यज्ञ से मनुष्य में देवत्व का उदय होता है बच्चे यज्ञ के माध्यम से संस्कारवान, राष्ट्रनिष्ठ और सेवा भावी बनें : संजीव ॐऔर स्वास्तिक के रुप में सजे दीपकों की झिलमिलाती रोशनी रही आकर्षण का केंद्र। बदायूं : अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में अम्बियापुर क्षेत्र के ग्राम दबिहारी में विराट दीपयज्ञ एवं पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं, मातृशक्तियों और युवा ने यज्ञ भगवान को गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित की गईं। ग्राम, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं उन्नति के लिए प्रार्थना की गई। ओम एवं स्वास्तिक के स्वरूप में सजाए गए दीपकों की मनोहारी छटा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। दीपों की पावन ज्योति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिभाव से आलोकित कर दिया। यज्ञवीर की उपाधि से विभूषित गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि यज्ञ से सद्विचारों का संवर्धन और मनुष्य में देवत्व का उदय होता है। उन्होंने कहा युवा और बच्चे संस्कारवान, राष्ट्रनिष्ठ और सेवा भावी बनें। प्रज्ञा मंडल के पंकज कुमार ने कहा कि विचार क्रांति से कुरीतियों और नकारात्म ऊर्जा दूर होगी। ज्ञान, सद्भाव के साथ बच्चों में उच्च कोटि के संस्कार जाग्रत होंगे। भवेश शर्मा ने कहा कि गायत्री मंत्र और यज्ञ की साधना मानव जीवन में आत्मिक शक्ति का संचार करती है। यज्ञीय जीवन पद्धति अपनाकर ही स्वस्थ, संस्कारित और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में वरिष्ठ परिजन सुखपाल शर्मा ने मां गायत्री का पूजन, केवश शर्मा ने शक्ति कलश पूजन तथा रेवाराम शर्मा एवं रमेश चंद्र शर्मा ने गुरु पूजन किया। देवकन्याओं और मातृशक्तियों ने सैंकड़ों दीप प्रज्ज्वलित कर सुख-समृद्धि और यज्ञ भगवान को विशेष आहुतियां समर्पित कर राष्ट्र की उन्नति की कामना की। इस मौके पर तेजराम, मीना शर्मा, सीता शर्मा, पूजा, देवेंद्र पाल, सुनीता, मुरारी, रुचि, अंजलि आदि मौजूद रहीं।
यज्ञ से मनुष्य में देवत्व का उदय होता है बच्चे यज्ञ के माध्यम से संस्कारवान, राष्ट्रनिष्ठ और सेवा भावी बनें : संजीव ॐऔर स्वास्तिक के रुप में सजे दीपकों की झिलमिलाती रोशनी रही आकर्षण का केंद्र। बदायूं : अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में अम्बियापुर क्षेत्र के ग्राम दबिहारी में विराट दीपयज्ञ एवं पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं, मातृशक्तियों और युवा ने यज्ञ भगवान को गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित की गईं। ग्राम, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं उन्नति के लिए प्रार्थना की गई। ओम एवं स्वास्तिक के स्वरूप में सजाए गए दीपकों की मनोहारी छटा श्रद्धालुओं
के आकर्षण का केंद्र रही। दीपों की पावन ज्योति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिभाव से आलोकित कर दिया। यज्ञवीर की उपाधि से विभूषित गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि यज्ञ से सद्विचारों का संवर्धन और मनुष्य में देवत्व का उदय होता है। उन्होंने कहा युवा और बच्चे संस्कारवान, राष्ट्रनिष्ठ और सेवा भावी बनें। प्रज्ञा मंडल के पंकज कुमार ने कहा कि विचार क्रांति से कुरीतियों और नकारात्म ऊर्जा दूर होगी। ज्ञान, सद्भाव के साथ बच्चों में उच्च कोटि के संस्कार जाग्रत होंगे। भवेश शर्मा ने कहा कि गायत्री मंत्र और यज्ञ की साधना मानव जीवन में आत्मिक शक्ति का संचार करती है। यज्ञीय जीवन पद्धति अपनाकर ही स्वस्थ, संस्कारित और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में वरिष्ठ परिजन सुखपाल शर्मा ने मां गायत्री का पूजन, केवश शर्मा ने शक्ति कलश पूजन तथा रेवाराम शर्मा एवं रमेश चंद्र शर्मा ने गुरु पूजन किया। देवकन्याओं और मातृशक्तियों ने सैंकड़ों दीप प्रज्ज्वलित कर सुख-समृद्धि और यज्ञ भगवान को विशेष आहुतियां समर्पित कर राष्ट्र की उन्नति की कामना की। इस मौके पर तेजराम, मीना शर्मा, सीता शर्मा, पूजा, देवेंद्र पाल, सुनीता, मुरारी, रुचि, अंजलि आदि मौजूद रहीं।
- श्रावण मास के दूसरे सोमवार को महादेव का जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल लेने उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, हर-हर महादेव के गूंजे जयकारें बरेली-पीलीभीत से झूमते, नाचते-गाते चले आ रहे हैं कांवरिये उझानी,(बदायूं)। सावन के दूसरे सोमवार को भगवान शिव का गंगा जल से अभिषेक करने के लिए कछला गंगातट पर शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। गंगा स्नान और कांबड़ पूजा के उपरांत जलभर कर बरेली-पीलीभीत के शिवभक्त भक्ति में विभोर होकर झूमते हुए अपने गंतव्य को रवाना हो रहे हैं। शिवभक्त अपने क्षेत्र के शिवमंदिरों में सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। सावन के दूसरे सोमवार को भगवान शंकर का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में बरेली-पीलीभीत के शिव भक्त गुरूवार से ही कछला स्थित मां भागीरथी के तट पर पहुंचना शुरू हो गए। शुक्रवार की तड़के हर हर महादेव और हर हर गंगे के जयघोष के साथ पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाई और फिर कांबड़ पूजा करने के बाद जल भरा और कांबड़ को कांधे पर उठा निकल पड़े अपने गंतव्य की ओर। शिवभक्त कांबड़ियों के जत्थे कछला से उझानी नगर होतेे हुए बदायूं और फिर बरेली-पीलीभीत को निकल रहे हैं। शिवभक्त कांबड़ियों के जत्थे में शामिल शिवभक्त बज रहे धार्मिक भजनों पर भाव विभोर होकर झूमते और महादेव के जयकारा लगाते हुए चल रहे है। शिवभक्तों के चलते कछला गंगा तट से लेकर बरेली-पीलीभीत तक हाइवे और इससे जुड़े गांव के ग्रामीण भी शिव की भक्ति में सराबोर नजर आ रहे है। बड़ी संख्या में ग्रामीण शिव भक्तों का हौंसला बढ़ाने के लिए हाइवे किनारे सुबह से ही आ जाते है और देर रात तक डटे रहते हैं। ग्यारह किलो से एक सौ इक्कावन किलोग्राम तक जलभर कर कांधों पर उठा कर ला रहे हैं शिवभक्त बड़ी संख्या में ऐसे शिवभक्त भी है जो अपने जत्थे के साथ 11 किलो से लेकर 151 किलोग्राम तक कलश में जलभर कर उसे कांधों पर उठा पदयात्रा करते हुए अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं। ऐसे शिवभक्तों का कहना है कि यह जल जत्थे में शामिल सभी शिवभक्त दूसरे सोमवार को अपने क्षेत्र के शिवालय में पहुंच कर देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक करेंगे।1
- बदायूं न्यूज़ 🛑 सिद्ध बाबा मंदिर से गूरा बरैला होते हुए नगरिया अभय तक सड़क बदहाल, सावन में शिवभक्तों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा चार किलोमीटर मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे, इसी रास्ते से पटना देवकली जलाभिषेक को गुजरेंगे सैकड़ों शिवभक्त संवाददाता : प्रवेंद्र सिंह मोबाइल : 8650252442 उसावां (बदायूं)। सावन माह में भगवान शिव की आराधना के लिए श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में शिवभक्त जल लेकर विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए निकल रहे हैं। लेकिन विकास खंड उसावां क्षेत्र में सिद्ध बाबा मंदिर से गूरा बरैला होते हुए नगरिया अभय तक लगभग चार किलोमीटर लंबा मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सड़क की जर्जर हालत के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार, इसी मार्ग से होकर सैकड़ों की संख्या में शिवभक्तों की टोलियां फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे स्थित प्रसिद्ध पटना देवकली शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए रवाना होंगी। लेकिन सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई डामर, कटे हुए किनारे और बरसात के कारण जलभराव हादसों को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। कई स्थानों पर सड़क इतनी क्षतिग्रस्त हो चुकी है कि वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों को भी निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि "समझ में नहीं आता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क।" ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर शासन-प्रशासन सावन के पावन माह में शिवभक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए तमाम इंतजाम करने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाल बदायूं उन दावों की पोल खोल रही है। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो सावन के दौरान किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रीय लोगों और शिवभक्तों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सिद्ध बाबा मंदिर से नगरिया अभय त4
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिल्सी में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में माताओं को स्तनपान के महत्व एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य से जुड़े लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। बिल्सी: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिल्सी में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में माताओं को स्तनपान के महत्व एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य से जुड़े लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने उपस्थित मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि जन्म के तुरंत बाद नवजात को मां का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिशु को जन्म से लेकर कम से कम 6 माह तक केवल मां का ही दूध पिलाना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और वह कई प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रहता है। उन्होंने सभी माताओं से अपील की कि नवजात शिशु को केवल मां का ही दूध पिलाएं, क्योंकि यही उसके लिए सबसे सुरक्षित, पौष्टिक और संपूर्ण आहार है। साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दिए जाने वाले पोषण संबंधी सुझावों का पालन करने की भी सलाह दी। इस अवसर पर स्टाफ नर्स प्रतीक्षा भारद्वाज, अमन उपाध्याय तथा आशा कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।1
- यह पूरा मामला मितरोली गांव का है तहसील बिसौली इस्लामनगर थाना जिला बदायूं1
- आप देख रहे हैं खबर जकशन बरेली नयूज चैनल #उत्कृष्ट कारीगरों को शॉल, ट्रॉफी और जानमाज देकर किया सम्मानित#1
- श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान दो मुस्लिम महिलाएं कांवड़ लेकर निकलीं। मुजफ्फरनगर में श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान दो मुस्लिम महिलाएं कांवड़ लेकर निकलीं। गाजियाबाद निवासी तमन्ना मलिक और अनीशा हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुईं। बुर्के में कांवड़ लेकर पहुंचीं दोनों महिलाओं को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। मुजफ्फरनगर पहुंचने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। उनकी कांवड़ यात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- यज्ञ से मनुष्य में देवत्व का उदय होता है बच्चे यज्ञ के माध्यम से संस्कारवान, राष्ट्रनिष्ठ और सेवा भावी बनें : संजीव ॐऔर स्वास्तिक के रुप में सजे दीपकों की झिलमिलाती रोशनी रही आकर्षण का केंद्र। बदायूं : अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में अम्बियापुर क्षेत्र के ग्राम दबिहारी में विराट दीपयज्ञ एवं पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं, मातृशक्तियों और युवा ने यज्ञ भगवान को गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित की गईं। ग्राम, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं उन्नति के लिए प्रार्थना की गई। ओम एवं स्वास्तिक के स्वरूप में सजाए गए दीपकों की मनोहारी छटा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। दीपों की पावन ज्योति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिभाव से आलोकित कर दिया। यज्ञवीर की उपाधि से विभूषित गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि यज्ञ से सद्विचारों का संवर्धन और मनुष्य में देवत्व का उदय होता है। उन्होंने कहा युवा और बच्चे संस्कारवान, राष्ट्रनिष्ठ और सेवा भावी बनें। प्रज्ञा मंडल के पंकज कुमार ने कहा कि विचार क्रांति से कुरीतियों और नकारात्म ऊर्जा दूर होगी। ज्ञान, सद्भाव के साथ बच्चों में उच्च कोटि के संस्कार जाग्रत होंगे। भवेश शर्मा ने कहा कि गायत्री मंत्र और यज्ञ की साधना मानव जीवन में आत्मिक शक्ति का संचार करती है। यज्ञीय जीवन पद्धति अपनाकर ही स्वस्थ, संस्कारित और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में वरिष्ठ परिजन सुखपाल शर्मा ने मां गायत्री का पूजन, केवश शर्मा ने शक्ति कलश पूजन तथा रेवाराम शर्मा एवं रमेश चंद्र शर्मा ने गुरु पूजन किया। देवकन्याओं और मातृशक्तियों ने सैंकड़ों दीप प्रज्ज्वलित कर सुख-समृद्धि और यज्ञ भगवान को विशेष आहुतियां समर्पित कर राष्ट्र की उन्नति की कामना की। इस मौके पर तेजराम, मीना शर्मा, सीता शर्मा, पूजा, देवेंद्र पाल, सुनीता, मुरारी, रुचि, अंजलि आदि मौजूद रहीं।2
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