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ग्राम सौरु पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र होने के बावजूद विकास हेतु कोसो दूर : तुकाराम चंद्रवंशी कांग्रेस युवा नेता कवर्धा कांग्रेस के युवा नेता तुकाराम चंद्रवंशी ने मिडिया के सामने बात करते हुए कहा कि बोड़ला ब्लॉक आकांक्षीय ब्लॉक होने के बावजूद ग्राम पंचायत पंडरीपानी के आश्रित ग्राम सौरू में प्रधानमंत्री की जनमन योजना बैगा बहुल्य क्षेत्र आदिवासी क्षेत्रों में विकास के लिए अरबों और करोड़ों रुपए के आते हैं लेकिन धरातल पर ₹1 का काम भी दिखाई नहीं देता यहां के निवासरत लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
Jeevan Yadav
ग्राम सौरु पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र होने के बावजूद विकास हेतु कोसो दूर : तुकाराम चंद्रवंशी कांग्रेस युवा नेता कवर्धा कांग्रेस के युवा नेता तुकाराम चंद्रवंशी ने मिडिया के सामने बात करते हुए कहा कि बोड़ला ब्लॉक आकांक्षीय ब्लॉक होने के बावजूद ग्राम पंचायत पंडरीपानी के आश्रित ग्राम सौरू में प्रधानमंत्री की जनमन योजना बैगा बहुल्य क्षेत्र आदिवासी क्षेत्रों में विकास के लिए अरबों और करोड़ों रुपए के आते हैं लेकिन धरातल पर ₹1 का काम भी दिखाई नहीं देता यहां के निवासरत लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
- Santosh khushamबोडला, कबीरधाम, छत्तीसगढ़🙏🙏🙏38 min ago
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- कवर्धा कांग्रेस के युवा नेता तुकाराम चंद्रवंशी ने मिडिया के सामने बात करते हुए कहा कि बोड़ला ब्लॉक आकांक्षीय ब्लॉक होने के बावजूद ग्राम पंचायत पंडरीपानी के आश्रित ग्राम सौरू में प्रधानमंत्री की जनमन योजना बैगा बहुल्य क्षेत्र आदिवासी क्षेत्रों में विकास के लिए अरबों और करोड़ों रुपए के आते हैं लेकिन धरातल पर ₹1 का काम भी दिखाई नहीं देता यहां के निवासरत लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।1
- पंडरिया विधानसभा अंतर्गत ग्राम कोलेगांव में चल रहे नौ दिवसीय श्री रूद्र महायज्ञ एवं शिव कथा में विधायक भावना बोहरा ने शामिल होकर पूजा अर्चना कर क्षेत्र की सुख शांति व समृद्घि के लिए आशीर्वाद लिया गया। यज्ञ समस्त कोलेगांव के ग्राम वासियों द्वारा कराया जा रहे हैं, इस दौरान ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा कि धार्मिक एवं यज्ञ कार्य जैसे आयोजनों से समाज में धार्मिक सूचिता एवं चेतना बढ़ती है। यज्ञ कुण्ड में प्रज्जवलित पवित्र अग्नि हम सभी के मन मे व्याप्त अज्ञानता एवं अंधकार को समाप्त कर सत्य एवं ज्ञान के मार्ग में चलकर अपने जीवन को कृतार्थ करने के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर राजेश्वरी महेंद्र घृतलहरे जी जिला पंचायत सदस्य क्रमांक चार, नंदनी साहू जनपद अध्यक्ष पंडरिया, छत्रकिशोर शानू तिवारी जनपद उपाध्यक्ष पंडरिया, बालमुकुंद चंद्रवंशी मंडल अध्यक्ष भाजपा कुंडा, रामाधार शर्मा अध्यक्ष सेवा सहकारी समिति कोलेगांव, परमेश्वर साहू कुंडा मंडल किसान मोर्चा अध्यक्ष, सुरेश धुर्वे सरपंच कोलेगांव उपस्थित थे।1
- Post by Rameshwar sahu1
- 11 फरवरी बुधवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार ग्राम कटंगी में शीतलाल निर्मलकर से जुड़े सामाजिक बहिष्कार के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित हस्तक्षेप किया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) की संयुक्त उपस्थिति में ग्राम पंचायत भवन में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम सरपंच, पंचगण, निर्मलकर समाज के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना, दबाव बनाना या सामुदायिक भेदभाव करना कानूनन दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दो टूक कहा कि गांव की शांति और सामाजिक समरसता से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के विवाद या मतभेद की स्थिति में कानून हाथ में लेना अनुचित है। समस्याओं का समाधान संवाद, आपसी सहमति तथा पंचायत एवं प्रशासनिक माध्यमों से ही किया जाना चाहिए। बैठक में सभी पक्षों की बातों को सुना गया और आपसी समझ से विवाद सुलझाने पर जोर दिया गया। ग्राम सरपंच एवं समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। ग्रामीणों ने भी गांव में आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने का संकल्प लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाएगी और किसी भी अवांछित गतिविधि की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।1
- ग्राम तुलसी मड़ई मेला मे परिशांति भंग कर उपद्रव करने वाले असमाजिक तत्व जेल में निरूद्ध क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाये रखने तिल्दा नेवरा पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी1
- तिल्दा, जिला रायपुर स्थित धान संग्रहण केंद्र में महिला एवं पुरुष मजदूरों द्वारा कई दिनों से शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। मजदूरों का आरोप है कि शासन द्वारा तय ₹410 प्रतिदिन मजदूरी के बजाय उन्हें ₹300 से ₹400 का भुगतान किया जा रहा है। मजदूरों का यह भी कहना है कि पिछले एक साल से PF की राशि जमा नहीं की गई है और काम के दौरान सुरक्षा के लिए दस्ताने जैसे जरूरी साधन भी उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे हाथों में चोट और जलन की समस्या हो रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि— 👉 जब काम समान है, तो मजदूरी में भेदभाव क्यों? मजदूरों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक कलेक्टर दर से भुगतान और PF की राशि नहीं मिलेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण बताया जा रहा है। इस खबर से जुड़े हर अपडेट के लिए जुड़े रहें 📺 जय जोहार सीजी न्यूज़ के साथ। 👍 वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Subscribe जरूर करें।2
- छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के तहत एक ही दिन 6000 से अधिक कन्याओं का विवाह संपन्न कराया गया। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े शामिल हुए। योजना का उद्देश्य बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देना और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है। वीडियो में देखें आयोजन की पूरी झलक, खास पल और महत्वपूर्ण जानकारी।1
- कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में आज भी ऐसे गांव मौजूद हैं, जहां विकास की रोशनी नहीं पहुंच सकी है। जिला मुख्यालय कवर्धा से करीब 70 किलोमीटर दूर बसे ग्रामी सौरू में रहने वाले बैगा आदिवासी परिवार आज भी पानी, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यह वही बैगा समुदाय है जिन्हें देश का विशेष संरक्षित जनजाति माना जाता है और जिन्हें राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र तक कहा जाता है। लेकिन जमीनी हकीकत बेहद दर्दनाक है। यह तस्वीरें कबीरधाम जिले के सौरू गांव की हैं। यहां लगभग 35 बैगा परिवार, करीब 200 की आबादी के साथ निवास करते हैं। गांव में ना बिजली है, ना पक्की सड़क और ना ही पीने के लिए स्वच्छ पानी है लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आज भी संघर्ष करना पड़ रहा है। गांव में सोलर पैनल लगाए गए थे, अब वो भी बंद गांव में सोलर सिस्टम से एक हैंडपंप लगाया गया है, लेकिन वह भी कभी चलता है, कभी बंद हो जाता है। जब हैंडपंप काम नहीं करता तो ग्रामीणों को मजबूरन दो से ढाई किलोमीटर पैदल चलकर झीरीया से पानी लाना पड़ता है और उसी पानी को पीने के लिए उपयोग करते हैं। बिजली के नाम पर गांव में सोलर पैनल लगाए गए थे, लेकिन अब वे भी बंद पड़े हैं। रात होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सामान्य जीवन भी मुश्किल हो गया है। ना जनप्रतिनिधि ध्यान देते हैं, ना प्रशासनिक अधिकारी- गांव में स्कूल तो है, लेकिन बच्चों की शिक्षा की हालत भी चिंताजनक है। ग्रामीणों ने बताया कि गाँव के स्कूल से अक्सर शिक्षक गायब रहते हैं, कई बार स्कूल समय पर नहीं खुलता और कभी-कभी बंद भी रहता है। ऐसे में बैगा बच्चों का भविष्य अंधकार में जाता दिखाई दे रहा है। यह गांव ऐसा प्रतीत होता है मानो संसाधनों और विकास से पूरी तरह कट चुका हो। ग्रामीणों का आरोप है कि, ना जनप्रतिनिधि ध्यान देते हैं, ना प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचते हैं।1