रायबरेली: सिविल लाइन चौराहे से डग्गामार बसों की बेलगाम गुंडागर्दी, नशे में धुत ड्राइवर-क्लीनर कर रहे यात्रियों को भयभीत; सलोन बाईपास पर रोडवेज बस के स्टाफ से बदसलूकी रायबरेली l रायबरेली में सिविल लाइन चौराहे से संचालित होने वाली डग्गामार बसों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इन बसों के ड्राइवर और क्लीनर आए दिन नशे की हालत में रहते हैं और रोडवेज बसों पर बैठे यात्रियों को अपनी गाड़ी में बिठाने के लिए जबरदस्ती करते हैं। इनकी बेलगाम ड्राइविंग और रोडवेज बसों को बीच रास्ते में ओवरटेक करने की वजह से यात्रियों में भय का माहौल है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। आपको बता दें कि , इन डग्गामार बसों के चालक और परिचालक न केवल नशे में धुत रहते हैं, बल्कि वे रोडवेज बसों के यात्रियों को अपनी बसों में खींचने के लिए अभद्र व्यवहार भी करते हैं। रोडवेज बसों में अक्सर शिक्षक, महिलाएं और बच्चे यात्रा करते हैं, जो इन डग्गामार बसों की अराजकता से बेहद भयभीत हैं। यात्रियों का कहना है कि इन बसों की तेज रफ्तार और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की आदत कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हाल में सलोन बाईपास के पास एक घटना सामने आई, जहाँ एक डग्गामार बस ने रोडवेज बस को ओवरटेक किया और उसके ड्राइवर व क्लीनर के साथ बदतमीजी, गाली-गलौज और धमकी दी। इस घटना से रोडवेज बस में सवार यात्री और भी ज्यादा सहम गए। सलोन कोतवाल को इस घटना की सूचना फोन पर दी गई है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने एआरटीओ रायबरेली से इस मामले की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इन डग्गामार बसों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेता है?
रायबरेली: सिविल लाइन चौराहे से डग्गामार बसों की बेलगाम गुंडागर्दी, नशे में धुत ड्राइवर-क्लीनर कर रहे यात्रियों को भयभीत; सलोन बाईपास पर रोडवेज बस के स्टाफ से बदसलूकी रायबरेली l रायबरेली में सिविल लाइन चौराहे से संचालित होने वाली डग्गामार बसों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इन बसों के ड्राइवर और क्लीनर आए दिन नशे की हालत में रहते हैं और रोडवेज बसों पर बैठे यात्रियों को अपनी गाड़ी में बिठाने के लिए जबरदस्ती करते हैं। इनकी बेलगाम ड्राइविंग और रोडवेज बसों को बीच रास्ते में ओवरटेक करने की वजह से यात्रियों में भय का माहौल है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। आपको बता दें कि , इन डग्गामार बसों के चालक और परिचालक न केवल नशे में धुत रहते हैं, बल्कि वे रोडवेज बसों के यात्रियों को अपनी बसों में खींचने के लिए अभद्र व्यवहार भी करते हैं। रोडवेज बसों में अक्सर शिक्षक, महिलाएं और बच्चे यात्रा करते हैं, जो इन डग्गामार बसों की अराजकता से बेहद भयभीत हैं। यात्रियों का कहना है कि इन बसों की तेज रफ्तार और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की आदत कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हाल में सलोन बाईपास के पास एक घटना सामने आई, जहाँ एक डग्गामार बस ने रोडवेज बस को ओवरटेक किया और उसके ड्राइवर व क्लीनर के साथ बदतमीजी, गाली-गलौज और धमकी दी। इस घटना से रोडवेज बस में सवार यात्री और भी ज्यादा सहम गए। सलोन कोतवाल को इस घटना की सूचना फोन पर दी गई है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने एआरटीओ रायबरेली से इस मामले की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इन डग्गामार बसों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेता है?
- रायबरेली l रायबरेली में सिविल लाइन चौराहे से संचालित होने वाली डग्गामार बसों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इन बसों के ड्राइवर और क्लीनर आए दिन नशे की हालत में रहते हैं और रोडवेज बसों पर बैठे यात्रियों को अपनी गाड़ी में बिठाने के लिए जबरदस्ती करते हैं। इनकी बेलगाम ड्राइविंग और रोडवेज बसों को बीच रास्ते में ओवरटेक करने की वजह से यात्रियों में भय का माहौल है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। आपको बता दें कि , इन डग्गामार बसों के चालक और परिचालक न केवल नशे में धुत रहते हैं, बल्कि वे रोडवेज बसों के यात्रियों को अपनी बसों में खींचने के लिए अभद्र व्यवहार भी करते हैं। रोडवेज बसों में अक्सर शिक्षक, महिलाएं और बच्चे यात्रा करते हैं, जो इन डग्गामार बसों की अराजकता से बेहद भयभीत हैं। यात्रियों का कहना है कि इन बसों की तेज रफ्तार और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की आदत कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हाल में सलोन बाईपास के पास एक घटना सामने आई, जहाँ एक डग्गामार बस ने रोडवेज बस को ओवरटेक किया और उसके ड्राइवर व क्लीनर के साथ बदतमीजी, गाली-गलौज और धमकी दी। इस घटना से रोडवेज बस में सवार यात्री और भी ज्यादा सहम गए। सलोन कोतवाल को इस घटना की सूचना फोन पर दी गई है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने एआरटीओ रायबरेली से इस मामले की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इन डग्गामार बसों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेता है?1
- रायबरेली से हैरान कर देने वाला मामला 👉 खुद को जिंदा साबित करने के लिए भटक रहा पीड़ित सदर तहसील के निराला नगर निवासी दिनेश कुमार मिश्रा पिछले 3 साल से जिला प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि वह यह साबित कर सकें कि वे जीवित हैं। 👉 पत्नी और बच्चों ने किया बड़ा खेल जानकारी के मुताबिक, पीड़ित की पत्नी और बच्चों ने पहले मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया और फिर उन्हें मृत दिखाकर वर्ष 2022 में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी जारी करवा लिया। 👉 सदर तहसील से जारी हुआ प्रमाण पत्र यह पूरा मामला सदर तहसील से जारी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र से जुड़ा हुआ है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 👉 अब दर-दर भटक रहा है इंसाफ के लिए दिनेश कुमार मिश्रा का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों के पास जा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। ⚠️ बड़ा सवाल: जब एक जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित किया जा सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा और अधिकार कितने सुरक्षित हैं? 🗣️ जनता की मांग: मामले की निष्पक्ष जांच हो दोषियों पर सख्त कार्रवाई। स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार1
- फोन पर धमकी कोतवाल को दिया गया शिकायतीपत्र ओमप्रकाश श्रीवास्तव हैदरगढ़ बाराबंकी। 18 मार्च को कोतवाली हैदरगढ़ में पत्रकार की बेटी के लापता होने के संबंध को लेकर हुए धरना प्रदर्शन में मदद के लिए आए हुए बृजेश सिंह हिंदू राष्ट्र शक्ति संगठन के जिला अध्यक्ष अयोध्या को 739 2016163 से ह्वाट्सएप काल से हुई वार्ता में जान से मारने की धमकी आई पीड़ित की माने तो पूरे परिवार को मार डालने की धमकी आई। भय से व्याप्त बृजेश सिंह ने कोतवाली हैदरगढ़ पहुंच कर अपने कई साथियों के साथ थाना प्रभारी अभिमन्यु मल्ल को प्रार्थना पत्र देते हुए जान माल की रक्षा करवाने की गुहार लगाई। थाना प्रभारी ने प्रार्थना पत्र को लेकर सर्विलेंस सिस्टम पर ट्रेस होने तक धीरज रखने को कहा। और यह भी बताया कि यह नंबर साइबर फ्रॉड या विदेशी काल भी हो सकता है अगर यह भारत के अंदर का अपराधी है तो ढूंढ निकाला जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी वहीं पर पीड़ित ने कहा कि हमें या हमारे परिवार को कुछ हुआ तो पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। आपको अवगत करा दे कि यह वही व्हाट्सएप कॉल है जिससे बेटी के परिजनों को लगातार धमकियां दी जा रही थी।2
- Post by Rakesh Rawat1
- Post by PRABHASHNKAR TIWARI4
- *प्रधान डाक घर और पासपोर्ट आफिस को बम से उड़ाने की धमकी पुलिस महकमे में हड़कम्प* यूपी के फतेहपुर जिले में उस समय हड़कम्प मच गया जब जिले के डाक घर और पासपोर्ट आफिस को बम से उड़ाने का ई-मेल डाकघर के प्रभारी के पास पहुंचा। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने खुद मौके पर पहुंच किया निरीक्षण,ईमेल से आई धमकी के बाद एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने पुलिस के अलावा एलआईयू टीम को मौके पर भेजा। जंहा डाकघर के पोस्टमास्टर को एक ईमेल आई थी, जिसमें दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर डाकघर को बम से उड़ने की धमकी दी गई है।जिसके बाद डाक घर के सुरप्रिटेंडेंट ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दिया और पुलिस अधीक्षक को मामले पर अवगत कराया तो SP ने तत्काल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच सर्च ऑपरेशन चलाया जिस पर पुलिस और LIU टीम को कुछ नहीं मिला।पुलिस अधीक्षक ने बताया मेल किस आईडी और कहा से आया इसकी जांच की जा रही है।बंम से उड़ाने की धमकी देने वाले पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।1
- कानपुर के विधनू थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 11 साल की मासूम बच्ची का शव घर के पास खेत में दफन मिला। बताया जा रहा है कि बच्ची बीती शाम घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक लापता हो गई। परिजनों ने काफी देर तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। घंटों की खोजबीन के बाद गांव के पास एक खेत में संदिग्ध हालत में मिट्टी खोदी गई, जहां से बच्ची का शव बरामद हुआ। शव निर्वस्त्र अवस्था में मिलने से दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने में लग गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।1
- रायबरेली, – रायबरेली शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के सारस चौराहे पर मंगलवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 'उत्तर प्रदेश सरकार' लिखी एक बोलेरो गाड़ी के चालक ने खुलेआम गुंडागर्दी की। इस घटना ने सरकारी वाहनों के दुरुपयोग और शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 17 मार्च 2026 की रात करीब 8:00 बजे, बोलेरो (संख्या UP 33 AX 5631) के चालक ने एक डीसीएम ड्राइवर को बीच सड़क पर रोक लिया और उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। मामला यहीं नहीं थमा; आरोपी ने अपनी गाड़ी को चौराहे के बीचों-बीच खड़ा कर दूसरी गाड़ी के आगे लगाकर जबरदस्त हंगामा किया, जिससे मौके पर भारी जाम लग गया।चौराहे पर तैनात होमगार्ड ने जब स्थिति संभालने और पूछताछ की कोशिश की, तो बोलेरो चालक ने उसके साथ भी अभद्रता की। इतना ही नहीं, जब होमगार्ड ने रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने गाड़ी सीधे गार्ड पर चढ़ाने की कोशिश कर दी। यह नजारा देखकर आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। बताया जा रहा है कि बोलेरो किसी सरकारी कार्यालय से संबंधित है, लेकिन जिस तरह से उसका इस्तेमाल दबंगई और कानून को ठेंगा दिखाने के लिए किया गया, उसने प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हंगामा करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चौराहे जैसे व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े इतनी बड़ी घटना हो जाती है और आरोपी आराम से भाग निकलता है, लेकिन दरोगा या सिपाही कोई भी मौजूद नहीं था। यह घटना रायबरेली में कानून व्यवस्था पर फिर से सवाल उठाती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और ऐसे दबंगों पर कब लगाम लगेगी।2
- विकास इंसाफ़ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सिंह शिव भोलेनाथ के मंदिर फतेहपुर उत्तर प्रदेश में पूजा करते हुए बोले शिव भोलेनाथ सर्व shakti मन है1