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पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की... पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की...
शेखर तिवारी
पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की... पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की...
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- सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ, विंध्य क्षेत्र को मिलेगी बेहतर रेल कनेक्टिविटी *सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ, विंध्य क्षेत्र को मिलेगी बेहतर रेल कनेक्टिविटी* *देवेंद्र नगर–चुरहट रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* **रीवा ** मध्यप्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़कर कार्यक्रम में सहभागिता की गई। साथ ही देवेंद्र नगर–चुरहट रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन रेल सेवाओं के प्रारंभ होने से विंध्य क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूती मिलने तथा यात्रियों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के लोगों को रेल परिवहन के नए विकल्प मिलेंगे और विभिन्न स्थानों के बीच संपर्क सुगम बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश में रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार होने से न केवल यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। विंध्य क्षेत्र के लिए रेल संपर्क का विस्तार विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- भकूट महाराज द्वारा लगाए गए आरोपों को विधायक समर्थकों ने निराधार बताते हुए कहा कि वीडियो वायरल कर विधायक नरेंद्र प्रजापति की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। समर्थकों का आरोप है कि विपक्ष के बहकावे में आकर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।1
- रीवा ब्रेकिंग | आरक्षक पीयूष मिश्रा की इलाज के दौरान मौत। रीवा से इस वक्त की बड़ी खबर है। विश्वविद्यालय थाना में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक, एक दिन पहले आरक्षक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया था। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रारंभिक जानकारी में पारिवारिक कारणों की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।1
- ग्राम पंचायत पूर्व 310 में जैन विशाल समस्या निवारण शिविर में कलेक्टर श्री नारायण सूर्यवंशी जी पहुंचे रीवा एसपी श्री गुरु करण सिंह मुख कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्राची चौबे जी जल समस्या जनता के साथ जुड़ी समस्याओं का निदान किया जिसमें प्रमुख रूप से उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला जी उपस्थित थे दीनानाथ गुप्ता के खास रिपोर्ट1
- ek chand hi tha meri begunahi ka Lekin Adalat ne Faisala Amavasya ke Din Rakha ek chand hi tha meri begunahi ka Lekin Adalat ne Faisala Amavasya ke Din Rakha1
- रीवा कलेक्टर द्वारा रोझौही गांव में महिला की कथित मौत के संबंध बताया कि... रीवा कलेक्टर द्वारा रोझौही गांव में महिला की कथित मौत के संबंध बताया कि...1
- पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की... पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह ने कार्बाइट गन और कार्बाइट लैंप का उपयोग न करने की अपील की...1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया।1