logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

घनडालवी में बड़ा हादसा टला, बस अनियंत्रित होकर नाली में रुकी बिलासपुर,28 मार्च (राकेश): दधोल-लदरौर सड़क पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार बिलासपुर से धर्मशाला जा रही एचआरटीसी की बस जब सुबह करीब 8 बजे घनडालवी के पास पहुंची, तो अचानक बस के टायर की रॉड निकल गई। इससे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में जा रुकी। बस में उस समय ड्यूटी पर जाने वाले यात्रियों सहित काफी संख्या में सवारियां मौजूद थीं। हादसे में करीब तीन से चार लोगों को हल्की चोटें आई हैं। गनीमत रही कि बस चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और बस पलटने से बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और सवारियों ने चालक की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि अगर समय रहते नियंत्रण न किया जाता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।

5 hrs ago
user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
5 hrs ago

घनडालवी में बड़ा हादसा टला, बस अनियंत्रित होकर नाली में रुकी बिलासपुर,28 मार्च (राकेश): दधोल-लदरौर सड़क पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार बिलासपुर से धर्मशाला जा रही एचआरटीसी की बस जब सुबह करीब 8 बजे घनडालवी के पास पहुंची, तो अचानक बस के टायर की रॉड निकल गई। इससे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में जा रुकी। बस में उस समय ड्यूटी पर जाने वाले यात्रियों सहित काफी संख्या में सवारियां मौजूद थीं। हादसे में करीब तीन से चार लोगों को हल्की चोटें आई हैं। गनीमत रही कि बस चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और बस पलटने से बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और सवारियों ने चालक की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि अगर समय रहते नियंत्रण न किया जाता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • घुमारवीं ,28 मार्च (राकेश):शिव शक्ति व्यापार मंडल भराड़ी द्वारा चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर नवमी के दिन भव्य माता की चौकी का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। व्यापार मंडल के प्रधान पृथी सिंह और महासचिव अजय शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन हर वर्ष व्यापारियों एवं स्थानीय जनता के सहयोग से आयोजित किया जाता है। इस बार कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में समाजसेवी एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी तथा पडयालग गौ समिति के प्रधान राम चंद बरूर उपस्थित रहे। राम चंद बरूर ने आयोजन समिति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोई भी संस्था तभी सफल होती है जब वह अपनी संस्कृति, सभ्यता और अनुशासन को बनाए रखते हुए समाज को एकसूत्र में बांधने का कार्य करे। उन्होंने शिव शक्ति व्यापार मंडल की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यस्त जीवनशैली में भी इस तरह के धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम लोगों को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम के दौरान “जय महाकाली मां जालपा ग्रुप बिलासपुर” द्वारा दिव्य ज्योति माता के दरबार में लाई गई, जिसके बाद महामाई को चुनरी भेंट की गई। गणेश वंदना के साथ जागरण का शुभारंभ हुआ, जिसमें दिनेश ठाकुर, गौरव शर्मा और मोना शर्मा ने भजनों व भेंटों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर बाबा बालक नाथ, वीर हनुमान, राधा-कृष्ण एवं माता रानी की सुंदर झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
    2
    घुमारवीं ,28 मार्च (राकेश):शिव शक्ति व्यापार मंडल भराड़ी द्वारा चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर नवमी के दिन भव्य माता की चौकी का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। व्यापार मंडल के प्रधान पृथी सिंह और महासचिव अजय शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन हर वर्ष व्यापारियों एवं स्थानीय जनता के सहयोग से आयोजित किया जाता है। इस बार कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में समाजसेवी एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी तथा पडयालग गौ समिति के प्रधान राम चंद बरूर उपस्थित रहे। राम चंद बरूर ने आयोजन समिति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोई भी संस्था तभी सफल होती है जब वह अपनी संस्कृति, सभ्यता और अनुशासन को बनाए रखते हुए समाज को एकसूत्र में बांधने का कार्य करे। उन्होंने शिव शक्ति व्यापार मंडल की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यस्त जीवनशैली में भी इस तरह के धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम लोगों को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम के दौरान “जय महाकाली मां जालपा ग्रुप बिलासपुर” द्वारा दिव्य ज्योति माता के दरबार में लाई गई, जिसके बाद महामाई को चुनरी भेंट की गई। गणेश वंदना के साथ जागरण का शुभारंभ हुआ, जिसमें दिनेश ठाकुर, गौरव शर्मा और मोना शर्मा ने भजनों व भेंटों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर बाबा बालक नाथ, वीर हनुमान, राधा-कृष्ण एवं माता रानी की सुंदर झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अब शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं और विशेष रूप से दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मंदिर ट्रस्ट द्वारा पार्किंग स्थल से गुफा मार्ग तक रैंप और बेहतर सुविधायुक्त रास्तों का निर्माण किया जा रहा है। जिससे श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच सकेंगे। मंदिर न्यास अध्यक्ष धर्मपाल चौधरी ने बताया कि भौगोलिक परिस्थितियां कठिन जरूर हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और उचित योजना से इस चुनौती को पार किया जा सकता है। रैंप के कार्य को जल्द पूरा किया जाएगा और इसे एक महीने में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा ट्रस्ट ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि आने वाले 6 महीनों के भीतर मंदिर को पूरी तरह से एक्सेसिबल और सुगम बनाया जाएगा, ताकि दिव्यांगजन, बुजुर्ग और अन्य सभी श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।
    1
    अब शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं और विशेष रूप से दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मंदिर ट्रस्ट द्वारा पार्किंग स्थल से गुफा मार्ग तक रैंप और बेहतर सुविधायुक्त रास्तों का निर्माण किया जा रहा है। जिससे श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच सकेंगे। मंदिर न्यास अध्यक्ष धर्मपाल चौधरी ने बताया कि भौगोलिक परिस्थितियां कठिन जरूर हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और उचित योजना से इस चुनौती को पार किया जा सकता है। रैंप के कार्य को जल्द पूरा किया जाएगा और इसे एक महीने में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा ट्रस्ट ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि आने वाले 6 महीनों के भीतर मंदिर को पूरी तरह से एक्सेसिबल और सुगम बनाया जाएगा, ताकि दिव्यांगजन, बुजुर्ग और अन्य सभी श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
    1
    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • हमीरपुर पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए केंद्र सरकार से गोविंद सागर (भाखड़ा बांध) और महाराणा प्रताप सागर (पोंग बांध) जलाशयों के लिए समयबद्ध एवं समग्र एक्वाकल्चर विकास योजना तैयार करने की मांग की। इन दोनों जलाशयों का संयुक्त जल क्षेत्र लगभग 42,000 हेक्टेयर है, जो ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में मत्स्य आधारित आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति देश के दो सबसे बड़े मानव निर्मित जलाशयों के बीच होने के कारण विशेष महत्व रखती है, जो ब्लू रिवोल्यूशन और सतत मत्स्य विकास के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने आधुनिक फिश लैंडिंग केंद्र, आइस प्लांट, ट्राउट एवं कार्प हैचरी, केज कल्चर विस्तार और सीधे विपणन तंत्र को शामिल करते हुए एक सुनियोजित योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही ब्लू रिवोल्यूशन योजना के अंतर्गत बुनियादी ढांचे, फिश सीड स्टॉकिंग, मछुआरों के कल्याण तथा राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा रेसवे यूनिट, बीज उत्पादन, पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाएं और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 24 मार्च 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए ₹155.48 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें केंद्र का अंश ₹79.47 करोड़ है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जिला ऊना के गगरेट में ₹5.17 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को मत्स्य एवं एक्वाकल्चर अवसंरचना विकास निधि के तहत स्वीकृति दी गई है। यह केंद्र प्रदेश के मछुआरों, मत्स्य पालकों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों, सर्वोत्तम प्रथाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से प्रशिक्षित करेगा तथा हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को जारी निधि में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2021–22 में ₹12.65 करोड़, 2022–23 में ₹13.10 करोड़, 2023–24 में ₹5.62 करोड़ और 2024–25 में ₹14.76 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा अवसंरचना और बीज उत्पादन के लिए नियमित सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में मत्स्य उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021–22 में 16,015.81 मीट्रिक टन उत्पादन से बढ़कर 2024–25 में यह 19,019.83 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जबकि चालू वित्त वर्ष में फरवरी 2026 तक 16,861.06 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया जा चुका है। दोनों प्रमुख जलाशयों में व्यावसायिक पंगासियस मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 48 केज स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक जलाशय में 24-24 केज शामिल हैं। पोंग बांध में 15 और गोविंद सागर में 8 लैंडिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 697 मछुआरों को नाव और जाल उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले तीन वर्षों में 9,208 मछुआरों को क्लोज सीजन सहायता प्रदान की गई है और बीमा योजना के तहत मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर ₹5 लाख तथा आंशिक विकलांगता पर ₹2.50 लाख का प्रावधान है। आने वाले पांच वर्षों के लिए दोनों जलाशयों में प्रति वर्ष 600 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र पर केंद्र सरकार के विशेष ध्यान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गगरेट में मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्वीकृति पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, एफआईडीएफ और ब्लू रिवोल्यूशन के तहत किए जा रहे निवेश प्रदेश के नदियों और जलाशयों पर निर्भर लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। गोविंद सागर और महाराणा प्रताप सागर के लिए प्रस्तावित समग्र योजना हिमाचल के चार जिलों में मछुआरा समुदाय के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाएगी।
    1
    हमीरपुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए केंद्र सरकार से गोविंद सागर (भाखड़ा बांध) और महाराणा प्रताप सागर (पोंग बांध) जलाशयों के लिए समयबद्ध एवं समग्र एक्वाकल्चर विकास योजना तैयार करने की मांग की। इन दोनों जलाशयों का संयुक्त जल क्षेत्र लगभग 42,000 हेक्टेयर है, जो ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में मत्स्य आधारित आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति देश के दो सबसे बड़े मानव निर्मित जलाशयों के बीच होने के कारण विशेष महत्व रखती है, जो ब्लू रिवोल्यूशन और सतत मत्स्य विकास के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने आधुनिक फिश लैंडिंग केंद्र, आइस प्लांट, ट्राउट एवं कार्प हैचरी, केज कल्चर विस्तार और सीधे विपणन तंत्र को शामिल करते हुए एक सुनियोजित योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही ब्लू रिवोल्यूशन योजना के अंतर्गत बुनियादी ढांचे, फिश सीड स्टॉकिंग, मछुआरों के कल्याण तथा राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा रेसवे यूनिट, बीज उत्पादन, पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाएं और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू करने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 24 मार्च 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए ₹155.48 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें केंद्र का अंश ₹79.47 करोड़ है।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जिला ऊना के गगरेट में ₹5.17 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को मत्स्य एवं एक्वाकल्चर अवसंरचना विकास निधि के तहत स्वीकृति दी गई है। यह केंद्र प्रदेश के मछुआरों, मत्स्य पालकों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों, सर्वोत्तम प्रथाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से प्रशिक्षित करेगा तथा हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को जारी निधि में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2021–22 में ₹12.65 करोड़, 2022–23 में ₹13.10 करोड़, 2023–24 में ₹5.62 करोड़ और 2024–25 में ₹14.76 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा अवसंरचना और बीज उत्पादन के लिए नियमित सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।
प्रदेश में मत्स्य उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021–22 में 16,015.81 मीट्रिक टन उत्पादन से बढ़कर 2024–25 में यह 19,019.83 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जबकि चालू वित्त वर्ष में फरवरी 2026 तक 16,861.06 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया जा चुका है।
दोनों प्रमुख जलाशयों में व्यावसायिक पंगासियस मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 48 केज स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक जलाशय में 24-24 केज शामिल हैं। पोंग बांध में 15 और गोविंद सागर में 8 लैंडिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 697 मछुआरों को नाव और जाल उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले तीन वर्षों में 9,208 मछुआरों को क्लोज सीजन सहायता प्रदान की गई है और बीमा योजना के तहत मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर ₹5 लाख तथा आंशिक विकलांगता पर ₹2.50 लाख का प्रावधान है। आने वाले पांच वर्षों के लिए दोनों जलाशयों में प्रति वर्ष 600 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र पर केंद्र सरकार के विशेष ध्यान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गगरेट में मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्वीकृति पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, एफआईडीएफ और ब्लू रिवोल्यूशन के तहत किए जा रहे निवेश प्रदेश के नदियों और जलाशयों पर निर्भर लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। गोविंद सागर और महाराणा प्रताप सागर के लिए प्रस्तावित समग्र योजना हिमाचल के चार जिलों में मछुआरा समुदाय के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाएगी।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • ​एक साल पहले आपदा में क्षतिग्रस्त हुई थी सड़क, सुरक्षित हिस्से पर भी लोगों का कब्जा; हादसे का अंदेशा उपमंडल बंगाणा के तहत कोटला खास से गोविंद सागर झील की ओर जाने वाला एकमात्र लिंक मार्ग 'बेला हरिजन बस्ती' इन दिनों हादसों को न्योता दे रहा है। पिछले वर्ष हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण यह मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसकी सुध नहीं ली है। सड़क की स्थिति आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी आपदा के समय थी, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। ​खाई में समाने का डर, फिर भी विभाग मौन सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस चुका है और कभी भी गहरी खाई में गिर सकता है। यह मार्ग बेला हरिजन बस्ती के लिए संपर्क का एकमात्र साधन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठे नजर आ रहे हैं। ​सुरक्षित रास्ते पर 'अतिक्रमण' ने बढ़ाई मुश्किलें हैरानी की बात यह है कि सड़क का जो हिस्सा सुरक्षित बचा है, वहां कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अपने वाहन और निर्माण सामग्री (रेत-बजरी) फैला दी गई है। इस कारण राहगीरों और वाहन चालकों को मजबूरन सड़क के उस हिस्से से गुजरना पड़ रहा है जो धंसा हुआ है। ज़रा सी चूक किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है। ​जनता की मांग: तुरंत हो मरम्मत बस्ती के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि: ​क्षतिग्रस्त मार्ग की तुरंत मरम्मत शुरू करवाई जाए। ​सड़क पर अवैध रूप से रखी गई निर्माण सामग्री और वाहनों को हटाया जाए ताकि आवाजाही सुगम हो सके। ​स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
    1
    ​एक साल पहले आपदा में क्षतिग्रस्त हुई थी सड़क, सुरक्षित हिस्से पर भी लोगों का कब्जा; हादसे का अंदेशा
उपमंडल बंगाणा के तहत कोटला खास से गोविंद सागर झील की ओर जाने वाला एकमात्र लिंक मार्ग 'बेला हरिजन बस्ती' इन दिनों हादसों को न्योता दे रहा है। पिछले वर्ष हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण यह मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसकी सुध नहीं ली है। सड़क की स्थिति आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी आपदा के समय थी, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।
​खाई में समाने का डर, फिर भी विभाग मौन
सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस चुका है और कभी भी गहरी खाई में गिर सकता है। यह मार्ग बेला हरिजन बस्ती के लिए संपर्क का एकमात्र साधन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठे नजर आ रहे हैं।
​सुरक्षित रास्ते पर 'अतिक्रमण' ने बढ़ाई मुश्किलें
हैरानी की बात यह है कि सड़क का जो हिस्सा सुरक्षित बचा है, वहां कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अपने वाहन और निर्माण सामग्री (रेत-बजरी) फैला दी गई है। इस कारण राहगीरों और वाहन चालकों को मजबूरन सड़क के उस हिस्से से गुजरना पड़ रहा है जो धंसा हुआ है। ज़रा सी चूक किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है।
​जनता की मांग: तुरंत हो मरम्मत
बस्ती के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि: ​क्षतिग्रस्त मार्ग की तुरंत मरम्मत शुरू करवाई जाए।
​सड़क पर अवैध रूप से रखी गई निर्माण सामग्री और वाहनों को हटाया जाए ताकि आवाजाही सुगम हो सके।
​स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सुजानपुर सैनिक प्राइमरी स्कूल में शनिवार को फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया स्कूल कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने खूब धमाल मचाई हिंदी पंजाबी पहाड़ी गानों पर छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दर्शक दीर्घा में बैठे मुख्य अतिथियों के साथ अन्य स्कूल स्टाफ सदस्यों का खूब मनोरंजन किया आयोजित इस फेयरवेल पार्टी में चतुर्थ श्रेणी के छात्रों ने अपने सीनियर पांचवी कक्षा के छात्रों को फेयरवेल पार्टी दी। कार्यक्रम में विशेष रूप से सैनिक स्कूल अध्यक्ष ग्रुप कैप्टन रचना जोशी ,सेक्रेटरी कमांडर अक्षय कुमार साहू सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे । इस कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी गई। फेयरवेल में ओलंपियाड की परीक्षा में स्वर्ण ,रजत और कांस्य पदक प्राप्त करने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि ने बच्चों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की वह बच्चों को स्कूल स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
    3
    सुजानपुर
सैनिक प्राइमरी स्कूल में शनिवार को फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया स्कूल कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने खूब धमाल मचाई हिंदी पंजाबी पहाड़ी गानों पर छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दर्शक दीर्घा में बैठे मुख्य अतिथियों के साथ अन्य स्कूल स्टाफ सदस्यों का खूब मनोरंजन किया आयोजित इस फेयरवेल पार्टी में चतुर्थ श्रेणी के छात्रों ने अपने सीनियर पांचवी कक्षा के छात्रों को फेयरवेल पार्टी दी। कार्यक्रम में विशेष रूप से सैनिक स्कूल अध्यक्ष ग्रुप कैप्टन रचना जोशी ,सेक्रेटरी कमांडर अक्षय कुमार साहू सहित  स्टाफ सदस्य मौजूद रहे । इस कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी गई। फेयरवेल में ओलंपियाड की परीक्षा में स्वर्ण ,रजत और कांस्य पदक प्राप्त करने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि ने बच्चों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की वह बच्चों को स्कूल स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • *डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा का आशीष शर्मा पर बड़ा हमला! “दिखावे की राजनीति नहीं चलेगी” | Himachal Politics*
    1
    *डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा का आशीष शर्मा पर बड़ा हमला! “दिखावे की राजनीति नहीं चलेगी” | Himachal Politics*
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • पुलिस थाना भराड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत डंगार के गांव रोपड़ी में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रोपड़ी निवासी राहुल देव सुबह काफी देर तक जब अपने कमरे से बाहर नहीं निकला,तो परिजनों ने उसे कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आशंका होने पर परिजनों ने आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहां युवक पंखे से फंदा लगाए लटका हुआ था। मृतक की पहचान राहुल देव (20) पुत्र पवन कुमार निवासी गांव रोपड़ी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता सीआरपीएफ में कार्यरत हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सेवाएं दे रहे हैं। अभी दस दिन पहले ही वह छुट्टी पूरी करके लौटे थे। युवक अपने परिवार का एकलौता बेटा था, जिससे घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की माता के अनुसार,मृतक ने हर रोज की तरह रात को खाना खाया और सोने के लिए अपने कमरे में चला गया था। परिजनों का कहना है कि घर में किसी प्रकार की कोई कहासुनी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि मृतक घुमारवीं में एक निजी संस्थान से आई.टी.आई कर रहा था। परिजनों ने आशंका जताई है कि संभवतः आईटीआई संस्थान के किसी जान-पहचान यह अन्य किसी और के साथ उसकी कोई बात हुई हो, जिससे उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना भराड़ी की टीम प्रभारी बलवीर सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू की। वहीं, डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है ।
    2
    पुलिस थाना भराड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत डंगार के गांव रोपड़ी में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रोपड़ी निवासी राहुल देव सुबह काफी देर तक जब अपने कमरे से बाहर नहीं निकला,तो परिजनों ने उसे कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आशंका होने पर परिजनों ने आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहां युवक पंखे से फंदा लगाए लटका हुआ था। मृतक की पहचान राहुल देव (20) पुत्र पवन कुमार निवासी गांव रोपड़ी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता सीआरपीएफ में कार्यरत हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सेवाएं दे रहे हैं। अभी दस दिन पहले ही वह छुट्टी पूरी करके लौटे थे। युवक अपने परिवार का एकलौता बेटा था, जिससे घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की माता के अनुसार,मृतक ने हर रोज की तरह रात को खाना खाया और सोने के लिए अपने कमरे में चला गया था। परिजनों का कहना है कि घर में किसी प्रकार की कोई कहासुनी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि मृतक घुमारवीं में एक निजी संस्थान से आई.टी.आई कर रहा था। परिजनों ने आशंका जताई है कि संभवतः आईटीआई संस्थान के किसी जान-पहचान यह अन्य किसी और के साथ उसकी कोई बात हुई हो, जिससे उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना भराड़ी की टीम प्रभारी बलवीर सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू की। वहीं, डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है ।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.