रोपड़ी में 20 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर की आत्महत्या, जांच जारी पुलिस थाना भराड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत डंगार के गांव रोपड़ी में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रोपड़ी निवासी राहुल देव सुबह काफी देर तक जब अपने कमरे से बाहर नहीं निकला,तो परिजनों ने उसे कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आशंका होने पर परिजनों ने आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहां युवक पंखे से फंदा लगाए लटका हुआ था। मृतक की पहचान राहुल देव (20) पुत्र पवन कुमार निवासी गांव रोपड़ी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता सीआरपीएफ में कार्यरत हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सेवाएं दे रहे हैं। अभी दस दिन पहले ही वह छुट्टी पूरी करके लौटे थे। युवक अपने परिवार का एकलौता बेटा था, जिससे घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की माता के अनुसार,मृतक ने हर रोज की तरह रात को खाना खाया और सोने के लिए अपने कमरे में चला गया था। परिजनों का कहना है कि घर में किसी प्रकार की कोई कहासुनी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि मृतक घुमारवीं में एक निजी संस्थान से आई.टी.आई कर रहा था। परिजनों ने आशंका जताई है कि संभवतः आईटीआई संस्थान के किसी जान-पहचान यह अन्य किसी और के साथ उसकी कोई बात हुई हो, जिससे उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना भराड़ी की टीम प्रभारी बलवीर सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू की। वहीं, डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है ।
रोपड़ी में 20 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर की आत्महत्या, जांच जारी पुलिस थाना भराड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत डंगार के गांव रोपड़ी में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रोपड़ी निवासी राहुल देव सुबह काफी देर तक जब अपने कमरे से बाहर नहीं निकला,तो परिजनों ने उसे कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आशंका होने पर परिजनों ने आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहां युवक पंखे से फंदा लगाए लटका हुआ था। मृतक की पहचान राहुल देव (20) पुत्र पवन कुमार निवासी गांव रोपड़ी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता सीआरपीएफ में कार्यरत हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सेवाएं दे रहे हैं। अभी दस दिन पहले ही वह छुट्टी पूरी करके लौटे थे।
युवक अपने परिवार का एकलौता बेटा था, जिससे घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की माता के अनुसार,मृतक ने हर रोज की तरह रात को खाना खाया और सोने के लिए अपने कमरे में चला गया था। परिजनों का कहना है कि घर में किसी प्रकार की कोई कहासुनी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि मृतक घुमारवीं में एक निजी संस्थान से आई.टी.आई कर रहा था। परिजनों ने आशंका जताई है कि संभवतः आईटीआई संस्थान के किसी जान-पहचान यह अन्य किसी और के साथ उसकी कोई बात हुई हो, जिससे उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना भराड़ी की टीम प्रभारी बलवीर सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू की। वहीं, डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है ।
- हमीरपुर उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने शनिवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, अभियानों तथा अधिनियमों से संबंधित छह अलग-अलग जिला स्तरीय समितियों की बैठक की अध्यक्षता की। जिला दिव्यांगता समिति की बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जिला में लगभग 5260 दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड प्रदान किए गए हैं और इन्हें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्हांेने कहा कि सभी सरकारी भवनों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन सेवाओं, अस्पतालों, कार्यालयों और शौचालयों इत्यादि में दिव्यांगों के लिए निर्धारित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। मेडिकल कालेज अस्पताल में मेडिकल या अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए भी दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंध होने चाहिए। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में अधिनियम के तहत 26 एफआईआर हुई हैं। इनमें से 13 मामलों की जांच जारी है और 3 मामलों के चालान पेश कर दिए गए हैं। 11 मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने पुलिस और अभियोजन विभाग के अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों की जांच और अभियोजन में विलंब नहीं होना चाहिए। विभिन्न अदालतों में पहले से लंबित 28 मामलों पर भी बैठक में चर्चा की गई। राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय समिति की बैठक में उपायुक्त ने बताया कि मानसिक विकलांगता, ऑटिज्म, सेरीब्रल पाल्सी और बहु-विकलांगता से ग्रस्त बच्चों के माता-पिता स्वभाविक रूप से इन बच्चों के संरक्षक होते हैं। लेकिन, 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ऐसे लोगों के लिए कानूनी संरक्षकों की नियुक्ति आवश्यक होती है। जिला में अभी तक 211 ऐसे दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इस तिमाही के दौरा समिति को कोई नया आवेदन नहीं मिला है। नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को नियमित रूप से जागरुकता गतिविधियां आयोजित करने तथा इनकी रिपोर्ट नियमित रूप से जिला कल्याण अधिकारी को प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि इस अभियान को एक जन आंदोलन का रूप देने उपमंडल और पंचायत स्तर पर गठित कमेटियों की सक्रियता बहुत जरूरी है। सभी तहसील कल्याण अधिकारी इस संबंध में एसडीएम और बीडीओ के साथ समन्वय स्थापित करें। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग अल्पसंख्यक वर्गों के पात्र लोगों को चिह्नित करें और उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें। हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों के नियोजन प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम-2013 के अंतर्गत गठित जिला सतर्कता समिति की बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिला में पुराने ढंग से मैला ढोने की कुप्रथा नहीं है। उन्होंने कहा कि सेप्टिक टैंकों, शौचालयों और नालियों की सफाई करने वाले कर्मचारियों की के पास सभी आवश्यक उपकरण एवं सुरक्षा किट होनी चाहिए तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित रूप से जांच की जानी चाहिए। उक्त सभी समितियों की बैठकों में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में एसपी बलवीर सिंह, एसडीएम भोरंज शशिपाल शर्मा, जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त राम प्रसाद, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा उक्त समितियों के गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे। -0-1
- सुजानपुर जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को सुजानपुर में व्यापारी वर्ग से मुलाकात करके एक बैठक का आयोजन किया आयोजित इस बैठक में लाइसेंस रजिस्ट्रेशन एवं नवीकरण को लेकर जानकारी दी गई जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से विभागीय उच्च अधिकारी असिस्टेंट कमिश्नर महेश कश्यप डॉक्टर अभिषेक ठाकुर ने विभाग के नए नियमों को लेकर व्यापारी वर्ग को जागरूक किया उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2026 से लाइसेंस बनाने को लेकर नए नियम निर्धारित किए गए हैं अब यह लाइसेंस व्यापारी वर्ग की वार्षिक टर्नओवर के मुताबिक बनाया जाएगा और इस व्यापारी अपनी सुविधा अनुसार कितने वर्ष का बनाना है इसको लेकर बनवा सकते हैं इसमें व्यापारी वर्ग को जितने वर्ष का यह लाइसेंस बना है उतने वर्ष की इकट्ठी फीस जमा करवानी होगी यहां लाइसेंस बनाने के साथ-साथ व्यापारी को भी अपना मेडिकल हर 6 महीने के बाद बनाना होगा इसके साथ-साथ जो व्यापारिक प्रतिष्ठान में कर्मचारी काम कर रहे हैं उनके मेडिकल भी बनवाने होंगे अधिकारियों ने कहा कि आपका लाइसेंस नवीकरण जिस दिन आपका लाइसेंस समाप्त हो रहा है उससे एक सप्ताह पहले बनाना सुनिश्चित करें आप इसे इससे पहले भी बनवा सकते हैं लेकिन समय अवधि पूरी होने के बाद अगर आप इस लाइसेंस को बनाते हैं तो आपको तीन गुना पेनल्टी के साथ इसे बनाना होगा ऐसे में व्यापारी इस बात का पूरा ध्यान रखें उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से लाइसेंस बनवाया जा सकता है इसे लोक मित्र केंद्र में बनवाये आपको जिला मुख्यालय में आने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि ऑफलाइन इसकी कोई भी कार्रवाई नहीं होती लाइसेंस बनाने के लिए आपको ऑनलाइन प्रक्रिया को ही पूरा करना है इस मौके पर विभाग की टीम ने होली मेला ग्राउंड में जाकर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की और नियम न मानने वालों को निर्देश जारी किए अधिकारियों ने कहा कि समय-समय पर सुजानपुर में पहुंचकर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर जांच पड़ताल की जाती रही है और आगे भी की जाएगी उन्होंने व्यापारी वर्ग से आह्वान किया कि नियमों की पालना करें गुणवत्ता के साथ स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें इस मौके पर विभाग की ओर से असिस्टेंट कमिश्नर महेश कश्यप विभागीय अधिकारी डॉ अभिषेक ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे यहां पहुंचे अधिकारियों का व्यापार मंडल सुजानपुर के अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता महासचिव गौरव जैन सहित व्यापारी वर्ग ने स्वागत किय1
- *हमीरपुर बस स्टैंड के पास बड़ा खतरा! अधूरी खुदाई से हादसे का डर | PWD पर उठे सवाल*1
- हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने आज अपनी गलती सुधारने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले सदन में 1100 करोड़ के घोटाले की बात कही। अब वे इसे 100 करोड़ रुपए का घोटाला बता रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की मांग की है। VO—- जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमकेयर योजना को आयुष्मान भारत के पैटर्न पर लागू किया गया था, ताकि आयुष्मान भारत से बाहर रह गए लोगों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पहले लोग बीमारी के समय जमीन गिरवी रखने और रिश्तेदारों से उधार लेने को मजबूर होते थे, लेकिन इस योजना ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी।उन्होंने आरोप लगाया कि योजना को बंद करने से पहले इसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और मनगढ़ंत आरोप लगाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। VO—- जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हिमकेयर योजना पर करीब 972 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि इसका अनुमानित वार्षिक खर्च लगभग 200 करोड़ रुपये था। उनके अनुसार, तीन वर्षों में करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि दवाइयों की ऊंचे दामों पर खरीद के कारण खर्च बढ़ा है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच किसी सिटिंग हाईकोर्ट जज की निगरानी में करवाई जाए और ऑडिट केवल पूर्व सरकार का ही नहीं, बल्कि वर्तमान सरकार के तीन वर्षों का भी किया जाए। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को प्रश्नकाल में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीतिक कारणों से योजना को बंद करना चाहते हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को नुकसान हो रहा है। बाइट—- जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश2
- Post by Himachal Update 24 News2
- जोगिंदर नगर के मंदिर रोड को दुरूस्त करने के लिये काम शनिवार दोपहर से आरंभ हो गया है, जिसके चलते आगामी दो दिनों तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है ताकि कार्य समय पर पूरा किया जा सके। मिली जानकारी के अनुसार, एक अप्रैल से जोगिंदर नगर में लघु शिवरात्रि मेले का आयोजन प्रस्तावित है। ऐसे में मेले से पूर्व व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से मंदिर रोड को दुरूस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया है। बताया जा रहा है कि यदि मौसम साफ रहा तो संबंधित विभाग द्वारा यह कार्य रविवार तक पूर्ण कर लिया जाएगा। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और कार्य में बाधा न डालें, ताकि समय रहते सड़क को सुचारू रूप से तैयार किया जा सके।1
- बिलासपुर,28 मार्च (राकेश): दधोल-लदरौर सड़क पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार बिलासपुर से धर्मशाला जा रही एचआरटीसी की बस जब सुबह करीब 8 बजे घनडालवी के पास पहुंची, तो अचानक बस के टायर की रॉड निकल गई। इससे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में जा रुकी। बस में उस समय ड्यूटी पर जाने वाले यात्रियों सहित काफी संख्या में सवारियां मौजूद थीं। हादसे में करीब तीन से चार लोगों को हल्की चोटें आई हैं। गनीमत रही कि बस चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और बस पलटने से बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और सवारियों ने चालक की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि अगर समय रहते नियंत्रण न किया जाता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।1
- हमीरपुर हमीरपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता डा पुष्पेन्द्र वर्मा ने पत्रकार वार्ता के दौरान सदर विधायक के द्वारा विधानसभा में केवल परिवार चालीस पढने का आरोप लगाया है। डा वर्मा ने कहा कि खनन के खिलाफ चले हुए मुददे को लेकर विधायक ने अगले दिन ही पत्रकार वार्ता करके मामले केा उठाया और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा खनन मामले में परिवारजनों की जमानत को खरिज करने पर विधायक से जबाव मांगा था। उन्हांेने कहा कि विधानसभा के पटल पर जनता के मुददों को पीछे छोड कर केवल अपने परिवार का चालीसा ही पढते रहते है। डा पुष्पेन्द्र वर्मा ने कहा कि विधायक का कहना है कि इस मामले पर कांग्रेसी नेता राजनीति कर रहे है लेकिन उल्टा विधायक ने खुद ही होठों सहित नाक कटवा दिया है और वोट फार कैश का काम करने के बाद आपरेशन लोटस भी फेल रहा है । उन्हांेने कहा कि विधायक का मुखौटा जनता के सामने खुल गया है और अब गुमराह करने की राजनीति करना छोड देना चाहिए। उन्हांेने कहा कि विधायक बिहार वाली राजनीति लाना चाहते है वह गलत बात है।1
- सुजानपुर सुजानपुर में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। यहां एक महिला ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के सामने ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गैस सिलेंडर 1500 रुपये में ब्लैक में बेचा जा रहा है। महिला के इस बयान के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में भी भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। आम जनता का कहना है कि अगर सच में सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, तो यह सीधे-सीधे गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर डाका है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह आरोप सीधे अधिकारियों की मौजूदगी में लगाया गया, जिससे अब खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर अगर विभाग मौके पर मौजूद है, तो फिर इस तरह की कालाबाज़ारी कैसे हो रही है? अब देखना यह होगा कि खाद्य आपूर्ति विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, क्या ब्लैक में सिलेंडर बेचने वालों पर शिकंजा कसेगा या फिर मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाएगा। सुजानपुर की जनता अब जवाब चाहती है… सिलेंडर 1500 में क्यों? और किसके संरक्षण में चल रहा है ये खेल?2