सुजानपुर में गैस सिलेंडर की ब्लैकमार्केटिंग? 1500 रुपये में बिक रहा सिलेंडर, महिला ने अधिकारियों के सामने खोली पोल सुजानपुर सुजानपुर में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। यहां एक महिला ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के सामने ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गैस सिलेंडर 1500 रुपये में ब्लैक में बेचा जा रहा है। महिला के इस बयान के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में भी भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। आम जनता का कहना है कि अगर सच में सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, तो यह सीधे-सीधे गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर डाका है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह आरोप सीधे अधिकारियों की मौजूदगी में लगाया गया, जिससे अब खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर अगर विभाग मौके पर मौजूद है, तो फिर इस तरह की कालाबाज़ारी कैसे हो रही है? अब देखना यह होगा कि खाद्य आपूर्ति विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, क्या ब्लैक में सिलेंडर बेचने वालों पर शिकंजा कसेगा या फिर मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाएगा। सुजानपुर की जनता अब जवाब चाहती है… सिलेंडर 1500 में क्यों? और किसके संरक्षण में चल रहा है ये खेल?
सुजानपुर में गैस सिलेंडर की ब्लैकमार्केटिंग? 1500 रुपये में बिक रहा सिलेंडर, महिला ने अधिकारियों के सामने खोली पोल सुजानपुर सुजानपुर में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। यहां एक महिला ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के सामने ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गैस सिलेंडर 1500 रुपये में ब्लैक में बेचा जा रहा है। महिला के इस बयान के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में भी भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। आम जनता का कहना है कि अगर सच में सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, तो यह सीधे-सीधे गरीब और मध्यम वर्ग
की जेब पर डाका है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह आरोप सीधे अधिकारियों की मौजूदगी में लगाया गया, जिससे अब खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर अगर विभाग मौके पर मौजूद है, तो फिर इस तरह की कालाबाज़ारी कैसे हो रही है? अब देखना यह होगा कि खाद्य आपूर्ति विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, क्या ब्लैक में सिलेंडर बेचने वालों पर शिकंजा कसेगा या फिर मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाएगा। सुजानपुर की जनता अब जवाब चाहती है… सिलेंडर 1500 में क्यों? और किसके संरक्षण में चल रहा है ये खेल?
- सुजानपुर सुजानपुर में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। यहां एक महिला ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के सामने ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गैस सिलेंडर 1500 रुपये में ब्लैक में बेचा जा रहा है। महिला के इस बयान के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में भी भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। आम जनता का कहना है कि अगर सच में सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, तो यह सीधे-सीधे गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर डाका है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह आरोप सीधे अधिकारियों की मौजूदगी में लगाया गया, जिससे अब खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर अगर विभाग मौके पर मौजूद है, तो फिर इस तरह की कालाबाज़ारी कैसे हो रही है? अब देखना यह होगा कि खाद्य आपूर्ति विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, क्या ब्लैक में सिलेंडर बेचने वालों पर शिकंजा कसेगा या फिर मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाएगा। सुजानपुर की जनता अब जवाब चाहती है… सिलेंडर 1500 में क्यों? और किसके संरक्षण में चल रहा है ये खेल?2
- हमीरपुर उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने शनिवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, अभियानों तथा अधिनियमों से संबंधित छह अलग-अलग जिला स्तरीय समितियों की बैठक की अध्यक्षता की। जिला दिव्यांगता समिति की बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जिला में लगभग 5260 दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड प्रदान किए गए हैं और इन्हें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्हांेने कहा कि सभी सरकारी भवनों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन सेवाओं, अस्पतालों, कार्यालयों और शौचालयों इत्यादि में दिव्यांगों के लिए निर्धारित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। मेडिकल कालेज अस्पताल में मेडिकल या अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए भी दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंध होने चाहिए। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में अधिनियम के तहत 26 एफआईआर हुई हैं। इनमें से 13 मामलों की जांच जारी है और 3 मामलों के चालान पेश कर दिए गए हैं। 11 मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने पुलिस और अभियोजन विभाग के अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों की जांच और अभियोजन में विलंब नहीं होना चाहिए। विभिन्न अदालतों में पहले से लंबित 28 मामलों पर भी बैठक में चर्चा की गई। राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय समिति की बैठक में उपायुक्त ने बताया कि मानसिक विकलांगता, ऑटिज्म, सेरीब्रल पाल्सी और बहु-विकलांगता से ग्रस्त बच्चों के माता-पिता स्वभाविक रूप से इन बच्चों के संरक्षक होते हैं। लेकिन, 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ऐसे लोगों के लिए कानूनी संरक्षकों की नियुक्ति आवश्यक होती है। जिला में अभी तक 211 ऐसे दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इस तिमाही के दौरा समिति को कोई नया आवेदन नहीं मिला है। नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को नियमित रूप से जागरुकता गतिविधियां आयोजित करने तथा इनकी रिपोर्ट नियमित रूप से जिला कल्याण अधिकारी को प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि इस अभियान को एक जन आंदोलन का रूप देने उपमंडल और पंचायत स्तर पर गठित कमेटियों की सक्रियता बहुत जरूरी है। सभी तहसील कल्याण अधिकारी इस संबंध में एसडीएम और बीडीओ के साथ समन्वय स्थापित करें। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग अल्पसंख्यक वर्गों के पात्र लोगों को चिह्नित करें और उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें। हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों के नियोजन प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम-2013 के अंतर्गत गठित जिला सतर्कता समिति की बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिला में पुराने ढंग से मैला ढोने की कुप्रथा नहीं है। उन्होंने कहा कि सेप्टिक टैंकों, शौचालयों और नालियों की सफाई करने वाले कर्मचारियों की के पास सभी आवश्यक उपकरण एवं सुरक्षा किट होनी चाहिए तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित रूप से जांच की जानी चाहिए। उक्त सभी समितियों की बैठकों में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में एसपी बलवीर सिंह, एसडीएम भोरंज शशिपाल शर्मा, जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त राम प्रसाद, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा उक्त समितियों के गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे। -0-1
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- एक साल पहले आपदा में क्षतिग्रस्त हुई थी सड़क, सुरक्षित हिस्से पर भी लोगों का कब्जा; हादसे का अंदेशा उपमंडल बंगाणा के तहत कोटला खास से गोविंद सागर झील की ओर जाने वाला एकमात्र लिंक मार्ग 'बेला हरिजन बस्ती' इन दिनों हादसों को न्योता दे रहा है। पिछले वर्ष हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण यह मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसकी सुध नहीं ली है। सड़क की स्थिति आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी आपदा के समय थी, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। खाई में समाने का डर, फिर भी विभाग मौन सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस चुका है और कभी भी गहरी खाई में गिर सकता है। यह मार्ग बेला हरिजन बस्ती के लिए संपर्क का एकमात्र साधन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठे नजर आ रहे हैं। सुरक्षित रास्ते पर 'अतिक्रमण' ने बढ़ाई मुश्किलें हैरानी की बात यह है कि सड़क का जो हिस्सा सुरक्षित बचा है, वहां कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अपने वाहन और निर्माण सामग्री (रेत-बजरी) फैला दी गई है। इस कारण राहगीरों और वाहन चालकों को मजबूरन सड़क के उस हिस्से से गुजरना पड़ रहा है जो धंसा हुआ है। ज़रा सी चूक किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है। जनता की मांग: तुरंत हो मरम्मत बस्ती के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि: क्षतिग्रस्त मार्ग की तुरंत मरम्मत शुरू करवाई जाए। सड़क पर अवैध रूप से रखी गई निर्माण सामग्री और वाहनों को हटाया जाए ताकि आवाजाही सुगम हो सके। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।1
- Post by Dinesh Kumar1
- दो दिवसीय मां शारदा मेला भालारिहड़ा का वीरवार को समापन हो गया। समापन समारोह में विकास खंड चौंतडा के खंड विकास अधिकारी अनुभव तनवर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मुख्य अतिथि अनुभव तनवर सबसे पहले देव पशाकोट कुट खेतडू की भव्य जलेब में शामिल हुए और देव पशाकोट के चरणों में शीश नवाया। उसके बाद माता शारदा के मंदिर में माथा टेका। मेला कमेटी के प्रधान संजय जमवाल ने मुख्यातिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मेले के दौरान स्थानीय बच्चों ने विभिन्न गायन व नृत्य कार्यक्रम पेश किए गए। वहीं, महिला मंडल हराबाग की महिलाओं ने पहाड़ी नाटी प्रस्तुत कर समा बांधा। इसके अलावा मटका फोड़, म्यूजिकल चेयर और रस्साकसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। मटका फोड़ प्रतियोगिता में महिला पट्ट ने बाजी मारी। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में महिला मंडल आहडू प्रथम व महिला मंडल गदयाडा दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, रस्साकसी में महिला मंडल हराबाग ने विजयी रहा। इस मौके पर मुख्यातिथि अनुभव तनवर ने कहा कि ऐसे मेले हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के जीवंत प्रतीक हैं, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। आज के दौर में जब लोग अपनी परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में सौहार्द, सहयोग और एकता की भावना और अधिक मजबूत होती है।1
- पहचान स्पेशल स्कूल: विशेष बच्चों के लिए शिक्षा, थेरेपी और आत्मनिर्भरता की नई राह1
- सुजानपुर स्थानीय विस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली महेशकलवाल-दूधला-खेरी सड़क को 28 मार्च से 10 अप्रैल तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। संबंधित विभाग के एसडीओ संसार चंद ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के त ..हत इस सड़क के उन्नयन कार्य शुरू कर दिए गए हैं। इस दौरान सड़क पर सीमेंट कंक्रीट बिछाने का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूधला क्षेत्र में सड़क बेहद संकरी है, जिसके कारण निर्माण कार्य और यातायात को एक साथ चलाना संभव नहीं है। किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव और कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए यह फैसला लिया गया है। बंद अवधि के दौरान यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा जाएगा। उहल कक्कड़ की ओर से आने वाले वाहन कक्कड़ बस स्टैंड से कक्कड़-बजरोल-जंगलबेरी मार्ग होते हुए जंगलबेरी पुल के पास सुजानपुर-संधोल सड़क से जुड़ेंगे। वहीं कक्कड़, भेड़ा और खनोली की ओर से आने वाले वाहन कक्कड़-सचूही मार्ग से महेशकलवाल होते हुए खेरी पुल के पास मुख्य सड़क में शामिल होंगे। विभाग ने लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें ताकि कार्य भी समय पर पूरा हो और किसी को असुविधा भी कम हो।1