logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी

4 hrs ago
user_Durgesh Kumar Gupta
Durgesh Kumar Gupta
Electrician Beohari, Shahdol•
4 hrs ago

कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी

More news from Shahdol and nearby areas
  • कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
    1
    कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    4 hrs ago
  • शहडोल 📍कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
    1
    शहडोल 📍कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने धान पंजीयन के संबंध में दी जानकारी
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • नीलगाय के शिकार में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए-दो सप्ताह पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच और साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की कार्रवाई। नीलगाय के शिकार में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए दो सप्ताह पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच और साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की कार्रवाई आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बसकुटा में नीलगाय की संदिग्ध मौत के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 7 अक्टूबर को मृत नीलगाय का शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच के क्रम में 23 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पेड़ के नीचे घास से ढका मिला था शव पार्क प्रबंधन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को वन अमला नियमित गश्त पर था। सुबह करीब 6 बजे झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली। सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड बुलाकर छानबीन की गई। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने मृत नीलगाय का शव परीक्षण किया। घटना की परिस्थितियों की जांच और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र सिंह, पिता जगमोहन सिंह, निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह, पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला, थाना कोतवाली उमरिया के रूप में हुई है। दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50 एवं 51 के तहत कार्रवाई की गई है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। वन्यजीवों की सुरक्षा पर प्रबंधन का जोर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए प्रबंधन लगातार निगरानी कर रहा है। वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    2
    नीलगाय के शिकार में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए-दो सप्ताह पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच और साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की कार्रवाई।

नीलगाय के शिकार में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
दो सप्ताह पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच और साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की कार्रवाई
आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया।         बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बसकुटा में नीलगाय की संदिग्ध मौत के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 7 अक्टूबर को मृत नीलगाय का शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच के क्रम में 23 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पेड़ के नीचे घास से ढका मिला था शव
पार्क प्रबंधन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को वन अमला नियमित गश्त पर था। सुबह करीब 6 बजे झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली। सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड बुलाकर छानबीन की गई। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने मृत नीलगाय का शव परीक्षण किया। घटना की परिस्थितियों की जांच और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र सिंह, पिता जगमोहन सिंह, निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह, पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला, थाना कोतवाली उमरिया के रूप में हुई है। दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50 एवं 51 के तहत कार्रवाई की गई है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर प्रबंधन का जोर
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए प्रबंधन लगातार निगरानी कर रहा है। वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ, विंध्य क्षेत्र को मिलेगी बेहतर रेल कनेक्टिविटी *सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ, विंध्य क्षेत्र को मिलेगी बेहतर रेल कनेक्टिविटी* *देवेंद्र नगर–चुरहट रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* **रीवा ** मध्यप्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़कर कार्यक्रम में सहभागिता की गई। साथ ही देवेंद्र नगर–चुरहट रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन रेल सेवाओं के प्रारंभ होने से विंध्य क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूती मिलने तथा यात्रियों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के लोगों को रेल परिवहन के नए विकल्प मिलेंगे और विभिन्न स्थानों के बीच संपर्क सुगम बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश में रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार होने से न केवल यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। विंध्य क्षेत्र के लिए रेल संपर्क का विस्तार विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    1
    सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ, विंध्य क्षेत्र को मिलेगी बेहतर रेल कनेक्टिविटी
*सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ, विंध्य क्षेत्र को मिलेगी बेहतर रेल कनेक्टिविटी*
*देवेंद्र नगर–चुरहट रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना*
**रीवा ** मध्यप्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़कर कार्यक्रम में सहभागिता की गई। साथ ही देवेंद्र नगर–चुरहट रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इन रेल सेवाओं के प्रारंभ होने से विंध्य क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूती मिलने तथा यात्रियों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के लोगों को रेल परिवहन के नए विकल्प मिलेंगे और विभिन्न स्थानों के बीच संपर्क सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार होने से न केवल यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। विंध्य क्षेत्र के लिए रेल संपर्क का विस्तार विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 min ago
  • *मैहर में भव्य सनातन संवाद, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे *मैहर में भव्य सनातन संवाद, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे
    4
    *मैहर में भव्य सनातन संवाद, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे
*मैहर में भव्य सनातन संवाद, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मैहर में छाया सनातन संवाद का उत्साह, बागेश्वर धाम सरकार के आगमन से भक्तिमय हुआ माहौल मैहर में छाया सनातन संवाद का उत्साह, बागेश्वर धाम सरकार के आगमन से भक्तिमय हुआ माहौल द हिन्द 24 न्यूज़ | अनिल साहू, जिला चीफ मैहर। मां शारदा की पावन नगरी मैहर में 23 अक्टूबर को केजेएस सीमेंट प्लांट परिसर में आयोजित सनातन संवाद को लेकर श्रद्धालुओं और सनातन धर्मावलंबियों में खासा उत्साह देखने को मिला। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन से क्षेत्र का माहौल आध्यात्मिक और भक्तिमय हो उठा। सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता रही। कार्यक्रम के माध्यम से सनातन धर्म की महत्ता, सामाजिक एकता, संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया गया। मां शारदा की नगरी मैहर में संत-महात्माओं का आगमन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय रहा है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन से श्रद्धालुओं में हर्ष और उत्साह का माहौल बना। सनातन संवाद जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश सनातन संवाद का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में सद्भाव, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने तथा भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समझने की प्रेरणा देते हैं। मैहर की पावन धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह को एक नई पहचान दी। द हिन्द 24 न्यूज़ अनिल साहू, जिला चीफ
    1
    मैहर में छाया सनातन संवाद का उत्साह, बागेश्वर धाम सरकार के आगमन से भक्तिमय हुआ माहौल
मैहर में छाया सनातन संवाद का उत्साह, बागेश्वर धाम सरकार के आगमन से भक्तिमय हुआ माहौल
द हिन्द 24 न्यूज़ | अनिल साहू, जिला चीफ
मैहर। मां शारदा की पावन नगरी मैहर में 23 अक्टूबर को केजेएस सीमेंट प्लांट परिसर में आयोजित सनातन संवाद को लेकर श्रद्धालुओं और सनातन धर्मावलंबियों में खासा उत्साह देखने को मिला। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन से क्षेत्र का माहौल आध्यात्मिक और भक्तिमय हो उठा।
सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता रही। कार्यक्रम के माध्यम से सनातन धर्म की महत्ता, सामाजिक एकता, संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया गया।
मां शारदा की नगरी मैहर में संत-महात्माओं का आगमन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय रहा है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन से श्रद्धालुओं में हर्ष और उत्साह का माहौल बना। सनातन संवाद जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश
सनातन संवाद का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में सद्भाव, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने तथा भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समझने की प्रेरणा देते हैं।
मैहर की पावन धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह को एक नई पहचान दी।
द हिन्द 24 न्यूज़
अनिल साहू, जिला चीफ
    user_अनिल कुमार साहू
    अनिल कुमार साहू
    अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की... पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की...
    1
    पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की...
पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की...
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    22 min ago
  • मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया।
    1
    मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया।

अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई।

घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया।


मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया।
अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई।
घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया।
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.