बैंड-बाजे पर थिरकता पहुंचा किसान! हाईकोर्ट की जीत पर धान बेचने का अनोखा जश्न, बलरामपुर में मचा धमाल बैंड-बाजे पर थिरकता पहुंचा किसान! हाईकोर्ट की जीत पर धान बेचने का अनोखा जश्न, बलरामपुर में मचा धमाल नमस्कार जय जोहार जय छत्तीसगढ़ मैं योगेश कुमार साहू और आप देख रहे है द छत्तीसगढ़ शादी-ब्याह में तो बैंड-बाजे की धुन पर सब थिरकते हैं, लेकिन बलरामपुर, छत्तीसगढ़ में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो दिल छू गया। यहाँ शादी नहीं, बल्कि न्याय की जीत का जश्न था! ग्राम चितविश्रामपुर बनोर के किसान राजदेव मिंज अपनी साल भर की मेहनत की फसल – करीब 525 बोरा धान – ले कर बैंड-बाजे की ताल पर नाचते-गाते बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। दरअसल, ऑनलाइन टोकन न कट पाने की प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण उनका धान फंस गया था। समय सीमा खत्म होने का हवाला देकर अधिकारी धान खरीदने को तैयार नहीं थे। हार मानने वाले किसान नहीं थे राजदेव मिंज। उन्होंने सीधे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने किसान की मजबूरी और मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया और प्रशासन को तुरंत धान खरीदने का आदेश दे दिया। कोर्ट के आदेश के बाद राजदेव मिंज भावुक होकर बोले, “यह बैंड-बाजा मेरी खुशी के साथ-साथ माननीय न्यायालय के सम्मान में बज रहा है। अगर न्यायालय का साथ न मिलता, तो मेरी साल भर की मेहनत बर्बाद हो जाती।” इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। उन्होंने किसान का पूरा समर्थन किया और इसे किसानों के हक की बड़ी जीत बताया। साथ ही नायब तहसीलदार रवि भोजवानी पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों को तुरंत निलंबित या ट्रांसफर किया जाना चाहिए। दोस्तों, यह सिर्फ एक किसान की जीत नहीं, बल्कि आम आदमी के हक में न्यायपालिका के भरोसे की मिसाल है। जब सिस्टम दरवाजे बंद कर दे, तो कोर्ट का दरवाजा खुला रहता है। यहा खबर हमे भेजे है सरगुजा के जाने माने पत्रकार आसिफ़ अली जी आगे अपडेट के लिए हमारे न्यूज़ चैनल द छत्तीसगढ़ को सब्सक्राइब करे नमस्कार
बैंड-बाजे पर थिरकता पहुंचा किसान! हाईकोर्ट की जीत पर धान बेचने का अनोखा जश्न, बलरामपुर में मचा धमाल बैंड-बाजे पर थिरकता पहुंचा किसान! हाईकोर्ट की जीत पर धान बेचने का अनोखा जश्न, बलरामपुर में मचा धमाल नमस्कार जय जोहार जय छत्तीसगढ़ मैं योगेश कुमार साहू और आप देख रहे है द छत्तीसगढ़ शादी-ब्याह में तो बैंड-बाजे की धुन पर सब थिरकते हैं, लेकिन बलरामपुर, छत्तीसगढ़ में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो दिल छू गया। यहाँ शादी नहीं, बल्कि न्याय की जीत का जश्न था! ग्राम चितविश्रामपुर बनोर के किसान राजदेव मिंज अपनी साल भर की मेहनत की फसल – करीब 525 बोरा धान – ले कर बैंड-बाजे की ताल पर नाचते-गाते बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। दरअसल, ऑनलाइन टोकन न कट पाने की प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण उनका धान फंस गया था। समय सीमा खत्म होने का हवाला देकर अधिकारी धान खरीदने को तैयार नहीं थे। हार मानने वाले किसान नहीं थे राजदेव मिंज। उन्होंने सीधे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने किसान की मजबूरी और मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया और प्रशासन को तुरंत धान खरीदने का आदेश दे दिया। कोर्ट के आदेश के बाद राजदेव मिंज भावुक होकर बोले, “यह बैंड-बाजा मेरी खुशी के साथ-साथ माननीय न्यायालय के सम्मान में बज रहा है। अगर न्यायालय का साथ न मिलता, तो मेरी साल भर की मेहनत बर्बाद हो जाती।” इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। उन्होंने किसान का पूरा समर्थन किया और इसे किसानों के हक की बड़ी जीत बताया। साथ ही नायब तहसीलदार रवि भोजवानी पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों को तुरंत निलंबित या ट्रांसफर किया जाना चाहिए। दोस्तों, यह सिर्फ एक किसान की जीत नहीं, बल्कि आम आदमी के हक में न्यायपालिका के भरोसे की मिसाल है। जब सिस्टम दरवाजे बंद कर दे, तो कोर्ट का दरवाजा खुला रहता है। यहा खबर हमे भेजे है सरगुजा के जाने माने पत्रकार आसिफ़ अली जी आगे अपडेट के लिए हमारे न्यूज़ चैनल द छत्तीसगढ़ को सब्सक्राइब करे नमस्कार
- बैंड-बाजे पर थिरकता पहुंचा किसान! हाईकोर्ट की जीत पर धान बेचने का अनोखा जश्न, बलरामपुर में मचा धमाल नमस्कार जय जोहार जय छत्तीसगढ़ मैं योगेश कुमार साहू और आप देख रहे है द छत्तीसगढ़ शादी-ब्याह में तो बैंड-बाजे की धुन पर सब थिरकते हैं, लेकिन बलरामपुर, छत्तीसगढ़ में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो दिल छू गया। यहाँ शादी नहीं, बल्कि न्याय की जीत का जश्न था! ग्राम चितविश्रामपुर बनोर के किसान राजदेव मिंज अपनी साल भर की मेहनत की फसल – करीब 525 बोरा धान – ले कर बैंड-बाजे की ताल पर नाचते-गाते बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। दरअसल, ऑनलाइन टोकन न कट पाने की प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण उनका धान फंस गया था। समय सीमा खत्म होने का हवाला देकर अधिकारी धान खरीदने को तैयार नहीं थे। हार मानने वाले किसान नहीं थे राजदेव मिंज। उन्होंने सीधे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने किसान की मजबूरी और मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया और प्रशासन को तुरंत धान खरीदने का आदेश दे दिया। कोर्ट के आदेश के बाद राजदेव मिंज भावुक होकर बोले, “यह बैंड-बाजा मेरी खुशी के साथ-साथ माननीय न्यायालय के सम्मान में बज रहा है। अगर न्यायालय का साथ न मिलता, तो मेरी साल भर की मेहनत बर्बाद हो जाती।” इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। उन्होंने किसान का पूरा समर्थन किया और इसे किसानों के हक की बड़ी जीत बताया। साथ ही नायब तहसीलदार रवि भोजवानी पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों को तुरंत निलंबित या ट्रांसफर किया जाना चाहिए। दोस्तों, यह सिर्फ एक किसान की जीत नहीं, बल्कि आम आदमी के हक में न्यायपालिका के भरोसे की मिसाल है। जब सिस्टम दरवाजे बंद कर दे, तो कोर्ट का दरवाजा खुला रहता है। यहा खबर हमे भेजे है सरगुजा के जाने माने पत्रकार आसिफ़ अली जी आगे अपडेट के लिए हमारे न्यूज़ चैनल द छत्तीसगढ़ को सब्सक्राइब करे नमस्कार1
- कलेक्ट्रेट घेराव से गरमाया माहौल, हजारों की भीड़ सड़कों पर मोहला–मानपुर जिला मुख्यालय आज उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया, जब आदिवासी समाज के हजारों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। विशेष रूप से हलबा समाज के लोगों की भारी भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। बताया जा रहा है कि आदिवासी समाज से जुड़े एक बस चालक की बीते दिनों मोहला में 6 युवकों द्वारा बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। इसी के विरोध में आज बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति निर्मित हो गई। हालांकि पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और किसी बड़े टकराव को टाल दिया। 🔴 मुख्य मांगें: हत्या के आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए दोषियों के खिलाफ त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई हो फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे घटनाक्रम के चलते मोहला–मानपुर में माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है।1
- मोर तरिया आय के जरिया से बदलेगी गांव की तस्वीर मेड़ेसरा में रोजगार सह आवास दिवस संपन्न रिपोर्टर -हेमंत उमरे दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत ग्राम मेड़ेसरा में रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन उत्साह और जनभागीदारी के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण विकास को गति देना जल संरक्षण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन जिला पंचायत दुर्ग उपाध्यक्ष पवन शर्मा जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र साहू सरपंच श्रीमती राजेश्वरी देशलहरे एवं पूर्व अध्यक्ष नटवर ताम्रकार अहिवारा सहित कई जनप्रतिनिधि सरपंच और सचिव मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मोर गांव मोर पानी अभियान के अंतर्गत मोर तरिया आय के जरिया योजना की जानकारी दी गई। इस योजना का उद्देश्य गांवों में जल संरक्षण को मजबूत करते हुए आय के स्थायी स्रोत तैयार करना है। इसके तहत ग्राम मेड़ेसरा में 10 नए तरिया तालाब की स्वीकृति दी गई है जिससे खेती मछली पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।1
- लखीमपुर कचहरी में, वकील ने अपने ही चचेरे भाई को मारी गोली उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 6 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 12 बजे सिविल कोर्ट परिसर में सनसनीखेज गोलीकांड हो गया। वकील विराट राज (शिवम राज ज्ञानी उर्फ विराट) ने अपने चचेरे भाई वकील जितेंद्र राज (27 वर्ष) को पारिवारिक जमीन विवाद (खेत की मेड़ / पानी को लेकर) में 315 बोर की कंट्री मे पिस्तौल से सीने में गोली मार दी। घटना के दौरान पहले दोनों में तीखी बहस हुई, फिर हाथापाई हो गई। दूसरे वकीलों ने शांत कराया, लेकिन थोड़ी देर बाद विराट राज ने अचानक तमंचा निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगते ही जितेंद्र राज लहूलुहान होकर तख्त पर गिर पड़े और उन्होंने रुमाल से जख्म दबाया। एक सिपाही ने उन्हें बाइक पर जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया। आरोपी विराट राज मौके से फरार हो गया। सदर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की तथा कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। ये घटना न्यायालय जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही है।1
- SUPPORT 🙏🏻 SHARE 🗣️ SUBSCRIBE 💬1
- चक्का जाम देवभोग में बहुप्रतीक्षित बेलाट नाला पर पुलिया निर्माण और झाखरपारा में सहकारी बैंक शाखा खोलने की मांग को लेकर आज कांग्रेस ने देवभोग के नेशनल हाइवे जाम कर दिया।क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव और जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा इसका नेतृत्व कर रहे थे।1 घंटे जाम और धरना के बाद कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपा है।निर्माण कार्य जल्द शुरू नहीं होने पर आगे उग्र आंदोलन को चेतावनी भी दे दिया है विधायक ने प्रदर्शन को लेकर दो टूक कहा है कि ये अभी ट्रेलर है पिक्चर अभी बाकी है,विधायक का आरोप है कि पिछली सरकार ने 429 लाख की मंजूरी पिछली सरकार ने दिया था,अफसरों ने समय पर टेंडर कॉल नहीं किया।नेताओं का आरोप है कि पुराने एसोआर दर पर ही टेंडर कॉल किए जा रहे, क्षेत्र की चिंता है तो सरकार प्राक्कलन अपग्रेड कर कोल कर निर्माण कार्य को पूर्ण कराए।4
- जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को उम्रकैद की सजा, पूर्व सीएम अजीत जोगी के हैं बेटे, रायपुर में NCP नेता का हुआ था मर्डर छत्तीसगढ़ के रामावतार जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ जुर्माना भी लगाया गया है। बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अमित जोगी को IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1000 रुपये का दुर्मा लगाया है। कोर्ट ने कहा है कि जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने अतिरिक्त सजा होगी। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को सरेंडर करने के लिए 7 दिनों का समय दिया है। उन्हें सात दिनों के अंदर सरेंडर करना पड़ेगा। वहीं, इस मामले में अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। जग्गी हत्याकांड का फैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने सुनाया है।1
- आईपीएल के रोमांच के बीच छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के हाईटेक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए एक संगठित सट्टा रैकेट का भंडाफोड़ किया है। राजनांदगांव पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हाईटेक ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश किया है। बसंतपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोहारा नाला के पास स्थित एक फार्महाउस में ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर दबिश दी और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया। विस्तार: पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल, लैपटॉप और विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए “सांई ऐप” पर सट्टा संचालित कर रहे थे। यहां हर गेंद और हर ओवर पर लाखों रुपए का दांव लगाया जा रहा था, जिससे यह रैकेट काफी बड़े स्तर पर संचालित हो रहा था। मौके से पुलिस ने 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 7 मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल सहित लगभग 5 लाख 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा सट्टा पट्टी में करीब 9 लाख 20 हजार रुपए के लेन-देन का हिसाब भी मिला है, जिससे इस अवैध कारोबार की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022, भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 112 (संगठित अपराध) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। समापन (PTC): राजनांदगांव पुलिस की इस कार्रवाई को सट्टे के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि नामजद सटोरियों की सूची के आधार पर आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि इस तरह के अवैध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।1