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राजश्री गुटखा सहित अन्य पान मसाला के रेट बढे पन्ना , सीधी जिले में कालाबाजारी चरम पर
Zayn
राजश्री गुटखा सहित अन्य पान मसाला के रेट बढे पन्ना , सीधी जिले में कालाबाजारी चरम पर
- Zaynकुसमी, सीधी, मध्य प्रदेश🙏10 hrs ago
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- के सिहावल जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत हटवा के मुख्य बाजार में फर्जी ऑनलाइन पेमेंट करने वाला युवक रंगे हाथों पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि आरोपी दुकानों से सामान लेकर मोबाइल पर फर्जी PhonePe पेमेंट दिखाकर फरार हो जाता था। आज ग्रामीणों ने उसे पकड़कर जमकर समझाइश दी। पकड़े जाने पर युवक रोने लगा। वह ढाबा मुसलहवा का निवासी बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी ऐसी घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस की सख्त कार्रवाई नहीं होने से ठगी करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं।1
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- मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से सामने आया यह दोहरा हत्याकांड सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि अंधविश्वास, डर और शक की उस खतरनाक मानसिकता का नतीजा है, जिसने इंसान को हैवान बना दिया। NDTV की ग्राउंड पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो इस सनसनीखेज वारदात की परत-दर-परत सच्चाई बयां करते हैं। क्या है पूरा मामला दरअसल सिंगरौली जिले जियावन थाना क्षेत्र के अंतरवा गांव का यह मामला है. जहाँ अंधविश्वास ने दो जिंदगियां लील लीं. 21 वर्षीय आरोपी छत्रपति सिंह ने संतान न होने और पत्नी के गर्भपात का जिम्मेदार पड़ोसियों के जादू-टोने को माना. इसी सनक में उसने केवल सिंह उम्र 65 वर्ष और फूलमती सिंह उम्र 50 वर्ष की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी. इस हमले में सुमित्रा सिंह और राम भजन गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. वारदात के बाद हत्यारे ने खुद को घर में कैद कर लिया था, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया. फिलहाल आरोपी पुलिस के गिरप्त में है. इस हत्याकांड की ग्राउंड पड़ताल के लिए NDTV के रिपोर्टर देवेंद्र पाण्डेय जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूरी का सफर तय कर अंतरवा गाँव के लोहरा बस्ती में पहुँचे जहाँ में अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है, लोग दहसत में है,NDTV से गाँव के कई लोगों ने हादसे वाली रात का वो ख़ौफ़नाक मंजर की दास्तां भी बयां किया. खामोशी से पहले की वो रात ग्रामीणों के मुताबिक घटना वाली रात गांव में सब कुछ सामान्य था। लोग अपने-अपने घरों में थे, लेकिन आरोपी के मन में उथल-पुथल मची हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी पिछले कई दिनों से डरा हुआ, चिड़चिड़ा और शंकालु व्यवहार कर रहा था। उसे यह भ्रम हो गया था कि दो लोग उस पर जादू-टोना कर रहे हैं, जिससे उसकी पत्नी के संतान होने में बाधा आ रही है. शक ने लिया खूनी रूप ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपी ने बिना किसी ठोस वजह के पीड़ितों को अपना दुश्मन मान लिया। अंधविश्वास के इस जाल में फंसा आरोपी यह मान बैठा कि अगर उन्हें खत्म कर दिया जाए, तो उसका डर और परेशानी खत्म हो जाएगी। इसी वहम ने उसे कुल्हाड़ी उठाने पर मजबूर कर दिया। और आधी रात को उसने कुल्हाड़ी लेकर गांव में निकल दिया और जिस पर उसे जादू टोने का शक था, उसके घर मे पंहुचा, और 50 वर्षीय फूलकुमारी सिंह को घसीटकर बाहर निकाला, और अपने घर मे ले गया, फुलकुमारी के घर मे उस वक्त उसकी बहु थी, और छोटे 2 बच्चें, बहू रोकने की कोसिस की लेकिन कुल्हाड़ी आरोपी के हाथ मे था जिस वजह से हिम्मत नही जुटा पाई और बहू के आँखों के सामने उसने फुलमुकारी पर कुल्हाड़ी से कई प्रहार किया, जिससे उसकी मौत हो गई,इसके बाद आरोपी फिर निकल दिया गाँव मे कुल्हाड़ी लेकर और पहुँच गया 65 वर्षीय केमला सिंह के घर, केमला सिंह घर मे अकेले थे, जैसे ही आरोपी उनके घर मे दाखिल हुआ, वह डर गए, शोर शराबा कर पाते इसके पहले ही कुल्हाड़ी का डर दिखाकर अपने घर ले आया, जहाँ उसने कुल्हाड़ी से केमला सिंह पर कई वार किया, कुल्हाड़ी के प्रहार से केमला के शरीर से सर अलग हो गया, यह घटना फूलकुमारी की बहू अपने आँखों से आरोपी के घर के बाहर से देख रही थी, उसकी हिम्मत नही हुई कि शोर मचा सके,,, गाँव के रंगदेव सिंह बताते है कि घटना वाली आधी रात को 8 से 10 गाँव के लोग चीख पुकार सुनकर हत्याकांड वाली जगह पर पहुँचे लेकिन कुल्हाड़ी उसके हाथ मे था, डर इतना ज्यादा था कि किसी को उसके पास जाने की हिम्मत नही हुआ, किसी तरह से लोग अपनी जान वहाँ से बचाकर भागे, सुबह इसकी जानकारी पुलिस को दी गई, पुलिस मौके पर पहुँची तो आरोपी अपने घर के आंगन में डबल हत्याकांड को अंजाम देकर खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था, पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाली और गिरफ्तार कर लिया. कुल्हाड़ी से मौत का तांडव प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अचानक हमला किया। बचाव का मौका तक नहीं मिला। सिर पर किए गए ताबड़तोड़ वार इतने बेरहमी भरे थे कि मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और दहशत का माहौल बन गया। पुलिस की कार्रवाई और खुलासे सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए अंधविश्वास और शक को हत्या की वजह बताया। पुलिस का कहना है कि यह मामला पूरी तरह मानसिक भ्रम और सामाजिक कुरीतियों से जुड़ा हुआ है। अंधविश्वास बना सबसे बड़ा आरोपी इस दोहरे हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अंधविश्वास सिर्फ सोच नहीं, बल्कि एक जानलेवा बीमारी बन चुका है। जब तक समाज में जागरूकता नहीं आएगी और ऐसे वहमों पर समय रहते लगाम नहीं लगेगी, तब तक ऐसे खूनी खेल दोहराए जाते रहेंगे।1
- देखिए किस तरह पत्रकारों के नाम पर पैसा बनता जा रहा है अभी तक इसके ऊपर कानूनी कार्रवाई नहीं सिंगरौली पुलिस की है और ना ही सिंगरौली कलेक्टर1
- बाणसागर बांध देवलौद के पुल पर रात लगभग 09:00 बजे ट्रेक्टर गिट्टी लेकर जा रहा ट्रेक्टर एवं बुलोरो का आमने सामने भिड़ंत होने से बुलोरो चालक राकेश सिंह (ग्राम कैथहा)व मित्र दिवाकर सिंह (सरिया)को गम्भीर चोट लगी है अतः रीवा उपचार हेतु रेफर किया गया है। ईश्वर से प्रार्थना है कि शीघ्र स्वस्थ हो कर घर आये।1
- जय श्री राम 🙏1
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