Shuru
Apke Nagar Ki App…
1857 की लड़ाई लड़ी थी रानी लक्ष्मीबाई की जगह क्योंकि रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थी वीरांगना झलकारी बाई कोरी वीरांगना झलकारी बाई अमर रहे 💐💐🙏🙏
गौरव प्रताप कोरी
1857 की लड़ाई लड़ी थी रानी लक्ष्मीबाई की जगह क्योंकि रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थी वीरांगना झलकारी बाई कोरी वीरांगना झलकारी बाई अमर रहे 💐💐🙏🙏
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- हरपालपुर के ग्राम चतरखा बरनई में समाजसेविका शालिनी सिंह ने भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम से मनाई। कार्यक्रम में केक काटकर श्रद्धांजलि दी गई और 10 महिलाओं को उपहार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान लोगों को बाबा साहब के आदर्शों पर चलने का संदेश भी दिया गया।1
- 1857 की लड़ाई लड़ी थी रानी लक्ष्मीबाई की जगह क्योंकि रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थी वीरांगना झलकारी बाई कोरी वीरांगना झलकारी बाई अमर रहे 💐💐🙏🙏1
- ytyuuuyyhhhjjjjjjfggg1
- एक ही यात्रा में 6 ज्योतिर्लिंग और शिरडी दर्शन का मौका, 11 मई से चलेगी भारत गौरव ट्रेन #भारत_गौरव_ट्रेन #ज्योतिर्लिंग_दर्शन #शिरडी_साईं #रेलवे_टूर #देखो_अपना_देश #धार्मिक_यात्रा #IRCTC #एक_भारत_श्रेष्ठ_भारत #ट्रैवल_इंडिया | Rashtriy Samachar1
- भारत गैस दादारी गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र में मानसिंह गैस एजेंसी द्वारा गैस ना देने प्रति ग्राहक ने एफआईआर 100 नंबर पर कॉल किया उसके खराब गैस1
- *अंबेडकरवादी विचारधारा को अपनाओ! फूलमालाओं में नही बल्कि किताबो ढूंढो और डॉ साहब की 22 प्रतिज्ञाओं को जीवन में उतारें-गादरे* .मेरठ --14 अप्रैल को डीजे या डोल नगाड़े बजाकर नशीले पदार्थों का सेवन करने से अंबेडकरवादी नहीं बन जाते। असली अंबेडकरवादी वही हैं जो अंबेडकरवाद पर यानी डॉ साहब सिंबल ऑफ नॉलेज की “22 प्रतिज्ञाओं को अपनाकर जीवन में फॉलो करते हैं” और फर्जी अंबेडकरवादी वह लोग हैं जो “गांधीवाद और गोलवलकर वाद पर मनुवादी विचारधारा नत्मस्तक हैं”। अम्बेडकर जन्म जयंती पर एक कार्यक्रम डॉ भीमराव अंबेडकर जन कल्याण समिति के तत्वावधान में ग्राम किनानगर मेरठ में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता समिति अध्यक्ष सम्राट कपिल कुमार ने की और संचालन मोनू सिंह ने किया। मुख्य अतिथि राजुद्दीन गादरे राष्ट्रीय प्रवक्ता बहुजन मुक्ति पार्टी ने अपने वक्तव्य में लोगों से महापुरूषों के इतिहास को पढ़ने और समझकर उनके आदर्शों पर चलने की अपील की डॉ साहब भीमराव अंबेडकर सिंबल ऑफ नॉलेज की 22 प्रतिज्ञाओं को जीवन में शपथ लेकर विचारधारा पर चलने का अनुरोध किया। आगे कहा कि बाबा साहब अंबेडकर जी को ना मानने वाले एवं डर तथा अज्ञानता के कारण बहुजन समाज के कुछ लोग मनुवाद के बहकावे में आकर ढोंग,पाखंड, जादू,टोने, टोटके,भूत,प्रेत, चुड़ैल, पूजा,पाठ,अजान,हवन, तंत्र,मंत्र, जादू ,आडंबर कर्मकाण्ड, अंधविश्वास को मानते हैं । यह एक बड़ी सामाजिक समस्या है। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राज़ुद्दीन गादरे ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आपसे पूछे कि आप क्यों नहीं मानते? तो आप उसे बता देना कि जब हमारे बहुजन महापुरुषों ने इसे नहीं माना,तो हम क्यों मानें.? हम तो बाबा साहब के बनाए भारतीय संविधान और शैक्षिक विज्ञान दृष्टिकोण वाले है ।जिनको अभी भी अज्ञानता हो वह लोग भारत के बहुजन समाज के इन बहुजन नायक नायिकाओं के इतिहास और उनके विचारों को ठीक से पढ़े। तथागत बुद्ध और मुहम्मद साहब को ठीक से पढ़े और उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। संत कबीर रैदास परियार को ठीक से पढ़ें और उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। छत्रपति शाहूजी महाराज को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले, सिंबल ऑफ नॉलेज डा भीमराव अम्बेडकर ललाई सिंह जी को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। जगदेव प्रसाद कुशवाह दादा गाडगे महाराज को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। क्रांतिकारी भगतसिंह उधम सिंह को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। सावित्री बाई फुले मान्यवर कांशीराम जी को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। क्रान्तिकारी बीरसा मुंडा को ठीक पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। सम्राट अशोक को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। झलकारी बाई को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। उदादेवी पासी को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। रमाबाई को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। वीरांगना अहिल्याबाई को ठीक से पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। फातिमा शेख को पढ़ो पढ़ें एवं उनके विचारों एवं सिद्धांतों को जीवन में उतारें। पहले जानो और फिर मानो अंधभक्त बनकर देश को बर्बाद मत करो न होने दो देश विक्रेताओं के बहकावे में आकर गुलाम ही बन सकते है। सिख हिंदू मुस्लिम आदिवासी जैन पारसी आदि सब एक होकर मनुवादी ताकतों को खत्म कर समता समानता न्याय बंधुता और स्वतंत्रता पर आधारित देश और समाज का निर्माण करने में बहुजन मुक्ति पार्टी का साथ सहयोग करें।4
- बुलंदशहर के पहासू थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक दरोगा और स्थानीय लोगों के बीच किसी बात को लेकर जमकर 'तू-तू मैं-मैं' हो गई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दरोगा और जनता के बीच भारी गहमागहमी और गर्मागर्मी देखी जा सकती है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत दरोगा द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज करने से हुई, जिससे वहां मौजूद लोग भड़क गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दरोगा ने मौके से ही अपने आला अफसरों को फोन लगा दिया। दरोगा ने फोन पर क्या कहा? वायरल वीडियो में दरोगा फोन पर कहते सुनाई दे रहे हैं— "सर, यहाँ 10-12 लोग हैं, मुझे घेर रहे हैं, गाली दे रहे हैं और मेरी वर्दी तक खींच रहे हैं।" वहीं दूसरी ओर, मौके पर मौजूद लोग पुलिसकर्मी पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस साफ नजर आ रही है। पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की जांच और स्थिति का संज्ञान लिए जाने की खबर है। आपकी क्या राय है? पुलिस का जनता के प्रति ऐसा व्यवहार और फिर इस तरह का विवाद, आप इसे कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।1
- पाली और रूपापुर समेत सवायजपुर क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से पेट्रोल और डीजल का गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने से वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। वहीं पूर्ति निरीक्षक अशोक द्विवेदी के अनुसार पेट्रोलियम कंपनियों की नगद भुगतान व्यवस्था लागू होने के चलते यह समस्या सामने आई है। हालांकि प्रशासन ने जल्द स्थिति स्पष्ट करने और समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन फिलहाल क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।1