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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान कई नई पहलों की शुरुआत की। इसी कड़ी में उन्होंने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर का लोकार्पण भी किया।

13 hrs ago
user_Pradesh Khabar
Pradesh Khabar
Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
13 hrs ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान कई नई पहलों की शुरुआत की। इसी कड़ी में उन्होंने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर का लोकार्पण भी किया।

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  • प्रार्थी नवीन चंद्रवंशी ने थाना आमानाका में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 मई 2026 को थाना आमानाका क्षेत्रांतर्गत सरोना स्थित शराब दुकान के पास खड़ी उनकी एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 04 केजे 4471 को किसी अज्ञात चोर ने चुरा लिया था। प्रार्थी की शिकायत पर, अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना आमानाका में अपराध क्रमांक 178/26, धारा 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना आमानाका पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू की। टीम ने प्रार्थी से गहन पूछताछ की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया। इसके साथ ही, अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए मुखबिरों की भी मदद ली जा रही थी। इसी दौरान, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम को चोरी हुई वाहन और आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस जानकारी के आधार पर, टीम के सदस्यों ने लक्की देवार को पकड़ा और पूछताछ करने पर उसने एक्टिवा वाहन चोरी करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने जुगनू देवार के पुत्र, 22 वर्षीय लक्की देवार, जो ब्लॉक नंबर 14, मकान नंबर 09, बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना, थाना डी डी नगर, रायपुर का निवासी है, को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 04 केजे 4471 बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40,000/- रुपये है। आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की गई।
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    प्रार्थी नवीन चंद्रवंशी ने थाना आमानाका में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 मई 2026 को थाना आमानाका क्षेत्रांतर्गत सरोना स्थित शराब दुकान के पास खड़ी उनकी एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 04 केजे 4471 को किसी अज्ञात चोर ने चुरा लिया था। प्रार्थी की शिकायत पर, अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना आमानाका में अपराध क्रमांक 178/26, धारा 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना आमानाका पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू की। टीम ने प्रार्थी से गहन पूछताछ की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया। इसके साथ ही, अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए मुखबिरों की भी मदद ली जा रही थी।

इसी दौरान, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम को चोरी हुई वाहन और आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस जानकारी के आधार पर, टीम के सदस्यों ने लक्की देवार को पकड़ा और पूछताछ करने पर उसने एक्टिवा वाहन चोरी करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने जुगनू देवार के पुत्र, 22 वर्षीय लक्की देवार, जो ब्लॉक नंबर 14, मकान नंबर 09, बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना, थाना डी डी नगर, रायपुर का निवासी है, को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 04 केजे 4471 बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40,000/- रुपये है। आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की गई।
    user_Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
    Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
    पत्रकार पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • बलरामपुर जिले की बासेन पंचायत में इन दिनों वन भूमि पर अवैध तरीके से कब्ज़ा कर मकान बनाने की होड़ मची हुई है। खासकर NH 343 मुख्य मार्ग, विशेषकर सरईसिंया NH से लगे क्षेत्रों में, सड़क किनारे की जमीनों पर अवैध निर्माण का काम तेज़ी से चल रहा है। इस अवैध कब्ज़े का स्थानीय लोग बड़ी संख्या में विरोध कर रहे हैं। आरोप है कि वन विभाग के स्थानीय बीट के वनकर्मी भी दबे पांव मिलीभगत कर बाहरी लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। इसी को लेकर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष ने इस अवैध कब्ज़े का कड़ा विरोध जताते हुए नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने 'बाहरी भगाओ छत्तीसगढ़ बचाओ' का नारा देते हुए कहा कि आदिवासी बाहरी लोगों को वहाँ बसने नहीं देंगे। उनके अनुसार, यह वन भूमि पर अवैध कब्ज़ा आदिवासियों के हितों की अनदेखी है, जिसे वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस शिकायत पर अपर कलेक्टर ने तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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    बलरामपुर जिले की बासेन पंचायत में इन दिनों वन भूमि पर अवैध तरीके से कब्ज़ा कर मकान बनाने की होड़ मची हुई है। खासकर NH 343 मुख्य मार्ग, विशेषकर सरईसिंया NH से लगे क्षेत्रों में, सड़क किनारे की जमीनों पर अवैध निर्माण का काम तेज़ी से चल रहा है। इस अवैध कब्ज़े का स्थानीय लोग बड़ी संख्या में विरोध कर रहे हैं।

आरोप है कि वन विभाग के स्थानीय बीट के वनकर्मी भी दबे पांव मिलीभगत कर बाहरी लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। इसी को लेकर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष ने इस अवैध कब्ज़े का कड़ा विरोध जताते हुए नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने 'बाहरी भगाओ छत्तीसगढ़ बचाओ' का नारा देते हुए कहा कि आदिवासी बाहरी लोगों को वहाँ बसने नहीं देंगे। उनके अनुसार, यह वन भूमि पर अवैध कब्ज़ा आदिवासियों के हितों की अनदेखी है, जिसे वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

इस शिकायत पर अपर कलेक्टर ने तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • छात्र-युवाओं ने दृढ़ता से घोषणा की है कि वे भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था में फैली अनियमितताओं के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज़ को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता, और जो लोग छात्र-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने में लिप्त हैं, उनके विरुद्ध उनका संघर्ष निरंतर चलता रहेगा। संघर्षरत युवाओं ने वाटर कैनन, लाठियों और FIR जैसी बाधाओं का सामना करने के बावजूद अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि ये दमनकारी तरीके उन्हें उनके पथ से विचलित नहीं कर सकते। उनका अडिग नारा है कि 'संघर्ष हमारा अधिकार है, और न्याय हमारी मांग।'
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    छात्र-युवाओं ने दृढ़ता से घोषणा की है कि वे भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था में फैली अनियमितताओं के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज़ को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता, और जो लोग छात्र-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने में लिप्त हैं, उनके विरुद्ध उनका संघर्ष निरंतर चलता रहेगा।

संघर्षरत युवाओं ने वाटर कैनन, लाठियों और FIR जैसी बाधाओं का सामना करने के बावजूद अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि ये दमनकारी तरीके उन्हें उनके पथ से विचलित नहीं कर सकते। उनका अडिग नारा है कि 'संघर्ष हमारा अधिकार है, और न्याय हमारी मांग।'
    user_रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अब वन्यजीवों पर भी दिख रहा है। लगभग 22 हाथियों का एक बड़ा झुंड पिछले एक महीने से इसी जंगल में डेरा डाले हुए है, जो गर्मी से राहत पाने के लिए रोज़ाना सेंदुर नदी पहुँचता है। यहाँ हाथी घंटों पानी में नहाकर और जलक्रीड़ा करके गर्मी से निजात पाते नजर आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने हाथियों के नदी में स्नान करते हुए वीडियो भी बनाए हैं, जो इलाके में खूब चर्चा में हैं। हाथियों का यह दल भोजन करने के बाद विशेष रूप से तकियाटोला क्षेत्र स्थित सेंदुर नदी में समय बिताता है, मानो उन्होंने नदी को अपना प्राकृतिक 'बाथ टब' बना लिया हो। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अपने घने जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, जहाँ हाथियों को पर्याप्त भोजन और पानी आसानी से मिल रहा है। यही अनुकूल वातावरण हाथियों के इस बड़े समूह के यहाँ लंबे समय से विचरण करने का मुख्य कारण है। रामानुजगंज की रेंजर दिलरुबा बानो ने बताया कि कनकपुर, रामपुर, चिनिया और तकियाटोला क्षेत्रों में ये 22 हाथी लगातार सक्रिय हैं और सेंदुर नदी में पानी की उपलब्धता ने इस इलाके को उनका अस्थायी निवास बना दिया है। हालांकि, हाथियों की इतनी बड़ी संख्या के कारण आसपास के गांवों में भय और सतर्कता का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रख रही है। इसके साथ ही, प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के झुंड के करीब जाने या उन्हें उकसाने का प्रयास न करें, क्योंकि सतर्कता और उचित दूरी बनाए रखने से मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इस गर्मी के दौर में जहाँ सेंदुर नदी हाथियों के लिए राहत का केंद्र बन गई है, वहीं वन विभाग और ग्रामीण दोनों उनकी गतिविधियों पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं।
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    बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अब वन्यजीवों पर भी दिख रहा है। लगभग 22 हाथियों का एक बड़ा झुंड पिछले एक महीने से इसी जंगल में डेरा डाले हुए है, जो गर्मी से राहत पाने के लिए रोज़ाना सेंदुर नदी पहुँचता है। यहाँ हाथी घंटों पानी में नहाकर और जलक्रीड़ा करके गर्मी से निजात पाते नजर आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने हाथियों के नदी में स्नान करते हुए वीडियो भी बनाए हैं, जो इलाके में खूब चर्चा में हैं।

हाथियों का यह दल भोजन करने के बाद विशेष रूप से तकियाटोला क्षेत्र स्थित सेंदुर नदी में समय बिताता है, मानो उन्होंने नदी को अपना प्राकृतिक 'बाथ टब' बना लिया हो। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अपने घने जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, जहाँ हाथियों को पर्याप्त भोजन और पानी आसानी से मिल रहा है। यही अनुकूल वातावरण हाथियों के इस बड़े समूह के यहाँ लंबे समय से विचरण करने का मुख्य कारण है। रामानुजगंज की रेंजर दिलरुबा बानो ने बताया कि कनकपुर, रामपुर, चिनिया और तकियाटोला क्षेत्रों में ये 22 हाथी लगातार सक्रिय हैं और सेंदुर नदी में पानी की उपलब्धता ने इस इलाके को उनका अस्थायी निवास बना दिया है।

हालांकि, हाथियों की इतनी बड़ी संख्या के कारण आसपास के गांवों में भय और सतर्कता का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नज़र रख रही है। इसके साथ ही, प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के झुंड के करीब जाने या उन्हें उकसाने का प्रयास न करें, क्योंकि सतर्कता और उचित दूरी बनाए रखने से मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इस गर्मी के दौर में जहाँ सेंदुर नदी हाथियों के लिए राहत का केंद्र बन गई है, वहीं वन विभाग और ग्रामीण दोनों उनकी गतिविधियों पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • बलरामपुर जिला मुख्यालय को विकासखंड कुसमी से जोड़ने वाला कंटी घाट रोड, जो कि एक महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग है, आज बदहाल स्थिति में है। इस 28 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य की समय सीमा (एग्रीमेंट) समाप्त हो चुकी है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और सुस्त रफ्तार के कारण काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे हजारों राहगीरों और ग्रामीणों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुसमी लोक निर्माण विभाग (PWD) के SDO जे. के. तिग्गा ने बताया कि इस सड़क निर्माण के लिए कुल 28 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसका ठेका 'मारुति कंस्ट्रक्शन' को दिया गया है। ठेकेदार ने अब तक 6 करोड़ रुपये का भुगतान भी प्राप्त कर लिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम का उतना हिस्सा भी दिखाई नहीं देता है जितने पैसे निकाले जा चुके हैं। ठेकेदार का एग्रीमेंट पेपर पूरी तरह विफल हो चुका है, फिर भी काम की गति बेहद धीमी बनी हुई है। एस.डी.ओ. तिग्गा ने इस मामले में विभाग की बेबसी व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर कहा कि "ठेकेदार की राजनीतिक पकड़ बहुत जबरदस्त है, जिसके कारण हम लोग ज्यादा कुछ नहीं बोल सकते हैं।" स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क जिला मुख्यालय तक पहुँचने का मुख्य साधन है और इसके अधूरे रहने से लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, गाड़ियाँ खराब हो रही हैं और धूल के गुबार से परेशान हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब जनता बेहाल है, ठेकेदार सुस्त है और विभाग तरस रहा है, तो कमी किसकी है? यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या 'राजनीतिक रसूख' के आगे जनता यूं ही पिसती रहेगी और सरकारी नियम-कानून बौने साबित होते रहेंगे।
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    बलरामपुर जिला मुख्यालय को विकासखंड कुसमी से जोड़ने वाला कंटी घाट रोड, जो कि एक महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग है, आज बदहाल स्थिति में है। इस 28 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य की समय सीमा (एग्रीमेंट) समाप्त हो चुकी है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और सुस्त रफ्तार के कारण काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे हजारों राहगीरों और ग्रामीणों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कुसमी लोक निर्माण विभाग (PWD) के SDO जे. के. तिग्गा ने बताया कि इस सड़क निर्माण के लिए कुल 28 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसका ठेका 'मारुति कंस्ट्रक्शन' को दिया गया है। ठेकेदार ने अब तक 6 करोड़ रुपये का भुगतान भी प्राप्त कर लिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम का उतना हिस्सा भी दिखाई नहीं देता है जितने पैसे निकाले जा चुके हैं। ठेकेदार का एग्रीमेंट पेपर पूरी तरह विफल हो चुका है, फिर भी काम की गति बेहद धीमी बनी हुई है। एस.डी.ओ. तिग्गा ने इस मामले में विभाग की बेबसी व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर कहा कि "ठेकेदार की राजनीतिक पकड़ बहुत जबरदस्त है, जिसके कारण हम लोग ज्यादा कुछ नहीं बोल सकते हैं।"

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क जिला मुख्यालय तक पहुँचने का मुख्य साधन है और इसके अधूरे रहने से लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, गाड़ियाँ खराब हो रही हैं और धूल के गुबार से परेशान हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब जनता बेहाल है, ठेकेदार सुस्त है और विभाग तरस रहा है, तो कमी किसकी है? यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या 'राजनीतिक रसूख' के आगे जनता यूं ही पिसती रहेगी और सरकारी नियम-कानून बौने साबित होते रहेंगे।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • धरमजयगढ़ क्षेत्र की मांड नदी में अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी है, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप खतरे में पड़ गया है। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता और लगातार हो रही अनदेखी का फायदा उठाकर रेत चोरी करने वाले अपना ठिकाना बदल-बदलकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। पहले धर्मजयगढ़ के केरा कोना में सक्रिय रहे अवैध उत्खननकर्ताओं ने अब आमादरहा एनीकट के आसपास नया केंद्र बना लिया है, जहाँ से लगातार रेत निकाले जाने की चर्चा है और मांड नदी दिन-ब-दिन अवैध उत्खननकर्ताओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है। बीते दिनों केरा कोना में हुई कार्रवाई के बाद यह उम्मीद जगी थी कि अवैध उत्खनन पर रोक लगेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कारोबारियों के हौसले पस्त होने के बजाय उन्होंने सिर्फ अपना ठिकाना बदल लिया। जानकारी के अनुसार, खनन स्थल पर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए कुछ लोगों ने अन्य ट्रैक्टरों की आवाजाही रोकने हेतु रास्तों पर बड़े पत्थर रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अवैध कारोबार को संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है। इस अनियंत्रित रेत उत्खनन से पुल-पुलिया, एनीकट और नदी तटों जैसी सरकारी संरचनाओं की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही, नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लगातार हो रहे खनन से तट कटाव, जलधारण क्षमता में कमी और संरचनात्मक क्षति जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होने की आशंका बनी हुई है।
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    धरमजयगढ़ क्षेत्र की मांड नदी में अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी है, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप खतरे में पड़ गया है। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता और लगातार हो रही अनदेखी का फायदा उठाकर रेत चोरी करने वाले अपना ठिकाना बदल-बदलकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। पहले धर्मजयगढ़ के केरा कोना में सक्रिय रहे अवैध उत्खननकर्ताओं ने अब आमादरहा एनीकट के आसपास नया केंद्र बना लिया है, जहाँ से लगातार रेत निकाले जाने की चर्चा है और मांड नदी दिन-ब-दिन अवैध उत्खननकर्ताओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है।

बीते दिनों केरा कोना में हुई कार्रवाई के बाद यह उम्मीद जगी थी कि अवैध उत्खनन पर रोक लगेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कारोबारियों के हौसले पस्त होने के बजाय उन्होंने सिर्फ अपना ठिकाना बदल लिया। जानकारी के अनुसार, खनन स्थल पर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए कुछ लोगों ने अन्य ट्रैक्टरों की आवाजाही रोकने हेतु रास्तों पर बड़े पत्थर रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अवैध कारोबार को संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है।

इस अनियंत्रित रेत उत्खनन से पुल-पुलिया, एनीकट और नदी तटों जैसी सरकारी संरचनाओं की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही, नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लगातार हो रहे खनन से तट कटाव, जलधारण क्षमता में कमी और संरचनात्मक क्षति जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होने की आशंका बनी हुई है।
    user_Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    उदयपुर (धरमजयगढ़), रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    50 min ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान ध्यान मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अपनी इस यात्रा के तहत उन्होंने राज्य में कई नई पहलें भी शुरू कीं।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान ध्यान मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अपनी इस यात्रा के तहत उन्होंने राज्य में कई नई पहलें भी शुरू कीं।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत, रायपुर ज़िले के तिल्दा नेवरा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सासाहोली ओवरब्रिज के नीचे से दो व्यक्तियों को 5 किलो 770 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2,75,000/- है। इस कार्रवाई में कुल ₹3,46,000/- मूल्य की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें गांजे के साथ एक होंडा साइन मोटरसाइकिल (क्रमांक CG-22- AF-6686) और एक कार्बन कंपनी का कीपैड मोबाइल फोन भी शामिल है। पुलिस को मुखबिर से विश्वसनीय सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल क्रमांक CG-22- AF-6686 से दो व्यक्ति एक लाल-पीले रंग के थैले में गांजा रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, थाना तिल्दा नेवरा पुलिस ने तत्काल कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए रेड कार्रवाई की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया और तलाशी के दौरान उनके कब्जे से तीन सफेद पॉलीथीन पैकेट में रखा गांजा बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय हिमालय वर्मा उर्फ प्रिंस, पिता खिलावन वर्मा, निवासी इंदिरा कॉलोनी, बलौदाबाजार; और 20 वर्षीय शिव वर्मा, पिता रूपसिंह वर्मा, निवासी दशरभा रोड, बलौदाबाजार के रूप में हुई है। तिल्दा नेवरा थाने में इन आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 238/2026, धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया है। यह सराहनीय पुलिस कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रायपुर श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री प्रशांत शुक्ला तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री वीरेंद्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी तिल्दा नेवरा निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में उप निरीक्षक विकास देशमुख, आरक्षक महेन्द्र वर्मा, आरक्षक संदीप सिंह और किशोर शर्मा की विशेष टीम ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रायपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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    पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत, रायपुर ज़िले के तिल्दा नेवरा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सासाहोली ओवरब्रिज के नीचे से दो व्यक्तियों को 5 किलो 770 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2,75,000/- है। इस कार्रवाई में कुल ₹3,46,000/- मूल्य की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें गांजे के साथ एक होंडा साइन मोटरसाइकिल (क्रमांक CG-22- AF-6686) और एक कार्बन कंपनी का कीपैड मोबाइल फोन भी शामिल है।

पुलिस को मुखबिर से विश्वसनीय सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल क्रमांक CG-22- AF-6686 से दो व्यक्ति एक लाल-पीले रंग के थैले में गांजा रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, थाना तिल्दा नेवरा पुलिस ने तत्काल कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए रेड कार्रवाई की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया और तलाशी के दौरान उनके कब्जे से तीन सफेद पॉलीथीन पैकेट में रखा गांजा बरामद किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय हिमालय वर्मा उर्फ प्रिंस, पिता खिलावन वर्मा, निवासी इंदिरा कॉलोनी, बलौदाबाजार; और 20 वर्षीय शिव वर्मा, पिता रूपसिंह वर्मा, निवासी दशरभा रोड, बलौदाबाजार के रूप में हुई है। तिल्दा नेवरा थाने में इन आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 238/2026, धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया है।

यह सराहनीय पुलिस कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रायपुर श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री प्रशांत शुक्ला तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री वीरेंद्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी तिल्दा नेवरा निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में उप निरीक्षक विकास देशमुख, आरक्षक महेन्द्र वर्मा, आरक्षक संदीप सिंह और किशोर शर्मा की विशेष टीम ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रायपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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    Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
    पत्रकार पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • पूज्य शदाणी दरबार द्वारा 17वें 'ज्ञानवर्धक संस्कार शिविर' का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 200 बच्चों ने विभिन्न कलाओं, नैतिक मूल्यों और अध्यात्म का ज्ञान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों द्वारा किए गए मंत्रोच्चार से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। शिविर के दौरान बच्चों को जीवन की चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने की प्रेरणा दी गई। उन्हें संकल्प और विकल्प के उदाहरण के माध्यम से समझाया गया कि कठिन परिस्थितियों में जो व्यक्ति अपने संकल्प पर अडिग रहता है, वही सफलता प्राप्त करता है, जबकि विकल्पों के पीछे भागने वाला अक्सर अपने लक्ष्य से भटक जाता है। बच्चों को विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास, धैर्य और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। ऐसे संस्कार शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें नैतिकता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को भी सशक्त करने का कार्य करते हैं, क्योंकि संस्कारों और संकल्प से ही एक सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण होता है।
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    पूज्य शदाणी दरबार द्वारा 17वें 'ज्ञानवर्धक संस्कार शिविर' का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 200 बच्चों ने विभिन्न कलाओं, नैतिक मूल्यों और अध्यात्म का ज्ञान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों द्वारा किए गए मंत्रोच्चार से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

शिविर के दौरान बच्चों को जीवन की चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने की प्रेरणा दी गई। उन्हें संकल्प और विकल्प के उदाहरण के माध्यम से समझाया गया कि कठिन परिस्थितियों में जो व्यक्ति अपने संकल्प पर अडिग रहता है, वही सफलता प्राप्त करता है, जबकि विकल्पों के पीछे भागने वाला अक्सर अपने लक्ष्य से भटक जाता है। बच्चों को विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास, धैर्य और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। ऐसे संस्कार शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें नैतिकता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को भी सशक्त करने का कार्य करते हैं, क्योंकि संस्कारों और संकल्प से ही एक सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण होता है।
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    रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
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