किरनापुर तहसील के ग्राम पाला में 08 जून की दोपहर 12 बजे परमात्मा एक सेवक समिति के दो पक्षों के बीच प्रबंधन और वर्चस्व को लेकर तीखी झड़प हो गई। देखते ही देखते माहौल इतना गरमा गया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर SDM और किरनापुर थाने का भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। यह परिसर पूरी तरह से एक छावनी में तब्दील हो गया था। विवाद की जड़ साल 2014 में गठित इस समिति के पूर्व अध्यक्ष चंद्रकिशोर बिरनवार और वर्तमान प्रबंधन के बीच का टकराव है। एक पक्ष ने आरोप लगाया है कि पूर्व अध्यक्ष लांजी परिसर जाने के बाद भी यहां आकर अपने लोगों को मुख्य भूमिका देना चाहते हैं। वहीं, पूर्व अध्यक्ष चंद्रकिशोर बिरनवार का कहना है कि साल 2018 के आर्थिक विवाद के बाद समिति दो भागों में बंट गई थी और आज जब वे सेवकों के साथ प्रार्थना करने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने भवन में ताला लगा दिया। दोपहर 12 बजे से शाम 07 बजे तक, कुल 07 घंटे चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को शांत कराने के लिए किरनापुर SDM ने कड़ा रुख अपनाया। प्रशासन ने दोनों पक्षों की सहमति से भवन में अपना ताला लगा दिया है और चाबी अपने कब्जे में ले ली है। शाम को जोत जलाने की दैनिक धार्मिक प्रक्रिया बाधित न हो, इसके लिए यह तय किया गया है कि दोनों पक्षों का एक-एक सदस्य और एक सरकारी कर्मचारी मिलकर यह काम करेंगे। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
किरनापुर तहसील के ग्राम पाला में 08 जून की दोपहर 12 बजे परमात्मा एक सेवक समिति के दो पक्षों के बीच प्रबंधन और वर्चस्व को लेकर तीखी झड़प हो गई। देखते ही देखते माहौल इतना गरमा गया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर SDM और किरनापुर थाने का भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। यह परिसर पूरी तरह से एक छावनी में तब्दील हो गया था। विवाद की जड़ साल 2014 में गठित इस समिति के पूर्व अध्यक्ष चंद्रकिशोर बिरनवार और वर्तमान प्रबंधन के बीच का टकराव है। एक पक्ष ने आरोप लगाया है कि पूर्व अध्यक्ष लांजी परिसर जाने के बाद भी यहां आकर अपने लोगों को मुख्य भूमिका देना चाहते हैं। वहीं, पूर्व अध्यक्ष चंद्रकिशोर बिरनवार का कहना है कि साल 2018 के आर्थिक विवाद के बाद समिति दो भागों में बंट गई थी और आज जब वे सेवकों के साथ प्रार्थना करने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने भवन में ताला लगा दिया। दोपहर 12 बजे से शाम 07 बजे तक, कुल 07 घंटे चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को शांत कराने के लिए किरनापुर SDM ने कड़ा रुख अपनाया। प्रशासन ने दोनों पक्षों की सहमति से भवन में अपना ताला लगा दिया है और चाबी अपने कब्जे में ले ली है। शाम को जोत जलाने की दैनिक धार्मिक प्रक्रिया बाधित न हो, इसके लिए यह तय किया गया है कि दोनों पक्षों का एक-एक सदस्य और एक सरकारी कर्मचारी मिलकर यह काम करेंगे। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
- User5005Balaghat, Madhya Pradesh🙏3 days ago
- नागपुर से इलाज कराकर लौट रही एक 14 वर्षीय बालिका की आंधी-तूफान के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। बस से उतरने के बाद जब वह अपने घर जा रही थी, तभी उस पर एक पेड़ गिर गया, जिससे यह दुखद घटना हुई।1
- मंडी में 'प्रवेश पर्ची' के बहाने किसानों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाने का मामला सामने आया है। इस गैर-कानूनी उगाही का किसानों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद यह वसूली आखिरकार रोक दी गई। अधिकारियों द्वारा इस अवैध वसूली के लिए स्टाफ की कमी को एक बहाना बताया गया है।1
- सिवनी जिले में कलेक्टर श्रीमति नेहा मीना के निर्देशन और जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) श्री मनोज लारोकर के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति के अंतर्गत "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" योजना के तहत विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में, प्रशासक वन स्टॉप सेंटर सुश्री ईशा बाल्मिक के मार्गदर्शन में 12 जून 2026 को 14 से 18 वर्ष की बालिकाओं के लिए आष्टा मंदिर बरघाट में एक एक्सपोजर विजिट और शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, केस वर्कर श्रीमती वर्षा बैस ने वन स्टॉप सेंटर से संबंधित जानकारी, साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नंबर्स जैसे 1098, 181, 112, और 1930 के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और बाल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। कार्यक्रम में स्वच्छता, बेटी शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता संदेश दिए गए, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से परिचित कराना भी था। भ्रमण के दौरान, प्रतिभागियों ने आष्टा मंदिर परिसर का अवलोकन किया, जहाँ केस वर्कर वन स्टॉप सेंटर सिवनी श्रीमती सोनल सक्सेना ने मंदिर के इतिहास और स्थापत्य कला के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि आष्टा काली मंदिर बरघाट क्षेत्र का एक प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, जिसका निर्माण 13वीं शताब्दी में देवगिरि के यादव वंश के शासनकाल में हुआ माना जाता है। ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार, इसके निर्माण का श्रेय अक्सर यादव राजा महादेव को दिया जाता है, जबकि कुछ स्थानीय परम्पराएँ इसे राजा रामचंद्र के काल से भी जोड़ती हैं। यह मंदिर हेमाड़पंथी शैली में निर्मित है, जिसका नाम यादव शासन के प्रसिद्ध मंत्री एवं विद्वान हेमाद्रि पंडित (हेमाड़पंत) के नाम पर पड़ा है। एक स्थानीय मान्यता यह भी है कि यहाँ मूल रूप से आठ मंदिरों का समूह था, जिससे इस स्थान का नाम "आष्टा" पड़ा। वर्तमान में अधिकांश मंदिर अवशेष के रूप में हैं, और मुख्य मंदिर ही प्रमुख रूप से विद्यमान है। इस कार्यक्रम में केस वर्कर वन स्टॉप सेंटर श्रीमती सोनल सक्सेना एवं वर्षा बैस, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएँ, सहायिकाएँ तथा लगभग 35 बालिकाएँ उपस्थित रहीं।1
- सेवनी में गोंडवाना पार्टी ने एक अधीक्षिका को हटाने की मांग को लेकर बिरसा मुंडा प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन किया है। इस मांग पर जोर देते हुए पार्टी के कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं।1
- सिवनी में समान नागरिक संहिता के विषय पर एक जनपरामर्श बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, नागरिकों ने समान नागरिक संहिता से संबंधित कई अहम सुझाव प्रस्तुत किए।1
- मंडला में एक पुलिस आरक्षक ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किए जाने से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस घटना का खुलासा आरक्षक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट से हुआ, जिसमें उसने ब्लैकमेलिंग का राज खोला। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और अपनी गहन जाँच के बाद एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस प्रकरण में दो स्टॉफ नर्स सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है।1
- गर्रा रेलवे ओवर ब्रिज के लोकार्पण से शहर को यातायात में बड़ी राहत मिली है। कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इस ब्रिज का शुभारंभ किया, इस दौरान सांसद, जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के कुरई थाना अंतर्गत बादलपार चौकी की ग्राम पंचायत सर्राहिर्री में शुक्रवार, 12 मई को शाम करीब 8:00 बजे एक अनियंत्रित डंपर ने सड़क पर खड़े तीन और एक किनारे बैठे व्यक्ति को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में सुकमाल भलावी (लगभग 50 वर्ष) और संदीप सरयाम (लगभग 45 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चंद्रभान वर्मा (35 वर्ष) और संदीप मार्सकोले (30 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद डंपर (क्रमांक MP.50 HO. 833), जो बालाजी ट्रेडर्स बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर का बताया जा रहा है और विजय पानी से बादलपार की ओर आ रहा था, अनियंत्रित होकर एक मकान में घुस गया, जिससे मकान और डंपर दोनों क्षतिग्रस्त हो गए। गंभीर रूप से घायल दोनों व्यक्तियों को पहले सिवनी जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए नागपुर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी इंजन सिंह मर्सकोले, एसडीओपी ललित गठरे और कुरई पुलिस आरक्षक प्रफुल्ल सोनेकर के साथ घटनास्थल पर पहुँची। ग्रामीणों की मदद से मृतकों के शव बाहर निकाले गए। बताया गया है कि डंपर का चालक और मजदूर मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर पंचनामा कार्यवाही की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद आज गमगीन माहौल में मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस अब मामले की विवेचना कर कार्रवाई में जुटी है। इस दुखद खबर से पूरे गांव में मातम पसर गया है।1