logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

शहडोल 📍कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी

4 hrs ago
user_Angad Tiwari
Angad Tiwari
जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

शहडोल 📍कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • शहडोल 📍कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
    1
    शहडोल 📍कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • नीलगाय के शिकार में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए-दो सप्ताह पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच और साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की कार्रवाई। नीलगाय के शिकार में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए दो सप्ताह पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच और साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की कार्रवाई आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बसकुटा में नीलगाय की संदिग्ध मौत के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 7 अक्टूबर को मृत नीलगाय का शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच के क्रम में 23 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पेड़ के नीचे घास से ढका मिला था शव पार्क प्रबंधन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को वन अमला नियमित गश्त पर था। सुबह करीब 6 बजे झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली। सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड बुलाकर छानबीन की गई। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने मृत नीलगाय का शव परीक्षण किया। घटना की परिस्थितियों की जांच और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र सिंह, पिता जगमोहन सिंह, निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह, पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला, थाना कोतवाली उमरिया के रूप में हुई है। दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50 एवं 51 के तहत कार्रवाई की गई है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। वन्यजीवों की सुरक्षा पर प्रबंधन का जोर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए प्रबंधन लगातार निगरानी कर रहा है। वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    2
    नीलगाय के शिकार में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए-दो सप्ताह पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच और साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की कार्रवाई।

नीलगाय के शिकार में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
दो सप्ताह पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच और साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की कार्रवाई
आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया।         बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बसकुटा में नीलगाय की संदिग्ध मौत के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 7 अक्टूबर को मृत नीलगाय का शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच के क्रम में 23 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पेड़ के नीचे घास से ढका मिला था शव
पार्क प्रबंधन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को वन अमला नियमित गश्त पर था। सुबह करीब 6 बजे झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली। सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड बुलाकर छानबीन की गई। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने मृत नीलगाय का शव परीक्षण किया। घटना की परिस्थितियों की जांच और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र सिंह, पिता जगमोहन सिंह, निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह, पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला, थाना कोतवाली उमरिया के रूप में हुई है। दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50 एवं 51 के तहत कार्रवाई की गई है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर प्रबंधन का जोर
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए प्रबंधन लगातार निगरानी कर रहा है। वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
    1
    कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    3 hrs ago
  • नीलगाय के शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल नीलगाय के शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल दो हफ्ते पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बसकुटा में करीब दो सप्ताह पहले सामने आए नीलगाय के शिकार के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 07 अक्टूबर को मृत नीलगाय मिलने के बाद शुरू हुई जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 23 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया।न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।पार्क प्रबंधन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति की माने तो इसी माह 07 अक्टूबर 2026 को वन अमला नियमित गश्ती कर रहा था।सुबह करीब 6 बजे झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घास हटाई तो वहां नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली।घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड बुलाकर छानबीन की गई और वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने शव परीक्षण किया।घटना की परिस्थितियों की जांच और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई।इसके बाद वन विभाग ने साक्ष्यों के आधार पर नरेंद्र सिंह,पिता जगमोहन सिंह,निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह,पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला,थाना कोतवाली उमरिया को गिरफ्तार किया।दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम,1972 की धारा 9, 39,50 एवं 51 के तहत कार्रवाई की गई है।इस मामले में फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है।
    1
    नीलगाय के शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल

नीलगाय के शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल
दो हफ्ते पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बसकुटा में करीब दो सप्ताह पहले सामने आए नीलगाय के शिकार के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 07 अक्टूबर को मृत नीलगाय मिलने के बाद शुरू हुई जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 23 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया।न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।पार्क प्रबंधन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति की माने तो इसी माह 07 अक्टूबर 2026 को वन अमला नियमित गश्ती कर रहा था।सुबह करीब 6 बजे झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घास हटाई तो वहां नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली।घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड बुलाकर छानबीन की गई और वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने शव परीक्षण किया।घटना की परिस्थितियों की जांच और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई।इसके बाद वन विभाग ने साक्ष्यों के आधार पर नरेंद्र सिंह,पिता जगमोहन सिंह,निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह,पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला,थाना कोतवाली उमरिया को गिरफ्तार किया।दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम,1972 की धारा 9, 39,50 एवं 51 के तहत कार्रवाई की गई है।इस मामले में फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार  पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अनूपपुर से शहडोल की ओर जा रहा कोयला लोड ट्रेलर सड़क किनारे बने एक कच्चे मकान की दीवार तोड़कर अंदर घुस गया। 🔴 शहडोल | बकहो से बड़ी खबर NH-43 पर नगर परिषद बकहो के काली मंदिर के पास बड़ा हादसा सामने आया। अनूपपुर से शहडोल की ओर जा रहा कोयला लोड ट्रेलर सड़क किनारे बने एक कच्चे मकान की दीवार तोड़कर अंदर घुस गया। हादसे में मकान क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रेलर की चपेट में आने से 6 बकरियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रेलर का टायर फटने से हादसा हुआ। चालक को मामूली चोट आई है। घर में रखा सामान मलबे में दब गया। सूचना मिलते ही अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। 📺 ऐसी ही ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें NEWS 24 PUBLIC TV के साथ।
    1
    अनूपपुर से शहडोल की ओर जा रहा कोयला लोड ट्रेलर सड़क किनारे बने एक कच्चे मकान की दीवार तोड़कर अंदर घुस गया।
🔴 शहडोल | बकहो से बड़ी खबर
NH-43 पर नगर परिषद बकहो के काली मंदिर के पास बड़ा हादसा सामने आया। अनूपपुर से शहडोल की ओर जा रहा कोयला लोड ट्रेलर सड़क किनारे बने एक कच्चे मकान की दीवार तोड़कर अंदर घुस गया। हादसे में मकान क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रेलर की चपेट में आने से 6 बकरियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रेलर का टायर फटने से हादसा हुआ। चालक को मामूली चोट आई है।
घर में रखा सामान मलबे में दब गया। सूचना मिलते ही अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस हादसे की जांच कर रही है।
📺 ऐसी ही ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें NEWS 24 PUBLIC TV के साथ।
    user_NEWS 24 PUBLIC TV
    NEWS 24 PUBLIC TV
    Media company बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • _नीलगाय के शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल_* *_दो हफ्ते पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई_* *_नीलगाय के शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल_* *_दो हफ्ते पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई_* उमरिया । बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बसकुटा में करीब दो सप्ताह पहले सामने आए नीलगाय के शिकार के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 07 अक्टूबर को मृत नीलगाय मिलने के बाद शुरू हुई जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 23 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया।न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।पार्क प्रबंधन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति की माने तो इसी माह 07 अक्टूबर 2026 को वन अमला नियमित गश्ती कर रहा था।सुबह करीब 6 बजे झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घास हटाई तो वहां नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली।घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड बुलाकर छानबीन की गई और वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने शव परीक्षण किया।घटना की परिस्थितियों की जांच और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई।इसके बाद वन विभाग ने साक्ष्यों के आधार पर नरेंद्र सिंह,पिता जगमोहन सिंह,निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह,पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला,थाना कोतवाली उमरिया को गिरफ्तार किया।दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम,1972 की धारा 9, 39,50 एवं 51 के तहत कार्रवाई की गई है।इस मामले में फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है।_
    2
    _नीलगाय के शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल_*

*_दो हफ्ते पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई_*
*_नीलगाय के शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल_*
*_दो हफ्ते पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई_*
उमरिया । बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बसकुटा में करीब दो सप्ताह पहले सामने आए नीलगाय के शिकार के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 07 अक्टूबर को मृत नीलगाय मिलने के बाद शुरू हुई जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 23 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया।न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।पार्क प्रबंधन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति की माने तो इसी माह 07 अक्टूबर 2026 को वन अमला नियमित गश्ती कर रहा था।सुबह करीब 6 बजे झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घास हटाई तो वहां नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली।घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड बुलाकर छानबीन की गई और वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने शव परीक्षण किया।घटना की परिस्थितियों की जांच और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई।इसके बाद वन विभाग ने साक्ष्यों के आधार पर नरेंद्र सिंह,पिता जगमोहन सिंह,निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह,पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला,थाना कोतवाली उमरिया को गिरफ्तार किया।दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम,1972 की धारा 9, 39,50 एवं 51 के तहत कार्रवाई की गई है।इस मामले में फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार  पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है।_
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    20 hrs ago
  • पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरीजों की स्थिति हाल बेहाल बिरसिंहपुर पाली के स्वास्थ्य केंद्र का बुरा हाल मरीजों के लिए दवाइयों का अभाव हम बात कर रहे हैं पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जो अपनी ही बेबसी का जिम्मेदार किसको ठहराए स्वयं नहीं जानता अगर डाक्टर साहब की बात करें तो डॉ. पुत्तू लाल सागर कभी-कभार आते हैं,और जो नय नवेले डाक्टर उपलब्ध है वो इतने एक्सपर्ट हैं की मैरिज की बीमारी सुनते ही मोबाइल में इलाज का तरीका और दवाईयां सर्च करने लगते हैं। अस्पताल में दबाईयां हैं तो ठीक वरना बाहर से दवाईयां लिख दी जाती है। अस्पताल का इतना बुरा हाल है कि महीनों से नहीं है रोल-बैंडेज,रोज 10से15पीस मार्केट से खरीदा जा रहा है। जो की पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए पर्याप्त नहीं है।अगर रोल पट्टी और मलहम घट जाय तो मरीज अपने गांव बिना ड्रेसिंग के ही वापस चला जाता है।या तो फिर परिजन रोल पट्टी और मलहम खरीद कर लाते हैं तब कहीं गाव में ड्रेसिंग संभव हो पाती है हाथ पांव मोंच दर्द के लिए नहीं है क्रैक बैंडेज अधिकारी के दौरे पर ही दवाइयों और मूलभूत सुविधाओं से सजता है पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। बिरसिंहपुर --पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। ग्रामीणों और मरीजों ने आरोप लगाया है कि यहां पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारी पुत्तू लाल सागर नियमित रूप से अस्पताल नहीं आते हैं, कभी-कभार ही ड्यूटी पर दिखाई देते हैं। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। *महीनों से नहीं है रोल-बैंडेज, पट्टी तक के लिए भटकते हैं मरीज* सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सबसे बुनियादी जरूरत रोल, बैंडेज और पट्टी ही महीनों से नहीं है। चोट लगने पर, एक्सीडेंट या छोटी सर्जरी के बाद मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से पट्टी खरीदनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन लाखों रुपये दवाइयों के लिए भेजता है, लेकिन पाली अस्पताल में हमेशा दवाइयों का टोटा बना रहता है। रजिस्टर में दवाइयां चढ़ा दी जाती हैं, लेकिन स्टॉक में नहीं मिलतीं। *साहब आने वाले हैं, अस्पताल चमकाओ अभियान* स्थानीय लोगों ने सबसे बड़ा आरोप दिखावे को लेकर लगाया है। बताया गया कि जब कभी कलेक्टर, एसडीएम, सीएमएचओ विधायक मंत्री सांसद या जिला स्तर के अधिकारियों का दौरा होता है, तो एक दिन पहले ही पूरे स्टाफ को सूचना दे दी जाती है। दौरे वाले दिन पूरा स्टाफ तय ड्रेस में, टोपी और नेम प्लेट के साथ तैयार मिलता है। पूरे अस्पताल की साफ-सफाई, चादरें बदलना, कचरा हटाना और दवाइयों को सजाकर रख दिया जाता है। लेकिन जैसे ही अधिकारी जाते हैं, अगले दिन से फिर वही पुराना हाल हो जाता है। स्टाफ बिना ड्रेस के अस्पताल में दिखाई देते हैं, अस्पताल में गंदगी फैली नजर आती है, बेड पर गंदी चादरें होती है या फिर बेडशीट और तकिया न होतीही नहीं है और मरीजों द्वारा तकिया या चादर मांगने पर बदसलूकी आम बात है। ग्रामीणों का कहना है कि यह यह सब साफ सफाई दवाइयां का स्टॉक डॉक्टर का टाइम से मिलना सिर्फ अधिकारियों को दिखाने का नाटक है। *पाली क्षेत्र की 70 हजार आबादी प्रभावित* बिरसिंहपुर पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पाली नगर सहित 44 से ज्यादा ग्राम पंचायतों के लगभग 50.000 हजार लोग निर्भर हैं। यहां रोजाना 150 से 200 मरीज ओपीडी में आते हैं, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही के कारण उन्हें जिला अस्पताल उमरिया या शहडोल रेफर कर दिया जाता है। गरीब आदिवासी मरीजों के पास न तो पैसे हैं और न ही साधन, मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है। जिसके कारण संपूर्ण पाली क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला है। *जांच की मांग* ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर उमरिया और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली का औचक जांच कराई जाए, दवा स्टॉक और उपस्थिति रजिस्टर का मिलान किया जाए। विशेष रूप से कर्मचारी और डाक्टर पुत्तू लाल सागर की उपस्थिति और दवाइयों की कमी की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जांच बिना पूर्व सूचना के की जाए, तभी अस्पताल की असली हकीकत सामने आ पाएगी। अगर समय रहते व्यवस्था मांग की है
    1
    पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरीजों की स्थिति हाल बेहाल
बिरसिंहपुर पाली के स्वास्थ्य केंद्र का बुरा हाल मरीजों के लिए दवाइयों का अभाव 
हम बात कर रहे हैं पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जो अपनी ही बेबसी का जिम्मेदार किसको ठहराए स्वयं नहीं जानता अगर डाक्टर साहब की बात करें तो डॉ.  पुत्तू लाल सागर कभी-कभार आते हैं,और जो नय नवेले डाक्टर उपलब्ध है वो इतने एक्सपर्ट हैं की मैरिज की बीमारी सुनते ही  मोबाइल में इलाज का तरीका और दवाईयां सर्च करने लगते हैं। अस्पताल में दबाईयां हैं तो ठीक वरना बाहर से दवाईयां लिख दी जाती है। अस्पताल का इतना बुरा हाल है कि महीनों से नहीं है रोल-बैंडेज,रोज 10से15पीस मार्केट से खरीदा जा रहा है। जो की पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए पर्याप्त नहीं है।अगर रोल पट्टी और मलहम घट जाय तो मरीज अपने गांव बिना ड्रेसिंग के ही वापस चला जाता है।या तो फिर परिजन रोल पट्टी और मलहम खरीद कर लाते हैं तब कहीं गाव में ड्रेसिंग संभव हो पाती है हाथ पांव मोंच दर्द के लिए नहीं है क्रैक बैंडेज
अधिकारी के दौरे पर  ही दवाइयों और मूलभूत सुविधाओं से सजता है पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
बिरसिंहपुर --पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। ग्रामीणों और मरीजों ने आरोप लगाया है कि यहां पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारी पुत्तू लाल सागर नियमित रूप से अस्पताल नहीं आते हैं, कभी-कभार ही ड्यूटी पर दिखाई देते हैं। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
*महीनों से नहीं है रोल-बैंडेज, पट्टी तक के लिए भटकते हैं मरीज*
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सबसे बुनियादी जरूरत रोल, बैंडेज और पट्टी ही महीनों से नहीं है। चोट लगने पर, एक्सीडेंट या छोटी सर्जरी के बाद मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से पट्टी खरीदनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन लाखों रुपये दवाइयों के लिए भेजता है, लेकिन पाली अस्पताल में हमेशा दवाइयों का टोटा बना रहता है। रजिस्टर में दवाइयां चढ़ा दी जाती हैं, लेकिन स्टॉक में नहीं मिलतीं।
*साहब आने वाले हैं, अस्पताल चमकाओ अभियान*
स्थानीय लोगों ने सबसे बड़ा आरोप दिखावे को लेकर लगाया है। बताया गया कि जब कभी कलेक्टर, एसडीएम, सीएमएचओ विधायक मंत्री सांसद या जिला स्तर के अधिकारियों का दौरा होता है, तो एक दिन पहले ही पूरे स्टाफ को सूचना दे दी जाती है। दौरे वाले दिन पूरा स्टाफ तय ड्रेस में, टोपी और नेम प्लेट के साथ तैयार मिलता है। पूरे अस्पताल की साफ-सफाई, चादरें बदलना, कचरा हटाना और दवाइयों को सजाकर रख दिया जाता है।
लेकिन जैसे ही अधिकारी जाते हैं, अगले दिन से फिर वही पुराना हाल हो जाता है। स्टाफ बिना ड्रेस के अस्पताल में दिखाई देते हैं, अस्पताल में गंदगी फैली नजर आती है, बेड पर गंदी चादरें होती है या फिर बेडशीट और तकिया न होतीही नहीं है और  मरीजों द्वारा तकिया या चादर मांगने पर बदसलूकी आम बात है। ग्रामीणों का कहना है कि यह यह सब साफ सफाई दवाइयां का स्टॉक डॉक्टर का टाइम से मिलना सिर्फ अधिकारियों को दिखाने का नाटक है।
*पाली क्षेत्र की 70 हजार आबादी प्रभावित*
बिरसिंहपुर पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पाली नगर सहित 44 से ज्यादा ग्राम पंचायतों के लगभग 50.000 हजार लोग निर्भर हैं। यहां रोजाना 150 से 200 मरीज ओपीडी में आते हैं, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही के कारण उन्हें जिला अस्पताल उमरिया या शहडोल रेफर कर दिया जाता है। गरीब आदिवासी मरीजों के पास न तो पैसे हैं और न ही साधन, मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है। जिसके कारण संपूर्ण पाली क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला है।
*जांच की मांग*
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर उमरिया और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली का औचक जांच कराई जाए, दवा स्टॉक और उपस्थिति रजिस्टर का मिलान किया जाए। विशेष रूप से कर्मचारी और डाक्टर पुत्तू लाल सागर की उपस्थिति और दवाइयों की कमी की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जांच बिना पूर्व सूचना के की जाए, तभी अस्पताल की असली हकीकत सामने आ पाएगी। अगर समय रहते व्यवस्था मांग की है
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *प्रेस विज्ञप्ति* *प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों एवं मूल्यांकन प्रभारी पूर्णिमा शर्मा को हटाने की मांग को लेकर NSUI का प्रदर्शन, कुलपति का पुतला दहन कर जताया विरोध* पांच सूत्रीय मांगों को लेकर NSUI ने विश्वविद्यालय परिसर में किया प्रदर्शन, परीक्षा परिणाम में सुधार सहित विद्यार्थियों को राहत देने की मांग पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल द्वारा हाल ही में घोषित प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों एवं अनियमितताओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला शहडोल ने जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण एवं पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए कुलपति का पुतला दहन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। NSUI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा घोषित प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत तक एटीकेटी (ATKT) दर्शाया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। संगठन ने परीक्षा परिणाम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक सुधार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं और मांगों के बीच कुलपति विद्यार्थियों के आक्रोश का सामना करने के बजाय विश्वविद्यालय परिसर से चले गए। संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे। NSUI की पांच सूत्रीय प्रमुख मांगें 1. प्रथम वर्ष का संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया जाए। परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एटीकेटी (ATKT) दर्शाए जाने के मामले की जांच कर आवश्यक सुधार किया जाए तथा विद्यार्थियों का संशोधित एवं सही परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी किया जाए। 2. वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को पद से हटाया जाए। परीक्षा परिणाम में सामने आई कथित अनियमितताओं एवं विद्यार्थियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को उनके प्रभार से हटाकर निष्पक्ष मूल्यांकन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 3. पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सप्लीमेंट्री/पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए, ताकि विद्यार्थी आर्थिक परेशानी के बिना परीक्षा में शामिल हो सकें। 4. विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका निःशुल्क दिखाई जाए। जिन विद्यार्थियों को अपने परीक्षा परिणाम पर संदेह है, उन्हें बिना किसी शुल्क के अपनी उत्तरपुस्तिका देखने की सुविधा प्रदान की जाए, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। 5. रीवैल्यूएशन एवं री-टोटलिंग की सुविधा निःशुल्क की जाए। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्मूल्यांकन (रीवैल्यूएशन) एवं पुनर्गणना (री-टोटलिंग) की प्रक्रिया निःशुल्क की जाए, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी विद्यार्थी अपने परीक्षा परिणाम की जांच कराने से वंचित न रहे। विद्यार्थियों के भविष्य से समझौता बर्दाश्त नहीं: सौरभ तिवारी NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए। परीक्षा परिणाम में यदि गड़बड़ियां सामने आई हैं, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी निष्पक्ष जांच कराकर तत्काल सुधार करना चाहिए। विद्यार्थियों को न्याय दिलाना और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि NSUI हमेशा छात्र-छात्राओं के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन को संगठन की पांच सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो NSUI विद्यार्थियों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आगामी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी रहे उपस्थित आज के विरोध प्रदर्शन में NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी, जिला उपाध्यक्ष आशीष द्विवेदी, विश्वविद्यालय अध्यक्ष दीपांशु गुप्ता, सोशल मीडिया महासचिव आशु सिंह, महेंद्र यादव, हर्षित सिंह बघेल, अजय बैग, अर्पित सेन, योगेश साहू, क्रितेंद्र सिंह, ओम साहू, शिवम तिवारी, सुमित सिंगर, दीपक साहू, शुभांक पांडे, गुलशन पडवार, चंदन कुशवाहा, साहिल कुशवाहा, सुमित तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में NSUI कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। NSUI ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान होने तक संगठन छात्रहित में अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
    1
    *प्रेस विज्ञप्ति*
*प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों एवं मूल्यांकन प्रभारी पूर्णिमा शर्मा को हटाने की मांग को लेकर NSUI का प्रदर्शन, कुलपति का पुतला दहन कर जताया विरोध*
पांच सूत्रीय मांगों को लेकर NSUI ने विश्वविद्यालय परिसर में किया प्रदर्शन, परीक्षा परिणाम में सुधार सहित विद्यार्थियों को राहत देने की मांग
पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल द्वारा हाल ही में घोषित प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों एवं अनियमितताओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला शहडोल ने जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण एवं पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए कुलपति का पुतला दहन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
NSUI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा घोषित प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत तक एटीकेटी (ATKT) दर्शाया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। संगठन ने परीक्षा परिणाम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक सुधार करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं और मांगों के बीच कुलपति विद्यार्थियों के आक्रोश का सामना करने के बजाय विश्वविद्यालय परिसर से चले गए। संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे।
NSUI की पांच सूत्रीय प्रमुख मांगें
1. प्रथम वर्ष का संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया जाए।
परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एटीकेटी (ATKT) दर्शाए जाने के मामले की जांच कर आवश्यक सुधार किया जाए तथा विद्यार्थियों का संशोधित एवं सही परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी किया जाए।
2. वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को पद से हटाया जाए।
परीक्षा परिणाम में सामने आई कथित अनियमितताओं एवं विद्यार्थियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को उनके प्रभार से हटाकर निष्पक्ष मूल्यांकन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
3. पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए।
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सप्लीमेंट्री/पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए, ताकि विद्यार्थी आर्थिक परेशानी के बिना परीक्षा में शामिल हो सकें।
4. विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका निःशुल्क दिखाई जाए।
जिन विद्यार्थियों को अपने परीक्षा परिणाम पर संदेह है, उन्हें बिना किसी शुल्क के अपनी उत्तरपुस्तिका देखने की सुविधा प्रदान की जाए, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
5. रीवैल्यूएशन एवं री-टोटलिंग की सुविधा निःशुल्क की जाए।
विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्मूल्यांकन (रीवैल्यूएशन) एवं पुनर्गणना (री-टोटलिंग) की प्रक्रिया निःशुल्क की जाए, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी विद्यार्थी अपने परीक्षा परिणाम की जांच कराने से वंचित न रहे।
विद्यार्थियों के भविष्य से समझौता बर्दाश्त नहीं: सौरभ तिवारी
NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए। परीक्षा परिणाम में यदि गड़बड़ियां सामने आई हैं, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी निष्पक्ष जांच कराकर तत्काल सुधार करना चाहिए। विद्यार्थियों को न्याय दिलाना और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा कि NSUI हमेशा छात्र-छात्राओं के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन को संगठन की पांच सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो NSUI विद्यार्थियों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आगामी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी रहे उपस्थित
आज के विरोध प्रदर्शन में NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी, जिला उपाध्यक्ष आशीष द्विवेदी, विश्वविद्यालय अध्यक्ष दीपांशु गुप्ता, सोशल मीडिया महासचिव आशु सिंह, महेंद्र यादव, हर्षित सिंह बघेल, अजय बैग, अर्पित सेन, योगेश साहू, क्रितेंद्र सिंह, ओम साहू, शिवम तिवारी, सुमित सिंगर, दीपक साहू, शुभांक पांडे, गुलशन पडवार, चंदन कुशवाहा, साहिल कुशवाहा, सुमित तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में NSUI कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
NSUI ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान होने तक संगठन छात्रहित में अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.