सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: इतिहास, आस्था और संस्कृति का भव्य संगम पुनर्निर्मित श्री सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर सीमलवाड़ा कस्बे में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सीनियर स्कूल से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सीमलवाड़ा तालाब की पाल स्थित विश्वनाथ महादेव मंदिर पहुँची, जहां पूर्व सांसद कनकमल कटारा, भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा, जिला महामंत्री ईश्वर लाल लबाना, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, महेश डामोर, सरपंच विजयपाल डोडियार, कीर्ति पंड्या सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने पूजा-अर्चना की। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद कनकमल कटारा एवँ भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा ने कहा कि आज भारत को नरेंद्र मोदी एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने विकास के साथ सनातन संस्कृति को भी नई पहचान दिलाई है। सनातन धर्म भारत की सभ्यता और स्वाभिमान का प्रतीक है। वही अन्य वक्ताओं ने श्री सोमनाथ मंदिर को सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मगौरव का प्रतीक बताते हुए देशभर में सनातन धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। एसडीएम विवेक गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी समाज को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन दिलीप सिंह चौहान ने किया, जबकि आभार प्रकाश पंड्या ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विकास अधिकारी ललित पंड्या, नायब तहसीलदार भूमल चौहान, राजेश मीणा, विद्युत विभाग एईएन हर्षद पंचाल,ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हमराज सिंह चौहान, पशु चिकित्सक डॉ. मनीष रोत, राजेश प्रजापत, योगेश दर्जी, देवेंद्र दर्जी,मणि लाल पंड्या सीनियर सेकेंडरी विद्यालय सीमलवाड़ा की प्रधानाचार्या श्रद्धा पंड्या, बालिका विद्यालय प्रधानाचार्य विभा पंड्या, क़ानूनंगों योगराज सिंह शख्तावत, निरजन चौहान, निर्भय चौहान, देवेंद्र सिंह सोलंकी, सुनील भट्ट, भरत त्रिवेदी, देवीलाल कलाल, पराग सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: इतिहास, आस्था और संस्कृति का भव्य संगम पुनर्निर्मित श्री सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर सीमलवाड़ा कस्बे में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सीनियर स्कूल से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सीमलवाड़ा तालाब की पाल स्थित विश्वनाथ महादेव मंदिर पहुँची, जहां पूर्व सांसद कनकमल कटारा, भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा, जिला महामंत्री ईश्वर लाल लबाना, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, महेश डामोर, सरपंच विजयपाल डोडियार, कीर्ति पंड्या सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने पूजा-अर्चना की। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद कनकमल कटारा एवँ भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा ने कहा कि आज भारत को नरेंद्र मोदी एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने विकास के साथ सनातन संस्कृति को भी नई पहचान दिलाई है। सनातन धर्म भारत की सभ्यता और स्वाभिमान का प्रतीक है। वही अन्य वक्ताओं ने श्री सोमनाथ मंदिर को सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मगौरव का प्रतीक बताते हुए देशभर में सनातन धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। एसडीएम विवेक गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी समाज को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन दिलीप सिंह चौहान ने किया, जबकि आभार प्रकाश पंड्या ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विकास अधिकारी ललित पंड्या, नायब तहसीलदार भूमल चौहान, राजेश मीणा, विद्युत विभाग एईएन हर्षद पंचाल,ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हमराज सिंह चौहान, पशु चिकित्सक डॉ. मनीष रोत, राजेश प्रजापत, योगेश दर्जी, देवेंद्र दर्जी,मणि लाल पंड्या सीनियर सेकेंडरी विद्यालय सीमलवाड़ा की प्रधानाचार्या श्रद्धा पंड्या, बालिका विद्यालय प्रधानाचार्य विभा पंड्या, क़ानूनंगों योगराज सिंह शख्तावत, निरजन चौहान, निर्भय चौहान, देवेंद्र सिंह सोलंकी, सुनील भट्ट, भरत त्रिवेदी, देवीलाल कलाल, पराग सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर निकली भव्य कलश यात्रा, देश की सुख-समृद्धि की कामना सीमलवाड़ा। भाजपा मंडल झोथरी एवं गुजरेश्वर की ओर से संयुक्त रूप से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में सोमवार को भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, महिलाओं, स्कूली बालिकाओं एवं ग्रामीणों ने भाग लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। कलश यात्रा पाडली बस स्टैंड से शुरू होकर गुजेश्वर महादेव मंदिर तक निकाली गई। यात्रा के दौरान महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों और जयकारों के साथ आगे बढ़ती नजर आईं। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में पाडली गुजरेश्वर मंडल अध्यक्ष प्रवीण रोत, झोथरी मंडल अध्यक्ष महावीर ननोमा, महामंत्री मोहन यादव, सुखलाल पाटीदार, सोमेश्वर खराड़ी, अशोक गमेती, हाजालाल सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर झोथरी के नायब तहसीलदार अजब लाल जैन, अतिरिक्त विकास अधिकारी महेश यादव सहित राजीविका, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कलश यात्रा में स्कूली बालिकाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मियों की विशेष भागीदारी रही, जिससे आयोजन का उत्साह और बढ़ गया। यात्रा के समापन पर गुजेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से देश में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारतीय संस्कृति, आस्था और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला तथा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गुंजायमान रहा।4
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: इतिहास, आस्था और संस्कृति का भव्य संगम पुनर्निर्मित श्री सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर सीमलवाड़ा कस्बे में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सीनियर स्कूल से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सीमलवाड़ा तालाब की पाल स्थित विश्वनाथ महादेव मंदिर पहुँची, जहां पूर्व सांसद कनकमल कटारा, भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा, जिला महामंत्री ईश्वर लाल लबाना, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, महेश डामोर, सरपंच विजयपाल डोडियार, कीर्ति पंड्या सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने पूजा-अर्चना की। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद कनकमल कटारा एवँ भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा ने कहा कि आज भारत को नरेंद्र मोदी एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने विकास के साथ सनातन संस्कृति को भी नई पहचान दिलाई है। सनातन धर्म भारत की सभ्यता और स्वाभिमान का प्रतीक है। वही अन्य वक्ताओं ने श्री सोमनाथ मंदिर को सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मगौरव का प्रतीक बताते हुए देशभर में सनातन धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। एसडीएम विवेक गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी समाज को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन दिलीप सिंह चौहान ने किया, जबकि आभार प्रकाश पंड्या ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विकास अधिकारी ललित पंड्या, नायब तहसीलदार भूमल चौहान, राजेश मीणा, विद्युत विभाग एईएन हर्षद पंचाल,ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हमराज सिंह चौहान, पशु चिकित्सक डॉ. मनीष रोत, राजेश प्रजापत, योगेश दर्जी, देवेंद्र दर्जी,मणि लाल पंड्या सीनियर सेकेंडरी विद्यालय सीमलवाड़ा की प्रधानाचार्या श्रद्धा पंड्या, बालिका विद्यालय प्रधानाचार्य विभा पंड्या, क़ानूनंगों योगराज सिंह शख्तावत, निरजन चौहान, निर्भय चौहान, देवेंद्र सिंह सोलंकी, सुनील भट्ट, भरत त्रिवेदी, देवीलाल कलाल, पराग सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- ओबरी हत्याकांड: मामूली विवाद ने लिया खूनी रूप, छोटे भाई की बहू की बड़े भाई ने की हत्या मामूली विवाद ने लिया खूनी रूप, जेठ ने देवरानी की लोहे की रॉड से हत्या डूंगरपुर जिले के ओबरी थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। राजपुर गांव में एक जेठ ने अपने ही छोटे भाई की पत्नी पर लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और परिजनों में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार, आरोपी बड़े भाई और उसके छोटे भाई की पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने आपा खो दिया और घर में रखी लोहे की रॉड उठाकर महिला के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ओबरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सागवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है, वहीं पोस्टमार्टम की कार्रवाई जारी है। मृतका के भाई महिपाल सारेल पुत्र गटू लाल सारेल ने बताया कि उसकी बहन के दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। मृतका का पति जीतराम भगोरा बांसवाड़ा में एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है। परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- बड़े भाई ने की छोटे भाई की पत्नी की हत्या, झगडे में आवेश में आकर सिर पर मारी लोहे की रॉड एंकर इंट्रो - डूंगरपुर जिले के ओबरी थाना क्षेत्र की बिलिया बडगामा पंचायत के राजपुर गाँव में एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की पत्नी की हत्या कर दी | झगडे के दौरान आवेश में आकर लोहे की रॉड से महिला के सिर पर हमला किया जिससे उसकी वही मौत हो गई | पुलिस मामले की जांच में जुटी है | जिले के ओबरी थानाधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि राजपुर गाँव निवासी शांतिलाल भगोरा पिछले 20 साल से बाहर रहकर मजदूरी करता था | पिछले 5 माह से घर पर था | आज सुबह उसका छोटा भाई फाइनेंसकर्मी बाँसवाड़ा के कुशलगढ़ चला गया था | जीवतराम के जाने के बाद शांतिलाल जीवतराम के कमरे में घुसा और जीवतराम की पत्नी प्रमिला के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया | महिला के चिल्लाने पर घर के अन्य लोग दौड़कर आए लेकिन प्रमिला की मौके पर ही मौत हो गई थी | घटना की सुचना पर ओबरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची ओर घटना स्थल का जायजा लिया | वही एफएसएल की टीम ने भी मौके पर साक्ष्य जुटाए | इधर पुलिस की सुचना पर मृतका का पीहर पक्ष भी मौके पर पहुंचा ओर हंगामा खड़ा कर दिया | काफी घंटो की समझाइश के बाद पुलिस ने शव को मौके से उठवाकर सागवाडा अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौपा | पुलिस ने आरोपी जेठ शांतिलाल को डिटेन कर लिया है | हालाकि हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है | पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है |1
- मां की ममता शर्मसार, दो नदी में मिला 8 से 9 माह के बालक का भ्रूण, पुलिस जांच में जुटी डूंगरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र में दो नदी में एक भ्रूण मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से भ्रूण को नदी से बाहर निकलवाया। इसके बाद भ्रूण को डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भ्रूण 8 से 9 माह का बताया जा रहा है।1
- डूंगरपुर नगर परिषद ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष और उसके आधुनिक पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली गई। सैकड़ों महिलाओं और शहरवासियों ने इसमें भाग लेकर धनेश्वर मंदिर में शिव अभिषेक और महाआरती की।1
- राजस्थान के डूंगरपुर में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत भव्य कलश यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सोमनाथ मंदिर के गौरवमयी इतिहास को जन-जन तक पहुँचाना था। इस ऐतिहासिक यात्रा में मातृशक्ति और धर्मप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।3
- राजस्थान के सीमलवाड़ा में पुनर्निर्मित श्री सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाएं और छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। वक्ताओं ने मंदिर को सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए देश भर में सनातन धर्म के संरक्षण पर जोर दिया।2