हिमकेयर योजना पर सियासत तेज, जयराम ठाकुर ने उठाए गंभीर सवाल…. CM बोले- 1100 करोड़ नहीं, 100 करोड़ का संभावित घोटाला .. हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने आज अपनी गलती सुधारने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले सदन में 1100 करोड़ के घोटाले की बात कही। अब वे इसे 100 करोड़ रुपए का घोटाला बता रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की मांग की है। VO—- जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमकेयर योजना को आयुष्मान भारत के पैटर्न पर लागू किया गया था, ताकि आयुष्मान भारत से बाहर रह गए लोगों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पहले लोग बीमारी के समय जमीन गिरवी रखने और रिश्तेदारों से उधार लेने को मजबूर होते थे, लेकिन इस योजना ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी।उन्होंने आरोप लगाया कि योजना को बंद करने से पहले इसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और मनगढ़ंत आरोप लगाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। VO—- जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हिमकेयर योजना पर करीब 972 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि इसका अनुमानित वार्षिक खर्च लगभग 200 करोड़ रुपये था। उनके अनुसार, तीन वर्षों में करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि दवाइयों की ऊंचे दामों पर खरीद के कारण खर्च बढ़ा है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच किसी सिटिंग हाईकोर्ट जज की निगरानी में करवाई जाए और ऑडिट केवल पूर्व सरकार का ही नहीं, बल्कि वर्तमान सरकार के तीन वर्षों का भी किया जाए। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को प्रश्नकाल में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीतिक कारणों से योजना को बंद करना चाहते हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को नुकसान हो रहा है। बाइट—- जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश
हिमकेयर योजना पर सियासत तेज, जयराम ठाकुर ने उठाए गंभीर सवाल…. CM बोले- 1100 करोड़ नहीं, 100 करोड़ का संभावित घोटाला .. हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने आज अपनी गलती सुधारने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले सदन में 1100 करोड़ के घोटाले की बात कही। अब वे इसे 100 करोड़ रुपए का घोटाला बता रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की मांग की है। VO—- जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमकेयर योजना को आयुष्मान भारत के पैटर्न पर लागू किया गया था, ताकि आयुष्मान भारत से बाहर रह गए लोगों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पहले लोग बीमारी के समय जमीन गिरवी रखने और रिश्तेदारों से उधार लेने को मजबूर होते थे, लेकिन इस योजना ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी।उन्होंने आरोप लगाया कि योजना को बंद करने से पहले
इसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और मनगढ़ंत आरोप लगाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। VO—- जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हिमकेयर योजना पर करीब 972 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि इसका अनुमानित वार्षिक खर्च लगभग 200 करोड़ रुपये था। उनके अनुसार, तीन वर्षों में करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि दवाइयों की ऊंचे दामों पर खरीद के कारण खर्च बढ़ा है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच किसी सिटिंग हाईकोर्ट जज की निगरानी में करवाई जाए और ऑडिट केवल पूर्व सरकार का ही नहीं, बल्कि वर्तमान सरकार के तीन वर्षों का भी किया जाए। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को प्रश्नकाल में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीतिक कारणों से योजना को बंद करना चाहते हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को नुकसान हो रहा है। बाइट—- जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश
- हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने आज अपनी गलती सुधारने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले सदन में 1100 करोड़ के घोटाले की बात कही। अब वे इसे 100 करोड़ रुपए का घोटाला बता रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की मांग की है। VO—- जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमकेयर योजना को आयुष्मान भारत के पैटर्न पर लागू किया गया था, ताकि आयुष्मान भारत से बाहर रह गए लोगों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पहले लोग बीमारी के समय जमीन गिरवी रखने और रिश्तेदारों से उधार लेने को मजबूर होते थे, लेकिन इस योजना ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी।उन्होंने आरोप लगाया कि योजना को बंद करने से पहले इसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और मनगढ़ंत आरोप लगाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। VO—- जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हिमकेयर योजना पर करीब 972 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि इसका अनुमानित वार्षिक खर्च लगभग 200 करोड़ रुपये था। उनके अनुसार, तीन वर्षों में करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि दवाइयों की ऊंचे दामों पर खरीद के कारण खर्च बढ़ा है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच किसी सिटिंग हाईकोर्ट जज की निगरानी में करवाई जाए और ऑडिट केवल पूर्व सरकार का ही नहीं, बल्कि वर्तमान सरकार के तीन वर्षों का भी किया जाए। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को प्रश्नकाल में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीतिक कारणों से योजना को बंद करना चाहते हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को नुकसान हो रहा है। बाइट—- जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश2
- अब शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं और विशेष रूप से दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मंदिर ट्रस्ट द्वारा पार्किंग स्थल से गुफा मार्ग तक रैंप और बेहतर सुविधायुक्त रास्तों का निर्माण किया जा रहा है। जिससे श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच सकेंगे। मंदिर न्यास अध्यक्ष धर्मपाल चौधरी ने बताया कि भौगोलिक परिस्थितियां कठिन जरूर हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और उचित योजना से इस चुनौती को पार किया जा सकता है। रैंप के कार्य को जल्द पूरा किया जाएगा और इसे एक महीने में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा ट्रस्ट ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि आने वाले 6 महीनों के भीतर मंदिर को पूरी तरह से एक्सेसिबल और सुगम बनाया जाएगा, ताकि दिव्यांगजन, बुजुर्ग और अन्य सभी श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।1
- बजट घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित—स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह विफल : डॉ. जनक राज स्क्रब टाइफस रिसर्च यूनिट, डायलिसिस, लैब, एंबुलेंस—अधिकांश घोषणाएं धरातल पर नहीं : जनक राज1
- Post by Dev Raj Thakur1
- रिपोर्ट 28 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। बीते बर्ष पिन पर्वती नदी में भयंकर बाढ़ आने के कारण पार्वती जल विद्युत परियोजना बांध को काफी नुकसान हुआ था इसकी मनोरम मत को लेकर बांध के आसपास निर्माण कार्य योजना स्तर पर चला हुआ है उम्मीद अच्छी जल्दी कार्य पूरा किया जाएगा1
- Post by Gyanendu Rajput1
- पहचान स्पेशल स्कूल: विशेष बच्चों के लिए शिक्षा, थेरेपी और आत्मनिर्भरता की नई राह1
- हिम केयर योजना में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला- CM सुक्खू हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पलटवार किया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिम केयर योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है. यह क़रीब 100 करोड़ रुपए का घोटाला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर इस पूरे मामले की जांच सिटिंग जज से इसलिए करवाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे इसे टालना चाहते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम केयर योजना में पुरुषों के बच्चादानी के ऑपरेशन किए गए. इतना ही नहीं, कई मरीज़ों को एक्सपायर Eye Lens भी डाल दिए गए. सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं. सरकार मरीज़ों के लिए अलग इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में विचार कर रही है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार ने डीज़ल पेट्रोल पर जो एक्साइज़ ड्यूटी कम की है, इसके असर के बारे में फ़िलहाल उन्हें जानकारी नहीं है. आज शामसाढ़ेछहबजेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी ऑनलाइन मीटिंग है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में डीज़ल-पेट्रोल की सप्लाई सामान्य है. सरकार इस पर नज़र बनाए हुए है. Byte—- सुखविंदर सिंह सुक्खू, CM, हिमाचल प्रदेश2