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मुरैना के सिविल अस्पताल जौरा में दस्तक अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारियों और सुपरवाइजरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जौरा विकासखंड में यह दस्तक अभियान आगामी 14 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सीडीपीओ आरती राजपूत, बीपीएम महेंद्र पाल सिंह और बीईई भूपेंद्र सिंह धाकड़ मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुभा महेश्वरी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, जन्मजात विकृतियों, टीकाकरण से वंचित बच्चों और अन्य गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी परियोजना अधिकारियों और सुपरवाइजरों से अपील की कि वे आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफल बनाएं और प्रत्येक पात्र बच्चे तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।

2 hrs ago
user_Mahaveer Jain
Mahaveer Jain
Mechanic पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago
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मुरैना के सिविल अस्पताल जौरा में दस्तक अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारियों और सुपरवाइजरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जौरा विकासखंड में यह दस्तक अभियान आगामी 14 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सीडीपीओ आरती राजपूत, बीपीएम महेंद्र पाल सिंह और बीईई भूपेंद्र सिंह धाकड़ मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुभा महेश्वरी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, जन्मजात विकृतियों, टीकाकरण से वंचित बच्चों और अन्य गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी परियोजना अधिकारियों और सुपरवाइजरों से अपील की कि वे आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफल बनाएं और प्रत्येक पात्र बच्चे तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।

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  • मुरैना जिले के पोरसा स्थित सांदीपनि विद्यालय, राजौधा में समाज में मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बहुत ही सरल और वैज्ञानिक भाषा में मधुमेह के कारण, इससे बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति से सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर का सपना 'मधुमेह मुक्त भारत' का निर्माण करना है और इसी उद्देश्य को लेकर देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राजेश श्रीवास्तव ने शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है, जिससे डरने के बजाय समझने की जरूरत है। उन्होंने इंसुलिन की भूमिका और जंक फूड व अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने से हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। कार्यशाला में अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा संचालित सामाजिक पहल की भी जानकारी दी गई, जो 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करती है। स्वास्थ्य प्रचारक ने 'उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार' का मंत्र देते हुए बच्चों को भोजन के दौरान टीवी या मोबाइल न देखने और संतुलित भोजन अपनाने की सलाह दी। इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक व पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं हर महीने आयोजित करने का सुझाव दिया, जबकि संचालन संतोष उपाध्याय ने किया। कार्यशाला के अंत में विद्यालय के समस्त शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
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    मुरैना जिले के पोरसा स्थित सांदीपनि विद्यालय, राजौधा में समाज में मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बहुत ही सरल और वैज्ञानिक भाषा में मधुमेह के कारण, इससे बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति से सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर का सपना 'मधुमेह मुक्त भारत' का निर्माण करना है और इसी उद्देश्य को लेकर देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

राजेश श्रीवास्तव ने शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है, जिससे डरने के बजाय समझने की जरूरत है। उन्होंने इंसुलिन की भूमिका और जंक फूड व अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने से हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। कार्यशाला में अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा संचालित सामाजिक पहल की भी जानकारी दी गई, जो 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करती है। स्वास्थ्य प्रचारक ने 'उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार' का मंत्र देते हुए बच्चों को भोजन के दौरान टीवी या मोबाइल न देखने और संतुलित भोजन अपनाने की सलाह दी।

इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक व पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं हर महीने आयोजित करने का सुझाव दिया, जबकि संचालन संतोष उपाध्याय ने किया। कार्यशाला के अंत में विद्यालय के समस्त शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
    user_Mahaveer Jain
    Mahaveer Jain
    Mechanic पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा में स्थित सांदीपनि विद्यालय, राजौधा में समाज में मधुमेह (डायबिटीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को सरल एवं वैज्ञानिक भाषा में मधुमेह के कारण, बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर का सपना "मधुमेह मुक्त भारत" का निर्माण करना है, और इसी उद्देश्य को लेकर देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोग समय रहते इससे बचाव कर सकें। राजेश श्रीवास्तव ने शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए कहा कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है। उन्होंने बच्चों को जंक फूड, अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों और असंतुलित खानपान के दुष्प्रभावों के बारे में सचेत किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने पर हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए "उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार" का मूल मंत्र देते हुए उन्होंने केवल रोटी पर निर्भर रहने के बजाय भोजन में दाल, हरी सब्जियां, सलाद और संतुलित पोषण शामिल करने की सलाह दी। साथ ही, भोजन करते समय मोबाइल फोन या टीवी देखने की आदत से बचने और चिकित्सकों या आहार विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही कार्बोहाइड्रेटयुक्त खाद्य पदार्थों का नियंत्रित मात्रा में सेवन करने की बात कही। कार्यशाला में अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा संचालित सामाजिक पहल की भी जानकारी दी गई, जो 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाएं प्रदान करती है। इस कार्यक्रम के आयोजक विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा रहे, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं प्रत्येक माह आयोजित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम का संचालन संतोष उपाध्याय द्वारा किया गया, जिसमें विद्यालय के समस्त शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में संतुलित आहार व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
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    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा में स्थित सांदीपनि विद्यालय, राजौधा में समाज में मधुमेह (डायबिटीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को सरल एवं वैज्ञानिक भाषा में मधुमेह के कारण, बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर का सपना "मधुमेह मुक्त भारत" का निर्माण करना है, और इसी उद्देश्य को लेकर देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोग समय रहते इससे बचाव कर सकें।

राजेश श्रीवास्तव ने शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए कहा कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है। उन्होंने बच्चों को जंक फूड, अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों और असंतुलित खानपान के दुष्प्रभावों के बारे में सचेत किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने पर हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए "उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार" का मूल मंत्र देते हुए उन्होंने केवल रोटी पर निर्भर रहने के बजाय भोजन में दाल, हरी सब्जियां, सलाद और संतुलित पोषण शामिल करने की सलाह दी। साथ ही, भोजन करते समय मोबाइल फोन या टीवी देखने की आदत से बचने और चिकित्सकों या आहार विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही कार्बोहाइड्रेटयुक्त खाद्य पदार्थों का नियंत्रित मात्रा में सेवन करने की बात कही।

कार्यशाला में अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा संचालित सामाजिक पहल की भी जानकारी दी गई, जो 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाएं प्रदान करती है। इस कार्यक्रम के आयोजक विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा रहे, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं प्रत्येक माह आयोजित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम का संचालन संतोष उपाध्याय द्वारा किया गया, जिसमें विद्यालय के समस्त शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में संतुलित आहार व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भिंड और मुरैना अंचल के वीर सपूत शहीद इसेन्द्र सिंह भदौरिया जी का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है। किशूपुरा भिंड के रहने वाले इसेन्द्र सिंह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में डीएससी महाराजपुरा ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन पर पदस्थ थे। कल अचानक तबियत बिगड़ने के कारण वे वीरगति को समर्पित हो गए। उनकी अंतिम विदाई के दौरान सैन्य सम्मान में 3 बिहार रेजीमेंट, डीएससी प्लाटून और एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके साथ ही, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवकों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी शहादत को सलाम किया। अंचल के इस वीर सपूत के अंतिम संस्कार के दौरान उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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    भिंड और मुरैना अंचल के वीर सपूत शहीद इसेन्द्र सिंह भदौरिया जी का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है। किशूपुरा भिंड के रहने वाले इसेन्द्र सिंह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में डीएससी महाराजपुरा ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन पर पदस्थ थे। कल अचानक तबियत बिगड़ने के कारण वे वीरगति को समर्पित हो गए।

उनकी अंतिम विदाई के दौरान सैन्य सम्मान में 3 बिहार रेजीमेंट, डीएससी प्लाटून और एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके साथ ही, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवकों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी शहादत को सलाम किया। अंचल के इस वीर सपूत के अंतिम संस्कार के दौरान उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पोरसा के राजौधा स्थित सांदीपनि विद्यालय में मधुमेह (डायबिटीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को मधुमेह के कारणों, इसके बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है, जिससे डरने के बजाय समझने की जरूरत है। कार्यशाला के दौरान राजेश श्रीवास्तव ने सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर के "मधुमेह मुक्त भारत" के सपने का जिक्र किया, जिसके तहत देश भर में यह अभियान चलाया जा रहा है। शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने बताया कि भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज इंसुलिन के माध्यम से कोशिकाओं तक पहुंचता है और ऊर्जा (एटीपी) में बदलता है। इस प्रक्रिया के प्रभावित होने पर ही मधुमेह की स्थिति बनती है। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने से हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के लिए "उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार" का मूल मंत्र देते हुए उन्होंने जंक फूड और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने भोजन के समय टीवी या मोबाइल न देखने तथा भोजन में केवल रोटी पर निर्भर रहने के बजाय दाल, हरी सब्जियां और सलाद शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही, यह भी बताया कि मधुमेह रोगियों को चिकित्सक एवं आहार विशेषज्ञ की सलाह पर कार्बोहाइड्रेट की नियंत्रित मात्रा ही लेनी चाहिए। इस दौरान अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों को दी जाने वाली सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा ने किया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक और पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में हर महीने ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया। संतोष उपाध्याय द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
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    पोरसा के राजौधा स्थित सांदीपनि विद्यालय में मधुमेह (डायबिटीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को मधुमेह के कारणों, इसके बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है, जिससे डरने के बजाय समझने की जरूरत है।

कार्यशाला के दौरान राजेश श्रीवास्तव ने सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर के "मधुमेह मुक्त भारत" के सपने का जिक्र किया, जिसके तहत देश भर में यह अभियान चलाया जा रहा है। शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने बताया कि भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज इंसुलिन के माध्यम से कोशिकाओं तक पहुंचता है और ऊर्जा (एटीपी) में बदलता है। इस प्रक्रिया के प्रभावित होने पर ही मधुमेह की स्थिति बनती है। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने से हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं।

विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के लिए "उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार" का मूल मंत्र देते हुए उन्होंने जंक फूड और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने भोजन के समय टीवी या मोबाइल न देखने तथा भोजन में केवल रोटी पर निर्भर रहने के बजाय दाल, हरी सब्जियां और सलाद शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही, यह भी बताया कि मधुमेह रोगियों को चिकित्सक एवं आहार विशेषज्ञ की सलाह पर कार्बोहाइड्रेट की नियंत्रित मात्रा ही लेनी चाहिए। इस दौरान अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों को दी जाने वाली सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई।

इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा ने किया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक और पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में हर महीने ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया। संतोष उपाध्याय द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
    user_Malkhan parmar
    Malkhan parmar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी क्षेत्र में कचरा संग्रहण में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा उठाने, लोगों को गीले व सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक करने और शहर में कहीं भी कचरा जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की है।
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    मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी क्षेत्र में कचरा संग्रहण में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा उठाने, लोगों को गीले व सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक करने और शहर में कहीं भी कचरा जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की है।
    user_User7480
    User7480
    Ambah, Morena•
    9 hrs ago
  • मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सीएमओ ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जाए। कचरा उठाने के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा कलेक्शन करने और नागरिकों को गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर में कहीं भी कचरा जमा न हो सके। इसके साथ ही, नगर पालिका प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे कचरा केवल निर्धारित वाहन में ही डालें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें, ताकि एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ अम्बाह का निर्माण किया जा सके।
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    मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सीएमओ ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जाए। कचरा उठाने के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ ने स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा कलेक्शन करने और नागरिकों को गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर में कहीं भी कचरा जमा न हो सके। इसके साथ ही, नगर पालिका प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे कचरा केवल निर्धारित वाहन में ही डालें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें, ताकि एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ अम्बाह का निर्माण किया जा सके।
    user_Aditya Sarwan
    Aditya Sarwan
    Local News Reporter अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मुरैना के अम्बाह में एक दुकान से जो गेहूं और चावल वितरित किया जा रहा है, वह खाने योग्य बिल्कुल नहीं है। इस अनाज में भारी मात्रा में कंकड़, मिट्टी और घुन (कीड़े) लगे हुए हैं। इस वितरित किए जा रहे अनाज की हालत इतनी बदतर है कि इसे मवेशी भी नहीं खा सकते हैं।
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    मुरैना के अम्बाह में एक दुकान से जो गेहूं और चावल वितरित किया जा रहा है, वह खाने योग्य बिल्कुल नहीं है। इस अनाज में भारी मात्रा में कंकड़, मिट्टी और घुन (कीड़े) लगे हुए हैं। इस वितरित किए जा रहे अनाज की हालत इतनी बदतर है कि इसे मवेशी भी नहीं खा सकते हैं।
    user_Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मुरैना के पोरसा में नगर पालिका परिषद के सभागार में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त द्वारा ली गई बैठक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अवधेश सिंह सेंगर ने की, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने पर विशेष जोर दिया गया। सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर, अकाउंटेंट बृज किशोर तिवारी, जीशान कुरैशी, धर्मेंद्र, जॉनी वाल्मीकि, नंदकिशोर पाथरे और राम लखन सहित नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नागरिकों से घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई, ताकि नगर पालिका की कचरा गाड़ियों में मौजूद अलग-अलग डिब्बों के माध्यम से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में रसोई के खाद्य अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके शामिल हैं जिससे खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है जिसे रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। बैठक में अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाले संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीएमओ ने साफ किया कि यह चिकित्सा कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलना चाहिए और इसका निस्तारण नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही होना चाहिए। शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए पोरसा में जल्द ही मुनादी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों से सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। अंत में सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि पोरसा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।
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    मुरैना के पोरसा में नगर पालिका परिषद के सभागार में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त द्वारा ली गई बैठक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अवधेश सिंह सेंगर ने की, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने पर विशेष जोर दिया गया।

सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर, अकाउंटेंट बृज किशोर तिवारी, जीशान कुरैशी, धर्मेंद्र, जॉनी वाल्मीकि, नंदकिशोर पाथरे और राम लखन सहित नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नागरिकों से घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई, ताकि नगर पालिका की कचरा गाड़ियों में मौजूद अलग-अलग डिब्बों के माध्यम से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में रसोई के खाद्य अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके शामिल हैं जिससे खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है जिसे रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

बैठक में अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाले संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीएमओ ने साफ किया कि यह चिकित्सा कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलना चाहिए और इसका निस्तारण नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही होना चाहिए। शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए पोरसा में जल्द ही मुनादी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों से सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। अंत में सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि पोरसा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।
    user_Malkhan parmar
    Malkhan parmar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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