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अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र में हुए मर्डर केस का एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने खुलासा कर दिया है। लगातार पति के विरोध के कारण यह खौफनाक साजिश रची गई थी, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति मुकेश को मौत के घाट उतार दिया। मामले में मृतक के बड़े भाई ने हत्या का शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस ने मामले की जांच कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया और हत्यारी पत्नी सहित तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
नरेंद्र कुमार आचार्य
अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र में हुए मर्डर केस का एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने खुलासा कर दिया है। लगातार पति के विरोध के कारण यह खौफनाक साजिश रची गई थी, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति मुकेश को मौत के घाट उतार दिया। मामले में मृतक के बड़े भाई ने हत्या का शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस ने मामले की जांच कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया और हत्यारी पत्नी सहित तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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- अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र में हुए मर्डर केस का एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने खुलासा कर दिया है। लगातार पति के विरोध के कारण यह खौफनाक साजिश रची गई थी, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति मुकेश को मौत के घाट उतार दिया। मामले में मृतक के बड़े भाई ने हत्या का शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस ने मामले की जांच कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया और हत्यारी पत्नी सहित तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- रियान बड़ी उपखंड क्षेत्र के लुगिया गांव निवासी मेघवाल परिवार ने अपनी पुश्तैनी अनुसूचित जाति (एससी) भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है। ज्ञापन में नाथूराम मेघवाल, धारूराम मेघवाल और उनकी बहनों चुका देवी व सोहनी देवी ने बताया कि ग्राम बीजाथल स्थित खसरा नंबरों की भूमि पर उनके पूर्वज, जैसे शिवरण पुत्र घिसा, राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 लागू होने से पहले से ही काश्तकार रहे हैं। नाथूराम मेघवाल के अनुसार, उनके पिता ने आर्थिक तंगी के कारण जमीन उगमाराम जाट को केवल बटाई पर दी थी। आरोप है कि पिता के निधन के बाद उगमाराम जाट ने कूटचित दस्तावेजों के आधार पर बिना वैधानिक रूपांतरण के एससी वर्ग की भूमि ओबीसी वर्ग में अपने नाम करवा ली। वहीं, सुगनचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने बंटवारे के दौरान पिता की जाति गलत तरीके से जैन दर्ज करवाकर अवैध रूप से भूमि अपने नाम कर ली। पीड़ित पक्ष का दावा है कि प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से सैकड़ों बीघा भूमि का रिकॉर्ड बदला गया है, जबकि नियमतः बिना रूपांतरण के एससी भूमि किसी अन्य वर्ग के नाम दर्ज नहीं की जा सकती। परिवार ने जिला प्रशासन से दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पुश्तैनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने ज्ञापन मिलने की बात स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि मामले की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- अजमेर में दरगाह बाईपास, नागफनी रोड, अढ़ाई दिन का झोपड़ा सड़क, अंदर कोट और नई सड़क बाईपास की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़कों के हिस्से टूट-टूटकर रास्ते पर गिर रहे हैं और पूरी सड़क जर्जर हो चुकी है। प्रशासन की अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए इन रास्तों पर तुरंत सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की माँग उठाई गई है। इन प्रमुख मार्गों से होकर बहुत से मेहमान और श्रद्धालु शहर में आते हैं, जिससे अजमेर की छवि खराब हो रही है। दरगाह बाईपास और आसपास की सड़कों की दुर्दशा पर ध्यान देने और निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की माँग की गई है।1
- अजमेर में जनप्रतिनिधि वाद से जुड़े आनासागर वेटरलैंड मामले में न्यायालय में सुनवाई हुई। इस मामले में अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल पक्षकार हैं। याचिका में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि आनासागर वेटरलैंड का सीमांकन (डिमार्केशन) किए बिना किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाए। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने न्यायालय को जानकारी दी कि कुल 12 पक्षकारों में से 4 पक्षकार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके साथ ही, संबंधित पक्ष की ओर से कोई भी आवश्यक दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए। इस मामले में आगे की सुनवाई अब न्यायालय के निर्देशानुसार संपन्न होगी।1
- राजस्थान के अजमेर जिले में मांगलियावास-पीसांगन थाना क्षेत्र के बख्तावरपुरा गांव में 17 जुलाई को हुई 70 वर्षीय बेवा गांधी देवी की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया है। घटना के सात दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा मामले का खुलासा न किए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और शीघ्र खुलासे की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, 17 जुलाई की सुबह गांधी देवी का शव उनके घर के आंगन में चारपाई पर पड़ा मिला था। घटना के बाद पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण कराया था तथा फॉरेंसिक और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए थे। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मामले का खुलासा नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मामले में पीसांगन पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही "दूध का दूध और पानी का पानी" कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।1
- अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र स्थित नाथूथला गांव में मुकेश सिंह रावत का शव घर की चारपाई पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक के गले और आंख पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे उसके भाई ने हत्या की आशंका जताई है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी विमला और एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा आपसी विवाद और घटना की रात एक अज्ञात गाड़ी का फार्म हाउस पर आना मुख्य संदिग्ध कड़ियाँ बनकर सामने आई हैं। मृतक के 12 वर्षीय बेटे नरेश ने खुलासा किया कि रात करीब 12 बजे जब उसकी नींद खुली, तो उसकी मां कमरे में नहीं थी और पास के कमरे से रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं। वहीं ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था, जिसे तीन दिन पहले ही समाज के लोगों ने समझाइश कर शांत कराया था। शुरुआती तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने पत्नी को डिटेन किया है। मामले की सघन जांच पीसांगन थानाधिकारी पारुल यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद कायल और ग्रामीण वृत्ताधिकारी शमशेर सिंह की निगरानी में की जा रही है। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और पूरी साजिश का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। मृतक मुकेश अपने पीछे 5 मासूम बच्चों को छोड़ गया है।4