आज 50 साल बाद फिर शुरू हुआ इंसान का चंद्रमा पर ऐतिहासिक सफर 50 साल बाद इंसान फिर एक बार चंद्रमा का सफर नासा आर्टेमिस 2 मून मिशन के जरिए चार अंतरिक्ष यात्रियों का दल भारतीय समय के अनुसार गुरुवार सुबह 3.54 बजे मिशन चंद्रमा को रवाना हो गया। बेहद रोचक रहने वाली है चन्द्रमा की यात्रा अंतरिक्ष यात्रियों की दस दिवसीय यात्रा का सफर बेहद रोचक रहने वाली है। यात्रा शुरू होने के बाद यात्रियों का दल पहले पृथ्वी की परिक्रमा करेगा और इसके बाद चंद्रमा की परिक्रमा करेगा। यात्रा 10 दिन की रहने वाली है। एस्ट्रोनॉट को चार दिन जाने में और चार दिन वापस लौटने में लगेंगे। दो दिन की यात्रा पृथ्वी और चंद्रमा की परिक्रमा करने में गुजरेंगे। अगले 10 दिन चंद्रमा के इर्द गिर्द रहेगी अंतरिक्ष की खबरें यह यात्रा रोमांचक रहने वाली है तो अंतर्राष्ट्रीय समाचार चैनल और समाचारों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होंगी। इस यात्रा को नासा लाइव भी दिखाएगा। इस बीच अंतरिक्ष यात्रियों से बातचीत भी होते रहेगी। ऑनलाइन खबरी चैनलों के लिए तो TRP के लिए अगले 10 दिन खास रहेंगे। पहली बार इंसान चंद्रमा को चारों ओर नजदीक देखेंगे इंसान इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है कि पहली इंसान किसी दूसरे ग्रह को चारों से देखने का चश्मदीद गवाह बनेगा। यह अपने आप में बड़ा इतिहास होगा। इस दौरान पता नहीं कौन सी नई खोज हो जाय, जो बेहद महत्वपूर्ण होगी। हो सकता है कि कोई बड़ी खोज हाथ लग जाय, जो हमारे लिए महत्वपूर्ण हो जाय। 322 फीट ऊंचे रॉकेट पर सवार होकर जाएंगे एस्ट्रोनॉट फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से 322 फुट ऊंचे रॉकेट पर सवार होकर चंद्रमा की यात्रा पर रवाना होंगे। रीड वाइसमैन (कमांडर, NASA), विक्टर ग्लोवर (NASA) ,क्रिस्टीना कोच (NASA) और जेरेमी हैंसन (कनाडियन स्पेस एजेंसी) की टीम में शामिल हैं। सफर करीब 10 दिन का होगा। यह मिशन नासा के बड़े लक्ष्य का पहला क्रूड स्टेप है। चंद्रमा पर स्थायी कैंप बेस बनाना है उद्देश्य चन्द्रमा की इस यात्रा का उद्देश्य चांद की धरती पर स्थायी कैंप बेस बनाना है। नासा कई वर्षों से इस मिशन को पूरा करने की तैयारी पर जुटा हुआ था। यह मिशन सफल रहा तो अगले वर्ष इंसानों के कदम चांद की जमी पर पड़ेंगे और इसके बाद चंद्रमा से एक और सफर शुरू होगा अंतरिक्ष का और यह सफर होगा लाल ग्रह मंगल का।
आज 50 साल बाद फिर शुरू हुआ इंसान का चंद्रमा पर ऐतिहासिक सफर 50 साल बाद इंसान फिर एक बार चंद्रमा का सफर नासा आर्टेमिस 2 मून मिशन के जरिए चार अंतरिक्ष यात्रियों का दल भारतीय समय के अनुसार गुरुवार सुबह 3.54 बजे मिशन चंद्रमा को रवाना हो गया। बेहद रोचक रहने वाली है चन्द्रमा की यात्रा अंतरिक्ष यात्रियों की दस दिवसीय यात्रा का सफर बेहद रोचक रहने वाली है। यात्रा शुरू होने के बाद यात्रियों का दल पहले पृथ्वी की परिक्रमा करेगा और इसके बाद चंद्रमा की परिक्रमा करेगा। यात्रा 10 दिन की रहने वाली
है। एस्ट्रोनॉट को चार दिन जाने में और चार दिन वापस लौटने में लगेंगे। दो दिन की यात्रा पृथ्वी और चंद्रमा की परिक्रमा करने में गुजरेंगे। अगले 10 दिन चंद्रमा के इर्द गिर्द रहेगी अंतरिक्ष की खबरें यह यात्रा रोमांचक रहने वाली है तो अंतर्राष्ट्रीय समाचार चैनल और समाचारों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होंगी। इस यात्रा को नासा लाइव भी दिखाएगा। इस बीच अंतरिक्ष यात्रियों से बातचीत भी होते रहेगी। ऑनलाइन खबरी चैनलों के लिए तो TRP के लिए अगले 10 दिन खास रहेंगे। पहली बार इंसान चंद्रमा को चारों ओर नजदीक देखेंगे इंसान इससे बड़ी बात और
क्या हो सकती है कि पहली इंसान किसी दूसरे ग्रह को चारों से देखने का चश्मदीद गवाह बनेगा। यह अपने आप में बड़ा इतिहास होगा। इस दौरान पता नहीं कौन सी नई खोज हो जाय, जो बेहद महत्वपूर्ण होगी। हो सकता है कि कोई बड़ी खोज हाथ लग जाय, जो हमारे लिए महत्वपूर्ण हो जाय। 322 फीट ऊंचे रॉकेट पर सवार होकर जाएंगे एस्ट्रोनॉट फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से 322 फुट ऊंचे रॉकेट पर सवार होकर चंद्रमा की यात्रा पर रवाना होंगे। रीड वाइसमैन (कमांडर, NASA), विक्टर ग्लोवर (NASA) ,क्रिस्टीना कोच (NASA) और जेरेमी हैंसन (कनाडियन स्पेस एजेंसी)
की टीम में शामिल हैं। सफर करीब 10 दिन का होगा। यह मिशन नासा के बड़े लक्ष्य का पहला क्रूड स्टेप है। चंद्रमा पर स्थायी कैंप बेस बनाना है उद्देश्य चन्द्रमा की इस यात्रा का उद्देश्य चांद की धरती पर स्थायी कैंप बेस बनाना है। नासा कई वर्षों से इस मिशन को पूरा करने की तैयारी पर जुटा हुआ था। यह मिशन सफल रहा तो अगले वर्ष इंसानों के कदम चांद की जमी पर पड़ेंगे और इसके बाद चंद्रमा से एक और सफर शुरू होगा अंतरिक्ष का और यह सफर होगा लाल ग्रह मंगल का।
- विडियो देखें- ऋषिकेश (उत्तराखंड) ऋषिकेश में शराब की होम डिलीवरी हो रही है। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ग्राहक बनकर शराब तस्कर को पकड़ा।1
- 50 साल बाद इंसान फिर एक बार चंद्रमा का सफर नासा आर्टेमिस 2 मून मिशन के जरिए चार अंतरिक्ष यात्रियों का दल भारतीय समय के अनुसार गुरुवार सुबह 3.54 बजे मिशन चंद्रमा को रवाना हो गया। बेहद रोचक रहने वाली है चन्द्रमा की यात्रा अंतरिक्ष यात्रियों की दस दिवसीय यात्रा का सफर बेहद रोचक रहने वाली है। यात्रा शुरू होने के बाद यात्रियों का दल पहले पृथ्वी की परिक्रमा करेगा और इसके बाद चंद्रमा की परिक्रमा करेगा। यात्रा 10 दिन की रहने वाली है। एस्ट्रोनॉट को चार दिन जाने में और चार दिन वापस लौटने में लगेंगे। दो दिन की यात्रा पृथ्वी और चंद्रमा की परिक्रमा करने में गुजरेंगे। अगले 10 दिन चंद्रमा के इर्द गिर्द रहेगी अंतरिक्ष की खबरें यह यात्रा रोमांचक रहने वाली है तो अंतर्राष्ट्रीय समाचार चैनल और समाचारों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होंगी। इस यात्रा को नासा लाइव भी दिखाएगा। इस बीच अंतरिक्ष यात्रियों से बातचीत भी होते रहेगी। ऑनलाइन खबरी चैनलों के लिए तो TRP के लिए अगले 10 दिन खास रहेंगे। पहली बार इंसान चंद्रमा को चारों ओर नजदीक देखेंगे इंसान इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है कि पहली इंसान किसी दूसरे ग्रह को चारों से देखने का चश्मदीद गवाह बनेगा। यह अपने आप में बड़ा इतिहास होगा। इस दौरान पता नहीं कौन सी नई खोज हो जाय, जो बेहद महत्वपूर्ण होगी। हो सकता है कि कोई बड़ी खोज हाथ लग जाय, जो हमारे लिए महत्वपूर्ण हो जाय। 322 फीट ऊंचे रॉकेट पर सवार होकर जाएंगे एस्ट्रोनॉट फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से 322 फुट ऊंचे रॉकेट पर सवार होकर चंद्रमा की यात्रा पर रवाना होंगे। रीड वाइसमैन (कमांडर, NASA), विक्टर ग्लोवर (NASA) ,क्रिस्टीना कोच (NASA) और जेरेमी हैंसन (कनाडियन स्पेस एजेंसी) की टीम में शामिल हैं। सफर करीब 10 दिन का होगा। यह मिशन नासा के बड़े लक्ष्य का पहला क्रूड स्टेप है। चंद्रमा पर स्थायी कैंप बेस बनाना है उद्देश्य चन्द्रमा की इस यात्रा का उद्देश्य चांद की धरती पर स्थायी कैंप बेस बनाना है। नासा कई वर्षों से इस मिशन को पूरा करने की तैयारी पर जुटा हुआ था। यह मिशन सफल रहा तो अगले वर्ष इंसानों के कदम चांद की जमी पर पड़ेंगे और इसके बाद चंद्रमा से एक और सफर शुरू होगा अंतरिक्ष का और यह सफर होगा लाल ग्रह मंगल का।4
- कालाढूंगी चकलुवा में युवक पर जानलेवा हमला ट्रैक्टर से रोदने की कोशिश1
- Post by 7News Live Uk1
- Post by Jagdish Ballabh Sharma1
- अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल ने आज अल्मोड़ा मुख्य बाजार का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों से वार्तालाप कर उनकी समस्याओं को सुना तथा विभिन्न कार्यों का फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अल्मोड़ा बाजार में शौचालय के अभाव के दृष्टिगत शौचालय निर्माण हेतु कई स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उपयुक्त स्थलों का चयन किया गया तथा संबंधित को शौचालय कॉम्प्लेक्स के नियम हेतु आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया । निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ सफाई, झूलते तारों, निर्धारित सीमा के बाहर फड़ लगाने के संबंध में नगर आयुक्त को कहा कि शहर की नियमित और उचित ढंग से साफ सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बाजार में झूलते हुए तारों को व्यवस्थित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बाजार में लगने वाले फड़ निर्धारित स्थान पर ही लगाए जाएं। अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नगर वासियों की समस्याओं का समाधान करना, बेहतर और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना तथा लोगों की सुविधाओं का ख्याल रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए यथा आवश्यक कार्य किए जाएंगे। इस दौरान नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा, जनप्रतिनिधि तथा संबंधित उपस्थित रहे।1
- जनपद में एलपीजी गैस आपूर्ति सुचारू, विभिन्न क्षेत्रों में 1194 सिलेंडरों का वितरण जनपद बागेश्वर में घरेलू एलपीजी गैस आपूर्ति को सुचारू एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा प्राप्त सूचना के अनुसार दिनांक 01 अप्रैल 2026 को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में गैस एजेंसियों के माध्यम से कुल 1194 एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया। इंडेन गैस सर्विस बागेश्वर द्वारा तहसील रोड, फायर सर्विस, पी०डब्ल्यूडी०, नुमाईसखेत, भैरूचौवट्टा, चौरा क्षेत्र में 588 सिलेंडरों का वितरण किया गया। इसी प्रकार इंडेन गैस सर्विस गरुड़ द्वारा भतडिया रोड कौसानी स्टेट, कौसानी टी०आर० सी० से कौसानी बाजार, सम्भावित पिग्लकोट क्षेत्र में 231 सिलेंडर वितरित किए गए। इंडेन गैस सर्विस कपकोट द्वारा कर्मी, टोली, खरकिया, शरणी क्षेत्रों में 100 सिलेंडर, जबकि इंडेन गैस सर्विस कपकोट (कपकोट बाजार क्षेत्र) द्वारा लमजिंगड़ा, पातल में 100 सिलेंडरों का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त शिखर भारत गैस सर्विस, शामा द्वारा गरुड़ लाइन में 90 तथा शुभम गैस एजेंसी गरुड़ द्वारा भोलाथल, जखेड़ा, सलानी, गनीगाँव, सुराग, लमचूला क्षेत्र में 85 सिलेंडर वितरित किए गए। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जनपद में घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालित है तथा किसी भी क्षेत्र में गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को समयबद्ध एवं नियमित रूप से एलपीजी उपलब्ध कराई जा रही है.1
- विडियो देखें-शहाजहॉंपुर (उत्तर प्रदेश) बेटी का आरोप- अधिकारियों के दबाव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मां की मौत । शाहजहांपुर से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत के बाद उनकी बेटी ने अधिकारियों पर दबाव और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि लगातार दबाव के कारण उनकी माँ मानसिक रूप से परेशान थीं। इस घटना के बाद अनुसूचित जाति समाज के लोगों में रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि प्रदेश और देश में अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले छात्र, कर्मचारी और मजदूरों को कई स्तरों पर भेदभाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।1