद्ध व्यक्ति अचेत अवस्था में मिला था। सूचना मिलने पर 108 एम्बुलेंस की सहायता से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को उप जिला अस्पताल कोलायत की मोर्चरी में रखवाया गया। मृतक की पहचान के लिए थानाधिकारी निरीक्षक जसवीर कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रयास किए। एएसआई रोहिताश भारी सहित पुलिसकर्मियों ने आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने और मृतक के परिजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन 72 घंटे बीतने के बाद भी पहचान नहीं हो सकी। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने नियमानुसार पोस्टमार्टम करवाया तथा भविष्य में पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीएनए नमूने सुरक्षित रखवाए। इसके बाद वृद्ध का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करवाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में थानाधिकारी जसवीर कुमार, एएसआई रोहिताश भारी, कांस्टेबल अनिल कुमार, चालक कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, चालक सज्जन कुमार, ग्राम विकास अधिकारी गोविंद, राजकुमार खड़गावत तथा खिदमतगार खादिम समिति बीकानेर की असहाय सेवा संस्थान से जुड़े जुनेद खान सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया। थानाधिकारी जसवीर कुमार ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मृतक को पहचानता है या उसके परिजनों के संबंध में कोई जानकारी रखता है, तो पुलिस थाना कोलायत को सूचित करें, ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित की जा सके।1
- नागौर में दीपावली की रौनक, गुलजार हुए बाजार… सजने लगीं पटाखों और सजावटी सामान की दुकानें दीपावली को लेकर बाजारों में बढ़ी चहल-पहल, घरों को रोशन और आकर्षक बनाने के लिए खरीदारी में जुटे लोग नागौर,,दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही नागौर शहर में बाजारों की रौनक बढ़ने लगी है। शहर के प्रमुख बाजारों में चहल-पहल देखने को मिल रही है। फुटपाथों पर भी दीपावली से जुड़ी अस्थायी दुकानें सजने लगी हैं। कहीं पटाखों की दुकानें ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं, तो कहीं घरों को सजाने के लिए रंग-बिरंगी झालरें, लाइटें, सजावटी सामान और दीपावली की आकर्षक सामग्री बिक्री के लिए उपलब्ध है। दीपावली के त्योहार को लेकर दुकानदारों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बाजारों में रंग-बिरंगी रोशनी और सजावटी सामान की दुकानों से त्योहार का माहौल नजर आने लगा है। लोग अपने घरों को आकर्षक रूप देने के लिए खरीदारी करने बाजार पहुंच रहे हैं। बच्चों में पटाखों को लेकर उत्साह है, वहीं परिवार के लोग घर की सजावट और रोशनी के लिए जरूरी सामान खरीदने में जुटे हैं। कुल मिलाकर दीपावली से पहले ही नागौर के बाजारों में त्योहार की रौनक दिखाई देने लगी है। आने वाले दिनों में खरीदारी और बाजारों की चहल-पहल और बढ़ने की उम्मीद है।4
- panchayat election Rajasthan,,5 october राजस्थान पंचायत चुनाव राजस्थान पंचायत चुनाव आयोग ने आज दिनांक 5अक्टूबर को घोषित किया है1
- नई शिक्षा नीति से बदलेगा आयुर्वेद विश्वविद्यालय का BNYS पाठ्यक्रम राजस्थान रिपोर्टर: दीपक सिंह निर्वाण जोधपुर, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में बीएनवाईएस (बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज) प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के अनुरूप संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में गठित विषयवार समितियों की बैठक बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समिति के सदस्यों ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।बैठक में कुलगुरु प्रो. शुक्ल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संशोधित पाठ्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल विकास, उद्यमिता, अनुसंधान एवं नवाचार, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी तथा मूल्यपरक शिक्षा पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने पाठ्यक्रम को व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी और वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया।बैठक में विषयवार समितियों के सदस्यों ने अपने सुझाव एवं अकादमिक विचार प्रस्तुत किए। साथ ही संशोधित पाठ्यक्रम का प्रारंभिक प्रारूप कुलगुरु के समक्ष रखा गया। कुलगुरु प्रो. शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए NEP-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अंतिम प्रारूप शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि इसे आगामी अकादमिक काउंसिल की बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत किया जा सके।बैठक में समिति के संयोजक एवं चारों विषयवार समितियों के अध्यक्ष प्रो. डॉ. गोविंद प्रसाद गुप्ता, प्रो. महेंद्र कुमार शर्मा, प्रो. दिनेश चंद्र शर्मा, डॉ. चंद्रभान शर्मा तथा ऑनलाइन माध्यम से प्रो. सरोज कौशल उपस्थित रहे।समिति के सदस्य सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के साथ डॉ. संजीव कुमार एवं डॉ. दीक्षा जैन ने भी सहभागिता की। डॉ. सतीश ठाकुर, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. निकिता सीरवी एवं डॉ. दीपमाला ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। विश्वविद्यालय की NEP समन्वयक प्रो. मनीषा गोयल भी उपस्थित रहीं।विश्वविद्यालय का यह प्रयास बीएनवाईएस शिक्षा को नई शिक्षा नीति के अनुरूप अधिक गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।2
- अग्रवाल कॉलेज में नशे को लेकर सेमिनार का आयोजन हुआ नशे को लेकर सबको दिलाई गई शपथ मीरा नगरी मेड़ता सिटी स्थित अग्रवाल कॉलेज में युवाओं में बढ़ते नशे के लत को लेकर अग्रवाल कॉलेज ग्रुप1
- श्रीमती शीला देवी ने अपने पति श्री राजेंद्र लोल और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति मे पदभार ग्रहण किया। रिपोर्टर सुरेश कुमार शर्वा जोधपुर राजस्थान जोधपुर जिले की सीमा में बसा लांबा गांव अपनी कई खासियतों के लिए जाना जाता है। एक तरफ जहाँ यह गांव ट्रांसपोर्ट और ट्रक बिजनेस के मामले में पूरे क्षेत्र में अपनी धाक और दबंग पहचान रखता है, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण के प्रति यहाँ के लोगों का समर्पण इसे औरों से बिल्कुल अलग बनाता है। हाल ही में हुए चुनावों में ग्रामवासियों ने भारी उत्साह दिखाते हुए श्रीमती शीला देवी को अपनी नई सरपंच के रूप में चुना है। आज एक गरिमामयी समारोह के दौरान श्रीमती शीला देवी ने अपने पति श्री राजेंद्र लोल और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने गांव के विकास को गति देने और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता पर रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्यारेलाल लाँबा जियाराम जी सारण और धाकड़ सारण सहित ग्राम के गणमान्य लोग मोजूद रहे।1
- कोलायत से खबर कैबिनेट मंत्री से आवाज़ चैनल की खास बातचीत, कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा पहुंचे झझु गाँव, झझु में स्वीकृत मंडी के काम पर लगेगी जल्द ही विकास की गति, झझु की नवनिर्वाचित सरपंच पुष्पा देवी चौधरी के धन्यवाद सभा में पहुंचे मंत्री1
- जमीन से सिर्फ 3 मीटर ऊपर... तभी हवा में भिड़े दो हेलीकॉप्टर! एवरेस्ट पर पहली ऐसी टक्कर, एक भारतीय की दर्दनाक मौत।" एवरेस्ट की वादियों में पहली बार दो हेलीकॉप्टरों की सीधी टक्कर लैंडिंग के वक्त बिगड़ा पायलटों का तालमेल, रोटर ब्लेड केबिन से टकराए; चेन्नई के यात्री की मौत, तीन घायल काठमांडू। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। नेपाल के सोलुखुम्बू जिले में स्थित फेरिचे हेलीपैड पर उतरते समय दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे में चेन्नई निवासी भारतीय यात्री वसंत कुमार की मौत हो गई, जबकि दोनों हेलीकॉप्टरों के पायलट और एक अन्य यात्री शैलेश कुमार पटेल घायल हो गए। नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में हुई इस घटना को पहली मिड-एयर हेलीकॉप्टर टक्कर बताया जा रहा है। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों हेलीकॉप्टर विपरीत दिशाओं से लैंडिंग के लिए आगे बढ़ रहे थे। जमीन से महज दो से तीन मीटर की ऊंचाई पर एक हेलीकॉप्टर के रोटर ब्लेड दूसरे हेलीकॉप्टर के केबिन से टकरा गए। टक्कर इतनी गंभीर थी कि एक यात्री की जान चली गई। एटीसी कवरेज से बाहर है हेलीपैड हादसे का घटनास्थल फेरिचे हेलीपैड समुद्र तल से करीब 4,371 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह इलाका एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की नियमित कवरेज से बाहर है। ऐसे में यहां हेलीकॉप्टरों की आवाजाही के दौरान पायलटों को आपसी समन्वय और संचार के आधार पर लैंडिंग करनी पड़ती है। मंगलवार को दोनों हेलीकॉप्टर अलग-अलग दिशाओं से उतर रहे थे। इसी दौरान पायलटों के बीच तालमेल बिगड़ गया और लैंडिंग से ठीक पहले दोनों विमान एक-दूसरे से टकरा गए। शुरुआती जांच में पायलटों के समन्वय में चूक नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अधिकारी मुकेश डंगोल के मुताबिक, शुरुआती जांच में पायलटों के बीच समन्वय की कमी हादसे की प्रमुख वजह के रूप में सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। एवरेस्ट क्षेत्र में हेलीकॉप्टर पर्यटन, पर्वतारोहियों के बचाव और यात्रियों के परिवहन के लिए अहम साधन हैं। ऐसे में इस हादसे ने ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में हवाई सुरक्षा, संचार व्यवस्था और लैंडिंग के दौरान समन्वय को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1