ट्रैफिक जाम की समस्या से परेशान लोग, यातायात पुलिस-प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान करोड़ रुपए खर्च के बाद भी कोटा ट्रैफिक सिग्नल फ्री योजना फेल सी साबित हो रही है, प्रमुख चौराहों पर रोज लग रहा जाम कोटा शहर को ट्रैफिक सिग्नल फ्री बनाने के लिए करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोटा में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई “सिग्नल फ्री” योजना जमीनी स्तर पर प्रभावी होती नजर नहीं आ रही है। शहर के प्रमुख चौराहे जैसे कॉमर्स कॉलेज चौराहा, केशवपुरा चौराहा, महावीर नगर चौराहा आज भी जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। इन चौराहों पर सबसे बड़ी समस्या अवैध पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण की है। दुकानों के बाहर खड़े वाहन, अस्पतालों के बाहर नो पार्किंग में वहां और बिना नियमों के पार्किंग से सड़कें संकरी हो जाती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इसके अलावा कई जगह वाहन चालक भी नियमों का पालन नहीं करते और मनमाने तरीके से वाहन खड़े कर देते हैं। हालात यह हैं कि शाम के समय इन इलाकों में लंबा जाम लग जाता है, जिससे आमजन, ऑफिस से आने वाले लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासन की भूमिका पर सवाल: इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद ट्रैफिक मैनेजमेंट सही तरीके से लागू नहीं हो पाने पर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई की जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है।
ट्रैफिक जाम की समस्या से परेशान लोग, यातायात पुलिस-प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान करोड़ रुपए खर्च के बाद भी कोटा ट्रैफिक सिग्नल फ्री योजना फेल सी साबित हो रही है, प्रमुख चौराहों पर रोज लग रहा जाम कोटा शहर को ट्रैफिक सिग्नल फ्री बनाने के लिए करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोटा में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई “सिग्नल फ्री” योजना जमीनी स्तर पर प्रभावी होती नजर नहीं आ रही है। शहर के प्रमुख चौराहे जैसे कॉमर्स कॉलेज चौराहा, केशवपुरा चौराहा, महावीर नगर चौराहा आज भी जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। इन चौराहों पर सबसे बड़ी समस्या अवैध पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण की है। दुकानों के बाहर खड़े वाहन, अस्पतालों के बाहर नो पार्किंग में वहां और बिना नियमों के पार्किंग से सड़कें संकरी हो जाती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इसके अलावा कई जगह वाहन चालक भी नियमों का पालन नहीं करते और मनमाने तरीके से वाहन खड़े कर देते हैं। हालात यह हैं कि शाम के समय इन इलाकों में लंबा जाम लग जाता है, जिससे आमजन, ऑफिस से आने वाले लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासन की भूमिका पर सवाल: इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद ट्रैफिक मैनेजमेंट सही तरीके से लागू नहीं हो पाने पर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई की जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है।
- मजदूर किसान भवन पर झंडारोहण कर मनाया किसान सभा का 90वां स्थापना दिवस कोटा। किसान सभा तहसील कमेटी पीपल्दा द्वारा कोटा जिले के इटावा स्थित मजदूर किसान भवन में अखिल भारतीय किसान सभा का 90वां स्थापना दिवस झंडारोहण कर मनाया गया। किसान नेताओं ने किसानों और मजदूरों के अधिकारों को लेकर सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं। किसान सभा तहसील कमेटी पीपल्दा द्वारा मजदूर किसान भवन इटावा में अखिल भारतीय किसान सभा का 90वां स्थापना दिवस किसान सभा का झंडा फहराकर मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान सभा के सदस्य मौजूद रहे। तहसील सचिव कामरेड बाबूलाल बलवानी ने बताया कि 11 अप्रैल 1936 को ब्रिटिश शासनकाल में स्वामी सहजानंद सरस्वती के नेतृत्व में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन किया गया था, जो तब से लेकर आज तक किसानों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत है। कामरेड दुलीचंद आर्य ने किसान सभा का झंडा फहराया। कार्यक्रम में किसान नेताओं ने सरकार से विभिन्न मांगें रखीं, जिनमें भूमिहीनलकिसानों और मजदूरों को सीलिंग एक्ट के तहत कृषि भूमि आवंटित करना, किसानों-मजदूरों व लघु दुकानदारों का संपूर्ण कर्ज माफ करना, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी2+50 प्रतिशत फार्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी कानून लागू करना, खाद्यान्न वस्तुओं की बढ़ी कीमतों को कम करना तथा किसानों को सस्ते खाद-बीज उपलब्ध कराना शामिल है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और रोजगार की गारंटी देने की मांग भी उठाई गई। किसानों से एकजुट होने का आह्वान वक्ताओं ने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा पिछले 90 वर्षों से किसानों को पूंजीपतियों और बिचौलियों के शोषण से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने किसानों से संगठन को मजबूत बनाने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। किसान सभा नेताओं ने वर्तमान में ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों के मुआवजे और बीमा क्लेम के भुगतान को लेकर आंदोलन की तैयारी की जानकारी भी दी। साथ ही 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर इटावा स्थित अंबेडकर सर्किल पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में तहसील अध्यक्ष सूरजमल मीणा, सीटू यूनियन महामंत्री मुरारीलाल बैरवा, कामरेड रामकुंवर महावार, भोजराज नागर, प्रेम पेंटर, हीरालाल मेहरा, रामचरण मीणा, चेतनप्रकाश मीणा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।4
- कोटा में गुंजल और धारीवाल के समर्थक हुए आमने-सामने:, जिला प्रभारी बोले- गुटबाजी से कांग्रेस पार्टी कमजोर, बैठक में गुंजल का नाम नहीं लेने पर हुआ था हंगामा1
- करोड़ रुपए खर्च के बाद भी कोटा ट्रैफिक सिग्नल फ्री योजना फेल सी साबित हो रही है, प्रमुख चौराहों पर रोज लग रहा जाम कोटा शहर को ट्रैफिक सिग्नल फ्री बनाने के लिए करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोटा में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई “सिग्नल फ्री” योजना जमीनी स्तर पर प्रभावी होती नजर नहीं आ रही है। शहर के प्रमुख चौराहे जैसे कॉमर्स कॉलेज चौराहा, केशवपुरा चौराहा, महावीर नगर चौराहा आज भी जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। इन चौराहों पर सबसे बड़ी समस्या अवैध पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण की है। दुकानों के बाहर खड़े वाहन, अस्पतालों के बाहर नो पार्किंग में वहां और बिना नियमों के पार्किंग से सड़कें संकरी हो जाती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इसके अलावा कई जगह वाहन चालक भी नियमों का पालन नहीं करते और मनमाने तरीके से वाहन खड़े कर देते हैं। हालात यह हैं कि शाम के समय इन इलाकों में लंबा जाम लग जाता है, जिससे आमजन, ऑफिस से आने वाले लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासन की भूमिका पर सवाल: इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद ट्रैफिक मैनेजमेंट सही तरीके से लागू नहीं हो पाने पर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई की जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है।1
- कोटा के तलवंडी सेक्टर-3 में गार्ड की मौजूदगी के बावजूद हेलमेटधारी बदमाश ने पॉकलैंड मशीन का लॉक खोलकर बैटरी चोरी की और स्कूटी से फरार, 15 दिन में दूसरी वारदात से इलाके में दहशत।1
- Post by Mahendar.merotha1
- छोटे-मोटे मामले बिना थाने और कोर्ट-कचहरी जाए ही सुलझाए जा सकते हैं।1
- कोटा के जवाहर नगर पेट्रोल पंप के पास स्थित भोजन वाला मंदिर में चल रही यह सेवा अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। पिछले 8 वर्षों से लगातार यहां जरूरतमंदों को मात्र ₹10 के दान में भोजन कराया जा रहा है, और इस सेवा को लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस अनूठी पहल की सबसे बड़ी ताकत है जन सहयोग, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोग न सिर्फ भोजन करने आते हैं, बल्कि इस पुनीत कार्य से जुड़कर अनाज, धन और समय का योगदान भी दे रहे हैं। कई लोग रोजाना सेवा में हाथ बंटाकर इसे सफल बना रहे हैं।1
- अमेरिका-ईरान के बीच 21 घंटे चली बातचीत फेल, नहीं हो सका समझौता: पाकिस्तान से वापस लौटता ईरानी डेलिगेशन...1